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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2.25 करोड़ किसानों को 4,985.49 करोड़ रुपये की 18वीं किश्त का भुगतान: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ: प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाली 18वीं किश्त की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 05 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र के वेगॉल (वाशिम) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 2,25,91,884 किसानों को कुल 4,985.49 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इसके साथ ही 23.36 लाख लंबित किश्तों के 46.70 करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों के डेटा सुधार के बाद किया जाएगा।

मंत्री शाही ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से दिसंबर 2018 में शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की सहायता राशि तीन किश्तों में दी जाती है। इस योजना के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर चार माह में 2,000 रुपये की किश्त उनके खातों में सीधे स्थानांतरित की जाती है।

शाही ने जानकारी दी कि योजना के आरंभ से जुलाई 2024 तक उत्तर प्रदेश में 17 किश्तों के माध्यम से कुल 74,492.71 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश के 2.76 करोड़ किसानों को कम से कम एक बार योजना का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि 17वीं किश्त का वितरण प्रधानमंत्री मोदी जी ने 18 जून 2024 को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में किया था, जिसमें 2,14,55,237 किसानों को 4,831.10 करोड़ रुपये की राशि दी गई थी।

कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 05 अक्टूबर 2024 को पूरे देश के लगभग 9.51 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20,552 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इस योजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के किसानों को लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

शाही ने कहा कि योगी सरकार किसानों के हित में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और राज्य में कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए अनेक कदम उठा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। “हमारे किसानों के लिए यह योजना एक बड़ी राहत है और सरकार की प्राथमिकता है कि उन्हें समय पर सहायता मिले, ताकि वे कृषि कार्यों में निरंतर जुटे रहें और प्रदेश की कृषि उत्पादकता को बढ़ावा दें।

अंत में, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह योजना किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और समृद्धि लाने में और अधिक प्रभावी सिद्ध होगी, जिससे प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान मिलेगा।

लखनऊ: मडियांव पुलिस ने 2 शातिर अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, 20 लाख क़ीमत की 978 ग्राम अवैध चरस बरामद

लखनऊ: पुलिस कमिश्नर लखनऊ अमरेन्द्र कुमार सेंगर द्वारा लगातार की जा रही क्राइम मीटिंग्स का असर दिखना शुरू हो गया है। एक तरफ़ जहां अपराधी किसी भी प्रकार का अपराध करने से पहले हज़ार बार सोचते हैं तो वहीं अगर अपराध करने का मन बना भी लेते हैं तो कमिश्नरेट की चौकन्ना पुलिस अपराधियों के द्वारा अपराध को अंजाम देने से पहले ही उन अपराधियों को दबोच लेती है। हाल ही में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के नॉर्थ जोन में 2 दिन पहले सैरपुर थानाक्षेत्र से बैट्री चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद सड़क में ही पकड़ने का मामला हो या फिर मडियाँव थानाक्षेत्र में पुलिस की सतर्कता से पकड़े गए मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्कर हों, ये दोनों घटनाएँ कहीं न कहीं नॉर्थ ज़ोन की मज़बूत पुलिसिंग की तरफ़ इशारा करती हैं।

उत्तरी जोन के डीसीपी आर.एन.सिंह के कुशल मार्गदर्शन में एडीसीपी जितेन्द्र कुमार दुबे ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर मामले की जानकारी दी है और बताया है कि बीती रात मड़ियाँव पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 978 ग्राम चरस बरामद की है। बरामद की गई चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

घटना का संक्षिप्त विवरण

सहायक पुलिस आयुक्त अलीगंज वृज नारायण सिंह के दिशानिर्देश में मडियांव थाना की पुलिस टीम, प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में, नोबस्ता मोड़ के पास नियमित चेकिंग अभियान में जुटी थी। इसी दौरान मडियांव पुल के नीचे दो संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, जो पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने हिकमत अमली से दोनों व्यक्तियों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 978 ग्राम चरस बरामद हुई।

अभियुक्तों के नाम और विवरण

1.  अब्दुल मजीद (25 वर्ष) पुत्र मोहम्मद अहमद, निवासी पुरानी बाजार, पचपेड़वा, जनपद बलरामपुर। इसके कब्जे से 493 ग्राम चरस बरामद हुई।
2.  रामजीत राजपूत (34 वर्ष) पुत्र भूधर प्रसाद, निवासी अस्तीरोड, निकट शंकर जी का मंदिर, थाना बीकेटी, जनपद लखनऊ। इसके कब्जे से 485 ग्राम चरस बरामद हुई।

