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श्री हनुमान टेकरी धाम के गेट में 14 अक्टूबर को हुई तोड़फोड़ में भूमाफिया अमरेन्द्र यादव का खास गुर्गा गोरे तिवारी गिरफ्तार

लखनऊ: लखनऊ के प्रसिद्ध श्री हनुमान टेकरी धाम में बीते 14 अक्टूबर को हुई गेट तोड़फोड़ और उपद्रव की घटना ने सनसनी फैला दी। यह घटना उस समय घटी, जब टेकरी धाम में वार्षिक भंडारे का आयोजन हो रहा था। घटना के संबंध में टेकरी धाम के महंत श्री रामेश्वर दास जी की तहरीर पर सैदापुर निवासी गोरे तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

गुंडागर्दी के पीछे भूमाफिया अमरेन्द्र यादव का हाथ

बताया जा रहा है कि गोरे तिवारी, जो सैदापुर का निवासी है, भूमाफिया अमरेन्द्र यादव का खास गुर्गा है। गोरे तिवारी ने 14 अक्टूबर को श्री हनुमान टेकरी धाम के गेट को तोड़ा और उत्पात मचाया। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोरे तिवारी और उसके साथी शराब और पैसे के बल पर इस तरह के उपद्रवों को अंजाम देते हैं। यह घटना उस समय हुई जब धाम में भंडारा चल रहा था और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद थी।

पुलिस की मुस्तैदी से उपद्रवी हुए गिरफ्तार

सैरपुर थाना पुलिस की तत्परता से इस मामले में कार्रवाई की गई। पुलिस ने समय रहते उपद्रवियों की पहचान कर ली और मामले में सख्त कदम उठाए। गोरे तिवारी के खिलाफ महंत रामेश्वर दास जी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सैरपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि गोरे तिवारी को भूमाफिया अमरेन्द्र यादव का खास गुर्गा माना जाता है और वह अक्सर उसके लिए गुंडागर्दी करता है।

स्थानीय जनता में रोष, पुलिस पर भरोसा

इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। श्रद्धालु और टेकरी धाम के भक्त इस कृत्य से नाराज हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। टेकरी धाम के भक्तों ने पुलिस की मुस्तैदी की सराहना की और कहा कि पुलिस ने समय रहते सही कार्रवाई की जिससे बड़ा हादसा टल गया।

टेकरी धाम की सुरक्षा बढ़ाई गई

इस घटना के बाद से श्री हनुमान टेकरी धाम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास गश्त बढ़ा दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। साथ ही, स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए टेकरी धाम में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

श्री हनुमान टेकरी धाम में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को झकझोर दिया है। हालांकि, पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई ने इस स्थिति को और गंभीर होने से बचा लिया। गोरे तिवारी और उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और उम्मीद है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में नहीं होंगी।

लखनऊ में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिका और कनाडा के नागरिकों से लाखों की ठगी, 12 गिरफ्तार

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लखनऊ: राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के वृंदावन योजना में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को भंडाफोड़ किया है। इस कॉल सेंटर में काम करने वाले आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों से ठगी कर चुके थे। साइबर क्राइम सेल, सर्विलांस टीम और पीजीआई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो तकनीक का दुरुपयोग कर विदेशी नागरिकों से लाखों रुपये ठग चुके थे।

डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना पीजीआई के वृंदावन योजना सेक्टर 18 में एवरेस्ट एनक्लेव के फ्लैट नंबर 201 में यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। सूचना के आधार पर साइबर क्राइम सेल और क्राइम ब्रांच पूर्वी जोन की टीम ने पीजीआई पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की और इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मौके से कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें कॉल सेंटर का सुपरवाइजर मोहन श्याम शर्मा भी शामिल है।

ऐसे करते थे ठगी: तकनीकी धोखाधड़ी का खुलासा

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि ये ठग विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर सिस्टम में सॉफ्टवेयर के जरिए पॉप-अप एरर और बग डालते थे, जिससे सिस्टम में रुकावट आ जाती थी। इसके बाद ठगों द्वारा दिए गए नंबर पर विदेशी नागरिक कॉल करते थे। इसके बाद, ठग X-Lite और eyeBeam सॉफ्टवेयर का उपयोग करके अल्ट्राविया एप्लिकेशन के जरिए सिस्टम को ठीक करने के नाम पर विदेशी कस्टमरों का एक्सेस कंट्रोल कर लेते थे। इस प्रक्रिया के जरिए या फिर धोखे से गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टो करेंसी, और अन्य माध्यमों से लाखों रुपए की ठगी की जाती थी।

