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कन्नौज इत्र उद्योग को मिलेगा बढ़ावा: सचिव एस.सी.एल. दास ने उठाए ठोस कदम, निर्यात को भी मिलेगा प्रोत्साहन

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  • एमएसएमई सचिव एस.सी.एल.दास ने कन्नौज के इत्र उद्योग के विकास और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर
  • उद्यमियों ने सैंडलवुड के विकल्प, फूलों की खेती, और पैकेजिंग सुधार पर की चर्चा
  • सचिव ने इत्र मानकीकरण और निर्यात समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

कन्नौज/लखनऊ: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव एस.सी.एल. दास ने कन्नौज के इत्र उद्योग को बढ़ावा देने और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कन्नौज स्थित फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (FFDC) के सभागार में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान, उन्होंने इत्र उद्योग की चुनौतियों पर चर्चा की और उद्यमियों को आवश्यक समाधान सुझाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों, और इत्र उत्पादकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान इत्र उद्योग से संबंधित अनेक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया, जैसे कि निर्यात बढ़ाने, मानकीकरण, रिसर्च एवं डेवलपमेंट, और पैकेजिंग सुधार।

सैंडलवुड की जगह अन्य बेस ऑयल की तलाश पर चर्चा, निर्यात और कस्टम से जुड़ी समस्याएं

बैठक में प्रमुख उद्यमियों ने इत्र निर्माण में सैंडलवुड (चंदन) के तेल की कमी और उसके विकल्प के रूप में अन्य बेस ऑयल की तलाश पर जोर दिया। इसके साथ ही, फूलों और मसालों की स्थानीय स्तर पर खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही गई।

इत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी ने गंगा के किनारे फूलों की खेती को बढ़ावा देने और औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इत्र उत्पादों की पैकेजिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कन्नौज में एक पैकेजिंग संस्थान या उसकी शाखा स्थापित की जानी चाहिए। उद्यमियों ने इत्र निर्यात में आ रही कस्टम और अन्य तकनीकी समस्याओं को भी उठाया। खासतौर से चंदन के तेल और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की गई। उद्यमियों ने इत्र और परफ्यूम के लिए अलग-अलग मानक तय करने की मांग की और भारत मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा इत्र उत्पादों का मानकीकरण किए जाने का भी सुझाव दिया।

औद्योगिक आस्थान के अध्यक्ष आदित्य कुमार मिश्रा ने इत्र उद्योग में रिसर्च और डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने सूक्ष्म इकाइयों को टेस्टिंग में सब्सिडी देने की भी अपील की, ताकि छोटे उद्योगों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिल सके।

सचिव एस.सी.एल. दास ने दिए ठोस आश्वासन

बैठक में सचिव एस.सी.एल. दास ने एफएफडीसी के प्रधान निदेशक को इत्र उत्पादों के मानकीकरण पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय और जीएसटी काउंसिल के साथ समन्वय स्थापित कर उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

सचिव ने यह भी कहा कि कन्नौज में इत्र उद्योग को और अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना के प्रयास किए जाएंगे, जिससे इत्र उत्पादकों को बेहतर संसाधन और तकनीकी सहयोग प्राप्त हो सके।

फूलों की खेती का निरीक्षण और एरोमेटिक प्लांट्स पर चर्चा

दौरे के दौरान, सचिव दास ने गोपाल सैनी फार्मलैंड में फूलों की खेती का निरीक्षण किया और एफएफडीसी कन्नौज कैंपस का दौरा किया। उन्होंने वहां एरोमेटिक प्लांट्स के बारे में जानकारी ली और आईसीएआर-डीएफआर पुणे से आए वैज्ञानिकों के साथ चर्चा की। इस दौरान उन्होंने फूलों की बेहतर खेती और उनके औद्योगिक उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।

एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम

सचिव ने जिला उद्योग केंद्र कन्नौज द्वारा संचालित ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से संवाद कर उनकी प्रगति की जानकारी ली और प्रमाण-पत्र वितरित किए।

अपने संबोधन में, सचिव दास ने प्रशिक्षार्थियों को उद्योग स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है।

उद्यमियों की मांग और आगे की दिशा

कन्नौज के इत्र उद्योग को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। सैंडलवुड की जगह अन्य बेस ऑयल विकल्पों की तलाश, फूलों और मसालों की स्थानीय खेती, इत्र उत्पादों की पैकेजिंग सुधार, और निर्यात में आ रही कस्टम समस्याओं के समाधान जैसे मुद्दों पर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

सचिव दास ने कहा कि इत्र उद्योग के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा और कन्नौज को इत्र उद्योग का हब बनाने की दिशा में विशेष कदम उठाए जाएंगे।

