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आमजन को समर्पित है मेरा जीवन: एमएलसी पवन सिंह चौहान

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  • विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय समिति के सभापति का नागरिक अभिनंदन
  • पवन सिंह चौहान ने कहा, उनका जीवन आमजन की सेवा को समर्पित है
  • श्री चौहान मोदी-योगी के आत्मनिर्भर भारत मिशन पर काम कर रहे हैं
  • बीकेटी में संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने अभिनंदन समारोह आयोजित किया
  • एमएलसी श्री चौहान ने शिक्षा और रोजगार पर दो दशक से काम करने की बात भी कही

लखनऊ/बीकेटी: विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय बिलंब समिति के सभापति पवन सिंह चौहान ने मंगलवार को एक नागरिक अभिनंदन समारोह के दौरान कहा कि उनका जीवन आमजन की सेवा के लिए समर्पित है। चाहे वह देश में हों या विदेश में, उनका हृदय हमेशा बख्शी का तालाब के लोगों के लिए धड़कता है। बीकेटी (बख्शी का तालाब) के नागरिकों का उन पर विशेष अधिकार है, और वह हमेशा उनकी सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।

पवन सिंह चौहान ने इस कार्यक्रम में व्यापारियों और नगरवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय भारत के अमृत काल के रूप में जाना जाएगा, जिसमें देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। चौहान ने बताया कि वह पिछले दो दशकों से शिक्षा, संस्कार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि मेरा जीवन आमजन को समर्पित है।

यह समारोह बीकेटी के सोलर हाउस में आयोजित किया गया था, जिसका आयोजन संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल द्वारा किया गया। इस समारोह में नगर के प्रतिष्ठित व्यापारियों और प्रबुद्ध जनों ने हिस्सा लिया।

समारोह की मुख्य बातें

पवन सिंह चौहान के नागरिक अभिनंदन के मौके पर संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल, बीकेटी के अध्यक्ष वेद रत्न सिंह, उपाध्यक्ष विनोद अवस्थी और कौशल पति शुक्ला, महामंत्री इत्येन्द्र सिंह चौहान, महासचिव अभिषेक सिंह, और मीडिया प्रभारी प्रदीप सिंह ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके अलावा, बीकेटी के पटरी दुकानदारों ने भी एमएलसी पवन सिंह चौहान पर पुष्प वर्षा कर सम्मान प्रकट किया।

समारोह के दौरान समाजसेवी नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि एमएलसी पवन सिंह चौहान प्रदेश के कई जिलों में सरकारी कामकाज की समीक्षा करने के बाद लौटे हैं और बख्शी का तालाब का नाम पूरे प्रदेश में बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यह नागरिक अभिनंदन उनके समर्पण और निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने का एक सही अवसर था।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में कवि संदीप अनुरागी, समाजसेवी योगेंद्र शुक्ला, शिक्षाविद डॉ. सतेंद्र सिंह, भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह चौहान, बबलू सिंह और अरुण रावत समेत कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। समारोह की सफलता व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की भारी उपस्थिति के साथ सुनिश्चित हुई, और यह स्पष्ट रूप से दिखा कि पवन सिंह चौहान के नेतृत्व में क्षेत्र का विकास और प्रगति हो रही है।

लखनऊ: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने योजनाओं के शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

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  • मंत्री नरेंद्र कश्यप ने योजनाओं हेतु आवंटित धनराशि खर्च न करने पर अधिकारियों को लगायी कड़ी फटकार
  • ⁠मंत्री नरेंद्र कश्यप ने दिए योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश
  • विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार और जमीनी स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश
  • ⁠कम्प्यूटर प्रशिक्षण (ट्रिपल सी/ओ लेवल) के लाभार्थियों को बैंक खातों में शीघ्र भुगतान के निर्देश
  • ⁠शादी अनुदान और छात्रवृत्ति योजनाओं की समयबद्ध समीक्षा और भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश
  • ⁠विभागीय रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश
  • ⁠वेबसाइट की धीमी गति की समस्या का समाधान तत्काल करने के निर्देश
  • ⁠दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए मोबाइल कोर्ट और जागरूकता कार्यशालाओं का करे आयोजन
  • ⁠लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश
  • ⁠सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन करें सुनिश्चित
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लखनऊ: प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने मंगलवार को विधानसभा सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने, लंबित मामलों के निस्तारण और योजनाओं के प्रचार-प्रसार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर देरी अस्वीकार्य होगी और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर योजना का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने योजनाओं की धनराशि खर्च न करने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी और निर्देश दिया कि योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि समय से सदुपयोग करते हुए लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाये।

मंत्री कश्यप ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कम्प्यूटर प्रशिक्षण (ट्रिपल सी/ओ लेवल) के प्रशिक्षार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति पर जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सभी लाभार्थियों को उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में धनराशि शीघ्र हस्तांतरित की जाए। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2024-25 में शादी अनुदान योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, मंत्री ने समयबद्ध तरीके से सभी आवेदकों को भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

मंत्री ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं की जनपदवार स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया में कोई रुकावट न हो। उन्होंने कहा कि विभाग में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए ताकि योजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन में कोई बाधा न आए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए प्रेषित धनराशि की जानकारी जनपद और मण्डलीय अधिकारियों को भी समय पर दी जाए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। वेबसाइट की धीमी गति से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, उन्होंने अधिकारियों को इसका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा में, मंत्री कश्यप ने दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और उनके लिए अधिक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वर्ष 2024-25 के बजट के उपयोग की समीक्षा करते हुए विभागीय निर्माण कार्यों और संचालित विद्यालयों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के आदेश दिए।

मंत्री ने दिव्यांगजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मोबाइल कोर्ट की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि उनके मुद्दों का तुरंत निपटारा हो सके। इसके अलावा, उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कर उनकी भागीदारी और जागरूकता को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग के हितों में तत्परता से काम करें।

NFDP पर रजिस्ट्रेशन: राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से मत्स्य पालन को मिलेगा नया आयाम

  • मछली पालकों के लिए सरकारी योजनाओं का आसान रास्ता”
  • विभागीय वेबसाईट https://nfdp.dof.gov.in पर मत्स्य पलकों को करना होगा अपना रजिस्ट्रेशन
  • “NFDP के माध्यम से मछली पालन में नई तकनीक और वित्तीय सहायता प्राप्त करें”
  • “NFDP पर पंजीकरण से मछली पालकों को मिलेगी ऋण और सब्सिडी की सुविधाएं”
  • “मछली पालन में विकास के लिए NFDP पर निबंधन अनिवार्य, जानें इसके फायदे”

NFDP (National Fisheries Digital Platform) एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो मछली पालन (मत्स्य पालन) से जुड़े किसानों और व्यवसायियों को सरकार की योजनाओं, सेवाओं और संसाधनों से जोड़ने के लिए विकसित किया गया है। इस पोर्टल का उद्देश्य मछली पालन से संबंधित सभी जानकारी और सुविधाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है ताकि मछली पालक डिजिटल रूप से सशक्त हो सकें और अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें।

NFDP (National Fisheries Digital Platform) में निबंधन की प्रक्रिया

  1. NFDP की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले, NFDP की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। आप “National Fisheries Digital Platform” को गूगल पर सर्च कर सकते हैं या सीधे सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
  2. रजिस्ट्रेशन पेज पर जाएं: वेबसाइट के होमपेज पर आपको “पंजीकरण” या “रजिस्टर” का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करें।
  3. व्यक्तिगत जानकारी भरें: पंजीकरण फॉर्म में अपनी आवश्यक जानकारी भरें, जिसमें निम्नलिखित शामिल हो सकती हैं:
    • नाम
    • मोबाइल नंबर
    • ईमेल आईडी
    • आधार नंबर
    • बैंक खाता विवरण
    • मत्स्य पालन से जुड़ी जानकारी (जैसे तालाब या मछली की किस्में)
  4. आधार नंबर और OTP से सत्यापन: आपको अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद एक OTP आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा। इसे दर्ज कर सत्यापन करें।
  5. बैंक खाते की जानकारी: अगर आप सरकारी योजनाओं या सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने बैंक खाता विवरण को पंजीकरण फॉर्म में दर्ज करें ताकि भविष्य में कोई भी लाभ सीधे आपके खाते में ट्रांसफर किया जा सके।
  6. पंजीकरण फॉर्म सबमिट करें: सारी जानकारी सही ढंग से भरने के बाद पंजीकरण फॉर्म सबमिट कर दें। पंजीकरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद आपको एक यूनीक रजिस्ट्रेशन आईडी मिलेगी।

NFDP से जुड़े निबंधन के फायदे

  1. सरकारी योजनाओं का लाभ: NFDP पर पंजीकृत मछली पालक विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकते हैं, जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY), जो मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए है।
  2. मछली पालन में नई तकनीक और प्रशिक्षण: NFDP के माध्यम से मछली पालकों को मत्स्य पालन में नई तकनीकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी मिलती है। इसके अलावा, मछली उत्पादन में वृद्धि और गुणवत्ता सुधार के लिए ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध होते हैं।
  3. वित्तीय सहायता और ऋण: NFDP पर पंजीकरण के बाद मछली पालक को विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ मिल सकता है, जैसे मत्स्य पालन हेतु सस्ते ब्याज दरों पर ऋण। यह मछली पालन के विकास और विस्तार में मददगार साबित होता है।
  4. मत्स्य पालन का डिजिटलीकरण: यह प्लेटफॉर्म मछली पालकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाता है, जिससे वे अपने व्यापार को बड़े बाजारों तक पहुंचा सकते हैं और सीधे खरीदारों से जुड़ सकते हैं।
  5. व्यवसाय में पारदर्शिता और निष्पक्षता: NFDP के माध्यम से मछली पालन से संबंधित जानकारी और सरकारी सहायता प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आती है, जिससे व्यवसायी सही और निष्पक्ष तरीके से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

NFDP से संबंधित प्रमुख सरकारी योजनाएं

राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (National Fisheries Digital Platform – NFDP) के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जो भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र को सशक्त और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म मत्स्य पालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाकर इस क्षेत्र को संगठित और आधुनिक बनाने का कार्य करता है। इसके अंतर्गत मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं को एकीकृत किया गया है। यहाँ हम विस्तार से इन योजनाओं पर चर्चा करेंगे:

  1. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY)

लक्ष्य:
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र में समग्र विकास करना है। इस योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, मछली पालन, प्रसंस्करण और विपणन में सुधार किया जाता है। इसका मुख्य लक्ष्य भारत को मत्स्य पालन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्य विशेषताएँ:

•   सतत विकास और मछली उत्पादन को बढ़ावा देना।
•   समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन में सुधार।
•   मछली पालन से जुड़े बुनियादी ढाँचे का निर्माण।
•   मछुआरों और मत्स्य पालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।

लाभ:

•   उत्पादन लागत को कम करके मछली पालन को लाभदायक बनाना।
•   मछली निर्यात और प्रसंस्करण में वृद्धि।
•   ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार में सुधार।
  1. नीली क्रांति (Blue Revolution)

लक्ष्य:
“नीली क्रांति” का उद्देश्य जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करके भारत में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन में सुधार लाने के लिए नवाचारों और तकनीकों का उपयोग करता है।

मुख्य विशेषताएँ:

•   मछली पालन में नवीन तकनीकों का उपयोग।
•   मत्स्य पालन के लिए बुनियादी ढाँचे का विकास।
•   मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधनों का उपयोग।

लाभ:

•   मछली पालन से होने वाले नुकसान को कम करना।
•   रोजगार के नए अवसरों का सृजन।
•   वैश्विक बाजार में मछली उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना।
  1. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना

लक्ष्य:
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का उद्देश्य मछुआरों और मत्स्य पालकों को सरल और त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना कृषि और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को आर्थिक मजबूती प्रदान करती है।

मुख्य विशेषताएँ:

•   मछली पालकों को कम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करना।
•   ऋण की पुनर्भुगतान अवधि को लचीला बनाना।
•   मत्स्य पालन में उपयोग होने वाली सामग्री खरीदने के लिए त्वरित वित्तीय सहायता।

लाभ:

•   मछली पालकों को ऋण प्राप्त करने में आसानी।
•   उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद।
•   मछली पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
  1. मछली पालन बीमा योजना

लक्ष्य:
इस योजना का उद्देश्य मछुआरों और मत्स्य पालकों को प्राकृतिक आपदाओं या आकस्मिक दुर्घटनाओं के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान से सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना विशेष रूप से समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालकों के लिए है।

मुख्य विशेषताएँ:

•   प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, चक्रवात, सूखा आदि से मछली पालकों को बीमा कवर।
•   बीमा कवर के तहत वित्तीय नुकसान की भरपाई।
•   मछुआरों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।

