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उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेल लीग 2024: गौतम बुद्ध नगर में ब्लॉक और जनपद स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी शुरू

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  • जनपद में सब जूनियर, जूनियर व सीनियर बालक/बालिका वर्ग में उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेल लीग का होगा आयोजन
  • उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेल लीग को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में खेल संघो के पदाधिकारी के साथ बैठक हुई संपन्न
  • जिलाधिकारी ने खेल लीग की तैयारी को लेकर युवा कल्याण एवं खेल विभाग के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
  • डीएम ने कहा- जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय ग्रामीण खेल प्रतियोगिता का जनपद में कराया जाए व्यापक प्रचार-प्रसार

गौतम बुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेल लीग 2024 का आयोजन ब्लॉक और जनपद स्तर पर किया जाएगा। इस संबंध में आज जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में युवा कल्याण विभाग, खेल विभाग के अधिकारी और खेल संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता का आयोजन और खेल विधाएँ

जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी महिपाल सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि नवंबर 2024 में ब्लॉक और जनपद स्तर पर ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन खेल प्रतियोगिताओं में सब जूनियर, जूनियर और सीनियर बालक/बालिका वर्ग में आठ प्रमुख खेल विधाओं का समावेश होगा:

  1. एथलेटिक्स
  2. कुश्ती
  3. भारोत्तोलन
  4. जूडो
  5. बैडमिंटन
  6. कबड्डी
  7. वॉलीबॉल
  8. फुटबॉल

खेलों का आयोजन सरकारी विद्यालयों, स्टेडियमों और खेल मैदानों में उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। खंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन विकासखंड क्षेत्रों में किया जाएगा, जबकि जनपद स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं गौतम बुद्ध नगर के विजय सिंह पथिक स्टेडियम और मलकपुर खेल स्टेडियम में होंगी।

जिलाधिकारी के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने निर्देश दिया कि आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं को सफल बनाने के लिए खेल संघ के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगिताओं के दिनांक और स्थान का चयन शीघ्र किया जाए और खेलों की तैयारी को समय पर पूरा किया जाए।

इसके अलावा, जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि इन खेल प्रतियोगिताओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें और खेल के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में रुचि बढ़े।

प्रतिभागियों के लिए खेल सुविधाएं

प्रतियोगिताओं का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर एक मंच प्रदान करेगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। आयोजन के लिए सरकारी विद्यालयों और स्टेडियमों की खेल सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का माहौल मिल सके।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी शिव प्रताप प्रमेय, जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी महिपाल सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी लक्ष्याराज त्यागी, और खेल संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेल लीग 2024 का आयोजन प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिसमें उन्हें ब्लॉक और जनपद स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इस आयोजन से न केवल ग्रामीण खेलों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि प्रदेश में खेलकूद की संस्कृति को भी बल मिलेगा।

लखनऊ: जनपद के प्रभारी मंत्री व उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का औचक निरीक्षण: सफाई व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी

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  • जनपद लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राजधानी की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया
  • प्रभारी मंत्री ने फैजुल्लागंज-2 एवं 3,अलीगंज तथा लाल बहादुर शास्त्री- 2 वार्डो का निरीक्षण किया
  • मंत्री ने वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजागी जाहिर की
  • जोनल अधिकारी का वेतन काटने का नगर आयुक्त को निर्देश
  • सभी जोनों के जोनल अधिकारी अपने-अपने जोन में नियमित निरीक्षण करें

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जनपद लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज प्रातः 7 बजे लखनऊ की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया उनके साथ मेयर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, स्थानीय विधायक नीरज बोरा व स्थानीय जन प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मंत्री ने लखनऊ नगर निगम के चार प्रमुख वार्डों – फैजुल्लागंज -2, फैजुल्लागंज -3, अलीगंज, और लाल बहादुर शास्त्री -2 का दौरा किया, जहां सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नालियों में जमी गंदगी, अतिक्रमण और सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए।

निरीक्षण के प्रमुख बिंदु

  1. फैजुल्लागंज -3 वार्ड की सफाई व्यवस्था पर मंत्री की नाराजगी:
    • श्री खन्ना ने फैजुल्लागंज -3 के कसाई बाड़ा और मोहिबुल्लापुर इलाके की सफाई व्यवस्था को देखकर कड़ी नाराजगी जताई। नालियों में जमी गंदगी और सफाई की कमी से वे असंतुष्ट नजर आए।
    • उन्होंने जोनल अधिकारी का वेतन काटने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया और संबंधित जोनल अधिकारी को मौके पर ही फटकार लगाई।
    • मंत्री ने निर्देश दिया कि नालियों से तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि जलभराव और गंदगी से होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके।
  2. फैजुल्लागंज -2 वार्ड में नालियों की सफाई के निर्देश:
    • रहीमनगर, डुडौली मार्ग, और केसर नगर में ढकी नालियों का निरीक्षण करते हुए मंत्री ने नालियों में जमी हुई सिल्ट को हटवाने के आदेश दिए।
    • उन्होंने जोर देकर कहा कि आज शाम तक सभी नालियों की सफाई पूरी हो जानी चाहिए और सफाईकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए।
  3. लाल बहादुर शास्त्री -2 वार्ड में स्थानीय समस्याओं पर चर्चा:
    • इस वार्ड के निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों ने मंत्री जी को एक मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र में क्षेत्र में जलभराव, स्ट्रीट लाइट की समस्याएं, सर्वोदयनगर चौराहे पर बेरीकेटिंग, और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता बढ़ाने की मांगें शामिल थीं।
    • श्री खन्ना ने लोगों को आश्वस्त किया कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द से जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा।

मंत्री के निर्देश और सुझाव:

  1. नियमित निरीक्षण का आदेश: श्री खन्ना ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जोनों में नियमित रूप से सफाई का निरीक्षण करें। उन्होंने नगर आयुक्त को भी निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था की समीक्षा समय-समय पर की जाए।
  2. खाली पड़े प्लॉटों की सफाई: मंत्री ने नगर आयुक्त को आदेश दिया कि वे शहर में खाली पड़े प्लॉटों की पहचान करें और उनके मालिकों को नोटिस जारी कर बाउंड्री वॉल बनाने के लिए बाध्य करें। खाली प्लॉटों में अक्सर कूड़ा और गंदगी जमा हो जाती है, जो बीमारियों और मच्छरों का स्रोत बनती है।
  3. त्योहारी सीजन में विशेष सफाई अभियान: श्री खन्ना ने यह भी कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए घनी आबादी वाले क्षेत्रों में एंटीलार्वा और फॉगिंग की नियमित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मच्छरों और बीमारियों से बचाव हो सके।
  4. शुद्ध पेयजल की व्यवस्था: मंत्री ने नगर निगम को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जल की गुणवत्ता की नियमित रूप से जांच होनी चाहिए ताकि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके।

जन जागरूकता पर जोर, निरीक्षण में शामिल प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि:

मंत्री ने सफाई को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “स्वच्छता और शुद्ध पेयजल के माध्यम से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और नालियों के ऊपर रैम्प न बनाएं, क्योंकि इससे नालियों में अवरोध उत्पन्न होता है और पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।

श्री खन्ना के निरीक्षण के दौरान लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खर्कवाल, स्थानीय विधायक नीरज बोरा, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, स्वच्छता प्रोत्साहन समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार मिश्रा, और अन्य प्रमुख अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने मंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई। सुरेश कुमार खन्ना के इस औचक निरीक्षण से यह स्पष्ट हो गया कि लखनऊ में सफाई व्यवस्था को लेकर कई क्षेत्रों में गंभीर लापरवाही है, जिसे तुरंत सुधारने की जरूरत है। मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सफाई की गुणवत्ता में सुधार लाएं और नालियों की सफाई को प्राथमिकता दें। जनता की सहभागिता से ही शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है, इसलिए मंत्री ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है।

महाकुंभ 2025: “योगी की फोर्स” पेश करेगी मानवता की अनूठी मिसाल

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  • प्रयागराज के परेड ग्राउंड में संकल्प प्रशिक्षण पंडाल में सॉफ्ट बिहेवियर की ट्रेनिंग ले रहे पुलिसकर्मी
  • पहले चरण में 21 दिनों तक दो बैच में दिया जा रहा प्रशिक्षण, दिसंबर तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की हर संभव मदद और उनके प्रति विनम्र व्यवहार करने पर है फोकस
  • “सुरक्षा आपकी-संकल्प हमारा” ध्येय के साथ श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करेगी पुलिस
  • सॉफ्ट स्किल के साथ ही जेंडर सेशटाइजेशन पर भी दिया जा रहा विशेष ध्यान
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प्रयागराज/लखनऊ: मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में होने जा रहा है। महाकुंभ 2025 के आयोजन और संचालन के लिए योगी सरकार और यूपी पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम योगी की मंशा के मुताबिक इस महाकुंभ में यूपी पुलिस मानवता की अनूठी मिसाल पेश करेगी। इस उद्देश्य से यूपी पुलिस ने प्रयागराज के परेड ग्राउंड में संकल्प प्रशिक्षण पंडाल में ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू कर दिया है। “सुरक्षा आपकी-संकल्प हमारा” के ध्येय के साथ-साथ यूपी पुलिस का पूरा ध्यान महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की हर संभव मदद और उनके प्रति विनम्र व्यवहार करने पर है। ताकि श्रद्धालु महाकुंभ से लौट कर अपने साथ पुण्य और सुखद अनुभव ही लेकर जाएं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में 21 दिनों तक दो बैच में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

सॉफ्ट स्किल सीख रहे जवान, भाषाई अनुवाद के लिए किया जाएगा एप का उपयोग

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विश्व में मानवों के सबसे बड़े समागम महाकुंभ 2025 में लगभग 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या के दिन लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, साधुओं, संन्यासियों और पर्यटकों की सुरक्षा और व्यवस्था का जिम्मा यूपी पुलिस के हाथ में है। एसएसपी कुंभ राजेश द्ववेदी ने बताया कि सीएम योगी की आशाओं के मुताबिक यूपी पुलिस इस महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनके प्रति विनम्र व्यवहार पर विशेष जोर दे रही है। इसके चलते प्रयागराज में 16 अक्टूबर से चल रहे पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरक्षा उपायों के साथ-साथ विशेष बल सॉफ्ट स्किल और जेंडर सेशटाइजेशन पर दिया जा रहा है। सॉफ्ट स्किल के तहत पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं से बात-चीत करने, उनकी मदद करने, पार्किंग, यतायात के साधन व मेले के सही रूट व ठहरने के स्थान बताने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही मेले में आने वाले साधू, संन्यासियों के प्रति कैसा व्यवहार करना है, ये भी बताया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि विदेशी पर्यटकों और देश के कोने-कोने से आने वालों से उनकी भाषा में बात कर मदद करने के लिए एआई टेक्नॉलाजी की मदद लेने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए भाषीनि एप भी बनाया गया है जो कई भाषाओं का अनुवाद करने में सक्षम है। साथ ही पुलिसकर्मियों को चैटबॉट की भी जानकारी दी जा रही है। ताकि मेले में श्रद्धलुओं की हर संभव मदद की जा सके।

जेंडर सेंसटाइजेशन पर जोर

अंत प्रशिक्षण कार्यक्रम में सबसे ज्यादा जोर जेंडर सेंसटाइजेशन पर है। एसएसपी कुंभ ने बताया कि महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में आने वाली महिला श्रद्धालुओं की मदद के लिए हर जगह महिला पुलिस तैनात करना संभव नहीं है। इसलिए पुरूष पुलिस कर्मियों को भी महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने और मदद करने को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही जल पुलिस, एडीआरफ व एसडीआरफ के सैनिकों को विशेष कर कल्पवासियों और स्नार्थियों की स्नान के दौरान सुरक्षा और डूबने बचाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। जल पुलिस मेले में नावों के संचालन व सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखेगी। ट्रैफिक व सिविल पुलिस श्रद्धालुओं के स्नान घाटों तक पहुंचने व सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित करेंगे। महाकुंभ 2025 में यूपी पुलिस का ध्येय सीएम योगी के दिव्य भव्य सुरक्षित महाकुंभ के संकल्प को पूरा करना है।

