Home Blog Page 97

भारत में 1000 करोड़ क्लब में एंट्री ‘धुरंधर’ की, रणवीर सिंह का चारों ओर जलवा

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं और इस समय उनकी फिल्म धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. धुरंधर को सिनेमाघरों पर रिलीज हुए 2 महीने होने वाले हैं और अभी भी ये बॉक्स ऑफिस पर टिकी हुई है और अच्छी कमाई कर रही है. धुरंधर ने कई फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और अब एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.

सनी देओल की बॉर्डर 2 इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर छाई हुई है. बॉर्डर 2 की आंधी में भी ये फिल्म कमाई करने में सफल हो रही है. धुरंधर अब इंडिया में 1000 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई है और बाहुबली 2 के क्लब में आ गई है.

1000 करोड़ के क्लब में शामिल

रणवीर सिंह की धुरंधर ने दुनियाभर में गर्दा उड़ा दिया है. अब फिल्म के दूसरे पार्ट का हर किसी को इंतजार है. इसी बीच 1000 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई है. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक धुरंधर ने इंडिया में ग्रॉस 1000 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है. इस लिस्ट में अभी तक कोई भी बॉलीवुड फिल्म शामिल नहीं थी. पहले नंबर पर बाहुबली 2 1417 करोड़ के साथ अपनी जगह बनाए बैठी है. दूसरे नंबर पर केजीएफ चैप्टर 2-1001 करोड़, तीसरे नंबर पर पुष्पा 2- 1471 करोड़ और चौथे नंबर पर धुरंधर ने अपनी जगह बना ली है.

धुरधंर ने इंडिया में जबरदस्त कमाई की है. ये साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है. जिसने भी इस फिल्म को देखा है वो इसकी तारीफ जरुर कर रहा है.

ओटीटी पर कब होगी रिलीज

धुरंधर की ओटीटी रिलीज की बात करें तो ये 30 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है. फैंस को अब 2-3 दिन का इंतजार ही बस करना पड़ेगा. ये फिल्म जल्द ही ओटीटी पर भी धमाल मचाएगी.

धुरंधर की बात करें तो इसे आदित्य धर ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर माधवन अहम किरदार निभाते हुए नजर आए हैं.

Health News:HIV का इलाज क्यों नहीं मिल पाया? समझिए ‘बहरूपिया वायरस’ कहे जाने की वजह

हर साल वर्ल्ड एड्स डे पर दुनिया भर में एचआईवी महामारी को खत्म करने की अपील की जाती है, लेकिन सवाल आज भी वही है. इतनी वैज्ञानिक तरक्की के बावजूद एचआईवी का इलाज अब तक क्यों नहीं मिल पाया है. दरअसल एचआईवी को सबसे खतरनाक वायरस इसलिए माना जाता है क्योंकि यह शरीर के इम्यून सिस्टम को ही अपना निशाना बनाता है और बार-बार रूप बदलकर दवाओं को चकमा दे देता है. एचआईवी वायरस शरीर की सीडी 4 प्लस टी सेल पर हमला करता है, जो हमें बीमारियों से बचाने का काम करती है. जैसे- जैसे ये कोशिकाएं खत्म होती जाती है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती जाती है. यही स्थिति आगे चलकर एड्स का रूप ले लेती है, जहां मामूली इंफेक्शन भी जानलेवा हो सकता है.

HIV तेजी से रूप बदलने वाला बहरूपिया वायरस

HIV दुनिया के सबसे तेजी से म्यूटेशन करने वाले वायरस में शामिल है. हर बार जब यह अपनी कॉपी बनाता है, तो उसमें छोटे-छोटे बदलाव हो जाते हैं. इसी वजह से एक वैक्सीन उसके हर रूप पर असर नहीं कर पाती है. यही कारण है कि HIV को बहरूपिया वायरस कहा जाता है. HIV की सबसे बड़ी ताकत इसकी छिपने की क्षमता है. यह वायरस आंत, दिमाग और लिम्फ नोड्स जैसी जगहों पर निष्क्रिय अवस्था में छिपा रह सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में लेटेंट रिजर्वॉयर कहा जाता है. वहीं एआरटी दवाएं सिर्फ सक्रिय वायरस को कंट्रोल करती है, लेकिन छिपे हुए वायरस पर उनका असर नहीं होता है. इसके अलावा दवा बंद होते ही यही वायरस दोबारा एक्टिव हो जाता है.