अवैध मादक पदार्थ तस्करी

दोनों अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि वे चरस को बेचने के लिए निकले थे। चरस से संबंधित कोई वैध दस्तावेज ना होने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मडियांव थाना में मु0अ0सं0 607/24 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस टीम की सराहनीय कार्यवाही

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा, उप निरीक्षक अमित साहू, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, उप निरीक्षक शुभम तिवारी, उप निरीक्षक आदित्य द्विवेदी, हेड कॉन्स्टेबल राम दिनेश, कॉन्स्टेबल सागर तोमर व सचिन दूबे शामिल रहे।

मामले में आगे की जांच

पुलिस अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है, साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि वे अन्य मामलों में भी संलिप्त हैं या नहीं। पुलिस का दावा है कि इस प्रकार की तस्करी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

लखनऊ: मंडलायुक्त की अध्यक्षता में राष्ट्रीय अंडर-17 स्कूली एथलेटिक्स प्रतियोगिता के सम्बंध में बैठक सम्पन्न

लखनऊ: मण्डलायुक्त डॉ०रोशन जैकब की अध्यक्षता में राष्ट्रीय अंडर-17 स्कूली एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2024-25 के आयोजन के सम्बंध में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन आयुक्त सभागार कार्यालय में आहूत किया गया। इस अवसर पर राकेश सिंह अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल), ललित कुमार अपर नगर आयुक्त, पुलिस विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त को संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा दिनांकः 26 नवम्बर 2024 से 30 नवम्बर 2024 तक गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में 68 वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता अण्डर-17 वर्ष आयु वर्ग बालक/बालिका का आयोजन सम्पन्न कराया जाना है। उक्त राष्ट्रीय विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता अण्डर-17 वर्ष आयु वर्ग बालक/बालिका में समस्त राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेशों तथा कतिपय संगठन / सोसाइटीज सहित कुल 45 इकाईयों की टीमों के लगभग 2000 बालक/बालिका, कोच, टेक्निकल ऑफिसर्स द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा।

मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिनांकः 26 नवम्बर 2024 से 30 नवम्बर 2024 तक की अवधि में प्रतियोगिता आयोजन स्थल गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ एवं आवासीय स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की उपलब्धता व विशेष रूप से बालिकाओं की आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये। खेल स्थल के आसपास यातायात प्रवाह को सुचारू बनाये रखने के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की जाये। प्रतियोगिता आयोजन स्थल गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ एवं आवासीय स्थलों पर समुचित साफ-सफाई, फोंगिंग, पेयजल एवं मूवेबल शौचालयों/ टॉयलेट की व्यवस्था नगर द्वारा प्राथमिकता पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

उक्त के पश्चात मंडलायुक्त ने कहा कि आयोजन स्थल गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में प्रतियोगिता आयोजन अवधि में प्रत्येक दिन नियमित रूप से मेडिकल टीम की तैनाती के साथ ही मेडिकल से संबंधित आवश्यक सामग्रियों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाये। प्रतिभागियों के आवासीय स्थलों पर आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सुविधायें भी उपलब्ध कराया जाए। प्रतियोगिता हेतु आवश्यक खेल सामग्री यथा पोलवाल्ट के गद्दे, अपराईट्स, हर्डल- 90 अद्द, हाई जम्प के गद्दे, हाई जम्प के अपराइट्स, पोलवाल्ट का बाक्स एवं पोलवाल्ट का पोल इत्यादि की उपलब्धता ससमय करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि उक्त स्थान पर संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करते हुए, आवश्यक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करेंगे।

Viral News: फाइव स्टार होटल में फटे मोजे पहने नजर आए IIT मुंबई के प्रोफेसर, जानें इसके पीछे का पर्यावरणीय संदेश

नई दिल्ली/लखनऊ: देश की राजधानी नई दिल्ली के एक आलीशान फाइव स्टार होटल में बैठे IIT मुंबई के प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में सोलंकी फटे हुए मोजे पहने नजर आ रहे हैं, जिसने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। प्रोफेसर सोलंकी को “सौर गांधी” के नाम से भी जाना जाता है, और उनके फटे मोजों का पर्यावरण से गहरा संबंध है।

तस्वीर के वायरल होने का कारण

यह तस्वीर 25 सितंबर को इकोनॉमिक टाइम्स एनर्जी लीडरशिप समिट के दौरान ली गई, जहां सोलंकी अपने भाषण से पहले दिल्ली के हयात होटल में आराम कर रहे थे। फोटो में उनके फटे हुए मोजे साफ दिखाई दे रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हो रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रोफेसर सोलंकी ने कहा, “हां, मेरे मोजे फटे हुए थे। मुझे उन्हें बदलने की जरूरत है और मैं यह करूंगा। लेकिन हमें यह समझने की जरूरत है कि प्रकृति के पास सीमित संसाधन हैं।”