महापौर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई नगर निगम की महत्वपूर्ण बैठक: विकास कार्यों को मिली हरी झंडी

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  • सफाई कर्मचारियों को हर महीने की 7-10 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित।
  • लखनऊ में 45 ठहराव और 27 पिक एंड ड्रॉप स्थल बनाने का निर्णय।
  • सरकारी स्कूलों में स्मार्ट स्क्रीन लगाने की योजना।
  • 20 नई रोबोट सफाई मशीनों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी।
  • चौक वार्ड में सीवर लाइन और पार्क बाउंड्री का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
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लखनऊ: आज लखनऊ नगर निगम मुख्यालय के राजकुमार हॉल में नगर निगम की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता नगर निगम की महापौर सुषमा खर्कवाल ने की। बैठक में नगर निगम की कार्यकारिणी के सदस्य, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य लखनऊ शहर के विकास से संबंधित योजनाओं को आगे बढ़ाना और पिछले कुछ महीनों से लंबित मुद्दों का समाधान करना था। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें सफाई, यातायात प्रबंधन, सड़कों की मरम्मत, जल आपूर्ति, सामाजिक कल्याण योजनाएं और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:

1. सफाई कर्मचारियों के वेतन का समय पर भुगतान

सफाई कर्मचारियों और अन्य श्रमिकों को हर महीने की 7 से 10 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया। इससे सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलेगा, जो सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

2. यातायात प्रबंधन के लिए ऑटो-टैक्सी और ठहराव स्थलों की व्यवस्था

लखनऊ के नगरीय क्षेत्रों में यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए 45 स्थलों पर ऑटो और टैम्पो के ठहराव स्थल और 27 पिक एंड ड्रॉप स्थलों की स्थापना की जाएगी। इस योजना के तहत महापौर सुषमा खर्कवाल द्वारा एक उप समिति गठित की गई, जिसमें सौरभ सिंह मोनू, मुकेश सिंह मोंटी, पीयूष दीवान और लईक आगा को सदस्य के रूप में नामित किया गया।

3. स्मार्ट स्क्रीन योजना

लखनऊ के सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट स्क्रीन लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में एक-एक स्मार्ट स्क्रीन लगाई जाएगी, ताकि छात्रों की शिक्षा में डिजिटल उपकरणों का उपयोग बढ़ाया जा सके। अगले एक महीने में इस पर कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया गया।

4. रोबोट सफाई मशीनों की खरीद

पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दों के अनुसार, सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 20 नई रोबोट सफाई मशीनें खरीदी जाएंगी। यह फैसला विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सफाई प्रक्रिया को गति देने के लिए लिया गया है, जहाँ वर्तमान में सफाई कर्मियों की कमी है।

5. सीवर लाइन और पार्कों के विकास कार्य

चौक वार्ड में स्थित खुन-खुन जी रोड पर सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके साथ ही, महाराजा अग्रसेन पार्क की जर्जर हो चुकी बाउंड्री का पुनर्निर्माण जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।

अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव और निर्देश:

1. सड़कों की मरम्मत और रखरखाव

महापौर ने सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के लिए योजनाएं बनाने के निर्देश दिए। शहर के विभिन्न हिस्सों में टूट-फूट और गड्ढों वाली सड़कों की तत्काल मरम्मत का आदेश दिया गया। इसके लिए अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य योजना तैयार करने और क्रियान्वयन शुरू करने के निर्देश दिए गए।

2. जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार

शहर के कई क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या को ध्यान में रखते हुए, बैठक में जल आपूर्ति प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का फैसला लिया गया। नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग को इस पर काम करने के निर्देश दिए गए, ताकि पानी की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में जल्द समाधान मिल सके।

3. सामाजिक जनकल्याण योजनाएं

सामाजिक जनकल्याण योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें गरीब और वंचित वर्गों के लिए लाभकारी योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। नगर निगम ने इन योजनाओं को तेजी से लागू करने का फैसला लिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।

4. नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था

नगर निगम के वित्तीय संसाधनों को सुव्यवस्थित करने के लिए बैठक में वित्तीय योजना पर भी चर्चा हुई। इसमें प्रस्ताव रखा गया कि महापौर निधि, पार्षद निधि और नगर आयुक्त निधि के लिए प्रतिवर्ष 240 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के लिए 150 करोड़ रुपये और आवश्यक कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।

5. गुलाला श्मशान घाट की समस्याओं का समाधान

गुलाला श्मशान घाट में हो रही अवैध वसूली और अन्य अनियमितताओं पर ध्यान दिया गया। बैठक में तय किया गया कि श्मशान घाट की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाएगा और वहां पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा, श्मशान घाट में बाउंड्री और गेट के मरम्मत का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि वहां सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

महापौर के निर्देश:

महापौर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। सफाई, यातायात, जल आपूर्ति और सड़कों की मरम्मत से जुड़ी सभी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया। महापौर ने यह भी निर्देश दिए कि हर माह की कार्यकारिणी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि किसी भी विकास कार्य में देरी न हो। बैठक में लखनऊ नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, और अन्य विभागों के प्रमुख उपस्थित थे। यह बैठक लखनऊ के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि इसके माध्यम से शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश उप-निर्वाचन 2024: 12 प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन, अब तक कुल 15 नामांकन हुए

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  • 22 अक्टूबर तक कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया।
  • 16-मीरापुर (मुजफ्फरनगर) विधानसभा में अब तक 06 प्रत्याशियों ने नामांकन किया।
  • 29-कुंदरकी (मुरादाबाद) विधानसभा में आजाद समाज पार्टी से चांद बाबू ने नामांकन किया।
  • 71-खैर (अलीगढ़) और सीमामऊ (कानपुर) में अब तक कोई नामांकन नहीं हुआ।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 09 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उप-निर्वाचन 2024 के तहत नामांकन प्रक्रिया जारी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि आज, 22 अक्टूबर 2024 को पांच विधानसभा क्षेत्रों में 12 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस प्रकार, अब तक कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।

विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हुए नामांकन

16-मीरापुर (मुजफ्फरनगर)
मीरापुर विधानसभा के लिए आज 05 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। इसमें बहुजन मुक्ति पार्टी से वकार अजहर, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से जाहिद हुसैन, और निर्दलीय प्रत्याशियों में राजबाल सिंह राणा, रजनीश कुमार, तथा मो. अनस ने नामांकन पत्र दाखिल किया। अब तक इस सीट से कुल 06 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।

29-कुंदरकी (मुरादाबाद)
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से चांद बाबू ने आज नामांकन किया।

56-गाजियाबाद (गाजियाबाद)
गाजियाबाद विधानसभा सीट से सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभाष पार्टी) के प्रत्याशी रवि कुमार पांचाल और निर्दलीय प्रत्याशी विजय कुमार अग्रवाल ने अपने नामांकन पत्र जमा किए हैं।

256-फूलपुर (प्रयागराज)
फूलपुर सीट से परिवर्तन समाज पार्टी की उषा और प्रगतिशील समाज पार्टी के योगेश कुमार कुशवाहा ने नामांकन दाखिल किया है।

277-कटेहरी (अंबेडकर नगर)
कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी शोभावती वर्मा और बहुजन समाज पार्टी के अमित वर्मा ने नामांकन किया है। अब तक इस सीट से 03 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।

शेष सीटों पर स्थिति

71-खैर (अ.जा.) (अलीगढ़), 213-सीमामऊ (कानपुर नगर) और 397-मझवां (मिर्जापुर) विधानसभा क्षेत्रों में अब तक कोई नामांकन दर्ज नहीं हुआ है।

नामांकन की अंतिम तारीख और प्रक्रिया

नामांकन की प्रक्रिया के तहत आगामी दिनों में और भी प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल होने की उम्मीद है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच होगी और योग्य उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की जाएगी। इस उप-निर्वाचन से संबंधित सभी क्षेत्रों में मतगणना और परिणाम की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित तिथियों पर की जाएगी।