पुलिस ने जब्त किए उपकरण

पुलिस ने छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर से कई लैपटॉप, टैबलेट, फाइबर यूनिट राउटर, हेडफोन, माउस और 17 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह गिरोह पहले दिल्ली, गुड़गांव, और नोएडा में ठगी का कारोबार चला रहा था और तीन महीने पहले ही लखनऊ के इस फ्लैट में ठगी का नेटवर्क शुरू किया था। गिरफ्तार सभी आरोपी naukri.com और अन्य वेबसाइट के जरिए भर्ती किए गए थे और वे मोटी सैलरी लेकर इस ठगी के धंधे में शामिल थे।

फर्जी कॉल सेंटर का बड़ा नेटवर्क

डीसीपी शशांक सिंह ने कहा कि यह गिरोह पूरी तरह से संगठित है और इसके तार कई अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है, जो लखनऊ से बाहर भी ठगी के इस नेटवर्क को चला रहे हो सकते हैं।

गौतम बुद्ध नगर: तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में 160 शिकायतें दर्ज, 08 का मौके पर निस्तारण

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  • 160 शिकायतें दर्ज, 08 का मौके पर निस्तारण तीनों तहसीलों में
  • सदर तहसील में 08 शिकायतें, 01 का मौके पर हल
  • दादरी तहसील में 115 शिकायतें, 04 का निस्तारण मौके पर
  • जेवर तहसील में 37 शिकायतें, 03 का मौके पर निस्तारण
  • जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अधिकारियों को त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
  • शिकायतों का समाधान सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा
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गौतम बुद्ध नगर: जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जनपद की तीनों तहसीलों – सदर, दादरी, और जेवर में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 160 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 08 शिकायतों का निस्तारण विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही सुनिश्चित किया गया।

तहसील संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (DM) मनीष कुमार वर्मा ने तहसील सदर में कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिलाधिकारी ने जनता की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर शिकायत का निस्तारण शीघ्र और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों के निस्तारण में देरी होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सदर तहसील: 08 शिकायतें दर्ज, 01 का मौके पर निस्तारण

तहसील सदर में आयोजित समाधान दिवस में कुल 08 शिकायतें विभिन्न विभागों से संबंधित दर्ज की गईं। इनमें से एक शिकायत का समाधान मौके पर ही किया गया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अधिकारियों से जनता की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए तत्परता दिखाने की अपील की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी शिकायतें समाधान दिवस में प्राप्त हो रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।

दादरी तहसील: 115 शिकायतें दर्ज, 04 का निस्तारण

दादरी तहसील में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन अपर जिलाधिकारी (ADM) वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार की अध्यक्षता में हुआ। यहां जनता की कुल 115 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 04 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है, और सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की शिकायतों का शीघ्र और सटीक निस्तारण सुनिश्चित करें।

जेवर तहसील: 37 शिकायतें दर्ज, 03 का निस्तारण

जेवर तहसील में उप जिलाधिकारी (SDM) अभय कुमार सिंह की अध्यक्षता में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 37 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 03 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही किया गया।
उप जिलाधिकारी ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जनता की हर शिकायत को गंभीरता से लें और समस्याओं का समाधान त्वरित गति से सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

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जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे शिकायतों का समाधान समयबद्ध ढंग से करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं के निस्तारण को लेकर बेहद गंभीर हैं और इस प्रक्रिया में देरी या लापरवाही किसी भी सूरत में क्षम्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी शिकायतें संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाएं और उनका निस्तारण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए ताकि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति का आसानी से पता लगा सकें।

संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य

तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। इस पहल के तहत हर महीने जिला स्तर पर समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी जनता की शिकायतें सुनते हैं और उनका निस्तारण करते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य सरकार की पारदर्शिता और जनता के प्रति उत्तरदायित्व को मजबूत करना है।

प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रमुख रूप से प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी शिव प्रताप प्रमेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर चारुल यादव, तहसीलदार सदर अजय कुमार सिंह, नायब तहसीलदार सदर रामकृष्ण त्रिपाठी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित निस्तारण के प्रयास किए।

रामरक्षा यंत्र: अयोध्या में रामरक्षा यंत्र विमोचन कार्यक्रम संपन्न

  • रामलला का प्रथम पाटोत्सव: 22 जनवरी 2025 को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का पहला वर्ष पूरा होगा।
  • सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र पाठ: रामरक्षा यंत्र की शक्ति को बढ़ाने के लिए अयोध्या में सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र का पाठ होगा।
  • रामरक्षा यंत्र का विमोचन: शोधित रामरक्षा यंत्र रामलला के प्रथम पाटोत्सव के बाद सनातनी भक्तों को प्रदान किया जाएगा।
  • वास्तु दोष से सुरक्षा: रामरक्षा यंत्र में अंकित दिशाएं वास्तु दोष से सुरक्षा प्रदान करती हैं।