लाभ:

•   जोखिमों से सुरक्षा।
•   मछली पालकों की आर्थिक स्थिरता।
•   अप्रत्याशित दुर्घटनाओं के खिलाफ बीमा कवरेज।
  1. फिशरीज एंड एक्वाकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF)

लक्ष्य:
FIDF का उद्देश्य मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर के लिए बुनियादी ढाँचे के विकास को प्रोत्साहित करना है। यह योजना मछली पालन परियोजनाओं को ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे मत्स्य क्षेत्र का सतत विकास संभव हो सके।

मुख्य विशेषताएँ:

•   मछली पालन से संबंधित परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता।
•   मत्स्य पालन के लिए संसाधनों और आधुनिक बुनियादी ढाँचे का विकास।
•   मछली प्रसंस्करण और विपणन के लिए विशेष वित्तीय सहयोग।

लाभ:

•   मछली पालन की उत्पादकता में वृद्धि।
•   आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन में सुधार।
•   मछली निर्यात को बढ़ावा।
  1. मरीन फिशरीज एडवांसमेंट प्रोग्राम

लक्ष्य:
यह कार्यक्रम समुद्री मत्स्य पालन के विकास और उन्नति के लिए है। इसका उद्देश्य समुद्री संसाधनों का सतत प्रबंधन, मत्स्य उत्पादन में वृद्धि, और मछुआरों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।

मुख्य विशेषताएँ:

•   समुद्री मत्स्य पालन में नवीन तकनीकों का उपयोग।
•   समुद्री संसाधनों का प्रबंधन और संरक्षण।
•   मछुआरों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना।

लाभ:

•   समुद्री मछली उत्पादन में वृद्धि।
•   समुद्री मछुआरों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करना।
•   समुद्री मत्स्य पालन में नवाचारों का उपयोग।
  1. राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) द्वारा चलाई गई योजनाएँ

राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) का मुख्य उद्देश्य देश में मत्स्य पालन के क्षेत्र को सुधारने और इस क्षेत्र में नवाचारों को प्रोत्साहित करना है। इसके अंतर्गत मत्स्य पालन क्षेत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे मछुआरों को लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।

मुख्य विशेषताएँ:

•   मत्स्य पालन से संबंधित प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन।
•   मछली प्रसंस्करण और विपणन में सुधार।
•   मछुआरों को वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग।

लाभ:

•   मत्स्य पालन की आधुनिक विधियों को अपनाने में मदद।
• मछुआरों की आय में वृद्धि।
• मछली निर्यात को बढ़ावा देना।


राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (NFDP) और इससे संबंधित सरकारी योजनाएँ मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास, डिजिटलाइजेशन, और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं। इन योजनाओं के माध्यम से मछुआरों और मत्स्य पालकों को न केवल आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, बल्कि यह क्षेत्र भी सतत विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

UPPOLICE: डीजीपी प्रशांत कुमार ने एनकाउंटर को लेकर जारी किए दिशा निर्देश, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का सख्ती से हो पालन

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  • यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने एनकाउंटर दिशा-निर्देश जारी किए
  • एनकाउंटर में वीडियोग्राफी, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच अनिवार्य
  • एनकाउंटर मामलों की जांच बाहरी थाना या क्राइम ब्रांच द्वारा की जाएगी
  • एनकाउंटर में शामिल हथियारों का बैलिस्टिक परीक्षण जरूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने प्रदेश के सभी जिलों को पुलिस एनकाउंटर से संबंधित नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में सुप्रीमकोर्ट द्वारा निर्धारित गाइडलाइंस का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। वर्ष 2017 से इन गाइडलाइंस का पालन किया जा रहा है, और अब इन दिशा-निर्देशों को और सख्त कर दिया गया है ताकि एनकाउंटर से जुड़ी हर कार्रवाई पारदर्शी और निष्पक्ष हो।

इन निर्देशों के अनुसार, पुलिस एनकाउंटर में किसी अपराधी की मौत होने पर या घायल होने की स्थिति में, वीडियोग्राफी करना अनिवार्य होगा। साथ ही, एनकाउंटर स्थल की फॉरेंसिक टीम द्वारा जांच, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी, और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं भी शामिल की गई हैं। इन नियमों के पालन से पुलिस के एनकाउंटर मामलों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।