लखनऊ: राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना की मध्यावधि समीक्षा बैठक का शुभारम्भ

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  • 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 70 प्रतिनिधि ले रहे लिया भाग
  • 19 से 21 अक्टूबर तक चलेगी समीक्षा बैठक

लखनऊ: राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (NPEP) की तीन दिवसीय मध्यावधि समीक्षा बैठक का शुभारंभ शनिवार को लखनऊ के एक निजी होटल में हुआ। यह बैठक 21 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 5 क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों से लगभग 70 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस समीक्षा बैठक का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के तत्वावधान में किया गया है।

1980 के दशक में शुरू हुई यह परियोजना किशोरों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार और उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा करना और आगे के मार्गदर्शन हेतु नीतिगत दिशा तय करना है।

बैठक का उद्घाटन और प्रमुख वक्तव्य

बैठक की शुरुआत स्वागत समारोह और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उद्घाटन समारोह के दौरान NCERT की प्रोफेसर गौरी श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और 2023 के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम के अंतर्गत किशोरों के स्वास्थ्य और उनके सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने जनसांख्यिकी लाभांश (Demographic Dividend) के प्रभावों पर चर्चा करते हुए किशोरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अन्य मुख्य वक्ता और उनके विचार

कार्यक्रम संयोजक डॉ. विजय कुमार मलिक ने इस समीक्षा बैठक के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए किशोरों से जुड़े 11 प्रमुख बिंदुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना के तहत किए जा रहे प्रयासों से किशोरों के शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

SCERT लखनऊ के निदेशक गणेश कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) के महत्व को रेखांकित करते हुए टीम वर्क, मूल्य संवर्धन और भारतीय ज्ञान परंपरा के योगदान को समझाया। उन्होंने बताया कि किशोरों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है जिससे उनका समग्र विकास हो सके।

किशोरों के मानसिक और शारीरिक विकास पर जोर

बैठक के दौरान सहायक निदेशक डॉ. पवन सचान ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों पर चर्चा की। उन्होंने इन परिवर्तनों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. सचान ने कहा कि किशोरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम और खेल के मैदान की आवश्यकता अत्यधिक महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने ड्रग्स और इंटरनेट की लत के खतरों पर भी प्रकाश डालते हुए, किशोरों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया।

बैठक का समापन और धन्यवाद ज्ञापन

बैठक के अंत में डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने धन्यवाद भाषण देते हुए कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को किशोरों के विकास और उनकी शिक्षा में सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भैरूलाल यादव द्वारा किया गया, जिन्होंने बैठक को सुचारु रूप से संपन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (NPEP) का महत्व

राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (NPEP) का मुख्य उद्देश्य किशोरों को स्वस्थ, जिम्मेदार और सामाजिक रूप से सक्रिय नागरिक के रूप में विकसित करना है। परियोजना के माध्यम से किशोरों को उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके साथ ही, किशोरों को ड्रग्स, इंटरनेट की लत, और अन्य जोखिमों से बचाव की जानकारी दी जाती है। NPEP के तहत आयोजित यह समीक्षा बैठक किशोरों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किए गए प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बैठक किशोर शिक्षा से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों की समीक्षा कर, उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए सुझाव और दिशा निर्देश प्रदान करेगी।

लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना की यह मध्यावधि समीक्षा बैठक किशोरों की शिक्षा और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह परियोजना किशोरों को सामाजिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और 2023 के तहत किशोरों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

सीएम योगी के विजन अनुसार: प्रदेश में मिशन शक्ति से संबंधित विशेष अभियान की प्रभावी कार्यान्वयन के लिए वेब पोर्टल होगा विकसित

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  • मिशन शक्ति की प्रभावी निगरानी के लिए होगा वेब पोर्टल का विकास
  • गृह विभाग की जरूरतों के अनुसार यूपीडेस्को द्वारा वेब बेस्ड डाटा अपलोड मैनेजमेंट सिस्टम का किया जाएगा निर्माण व विकास
  • रोल बेस्ड यूजर मैनेजमेंट, मास्टर क्रिएशन, रिपोर्टिंग, डाटा इनपुट मॉड्यूल समेत समरी, स्टेटस व इवेंट अपलोड रिपोर्ट समेत तमाम खूबियों से होगा लैस
  • मिशन शक्ति पोर्टल के जरिए विभिन्न विभागों द्वारा नारी सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों की निगरानी का मार्ग होगा प्रशस्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति की सुरक्षा, सशक्तिकरण व सम्मान को प्रश्रय देने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार मिशन शक्ति के जरिए कई विशेष अभियानों का संचालन करने जा रही है। इन सभी विशेष अभियानों के संचालन की प्रगति, इनसे जुड़ी चुनौतियों तथा प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सीएम योगी के विजन अनुसार एक वेब पोर्टल का निर्माण व विकास किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा किए गए प्रयासों की विवेचना और उनके डाटाबेस संकलन के लिए गृह विभाग की जरूरतों अनुसार इस वेब पोर्टल का विकास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) द्वारा इस विकास व निर्माण प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

व्यापक डैशबोर्ड की तरह कार्य करेगा वेब पोर्टल

यह वेब पोर्टल डैशबोर्ड की तरह काम करेगा तथा इसे रोल बेस्ड यूजर मैनेजमेंट, मास्टर क्रिएशन, रिपोर्टिंग, डाटा इनपुट मॉड्यूल समेत समरी, स्टेटस व इवेंट अपलोड रिपोर्ट समेत तमाम खूबियों से लैस किया जाएगा। यह मिशन शक्ति पोर्टल विभिन्न विभागों द्वारा नारी सुरक्षा व सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों की निगरानी का मार्ग प्रशस्त करेगा।

वेब आधारित डाटा अपलोड प्रणाली का होगा पोर्टल के जरिए विकास

उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के लिए महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं की दैनिक गतिविधियों के संबंध में विशेष अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए मिशन शक्ति पोर्टल के अंतर्गत इस पोर्टल को विकसित किया जाएगा। यह वेब आधारित डाटा अपलोड प्रबंधन प्रणाली सभी संबंधित विभागों में आयोजित होने वाले आयोजनों से संबंधित स्थिति की निगरानी का प्लैटफॉर्म प्रदान करेगा, जिसमें पोर्टल पर आयोजनों की फोटो और वीडियो अपलोड करने के साथ-साथ उनकी दैनिक गतिविधियों के दस्तावेजों को ऑनलाइन सब्मिट करने की पूरी प्रक्रिया शामिल है।

यह संबंधित विभागों में आयोजित होने वाले दैनिक क्रियाकलापों की स्थिति की निगरानी के काम को सरल बनाने का एक तरीका है। इस प्रणाली के माध्यम से इवेंट रिकॉर्ड की स्थिति को बनाए रखना और उन्हें खोजना आसान हो जाएगा। परियोजना का उद्देश्य प्रभावी निगरानी में परिचालन दक्षता, समन्वय, पहुंच, रिपोर्टिंग और गति में सुधार करना है।

इन सुविधाओं से किया जाएगा वेब बेस्ड डाटा अपलोड मैनेजमेंट सिस्टम को युक्त

  • अपलोड प्रक्रिया की प्रभावी ढंग से निगरानी और प्रबंधन के लिए एक व्यापक डैशबोर्ड प्रदान करेगा।
  • नियुक्त नोडल अधिकारियों की रोल बेस्ड एक्सेसिबिलिटी के साथ ही यह वीडियो और फोटोग्राफ और टिप्पणियों/टिप्पणियों की अपलोड प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने का कार्य करेगा।
  • एक केंद्रीकृत मंच के तौर पर कार्य करते हुए यह रियल टाइम के आंकड़ों के माध्यम से निर्णय लेने में सुधार करेगा।
  • निगरानी के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफ़ेस प्रदान करेगा तथा रियल टाइम बेस्ड ट्रैकिंग, अपलोड को सक्षम करेगा।
  • विस्तृत ड्रिलडाउन रिपोर्ट (डाटा विश्लेषण की एक प्रक्रिया) के माध्यम से जवाबदेही में वृद्धि करने में सहायक होगा।
  • डाटा सबमिट होने के बाद, सिस्टम यह संकेत देगा कि इसे सबमिट कर दिया गया है, बशर्ते सभी सत्यापन और शर्तें पूरी हों। संकलित रिपोर्ट स्वचालित रूप से विभाग और व्यवस्थापक दोनों स्तरों पर डैशबोर्ड पर प्रदर्शित की जाएंगी।
  • डोमेन को अधिक सुरक्षित वातावरण के लिए एचटीटीपीएस पर संचालित करने के लिए एसएसएल सर्टिफिकेशन के साथ पंजीकृत किया जाएगा।
  • सॉफ्टवेयर को एमईआईटी-वाई पैनल वाले क्लाउड सर्वर पर तैनात किया जाएगा। एमआईएस रिपोर्ट डैशबोर्ड में समग्र विश्लेषण, विभागवार रिपोर्ट और पाई चार्ट और बार चार्ट के साथ अन्य आवश्यक रिपोर्टिंग शामिल होगी।
  • रिपोर्ट डेटा को एमएस एक्सेल प्रारूप में डाउनलोड करने का विकल्प होगा। प्रत्येक स्तर पर किए गए सभी कार्यों को रिकॉर्ड किया जाएगा तथा ऑडिट ट्रेल बनाए रखा जाएगा। इसके साथ ही, विभिन्न प्रकार की रिपोर्टों को कलर कोडिंग करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
  • विशेष अभियान के अंतर्गत आयोजित किए गए कार्यक्रमों की जिलेवार तथा विभागवार इवेंट स्टेटस व डेली रिपोर्ट के संकलन, फोटोग्राफ अपलोडिंग डीटेल्स समेत विभिन्न प्रकार के स्टैटिस्टिक डाटा के संकलन का मार्ग प्रशस्त होगा।