इलाज नहीं, सिर्फ कंट्रोल संभव

एचआईवी के इलाज को लेकर दो तरह के टारगेट पर काम चल रहा है. पहला स्टेरलाइजिंग क्योर, जिसमें शरीर से वायरस पूरी तरह खत्म हो जाए और फंक्शनल क्योर, जिसमें वायरस मौजूद रहे लेकिन कभी सक्रिय न हो. वहीं फिलहाल कुछ बहुत दुर्लभ मामलों को छोड़ दें, तो एचआईवी का पूर्ण इलाज संभव नहीं हो पाया है. एआरटी दवाएं वायरस को अनडिटेकटेबल लेवल तक जरूर ले जाती है, लेकिन शरीर से पूरी तरह खत्म नहीं कर पाती है.

रिसर्च और फंडिंग भी बड़ी चुनौती

एचआईवी पर रिसर्च जारी है, लेकिन कई बार फंडिंग की कमी और दूसरी महामारियों की वजह से इसका शोध पीछे चला जाता है. यही कारण है कि HIV Cure की दिशा में तेज और निरंतर प्रगति नहीं हो पाई है. वहीं एचआईवी के शुरुआती लक्षण अक्सर नॉर्मल वायरल जैसे होते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Travel Tips:लास्ट मिनट ट्रिप का है प्लान? भारत की ये 5 जगहें बना देंगी आपकी छुट्टियां यादगार

अक्सर लोग घूमने की प्लानिंग करते हैं, तो कुछ लोग दोस्त और फैमिली के साथ घूमना पसंद करते हैं। कई लोग लास्ट मिनट घूमने का प्लान बना लेते हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं और लास्ट मिनट ट्रिप प्लान करते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। दरअसल, भारत में ऐसी कई जगहें हैं, जहां पर बिना ज्यादा प्लानिंग के भी अपनी ट्रिप को यादगार बना सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप जा सकते हैं।

जीरो वैली

अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह की तलाश कर रही हैं, तो आप अरुणाचल प्रदेश का जीरो वैली एकदम परफेक्ट डेस्टिनेशन होगा। यहां पर हरियाली, चारों ओर पहाड़, खेत और ठंडी हवाएं आपको सुकून दिलाएंगी। यहां का मौसम ठंडा लेकिन सुकून भरा रहता है। यहां पर आने के बाद आपको चाय की चुस्की का मजा जरूर लेना चाहिए

रण ऑफ कच्छ

सर्दियों में रण ऑफ कच्छ किसी जादू से कम नहीं है। यहां पर चारों ओर सफेद नमक की जमीन और ऊपर खुला आसमान देखने में काफी सुंदर लगता है। ऐसे में अगर आप दिसंबर में गुजरात जाना चाहें, तो आराम से जा सकती हैं। इस समय यहां का मौसम काफी ज्यादा अच्छा रहता है। खास बात यह है कि आपको भारी-भरकम वूलेन कपड़े भी नहीं पैक करने पड़ेंगे।

अंडमान एंड निकोबार आईलैंड्स

अगर आप सबसे खूबसूरत जगह ढूंढ रही हैं और आपको दूर जाने में दिक्कत नहीं है, तो आपको अंडमान जाना चाहिए। नीला पानी, सुकून और सफेद रेत आपको यहां पर सब मिलेगा। आप यहां पर स्नॉर्कलिंग, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी में हिस्सा ले सकती हैं। चाहें तो यहां पर बीच पर बैठकर रिलैक्स कर सकती हैं।

वर्कला

अगर आपको सिर्फ समंदर देखना है और पार्टी नहीं करनी है, तो केरल का वर्कला आपके लिए बेस्ट ऑप्शन होगा। यहां समुद्र के किनारे ऊंची-ऊंची चट्टानें हैं। जिन पर कैफे बने हुए हैं। सुबह के समय मेडिटेशन, दिन में बीच वॉक और शाम को कैफे में बैठकर सनसेट का नजारा देख सकते हैं। यह सब आपको जन्नत में होने का एहसास दिलाएगा।

पुष्कर

राजस्थान की गिनती तो वैसे सबसे खूबसूरत राज्यों में होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जो खूबसूरती की मिशाल पेश करते हैं। हालांकि आमतौर पर लोग उदयपुर, जयपुर और जैसलमेर घूमने के लिए जाते हैं। लेकिन आप चाहें तो इस ट्रिप में आप पुष्कर एक्सप्लोर कर सकते हैं। भले की यह छोटा शहर है, लेकिन यहां पर आपको भरपूर शांति मिलेगी। पुष्कर घाट, ब्रह्मा मंदिर और झील के लिए जाना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान

फ्लाइट और होटल आदि पहले से चेक कर लें।

बहुत ज्यादा चीजें प्लान न करें।

सिर्फ अच्छा और आराम फील करने पर ज्यादा ध्यान दें।

पहले सोमवार ‘बॉर्डर 2’ का तूफान, ‘पुष्पा 2’ से ‘गदर 2’ तक के रिकॉर्ड टूटे

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर पूरा देश देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा. वहीं सनी देओल की हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ इस गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है. 1997 में आई कल्ट क्लासिक बॉर्डर की इस सीक्वल का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है.

ये फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है और इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे शानदार कलाकारों की टोली है, जिन्होंने अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों का दिल छू लिया. इसी के साथ ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर धाक जमा ली है और ये नोट छापने की मशीन बन चुकी है. इसी के साथ चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के चौथे दिन यानी पहले मंडे को कितनी कमाई की है?

‘बॉर्डर 2’ ने चौथे दिन कितनी की कमाई?
‘बॉर्डर 2’ के रंग में पूरा देश रंग चुका है और इसी के साथ इस फिल्म को देखने के लिए थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ उमड़ी हुई है. इस फिल्म लगातार चार दिनों से धमाकेदार एडवांस बुकिग हो रही है नतीजतन फिल्म जमकर नोट भी कमा रही है. फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो इसने 30 करोड़ के साथ खाता खोला था. फिर दूसरे दिन शनिवार को इसने 36.5 करोड़ कमाए और तीसरे दिन संडे को इसका कलेक्शन 54.5 करोड़ रुपये रहा. इसी के साथ इसने ओपनिंग वीकेंड पर 121 करोड़ जुटा लिए थे. वहीं चौथे दिन गणतंत्र दिवस होने की वजह से इस फिल्म की कमाई में एक बार फिर जबरदस्त तेजी देखी गई है.

  • सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के चौथे दिन यानी पहले मंडे को 59 करोड़ कमा लिए हैं.
  • इसी के साथ ‘बॉर्डर 2’ की 4 दिनों की कुल कमाई अब 180 करोड़ रुपये हो गई है.

पहले मंडे  बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म 
‘बॉर्डर 2’ ने पहले मंडे को रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर इतिहास रच दिया है. इसी के साथ ये फर्स्ट मंडे सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. इसने पुष्पा 2 से लेकर छावा, धुंरधर, पठान, जवान तक तमाम बड़ी फिल्मों को धोकर रख दिया है. सैकनिल्क के मुताबिक फर्स्ट मंडे सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टॉप 10 फिल्में ये हैं.

  • बॉर्डर 2- 59 करोड़ रुपये
  • टाइगर 3- 58 करोड़ रुपये
  • पुष्पा 2- 46.4 करोड़ रुपये
  • बाहुबली 2- 40.25 करोड़ रुपये
  • एनिमल- 40.06 करोड़ रुपये
  • गदर 2- 38.7 करोड़ रुपये
  • स्त्री 2- 38.1 करोड़ रुपये
  • टाइगर जिंदा है-36.54 करोड़ रुपये
  • हाउसफुल 4- 34.56 करोड़ रुपये
  • कृष 3-33.41 करोड़ रुपये
  • जवान- 30.5 करोड़ रुपये

‘बॉर्डर 2’ 200 करोड़ी बनने से इंचभर दूर
‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस कमाल किया हुआ है. रिलीज के चार दिनों में 180 करोड़ कमा चुकी ये फिल्म अब 200 करोड़ी बनने से इंचभर दूर है. बस 20 करोड़ और कमाते ही ये फिल्म इस मील के पत्थर को पार कर लेगी. फिल्म को मिल रहे पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ को देखते हुए मंगलवार को फिल्म 200 करोड़ी क्लब में एंट्री कर जाएगी. 

गिग वर्कर्स यूनियन का ऐलान: 26 जनवरी को ऐप सेवाएं रहेंगी बंद, 3 फरवरी को होगा प्रदर्शन

गिग और प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने देशभर के लाखों डिलीवरी पार्टनर्स, राइड-हेलिंग ड्राइवर्स और अन्य ऐप-बेस्ड वर्कर्स को एकजुट करने का बड़ा कदम उठाया है. यूनियन ने 26 जनवरी 2026 को पूरे देश में ऑनलाइन हड़ताल का आह्वान किया है, जिसमें वर्कर्स अपने ऐप बंद कर विरोध जताएंगे. इसके बाद 3 फरवरी को विभिन्न शहरों में सड़कों पर राष्ट्रव्यापी भौतिक प्रदर्शन होगा.

आंदोलन का नेतृत्व महिला गिग वर्कर्स करेंगी

खास बात यह है कि इस आंदोलन का नेतृत्व महिला गिग वर्कर्स करेंगी. यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था में महिलाओं का शोषण सबसे ज्यादा हो रहा है. कई महिला वर्कर्स को सर्विस देने के बाद  पैसे कम दिए जाते है, मारपीट का सामना करना पड़ता है, और जब वे कंपनी से शिकायत करती हैं तो AI सिस्टम बस टाइम पास करता है. अंत में उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती है और रोजगार छीन लिया जाता है. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, लेकिन सरकार चुप है.

जोमेटो हर महीने हजारों वर्कर्स टर्मिनेट कर देते हैं

यूनियन का आरोप है कि जोमेटो जैसे प्लेटफॉर्म्स हर महीने 5,000 से ज्यादा वर्कर्स को टर्मिनेट कर देते हैं. अर्बन कंपनी के वर्कर्स इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, जो मीडिया से बात करना चाहते हैं लेकिन डर के मारे चेहरा छुपाते हैं. क्या यह मौलिक अधिकारों का हनन नहीं है? वर्कर्स मजबूर होकर काम कर रहे हैं, फिर भी उनकी आवाज दबाई जा रही है.

सीमा सिंह ने बताया कि यूनियन ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. हाल ही में मंत्री मनसुख मांडविया ने 10 मिनट वाली इंस्टेंट डिलीवरी बंद करने की बात कही थी, लेकिन कोई लिखित आदेश या अधिसूचना नहीं आई. सरकार सिर्फ बातें करती है, लेकिन गिग वर्कर्स की असली समस्याओं आईडी ब्लॉकिंग, सुरक्षा, वर्कर स्टेटस पर चुप्पी साधे हुए है.

वर्कर्स की मुख्य शिकायतें क्या हैं?

मनमानी तरीके से आईडी ब्लॉकिंग और अनुचित रेटिंग सिस्टम

आय में लगातार कटौती, कमीशन बढ़ना और पारदर्शिता की कमी

ग्राहक शिकायतों पर वर्कर को सफाई देने का मौका न मिलना

डबल कैंसिलेशन पेनल्टी, टाइम कैप, बंडल बुकिंग और ऑटो-असाइन जैसी प्रणालियां

महिलाओं के लिए सुरक्षा की कमी, मासिक धर्म अवकाश और ‘रेड बटन’ इमरजेंसी फीचर की मांग

नई पॉलिसी या बदलाव से पहले वर्कर्स से कोई सलाह न लेना

यूनियन की प्रमुख मांगें

गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए अलग से एक मजबूत केंद्रीय कानून बनाया जाए

मनमानी आईडी ब्लॉकिंग और अनुचित रेटिंग पर तुरंत रोक

आय दरों में बढ़ोतरी, कमीशन कटौती पर लगाम

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकने के लिए आंतरिक शिकायत समितियां

पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र और वर्कर्स-अनुकूल पॉलिसी

GIPSWU सभी गिग वर्कर्स से की अपील

GIPSWU ने सभी गिग वर्कर्स चाहे जोमेटो, स्विगी, अर्बन कंपनी, ओला, उबर या किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े हों से अपील की है कि वे 26 जनवरी को ऐप बंद करके और 3 फरवरी को सड़क पर उतरकर एकजुट हों. साथ ही सांसदों, अन्य ट्रेड यूनियनों, महिला संगठनों और आम जनता से समर्थन मांगा है. यह सिर्फ हमारी लड़ाई नहीं है, यह पूरे डिजिटल इकोनॉमी के वर्कर्स की गरिमा और सुरक्षा की लड़ाई है. अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे और बड़े आंदोलन होंगे.