अयोध्या: श्रीरामलला अयोध्या जी सेवा समिति के तत्वाधान में शनिवार को टेढ़ीबाजार चौराहा स्थित अरूंधति हाल में रामरक्षा यंत्र विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास शास्त्री समेत कई प्रमुख संत मौजूद रहे। रामरक्षा यंत्र को रामलला के प्रथम पाटोत्सव के बाद सभी सनातनी भक्तों के लिए उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई।

महंत राजू दास ने अपने संबोधन में कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का पहला वर्ष 22 जनवरी 2025 को पूरा होगा। इस अवसर पर अयोध्या में सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया जाएगा। इसके बाद हवन-पूजन से शोधित रामरक्षा यंत्र सनातन धर्मियों तक पहुंचाया जाएगा। यह यंत्र वास्तु दोष से सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ आध्यात्मिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा।

समिति के अनुसार रामरक्षा यंत्र के लिए पहले से बुकिंग शुरू हो जाएगी और सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र के पाठ पूरे होने के बाद इसे वितरित किया जाएगा। रामरक्षा यंत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. आचार्य राजानंद शास्त्री ने बताया कि यह यंत्र हर सनातनी के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगा, जिससे उनके जीवन का कल्याण होगा।

उत्तराखंड महापरिषद के पूर्व अध्यक्ष की स्मृति में टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, 12 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला

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  • स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में उत्तराखंड महापरिषद द्वारा टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ आयोजन
  • लखनऊ की 12 टीमों ने नॉकआउट मैच में हिस्सा लिया, 6 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं
  • विजेता टीम को ₹21,000 और ट्रॉफी, जबकि उपविजेता टीम को मिलेगा ₹11,000 का नगद पुरस्कार

लखनऊ: उत्तराखंड महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन शनिवार को सहारा स्टेट क्रिकेट स्टेडियम, जानकीपुरम में किया गया। टूर्नामेंट का शुभारंभ उत्तर प्रदेश रणजी टीम के स्टार क्रिकेटर हिमांशु असनौरा द्वारा किया गया। इस दौरान स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की पत्नी हीरा बिष्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। इस टूर्नामेंट का आयोजन महापरिषद के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में किया गया, जो उत्तराखंड महोत्सव के अंतर्गत आयोजित हो रहा है। यह महोत्सव 09 नवंबर से 18 नवंबर 2024 तक गोमती नगर, लखनऊ में होने जा रहा है। क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन 19 और 20 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे से शाम 5 बजे तक किया गया।

टी-10 टूर्नामेंट की शुरुआत और आयोजन

राष्ट्रीय गीत से उद्घाटन समारोह की शुरुआत हुई, जिसके बाद स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर महापरिषद के संयोजक दीवान सिंह अधिकारी, अध्यक्ष हरीश चन्द्र पंत, महासचिव भरत सिंह बिष्ट और कई अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद थे। दर्शकों की भारी उपस्थिति में पहला नॉकआउट राउंड खेला गया, जिसमें लखनऊ की 12 टीमों ने हिस्सा लिया।

नॉकआउट राउंड के नतीजे

पहले दिन के मैचों में 12 टीमों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें से 6 टीमें बाहर हो गईं। सेमीफाइनल और फाइनल मैच रविवार, 20 अक्टूबर को आयोजित किए जाएंगे। जो टीमें सेमीफाइनल में पहुंची हैं, वे हैं: शिवानी विहार, न्यू इंडिया इंश्योरेंस, गेम चेंजर्स, गोमती नगर एक्सटेंशन, अल्मोड़ा अटैकर्स, और ओमेक्स अर्जुनगंज। सेमीफाइनल मुकाबले का आरंभ रविवार को प्रातः 7 बजे से होगा।

विजेता टीम को बड़ा इनाम

टी-10 टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के विजेता को ट्रॉफी के साथ ₹21,000 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि द्वितीय स्थान पर रहने वाली टीम को ₹11,000 का नगद पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा, मैन ऑफ द मैच समेत अन्य खिलाड़ियों को भी पुरस्कार से नवाजा जाएगा। टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कन्नौज महापरिषद के एक सशक्त प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो उत्तराखंड के दिवंगत नेता स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में खेलों को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखता है। इस टूर्नामेंट में लखनऊ के खेल प्रेमियों के लिए यह एक रोमांचक अवसर बन गया है, जहां शहर की प्रतिष्ठित टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी।