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LUCKNOW: मंडलायुक्त डॉ.रोशन जैकब की अध्यक्षता में संचारी रोग एवं दस्तक अभियान पर महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न

लखनऊ, 28 सितंबर 2024: संचारी रोगों और दस्तक अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में सयुक्त विकास आयुक्त केके सिंह, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज अग्रवाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संचारी रोगों और जलजनित बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने और इन बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा करना था।

संचारी रोग एवं दस्तक अभियान का उद्देश्य

डॉ.रोशन जैकब ने बैठक में कहा कि संचारी रोगों और दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य दिमागी बुखार, डायरिया, मलेरिया, डेंगू और अन्य जलजनित रोगों की रोकथाम करना है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की खून की कमी की जांच की जाएगी। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार और जरूरी पोषण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ‘ए’ का घोल दिया जाएगा।

बच्चों को मिलेगी मुफ्त जांच और उपचार सेवाएं

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि दस्तक अभियान के तहत बच्चों को दस्त रोग, निमोनिया और जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें मुफ्त जांच, उपचार और परिवहन सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस अभियान के माध्यम से गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को त्वरित और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

साफ-सफाई पर विशेष जोर

मंडलायुक्त ने साफ-सफाई को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में संचारी रोगों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नालियों में जमी हुई शिल्ट को तत्काल साफ किया जाए और नियमित रूप से फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव कराया जाए। उन्होंने कहा कि टूटे-फूटे नालियों की मरम्मत तत्काल कराई जाए और खाली प्लॉटों में कूड़ा न जमा होने पाए।

साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि वाटर लाइन और सीवर लाइन में किसी भी प्रकार का रिसाव न हो। रिसाव की स्थिति में इसे तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी जमा न होने दें। मच्छरजनित रोगों जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाना बेहद जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष ध्यान

ग्रामीण इलाकों में वेक्टर जनित रोगों और जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि उथले हैंडपंपों को लाल रंग से चिन्हित किया जाए और इंडिया मार्क हैंडपंपों और प्लेटफार्मों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए।

मच्छर नियंत्रण और हाई-रिस्क एरिया की निगरानी

बैठक में मच्छरों के प्रजनन और घनत्व की सतत निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि हाई-रिस्क एरिया में अंतर विभागीय सहयोग के साथ सघन मच्छर नियंत्रण गतिविधियां चलाई जाएं। घरों के अंदर मच्छरों के प्रजनन के अनुकूल स्थितियों की जांच की जाए और इसे प्राथमिकता पर किया जाए। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाए।

संचारी रोगों से बचाव के उपाय

मंडलायुक्त ने कहा कि संचारी रोगों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि हम अपने आस-पास सफाई रखें। बच्चों को खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की आदत डालें। इसके अलावा, घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह मच्छरों के प्रजनन का कारण बनता है। नियमित फॉगिंग और साफ-सफाई से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है।

इस बैठक के जरिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचारी रोगों की रोकथाम और सफाई व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों से पूरी तत्परता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

LUCKNOW: डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, रोकथाम के हों विशेष प्रयास- विधायक डॉ०नीरज बोरा

युद्धस्तर पर एंटीलार्वा का छिड़काव करने के दिए निर्देश

लखनऊ: फैजुल्लागंज में आये डेंगू के नये मामलों को गंभीरता से लेते हुए विधायक डा. नीरज बोरा ने नगर आयुक्त को फागिंग व एंटीलार्वा दवाओं के छिड़काव का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करने का निर्देश दिया है। डेंगू से हुई मौत की खबर को अफसोसजनक बताते हुए शुक्रवार को डा. बोरा ने क्षेत्र का भ्रमण करते हुए स्थानीय नागरिकों से बात की और साफ सफाई की स्थिति भी देखी।

विधायक डा. बोरा ने कहा कि राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से डेंगू पर काफी हद तक नियंत्रण हुआ था किन्तु पुनः डेंगू के नये मामले चिन्ताजनक हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विधायक निधि से कुल 9 टैंकर व ट्रैक्टर खरीद कर नगर निगम को उपलब्ध कराये गये थे उनमें से आवश्यकतानुसार टैंकरों में एंटीलार्वा दवाइयों का मिश्रण कर छिड़काव कराने तथा युद्धस्तर पर फागिंग कराने के लिए हमने नगर आयुक्त को निर्देशित किया है। विधायक डा. बोरा ने कहा कि अपने पास पड़ोस की साफ सफाई और जलभराव न होने देने के लिए स्थानीय नागरिकों को भी सचेत होना पड़ेगा। बरसात के समय बुखार व अन्य वैक्टरजनित रोगों के आक्रमण बढ़ जाते हैं जिनसे बचाव किया जाना जरुरी है। विधायक डा. बोरा ने कहा कि लखनऊ उत्तर की मलीन बस्तियों समेत विभिन्न वार्डों की साफ-सफाई, फागिंग, एण्टी लार्वा छिड़काव, शिविर लगाने आदि के साथ ही सघन जागरुकता कार्यक्रम कराने के लिए हमने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और नगर निगम प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिये हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि शनिवार की सुबह से डेंगू रोधी अभियान को और तेजी मिलेगी।

उत्तरप्रदेश: परिवहन आयुक्त आईएएस सी.बी.सिंह ने 53 जनपदों के एआरटीओ प्रवर्तन का सितंबर महीने का वेतन रोकने के दिए निर्देश


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 53 जनपदों के एआरटीओ (प्रवर्तन) का सितंबर माह का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए हैं। यह जानकारी अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) एक सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1 जुलाई 2024 से 31 अगस्त 2024 तक प्रशमन शुल्क के निर्धारित लक्ष्य को प्रदेश के 53 जनपदों में प्राप्त नहीं किया जा सका,जिसके कारण ए आर टी ओ (प्रवर्तन) का सितंबर माह का वेतन रोके जाने का निर्णय मुख्यालय स्तर से लिया गया है। अपर परिवहन आयुक्त ने बताया कि मुख्यालय स्तर से लगातार निर्देश दिए जाते हैं कि प्रशमन शुल्क के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किये जाने हेतु फील्ड में तैनात अधिकारी प्रयास करें। फील्ड में तैनात प्रवर्तन अधिकारी अपने-अपने जनपदों में प्रशमन शुल्क प्राप्ति में रुचि नहीं दिखा रहे हैं जो कि शासन एवं मुख्यालय के निर्देशों की अवहेलना है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2024: तीसरे दिन लेजर शो और फैशन शो बने आकर्षण का केंद्र, भारी भीड़ ने बढ़ाया कारोबारियों का उत्‍साह

  • इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में जुटे बायर्स और कंज्यूमर्स, साढ़े तीन लाख लोग पहुंचे ट्रेड शो देखने
  • नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्‍ली, गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत प्रदेश के अन्य शहरों, राज्‍यों और विदेशों से आ रहे लोग
  • उद्यमियों का उत्साह दोगुना, वीकंड पर अगले दो दिन और अधिक भीड़ जुटने की उम्‍मीद
  • शिक्षा, संस्‍कृति से लेकर दूसरे तरह के स्टॉल्स पर भी लोगों की भीड़ जुट रही
  • लेजर शो और खादी फैशन शो ने कार्यक्रम में बांधा समां, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने किया मंत्रमुग्ध

ग्रेटर नोएडा/लखनऊ, 27 सितम्बर: ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहा उत्‍तर-प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कार्यक्रम के तीसरे दिन नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्‍ली,  गुड़गांव, गाजियाबाद फरीदाबाद ही नहीं, बल्कि दूसरे शहरों, राज्‍यों और विदेशों से आने वाले बॉयर्स की भी काफी भीड़ देखने को मिल रही है। बॉयर्स की अच्‍छी-खासी भीड़ देखकर कारोबारियों में काफी उत्‍साह है। एक अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को तकरीबन साढ़े तीन लाख लोग ट्रेड शो देखने पहुँचे। उम्‍मीद की जा रही है कि शनिवार और रविवार को और अधिक भीड़ जुटेगी, क्‍योंकि वीकंड होने की वजह से लोग छुट्टी का सदुपयोग करेंगे और अंतर्राष्‍ट्रीय ट्रेड फेयर में आकर अपने पंसदीदा उत्‍पादों की प्रदर्शनी देखेंगे। वहीं, तीसरे दिन लेजर शो और खादी फैशन शो आकर्षण का केंद्र रहे। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों की प्रस्तुति ने भी समां बांध दिया।

पवेलियंस में जुट रही भीड़

पिछले दो दिनों के मुकाबले शुक्रवार को मेले में अधिक भीड़ देखने को मिली। यहां प्रदर्शनी के अलावा हो रहे अन्‍य कार्यक्रम भी लोगों को खूब भा रहे हैं, जिनमें संगीत और फैशन शो से जुड़े हुए कार्यक्रम शामिल हैं। वहीं यहां आयोजित हो रहे नॉलेज सेशन उधमियों के लिए काफी महत्‍वपूर्ण साबित हो रहे हैं, क्‍योंकि उन्‍हें यहां आसानी से देशी और विदेशी बॉयर्स मिल रहे हैं, जिससे कारोबारियों का उत्‍साह काफी बढ़ा हुआ है। लोगों द्वारा वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्‍ट को काफी पंसद किया जा रहा है। शिक्षा, संस्‍कृति, कल्‍चर से लेकर दूसरे तरह के स्‍टॉल पर भी लोगों की भीड़ जुट रही है। साज-सज्‍जा से लेकर गारमेंट के उत्‍पादों को भी लोगों द्वारा खूब पंसद किया जा रहा है।