पर्यावरण बचाने का संदेश

प्रोफेसर सोलंकी का कहना है कि फटे मोजे पहनना पर्यावरण के प्रति उनकी जागरूकता और संसाधनों के सीमित उपयोग का प्रतीक है। 20 सालों से अधिक समय से IIT बॉम्बे के संकाय सदस्य के रूप में काम कर रहे सोलंकी सौर ऊर्जा के प्रचार और नेचर स्टेबिलिटी की वकालत करते हैं। उनके अनुसार, “फटे मोजे पहनना मेरे लिए कचरे को कम करने और संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग करने का एक तरीका है।”

प्रोफेसर सोलंकी का पर्यावरण के प्रति योगदान

प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी ने अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। वे 48,000 किमी की यात्रा कर चुके हैं और अलग-अलग देशों में जाकर पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का काम किया है। उनका मानना है कि कम संसाधनों का उपयोग करने से ही हम पर्यावरण को बचा सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

इस तस्वीर के वायरल होने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे अनुशासन और जागरूकता का प्रतीक मान रहे हैं, तो कुछ इसे जीवनशैली के रूप में अपना रहे हैं। सोलंकी के इस कदम ने एक नई सोच को जन्म दिया है कि हमें व्यक्तिगत लाभ के बजाय धरती के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए।

IIT मुंबई के प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी का फटे मोजे पहनने का निर्णय महज एक सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका समर्पण और जागरूकता को दर्शाता है। उनकी यह तस्वीर केवल वायरल नहीं हो रही है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण संदेश भी दे रही है कि हमें अपने संसाधनों का जिम्मेदार तरीके से उपयोग करना चाहिए।

सीएम योगी ने शह और मात पर लिटिल चैम्प से खूब की बात

  • सबसे कम उम्र के फीडे रेटेड खिलाड़ी कुशाग्र के साथ शतरंज खेल सीएम योगी ने बढ़ाया उत्साह
  • कुशाग्र अग्रवाल को सीएम योगी ने दिया उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद
  • बोले-प्रतिभा को और निखारने में हर स्तर पर मदद करेगी सरकार

गोरखपुर: खेल और खिलाड़ियों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लगाव जग जाहिर है। और, जब बात खेल की नन्ही प्रतिभाओं की हो तो फिर कहना ही क्या। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री में देश के सबसे कम उम्र के फीडे (विश्व शतरंज महासंघ) रेटेड खिलाड़ी, गोरखपुर निवासी कुशाग्र अग्रवाल के साथ शतरंज खेल कर उत्साहवर्धन किया। सीएम योगी ने इस लिटिल चैम्प से शतरंज के खेल में मोहरों की चाल और शह-मात पर खूब बात की।

कुशाग्र अग्रवाल, शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद लेने गोरखनाथ मंदिर पहुंचे थे। कुशाग्र अभी सिर्फ 5 साल 11 माह के हैं और यूकेजी में पढ़ते हैं। पर, उनकी उपलब्धि उम्र से काफी बड़ी है। 1428 रैपिड फीडे रेटिंग हासिल कर वह इस समय भारत में सबसे कम उम्र के फीडे-रेटेड खिलाड़ी हैं। उन्होंने 4 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया और अपनी प्रतिभा के दम पर एक साल में ही फीडे रेटिंग हासिल कर ली। शतरंज का शुरुआती प्रशिक्षण उन्हें अपनी बहन अविका से मिला जो खुद भी शतरंज की बेहतरीन खिलाड़ी हैं। कुशाग्र अब तक पटना, बेंगलुरु, पुणे में आयोजित लगभग अंतरराष्ट्रीय फीडे रेटेड प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पुरस्कार जीत चुके हैं।

गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल कुशाग्र को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया बल्कि उनके साथ शतरंज खेलकर खूब उत्साह भी बढ़ाया। उन्होंने कुशाग्र से शतरंज की चालों से जुड़ी बारीकियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि कुशाग्र अग्रवाल की प्रतिभा को और निखारने के लिए यूपी सरकार हर तरह की मदद करेगी। उन्होंने विश्वासएम जताया कि शतरंज का नन्हा अंतरराष्ट्रीय रेटेड खिलाड़ी आने वाले समय में गोरखपुर और प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन करेगा।