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असीमित संभावनाओं की दहलीज पर खड़ी है भारत की युवा पीढ़ी- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • सरोजनीनगर विधायक ने ट्वीट कर गिनाई प्रगतिशील भारत की उपलब्धियां, कहा बदलाव की इस विरासत के सहभागी बनें युवा पीढ़ी
  • सरोजनीनगर विधायक ने ट्वीट कर गिनाई प्रगतिशील भारत की उपलब्धियां, कहा बदलाव की इस विरासत के सहभागी बनें युवा पीढ़ी
  • डॉ०सिंह ने कहा- पिछले 10 सालों में भारत का सड़क नेटवर्क दोगुना होकर 1.5 लाख किमी पहुंचा
  • उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन में शीर्ष पर है, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, तीसरा सबसे बड़ा ई कॉमर्स बाजार, चौथा सबसे बड़ा ऑटोमेटिव बाजार – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ: आज के युवा असीमित संभावनाओं के दहलीज पर खड़े हैं, भविष्य उनके साहसिक प्रयासों और नवीन विचारों का प्रतीक्षा कर रहा है, युवाओं को प्रेरित करते हुए ये विचार व्यक्त किए हैं, सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने।

सरोजनीनगर विधायक ने मंगलवार को ट्वीट कर युवाओं को प्रेरित करते हुए लिखा पिछली पीढ़ियां जिन संसाधनों और अवसरों का केवल सपना देखती थी, वे आज के युवाओं के लिए सुलभ हैं, आज के युवा उन संसाधनों का उपयोग कर अपना भविष्य बना सकते हैं और बदलाव की विरासत के हिस्सेदार बन सकते हैं।

डॉ. सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) पर इंफ्रास्ट्रक्चर बूम का उल्लेख करते हुए आगे लिखा, भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पिछले दशक में दोगुना से अधिक हो गया है, जो 1.5 लाख किमी तक पहुंच गया है – सड़क की लंबाई के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है।

आवागमन में सुगमता का उल्लेख करते हुए सरोजनीनगर विधायक ने आगे लिखा, आज मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना और वंदे भारत एक्सप्रेस बदलते भारत के प्रतीक हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस दुनिया की सबसे तेज़ ट्रेनों में से एक है, जो 160 किमी/घंटा तक की गति से चलती है।

मॉडर्न लग्जरी और कंफर्ट का उल्लेख कर डॉ. राजेश्वर सिंह ने आगे लिखा ई-कॉमर्स का बाजार तेजी से विकसित हुआ है, 2023 में 61.8 बिलियन डॉलर की ऑनलाइन खुदरा बिक्री के साथ, भारत संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार बन गया है।

बैलगाड़ी से लेकर लक्जरी कारों तक के सफर का उल्लेख कर डॉ. सिंह ने आगे लिखा भारत दुनिया के चौथे सबसे बड़े ऑटोमोटिव बाजार में तब्दील हो गया है, जो जर्मनी और यूके जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए सालाना 4 करोड़ से अधिक यात्री वाहन बेच रहा है।

वित्तीय समावेशन का उल्लेख कर डॉ. सिंह ने अपनी बात पूर्ण करते हुए आगे लिखा 50 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले जाने और 2023 में मासिक रूप से 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक के यूपीआई-आधारित डिजिटल लेनदेन के साथ, भारत डिजिटल भुगतान के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में पहले स्थान पर है।

बता दें की सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह निरंतर युवाओं को प्रेरित करते रहते हैं और अपनी विधानसभा में युवाओं को प्रगति के संसाधन उपलब्ध कराने वाली योजनाएं संचालित कराने के लिए जाने जाते हैं।

दीक्षान्त समारोह: राज्यपाल की अध्यक्षता में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का 8वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 58,161 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान

लखनऊ, 01 अक्टूबर 2024: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आज आयोजित 8वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 58,161 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की। इस समारोह में 36 कुलाधिपति स्वर्ण पदक, 9 डोनर स्वर्ण पदक और 30 पीएचडी उपाधियां शामिल थीं। इसके साथ ही सभी उपाधियों और 187,108 अंक-पत्रों को डिजीलॉकर में भी अपलोड किया गया। राज्यपाल ने इस दौरान 220 आंगनबाड़ी किटों का भी वितरण किया और राष्ट्र निर्माण में युवाओं के योगदान पर जोर दिया।

राज्यपाल ने डिजिटल शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अवसरों पर दिया जोर

उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए, और कुछ अंकों की कमी से हार मानने की जरूरत नहीं है। राज्यपाल ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उपाधि और मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक थी। उन्होंने छात्रों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सभी मिलकर राष्ट्र की उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से अपील की कि वे अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू (सहयोग समझौता) करें, ताकि अभावग्रस्त परिवारों के बच्चों को भी अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं से न केवल रोजगार के लिए, बल्कि समाज के उत्थान के लिए भी समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए सरकारी प्रयास

राज्यपाल ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में शिक्षा हेतु 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के लिए 19,025 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत छात्रों के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना और मॉडल कौशल ऋण योजना।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विकास के लिए दिशानिर्देश

राज्यपाल ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को अगले 10 वर्षों के लिए एक स्पष्ट योजना तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार हो और इसे अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हो सके। उन्होंने विश्वविद्यालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये पांडुलिपियां हमारी धरोहर हैं और उनका संरक्षण किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कृषि शिक्षा पर विशेष ध्यान

राज्यपाल ने सिद्धार्थनगर क्षेत्र के कृषि प्रधान होने के कारण कृषि शिक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि यहां के छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगे, तो उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। कृषि को आज के परिवेश में एक महत्वपूर्ण रोजगार क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है, और छात्रों को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए।

मुख्य अतिथि और अन्य वक्ताओं के विचार

इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर वांगचुक दोरजी नेगी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज के विकास के लिए युवाओं को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने छात्रों से एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया, जिससे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार हो सके।

आंगनबाड़ी किट और स्मारिका विमोचन

समारोह में राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को सशक्त बनाने के लिए 220 आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय की स्मारिका ‘उत्कर्ष’ का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी जयेन्द्र कुमार और कई अन्य अधिकारी व विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

राजभवन उत्तरप्रदेश: स्वच्छता सेवा पखवाड़ा-2024‘ के अंतर्गत आयोजित हुआ नुक्कड़ नाटक

  • के0जी0एम0यू0, लखनऊ के छात्र-छात्राओं ने दी प्रभावी प्रस्तुति
  • डेंगू, मलेरिया से बचाव एवं स्वच्छता हेतु किया जागरूक

लखनऊ: 01 अक्टूबर, 2024: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और मार्गदर्शन में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2024 के अंतर्गत जारी कार्यक्रमों के क्रम में आज राजभवन में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के छात्र-छात्राओं ने डेंगू और मलेरिया से बचाव विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सफाई का संदेश दिया और यह भी बताया कि कैसे मच्छरों से बचाव किया जा सकता है। नाटक में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया के खतरों को दर्शाते हुए जागरूकता फैलाई गई। नाटक में विशेष रूप से स्वच्छता बनाए रखने, पानी के ठहराव को रोकने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने पर जोर दिया गया।

छात्र-छात्राओं ने यह भी स्पष्ट किया कि मच्छरों के काटने से किस प्रकार डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां फैलती हैं और इनसे बचने के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं। इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता के महत्व और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया, इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ0 पंकज एल0जानी, राजभवन के अधिकारी, कर्मचारीगण एवं प्रतिभागी बच्चे व अन्य उपस्थित रहे।

सामाजिक समरसता और राम मंदिर आंदोलन में गोरखनाथ पीठ का सराहनीय योगदान: पूर्व मंत्री मोती सिंह

लखनऊ, 01 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने गोरखनाथ पीठ की सामाजिक समरसता और राम मंदिर आंदोलन में निभाई गई भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मठ ने राम मंदिर आंदोलन में जो ऐतिहासिक योगदान दिया है, वह न केवल अयोध्या के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय सामाजिक और धार्मिक संरचना को मजबूती प्रदान करता है।

राम मंदिर आंदोलन में गोरखनाथ पीठ का ऐतिहासिक योगदान

मोती सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष केवल 1990 के दशक का नहीं है, बल्कि इसका इतिहास बहुत पुराना है। गोरखनाथ मठ ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले ही राम मंदिर के लिए आवाज उठानी शुरू कर दी थी। महंत दिग्विजय नाथ, महंत अवैद्यनाथ और वर्तमान में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखनाथ पीठ ने इस आंदोलन को सक्रिय रूप से समर्थन दिया और इसे जन-जन तक पहुंचाया। इस पीठ का योगदान राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष में अत्यंत अनुकरणीय रहा है।

पूर्व मंत्री मोती सिंह की टिप्पणी

राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, जो प्रतापगढ़ जिले की पट्टी विधानसभा से कई बार विधायक रहे हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं, ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में अशोक सिंघल, लालकृष्ण आडवाणी और कल्याण सिंह के साथ गोरखनाथ पीठ का भी विशेष स्थान रहा है। उन्होंने गोरखनाथ पीठ के महंत अवैद्यनाथ द्वारा राम मंदिर शिलान्यास के लिए कामेश्वर चौपाल का चयन करने को सामाजिक समरसता की मिसाल बताया।