‘उत्तम व उद्यम प्रदेश’ बनाने की दिख रही झलक

इंडिया एक्सपो मार्ट में उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम व उद्यम प्रदेश’ बनाने की पूरी झलक नजर आ रही है। औधोगिक और स्‍टार्टअप के पटल पर प्रदेश किस तरह दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्‍की कर रहा है, इसकी तस्‍दीक न केवल यह मेला कर रहा है, बल्कि यहां जुट रही लोगों की भीड़ भी कर रही है। इस दौरान सीएम योगी के विजन में बनीं सेक्टोरल पॉलिसीज पर भी फोकस किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न तरह के नॉलेज सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।

पिछले वित्‍तीय में 20.57 बिलियन अमेरिकी डॉलर पहुंचा निर्यात : सचान

शुक्रवार को फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) द्वारा आयोजित नेविगेटिंग द ग्‍लोबल मार्केट प्‍लेस पोटिंशल, चैलेंज एंड स्‍ट्रेटिजीज फॉर इंडियन एक्‍सपोटर्स विषय पर आयोजित सेशन में प्रदेश सरकार के माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, खादी एंड विलेज इंडस्‍ट्रीज, हैंडलूम एंड टैक्‍सटाइल मंत्री राकेश सचान ने कहा कि पिछले वित्‍तीय वर्ष में प्रदेश के निर्यात ने 20.57 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आकड़े को छू लिया था। उन्‍होंने कहा कि वृद्धि का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा हमारे एमएसएमई के प्रयासों का कारण है। उन्‍होंने कहा, एमएसएमई की यह उपलब्धि महत्‍वपूर्ण है, जो घरेलू और अंतराष्‍ट्रीय बाजारों में अपनी रचनात्‍मकता और लचीलेपन का लाभ उठाते हैं।

2025 तक उत्‍तर-प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लिए प्रतिबद्ध : नंदी

इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड एक्‍सपोर्ट प्रमोशन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि प्रदेश में कई बेहतरीन कारीगर और निर्माता हैं, जिनकी शिल्‍पकला को दुनिया भर में मान्‍यता मिली है। उन्‍होंने कहा कि एक जिला, एक उत्‍पाद पहल ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्‍येक जिला अपनी अनूठी शक्तियों का उपयोग हमारी अर्थव्‍यवस्‍था में योगदान देने में हो रहा है, इसमें स्‍थानीय उधोगों ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्‍होंने कहा, 2025 तक उत्‍तर-प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लिए पूर्ण तरीके प्रतिबद्ध है।

खादी फैशन शो हुआ आयोजित

यहां आयोजित खादी फैशन शो में यूपी की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। लोगों ने प्रदेश की इस समृद्ध सांस्कृतिक झलक को देखने में काफी रुचि दिखाई। शानदार साड़ियों से लेकर अन्य परिधानों का खूबसूरत प्रदर्शन यहां आई भीड़ को खूब भाया।

हुनरमंद युवाओं के लिए विशिष्ट कौशल का लाइव प्रदर्शन

इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन, कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास मिशन का निरीक्षण किया। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन युवाओं को योजनाओं की जानकारी देता है और उन्हें अपने भविष्य को संवारने का एक बेहतर मंच प्रदान करता है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों में दक्षता हासिल करने का अवसर मिल रहा है, जिससे वे बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। ट्रेड शो के दौरान कौशल विकास पवेलियन में प्रदेश के हुनरमंद युवाओं ने विभिन्न विशिष्ट कौशलों का लाइव प्रदर्शन किया गया।

गौतमबुद्ध नगर के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान: डीएम मनीष कुमार वर्मा का औचक निरीक्षण

नोएडा, 27 सितंबर 2024: शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी (डीएम) मनीष कुमार वर्मा ने आज रायपुर सेक्टर 126, नोएडा के प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य था यह जांचना कि विद्यालय में बच्चों को प्रदान की जा रही सुविधाएं और शिक्षा का स्तर मानकों के अनुरूप है या नहीं। इस दौरान डीएम ने मिड डे मील का भोजन भी खुद चखा और उसकी गुणवत्ता परखी, जो कि मानकों के अनुसार सही पाई गई।

शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सबसे पहले शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर अध्यापन कार्य देखा और बच्चों से सीधे बातचीत की। डीएम ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चे दी जा रही शिक्षा को सही तरीके से समझ पा रहे हैं और शिक्षक उन्हें सिखाने में पूरी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और यह प्राथमिकता होनी चाहिए कि बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा प्राप्त हो।