एनकाउंटर से संबंधित प्रमुख दिशा-निर्देश

वीडियोग्राफी: यदि एनकाउंटर में कोई अपराधी घायल होता है या मारा जाता है, तो शूटआउट स्थल की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।

पोस्टमार्टम: एनकाउंटर में मारे गए अपराधी के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाएगा और उसकी भी वीडियोग्राफी होगी।

फॉरेंसिक जांच: जिस स्थान पर एनकाउंटर हुआ है, वहां फॉरेंसिक टीम जांच करेगी और सभी साक्ष्यों का गहन निरीक्षण करेगी।

जांच की प्रक्रिया: जिस थाने के क्षेत्र में एनकाउंटर हुआ है, वहां की पुलिस इस मामले की जांच नहीं करेगी। जांच का कार्य दूसरे थाने की पुलिस या क्राइम ब्रांच को सौंपा जाएगा।

अफसरों से जांच: एनकाउंटर की जांच वही अधिकारी करेंगे जो एनकाउंटर में शामिल अफसरों से एक रैंक ऊपर होंगे।

परिजनों को सूचना: एनकाउंटर में मारे गए अपराधी के परिजनों को तत्काल सूचना दी जाएगी और यह जानकारी पंचनामा रिपोर्ट में भी दर्ज की जाएगी।

हथियारों की जांच: एनकाउंटर में इस्तेमाल किए गए हथियारों को सरेंडर करना होगा ताकि उनका भी बैलिस्टिक परीक्षण किया जा सके।

अपराधियों के हथियारों का परीक्षण: जिन एनकाउंटरों में अपराधी घायल होते हैं, उनसे बरामद हथियारों का भी बैलिस्टिक परीक्षण अनिवार्य होगा।

डीजीपी प्रशांत कुमार द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य पुलिस एनकाउंटर से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते हुए, एनकाउंटर से संबंधित हर पहलू की विस्तृत जांच और प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाएगा।

अयोध्या: हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ संत मनमोहन दास का निधन, संत समाज में शोक की लहर

अयोध्या: हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ संत और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष मनमोहन दास का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से अयोध्या के संत समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं में गहरा शोक व्याप्त है। मनमोहन दास का इलाज अयोध्या के श्री राम अस्पताल में चल रहा था, जहां डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत घोषित किया।

मनमोहन दास धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हनुमानगढ़ी में अपने संत जीवन के साथ-साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। उनके निधन से हनुमानगढ़ी के संतों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं में भी गहरा दुःख है।

अस्पताल में अंतिम समय

हनुमानगढ़ी के संतों ने जब देखा कि मनमोहन दास की तबीयत में सुधार नहीं हो रहा है, तो उन्हें अयोध्या के श्री राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। श्री राम अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी यशपाल सिंह ने डॉक्टरों की एक टीम के साथ उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने मनमोहन दास की गंभीर स्थिति का आकलन किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिससे धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।

धार्मिक और राजनीतिक योगदान

मनमोहन दास का जीवन संत परंपरा में गहरी आस्था और धार्मिक कार्यों में समर्पित रहा। उन्होंने हनुमानगढ़ी के संत समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया और संत समुदाय के बीच अपने सम्मानित व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में भी प्रमुख भूमिका निभाई और जिलाध्यक्ष के पद पर अपनी सेवाएं दीं। उनके नेतृत्व में पार्टी को मजबूती मिली और उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की।

हनुमानगढ़ी में शोक की लहर

मनमोहन दास के निधन की खबर सुनते ही हनुमानगढ़ी के संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई। संत समाज के लोग उनके निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। हनुमानगढ़ी के संतों ने कहा कि मनमोहन दास के जाने से एक अध्याय समाप्त हो गया है और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

अंतिम संस्कार की तैयारियां

मनमोहन दास के निधन के बाद उनके अनुयायी और चाहने वाले बड़ी संख्या में उनके अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हो रहे हैं। उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं और हनुमानगढ़ी के संत समाज के साथ-साथ राजनीतिक हस्तियां भी अंतिम विदाई देने के लिए तैयार हैं।

हनुमानगढ़ी के संत और भाजपा नेता मनमोहन दास का निधन धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन समाज और धर्म की सेवा में समर्पित रहा और उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से पार्टी और समाज में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया। उनके जाने से न केवल हनुमानगढ़ी बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।