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सरोजनी नगर के होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब: हरौनी स्थित झाड़ेश्वर मंदिर में विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने दिया एकता, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का संदेश

लखनऊ : सरोजिनी नगर क्षेत्र के हरौनी स्थित प्राचीन झाड़ेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित भव्य होली मिलन उत्सव में शनिवार को हजारों ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति देखने को मिली। रंग, उमंग और भाईचारे के माहौल के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में सरोजिनी नगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत के राष्ट्रीय चरित्र, सांस्कृतिक मूल्यों और सभ्यता की जीवंत अभिव्यक्ति का पर्व है।

उन्होंने कहा कि यदि भारत को समझना है तो केवल उसके संविधान को नहीं, बल्कि उसके त्योहारों को समझना होगा, क्योंकि भारत के त्योहार समाज को जोड़ने, नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और नई पीढ़ियों को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

सत्य की विजय का प्रतीक है होली

अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक प्रसंग नहीं बल्कि एक शाश्वत सत्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास और परंपरा यह संदेश देती है कि अहंकार, अत्याचार और अन्याय अंततः पराजित होते हैं और सत्य तथा धर्म की विजय होती है। होलिका दहन इसी सत्य का प्रतीक है कि सत्य को कभी नष्ट नहीं किया जा सकता।

भारतीय त्योहार जीवन मूल्यों की शिक्षा देते हैं

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत के त्योहार केवल आनंद और उत्सव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज को जीवन जीने की सही दिशा और नैतिक शिक्षा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि होली सत्य की विजय का प्रतीक है, दशहरा धर्म की विजय का संदेश देता है, दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव है और गुरुपर्व सेवा, समर्पण तथा त्याग की भावना को प्रोत्साहित करता है।

समाज को जोड़ने वाला लोकतांत्रिक पर्व है होली

उन्होंने कहा कि होली भारतीय समाज का ऐसा पर्व है जो सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करता है। इस दिन लोग जाति, वर्ग, भाषा और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि विविधताओं के बावजूद समाज एकता के सूत्र में बंधा रहता है।

बसंत और प्रकृति के उत्सव का भी प्रतीक

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि होली बसंत ऋतु का भी उत्सव है। यह वह समय होता है जब खेतों में नई फसल लहलहाती है, सरसों के फूल खिलते हैं और प्रकृति स्वयं रंगों से सराबोर हो जाती है। भारतीय सभ्यता ने प्रकृति के इस सौंदर्य और उल्लास को भी उत्सव का स्वरूप दिया है।

मजबूत भारत ही अपनी संस्कृति की रक्षा कर सकता है

डॉ. राजेश्वर सिंह ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसे समय में भारत को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और सामरिक दृष्टि से और अधिक मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र ही अपनी संस्कृति, शांति और परंपराओं की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकता है।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा का संदेश

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा, हरित ऊर्जा और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और संतुलित वातावरण मिल सके। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रेम, एकता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने उपस्थित नागरिकों से आह्वान किया कि होली को केवल रंगों का उत्सव न मानते हुए इसे प्रेम, एकता और सकारात्मकता का संदेश देने वाला पर्व बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने आचरण और कर्मों से भारत को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध बनाने में योगदान देगा।

युवा प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान हरौनी निवासी एमबीए छात्र प्रखर चौहान को डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने युवा पीढ़ी को शिक्षा और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राजेश सिंह चौहान, गोविंद प्रताप शुक्ला, शिव शंकर सिंह “शंकरी”, राजकुमार सिंह चौहान, राधे लाल यादव, शिवराज शुक्ला, अनिकेत सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत, नगर पंचायत बंथरा अध्यक्ष प्रतिनिधि रणजीत रावत, पार्षद लवकुश रावत, वीरेंद्र रावत, पीके मिश्रा, तुन्नू शुक्ला, आशु शुक्ला, सुभाष पासी, प्रधान प्रतिनिधि तरुण शुक्ला, पूर्व प्रधान सोनू माली, पूर्व प्रधान पवन सिंह, गंगाराम भारती, सोनू त्रिवेदी, सेक्टर संयोजक सूरज सिंह, प्रियंका सिंह, ऋतु सिंह, मधु चौरसिया, बच्चू लाल पासी, रेणु सिंह, राजू शुक्ला, आनंद अवस्थी, जितेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, एसके सुमन, प्रधान पीनू, प्रधान नीरज सिंह, कुलदीप सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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