डीएम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे बच्चों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए, और जो बच्चे लगातार अनुपस्थित रहते हैं, उनके घर जाकर उनके माता-पिता से बात करनी चाहिए। डीएम ने शिक्षकों को यह भी कहा कि वे ऐसे बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करें और उन्हें बच्चों की शिक्षा का महत्व समझाएं।

मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण

शिक्षा के साथ-साथ, जिलाधिकारी ने स्कूल की मूलभूत सुविधाओं का भी गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि विद्यालय में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और बैठने की उचित व्यवस्था हो। डीएम ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है, और इसके लिए विद्यालय में स्वच्छता और स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालयों की साफ-सफाई और पीने के पानी की गुणवत्ता की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने शिक्षकों और प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय-समय पर स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी जानी चाहिए, ताकि वे खुद भी स्वच्छता की आदतें विकसित कर सकें।

मिड डे मील की गुणवत्ता का परीक्षण

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मिड डे मील भोजन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने खुद मिड डे मील खाकर उसकी गुणवत्ता परखी और यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को दी जा रही भोजन की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। मिड डे मील की गुणवत्ता सही पाए जाने पर डीएम ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि बच्चों के शारीरिक विकास के लिए पौष्टिक भोजन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों और रसोई कर्मियों को निर्देश दिया कि मिड डे मील की तैयारी में हमेशा सफाई और पौष्टिकता का ध्यान रखा जाए।

डीएम ने यह भी सुनिश्चित किया कि भोजन बच्चों को समय पर परोसा जाए और इसके भंडारण एवं पकाने की प्रक्रिया में स्वच्छता के सभी मानकों का पालन हो। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर यह भी जाना कि क्या उन्हें भोजन पसंद आ रहा है और क्या वे इसे समय पर प्राप्त कर रहे हैं। बच्चों ने डीएम को बताया कि उन्हें मिड डे मील का भोजन बहुत पसंद है और वे इसे प्रतिदिन उत्साह से खाते हैं।

बच्चों की उपस्थिति पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपस्थिति पंजिका की जांच की और देखा कि बच्चों की उपस्थिति की स्थिति क्या है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि जो बच्चे लगातार स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके घर जाकर उनके माता-पिता से फीडबैक लिया जाए। डीएम ने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकगण अभिभावकों के साथ मिलकर काम करें और उन्हें यह समझाएं कि बच्चों की शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार है, और यह सुनिश्चित करना शिक्षकों और प्रशासन का दायित्व है कि हर बच्चा नियमित रूप से स्कूल आए और अपनी पढ़ाई में पीछे न रह जाए। उन्होंने प्रधानाचार्य और शिक्षकों से यह भी कहा कि बच्चों की उपस्थिति की निगरानी के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाए और अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों की सराहना

निरीक्षण के दौरान डीएम ने देखा कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाएं सन्तोषजनक स्तर पर हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बधाई दी कि वे अपने कार्य को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। डीएम ने शिक्षकों से कहा कि वे इसी तरह मेहनत करते रहें और बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की कमी न आने दें।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित करना विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा देने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों, स्वच्छता और समाज के प्रति जिम्मेदारियों के बारे में भी शिक्षित करें।

शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रहे उपस्थित

निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी भी डीएम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने डीएम के निर्देशों का पालन करने का वादा किया और कहा कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार के लिए वे पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, वे विद्यालय में समय-समय पर निरीक्षण करते रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा और सुविधाएं प्राप्त हो।

समाज और राष्ट्र के विकास में शिक्षा की भूमिका

निरीक्षण के अंत में, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की नींव है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कराना केवल उनका अधिकार नहीं, बल्कि यह देश के भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। डीएम ने कहा, “यदि हम चाहते हैं कि हमारा समाज और देश उन्नति करे, तो हमें अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं प्रदान करनी होंगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ, बच्चों को नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारियों के बारे में भी जागरूक करना आवश्यक है। डीएम ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करना एक राष्ट्र निर्माण का कार्य है, और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण ने यह सुनिश्चित किया कि गौतमबुद्ध नगर के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाएं मानकों के अनुरूप हैं। डीएम के इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन शिक्षा और बच्चों के समग्र विकास को लेकर गंभीर है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा विद्यालयों में किए गए इस प्रकार के औचक निरीक्षण न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायक होते हैं, बल्कि इससे शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन को अपने कार्यों के प्रति अधिक जिम्मेदार और सजग रहने की प्रेरणा मिलती है। इस पहल के माध्यम से गौतमबुद्ध नगर के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के स्तर को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास जारी रहेगा।