गोरखनाथ पीठ की सामाजिक समरसता में भूमिका

मोती सिंह ने यह भी कहा कि गोरखनाथ पीठ का योगदान सिर्फ धार्मिक आंदोलनों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह पीठ सामाजिक समरसता और जातिगत विभाजनों को समाप्त करने की दिशा में भी सक्रिय रहा है। महंत अवैद्यनाथ और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखनाथ मठ ने समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट किया और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

शशि प्रकाश सिंह की डॉक्युमेंट्री का अनावरण

इस मुलाकात के दौरान, प्रसिद्ध शिक्षाविद् और ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन के निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने पूर्व मंत्री मोती सिंह से मुलाकात की और उन्हें “गोरखनाथ पीठ का राम मंदिर में योगदान” पर आधारित एक डॉक्युमेंट्री का डिजिटल वर्जन भेंट किया। इस डॉक्युमेंट्री में गोरखनाथ पीठ के विभिन्न पीठाधीश्वरों द्वारा राम मंदिर आंदोलन में किए गए योगदान का विस्तार से वर्णन किया गया है। करीब 25 मिनट की इस डॉक्युमेंट्री में गोरखनाथ मठ की ऐतिहासिक भूमिका को दर्शाया गया है।

डॉक्युमेंट्री और सामाजिक संदेश

शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि यह डॉक्युमेंट्री विशेष रूप से गोरखनाथ मठ के सामाजिक और धार्मिक आंदोलनों में योगदान पर केंद्रित है। इससे पहले, शशि प्रकाश सिंह ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक गीत का निर्माण भी किया था, जिसे काफी सराहना मिली थी।

गोरखनाथ मठ का अनुकरणीय नेतृत्व

मोती सिंह ने वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान जो नेतृत्व दिखाया था, वह आज भी सभी के लिए प्रेरणादायक है। योगी आदित्यनाथ ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज में शांति और एकता की भावना को प्रोत्साहित किया है।

गोरखनाथ पीठ ने न केवल राम मंदिर निर्माण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि समाज में समरसता और एकजुटता की मिसाल भी कायम की है। राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने इस पीठ के योगदान को अनुकरणीय बताते हुए समाज के अन्य धार्मिक और सामाजिक संस्थानों को भी इस दिशा में प्रेरित होने की बात कही।

लखनऊ: नशामुक्त निःशुल्क चिकित्सा शिविर में उमड़ी भीड़

  • शिविर में 31 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन और 15 मरीजों को नजर का चश्मा देने के लिए चुना गया

बख्शी का तालाब: ग्राम मोहम्मदपुर में नशामुक्त समाज आंदोलन ‘अभियान कौशल का’ के तहत आर.आर. ग्रुप ने नशामुक्त निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इसमें इंदिरा गाँधी नेत्र चिकित्सालय की मेडिकल टीम ने 98 नेत्र रोगियों और आर.आर. ग्रुप की मेडिकल टीम ने 61 सामान्य मरीजों का परीक्षण किया।

राम सेवा आश्रम में आयोजित नशामुक्त निःशुल्क चिकित्सा शिविर के बारे में बात करते हुए नशामुक्त समाज आंदोलन ‘अभियान कौशल का’ के प्रांतीय संयोजक एवं आर.आर. ग्रुप के मुखिया अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि आज 31 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चुना गया है। वहीं, 15 मरीजों का चयन नजर का चश्मा देने के लिए किया गया है। इंदिरा गांधी नेत्र चिकित्सालय के नेत्र सर्जन डॉ प्रशांत सिंह व सतीश मिश्रा जी की टीम ने कुल 98 नेत्र रोगियों का परीक्षण किया। जबकि आर.आर. ग्रुप की मेडिकल टीम के डॉ अनिल वर्मा व पंकज त्रिपाठी ने 61 सामान्य मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। सभी को मुफ्त में परामर्श एवं दवाएं दी गईं।

वहीं, नशामुक्त समाज आंदोलन के प्रांतीय सह संयोजक नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि प्रत्येक शिविर में सैकड़ों ऐसे निर्धन लोगो को स्वास्थ्य लाभ होता है जो अपना इलाज करवाने में असमर्थ हैं। आर.आर. ग्रुप की चिकित्सा टीम के द्वारा प्रतिदिन सामान्य मरीजों को निशुल्क दवाई व चिकित्सा परामर्श दिया जाता है।