उपचुनाव को लेकर सीएम योगी ने की अहम बैठक: सीएम ने उपचुनाव को जीतने के लिए तय की मंत्रियों और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां

  • हर सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का सीएम ने दिया मंत्र
  • सीएम ने बूथ स्तर तक चुनाव प्रबंधन को मजबूती से संभालने के दिये निर्देश
  • उन्होंने कहा- उपचुनाव जीतना केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि जनता के विश्वास की जीत होगी
  • सीएम ने कहा: चौपाल के माध्यम से जनता की समस्याओं को समझा जाए और उनका समाधान किया जाए साथ ही प्रभारी मंत्री और पदाधिकारी उन जिलों में अधिक समय बिताएं जहां उपचुनाव हो रहे हैं
  • इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी

लखनऊ, 19 अक्टूबर। प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री, जिलों के प्रभारी मंत्री और भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उपचुनाव को लेकर व्यापक विचार विमर्श हुआ और रणनीतियां तैयार की गईं। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी 9 सीटों पर उपचुनाव को जीतने के लिए मंत्रियों और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित किया।

हर सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा से जुटें

बैठक के दौरान मंत्रियों और पदाधिकारियों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया गया। यह भी तय हुआ कि उपचुनाव में पार्टी का कोई भी नेता अपने निर्धारित क्षेत्र में जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में कोई कमी न छोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपचुनाव जीतना केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि जनता के विश्वास की जीत होगी, इसलिए हर सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया जाना चाहिए।

बूथ स्तर पर सटीक प्रबंधन और निगरानी आवश्यक

सीएम योगी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक चुनाव प्रबंधन को मजबूती से संभालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में हर सीट महत्वपूर्ण है और इसके लिए बूथ स्तर पर सटीक प्रबंधन और निगरानी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहने और जमीनी स्तर पर लोगों के बीच जाकर चौपाल लगाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि चौपाल के माध्यम से जनता की समस्याओं को समझा जाए और उनका समाधान किया जाए जिससे लोगों का विश्वास पार्टी में बढ़े।

लोगों से सीधा संवाद स्थापित करें

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि प्रभारी मंत्री और पदाधिकारी उन जिलों में अधिक समय बिताएं जहां उपचुनाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित करें, उनकी समस्याओं को सुनें और त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। जिलों के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चुनावी तैयारियों को और सुदृढ़ किया जाए।

प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी पार्टी की तैयारियों का जायजा लिया

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी पार्टी की तैयारियों का जायजा लिया और सभी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी 9 सीटों के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी। चौधरी ने विश्वास जताया कि पार्टी न सिर्फ 9 घोषित सीटों पर विजय प्राप्त करेगी बल्कि जल्द ही दसवीं सीट भी घोषित होगी और वह भी भाजपा के खाते में ही जाएगी।

इन सीटों पर होना है उपचुनाव

बता दें कि जिन 10 सीटों पर उपचुनाव होने हैं उसमें 5 सपा और 5 एनडीए गठबंधन के पास थी। बीजेपी के खाते में 3 सीट थी। एक आरएलडी के पास थी और एक निषाद पार्टी के पास थी। कटेहरी, करहल, सीसामऊ, कुंदरकी सीट सपा ने 2022 में जीती थी। अयोध्या की मिल्कीपुर सीट भी सपा के खाते में थी। जिस पर अभी तारीख नहीं आई है। इसके अलावा फूलपुर, मझवां, गाजियाबाद सदर, खैर, मीरापुर सीट पर उपचुनाव होना है। बैठक में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सूर्यप्रताप शाही समेत राज्य के वरिष्ठ मंत्री और प्रभारी मंत्री समेत भाजपा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

महाकुम्भ-2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनूठी पहल से जीवंत हुईं संगम नगरी की दीवारें

  • 10 लाख स्क्वायर फीट से बड़े क्षेत्र में उकेरी जा रही सनातन संस्कृति
  • देशभर के कलाकार दिन-रात जुटकर कुंभ नगरी को दे रहे नया रूप
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलाकारों ने की जमकर प्रशंसा, दिया धन्यवाद

प्रयागराज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनूठी पहल ने संगम नगरी को एक बड़े कैनवास में तब्दील कर दिया है। महाकुंभ- 2025 के लिए प्रयागराज की दीवारों को धर्म, संस्कृति और आस्था के रंगों से सराबोर किया जा रहा है। प्रयागराज और देशभर से आए कलाकार दिन-रात सनातन धर्म से जुड़े प्रतीकों को दीवारों पर उकेर रहे हैं। 10 लाख स्क्वायर फीट से भी बड़े क्षेत्र में महाकुंभ-2025 के लिए पेंटिंग्स तैयार की जा रही हैं।

इंदौर की अर्चना जाधव की 70 लोगों की टीम दिन-रात दीवारों पर पेंटिंग बनाने में जुटी है। अर्चना अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रयागराज आ गई थीं। वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि योगी जी की ओर से यह ऐसा कार्य कराया जा रहा है, जो दिव्य भी है और नव्य भी है। उनकी टीम म्यूरल पेंटिंग, 3डी आर्ट, मधुबनी आर्ट आदि पर काम कर रही है। नटराज की नृत्य करती 108 मुद्राएं भी उनकी टीम ने दीवारों पर बनाई हैं।

अर्चना बताती हैं कि रामायण को दीवारों पर उकेरा जा रहा है। भगवान राम, माता सीता, हनुमान आदि को दर्शाते हुए पूरी रामायण दीवारों पर बनाई जा रही है। फाइन आर्ट्स के स्टूडेंट्स के अलावा कुछ मूक-बधिर युवा भी दीवारों पर पेंटिंग बना रहे हैं। अर्चना की टीम विशेष रूप से सनातन संस्कृति को बढ़ावा देते चित्रों को बना रही है। अर्चना बताती हैं कि नवंबर के अंत तक वो अपनी पेंटिंग्स को पूरा कर लेंगी। अर्चना की टीम में प्रयागराज के अलावा सुल्तानपुर, अयोध्या, बनारस, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के छात्र काम में जुटे हुए हैं। सभी को पारिश्रमिक मिलता है।

पुणे के अमित दरस्तवार महाकुंभ मेला क्षेत्र में दीवारों पर सनातन के प्रतीकों की पेंटिंग्स बना रहे हैं। उनकी 10 लोगों की टीम गंगा माता, जीव-जंतुओं, साधुओं की रियलिस्टिक पेंटिंग, वाद्य यंत्र, हिंदू धर्म के चिन्ह आदि पर काम कर रहे हैं। अमित की टीम ने मेला प्राधिकरण के कार्यालय की दीवारों पर बेहद सुंदर चित्र बनाए हैं। समुद्र मंथन, सप्त ऋषि आदि की पेंटिंग भी दीवारों के साथ फ्लाईओवर, पिलर्स पर बनाई जा रही हैं। दीवारों पर पेंटिंग्स कितने दिनों तक सुरक्षित रहेंगी, के सवाल पर अर्चना जाधव कहती हैं कि दो साल तक पेंटिंग्स अपने मूल स्वरूप में बनी रह सकती हैं, यदि लोग उन्हें नुकसान न पहुंचाएं।वैसे यह पेंटिंग्स पांच साल तक भी सुरक्षित रहेंगी, यदि इनका सही से रख-रखाव किया जाए।

संगम नगरी की दीवारों को जीवंत कर रहे अर्चना, अमित, अनामिका, सुभाषना, नेहा जैसे युवा कलाकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब देश-दुनिया से श्रद्धालु महाकुंभ में आएंगे तो सनातन संस्कृति, रामायण, भगवान राम, श्रीकृष्ण, भोलेनाथ, सनातन संस्कृति, हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीकों को देखकर योगी जी का ह्रदय की गहराइयों से धन्यवाद देंगे।

2019 में अर्द्ध कुंभ में गिनीज बुक में दर्ज हुआ था पेंटिंग का रिकॉर्ड

वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर अर्द्ध कुंभ के दौरान भी हजारों छात्रों, आम नागरिकों और पेंटर्स ने 8 घंटे तक लगातार पेंटिंग वॉल पर हाथों के रंग-बिरंगे छाप से ‘जय गंगे’ थीम की पेंटिंग बनाई थी, जो गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड दर्ज हुआ था।