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सनातनधर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे पं.रामकिंकर जी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानस मर्मज्ञ पं. रामकिंकर उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष पर भावांजलि की अर्पित
  • सीएम ने कहा: रामकिंकर जी का संपूर्ण जीवन विशिष्टता का प्रतीक
  • उन्होंने कहा: रामकिंकर जी की स्मृतियों को एक स्मृति ग्रंथ के रूप में संजोकर लोगों तक पहुंचाना चाहिए
  • मुख्यमंत्री ने बताया लीक से हटकार कार्य करने वाले व्यक्ति ही विशिष्ट होते हैं
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लखनऊ, 23 अक्टूबर2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘भावांजलि’ कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम भारत के प्रतिष्ठित मानस मर्मज्ञ और पद्मभूषण सम्मानित पं. रामकिंकर उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पं. रामकिंकर उपाध्याय की महिमा का बखान करते हुए उनके योगदान और सनातन धर्म के प्रति उनके समर्पण को श्रद्धांजलि अर्पित की।

महापुरुषों के योगदान को याद रखना हमारा दायित्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि हम एक ऐसे महापुरुष के शताब्दी समारोह के आयोजन से जुड़े हैं, जिनका जीवन सनातन धर्म और प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर आधारित था। युग तुलसी पं. रामकिंकर जी का संपूर्ण जीवन श्रीराम और तुलसी साहित्य के प्रति समर्पित था। उनकी व्याख्याएं और चिंतन अनूठी थी, जो सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी। सीएम योगी ने यजुर्वेद का उल्लेख करते हुए महापुरुषों के लक्षणों की बात की और कहा कि शास्त्रों में दो प्रकार के पुरुषों की चर्चा होती है, प्राकृत पुरुष और विशिष्ट पुरुष। रामकिंकर जी का संपूर्ण जीवन विशिष्टता का प्रतीक रहा है। उनका कार्य और उसके परिणाम बताते हैं कि उन्होंने लीक से हटकर समाज को प्रेरणा दी है।

पं. रामकिंकर उपाध्याय की श्रीराम कथा की विशिष्ट शैली का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने रामकथा को एक नई दिशा दी। उनकी कथाएं न केवल आम जनमानस, बल्कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे गणमान्य लोगों को भी प्रभावित करती थीं। लगभग छह दशकों तक उन्होंने मानस के माध्यम से सनातन धर्म की सेवा की। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह हमारा दायित्व है कि हम ऐसे महापुरुषों के प्रति सम्मान का भाव रखें और उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पं. रामकिंकर उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष एक विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह वही वर्ष है जब 500 वर्षों के बाद श्रीरामलला अयोध्या में विराजमान हो चुके हैं। यह सच्ची श्रद्धा और भक्तिभाव का अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने इस महान संयोग को रामकिंकर जी की श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान पं. रामकिंकर उपाध्याय की कथाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रामकिंकर जी की कथाओं ने ठीक उसी प्रकार जनजागरण का कार्य किया, जैसे तुलसीदास जी ने विदेशी आक्रांताओं के समय किया था। तुलसीदास जी ने तब के बादशाह का दरबारी बनने से इनकार करते हुए प्रभु श्रीराम को भारत का एकमात्र राजा बताया था। उन्होंने गांव-गांव में रामलीलाओं का आयोजन शुरू करवाया था और वह परंपरा आज भी बिना सरकारी सहायता के चल रही है, जिससे सनातन धर्म के मूल्य और अधिक सुदृढ़ हो रहे हैं।

प्रखर हिन्दुनिष्ठ बिशन चंद्र सेठ को सीएम ने किया याद

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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों की स्मृतियों को सहेजना और उन्हें आम जनमानस तक पहुंचाना आवश्यक है। यह वर्ष पं. रामकिंकर उपाध्याय की जन्मशताब्दी का वर्ष है। हमें उनकी स्मृतियों को एक स्मृति ग्रंथ के रूप में संजोकर लोगों तक पहुंचाना चाहिए, ताकि उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बन सके। मुख्यमंत्री ने भावांजलि कार्यक्रम के आयोजक किशोर टंडन के बारे में बताते हुए कहा कि इनके नाना बिशन चंद्र सेठ जी गोरक्षपीठ के परम भक्त थे। सीएम योगी ने कहा कि बिशन चंद्र सेठ जी प्रखर हिन्दुनिष्ठ और अपने समय के अद्भुत व्याख्याकार थे, जो अपने तथ्यों के आगे कभी किसी के सामने नहीं झुके। इनका परिवार आज भी उसी निष्ठा के साथ धर्म पारायण होकर कार्य कर रहा है।

समर्पण और भक्ति का प्रतीक थे रामकिंकर जी

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कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पं. रामकिंकर उपाध्याय को भावांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन रामचरित मानस और तुलसी साहित्य के प्रति समर्पित था। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे अपने परम भक्त की अमरता और यशस्वी परंपरा को आगे बढ़ाएं, जो सनातन धर्म के अनुयायियों का मार्गदर्शन करती रहे। भावांजलि कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, श्रीरामायण ट्रस्ट की अध्यक्ष साध्वी मंदाकिनी, प्रख्यात कथा व्यास पं. उमाशंकर शर्मा और किशोर टंडन समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

निर्वाचन आयोग: नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम और मतदाता जागरूकता अभियान की बैठक आयोजित

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  • मुख्य निर्वाचन कार्यालय में आयोजित हुयी राज्य स्तरीय स्वीप कोर कमेटी की बैठक
  • 18-19 आयु वर्ग के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए
  • विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण और मतदाता जागरूकता अभियान के निर्देश, युवा मतदाताओं पर विशेष जोर
  • मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तय, 6 जनवरी 2025 को अंतिम सूची का प्रकाशन
  • युवा मतदाताओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान
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लखनऊ: मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचन नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम और मतदाता जागरूकता अभियान के संचालन के लिए राज्य स्तरीय स्वीप कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सहयोगी विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और मतदाता जागरूकता अभियान से संबंधित सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी चन्द्रशेखर ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 29 अक्टूबर 2024 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 29 अक्टूबर से 28 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है। पुनरीक्षण के दौरान विशेष अभियान दिवस 9, 10, 23 और 24 नवम्बर को आयोजित किए जाएंगे। अंतिम मतदाता सूची 06 जनवरी 2025 को प्रकाशित की जाएगी।

बैठक से संबंधित प्रमुख बिंदु:

  • मतदाता जागरूकता बैनर: सभी विभागों से अपेक्षित है कि वे अपने वेबसाइट पर मतदाता पंजीकरण अभियान का प्रचार-प्रसार करें।
  • जागरूकता कार्यक्रम: 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अर्हता पूर्ण करने वाले युवा मतदाता 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2025 को अग्रिम फार्म-06 भर सकते हैं।
  • इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC): उच्च और माध्यमिक शिक्षा विभाग के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
  • स्वयंसेवक भागीदारी: एनएसएस, भारत स्काउट एंड गाइड, और नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर्स जिले में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम संचालित करेंगे।
  • दिव्यांग मतदाता: दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा दिव्यांग मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान का आयोजन किया जाएगा।
  • महिलाओं की सहभागिता: महिलाओं को जागरूक कर उन्हें मतदाता बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

यह बैठक सभी संबंधित विभागों को एकजुट होकर मतदाता जागरूकता को बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है, ताकि हर नागरिक मतदान प्रक्रिया में भाग ले सके और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर सके।

दीपोत्सव 2024: 1100 वेदाचार्यों के साथ सरयू आरती कर रिकॉर्ड बनाएगी योगी सरकार

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  • 28 से 30 अक्टूबर तक अयोध्या में दीपोत्सव पर होंगे विविध सांस्कृतिक व आध्यात्मिक कार्यक्रम
  • सरयू में राम की पैड़ी पर जलधारा के बीच भव्य स्टेज पर प्रस्तुति देंगे कलाकार
  • छह देशों के कलाकार प्रस्तुत करेंगे रामलीला, रामनगरी में दीपोत्सव पर 15 राज्यों के कलाकार देंगे भव्य प्रस्तुति
  • केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रहेंगे विशेष अतिथि

लखनऊ, 23 अक्टूबरः सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 28 से 30 अक्टूबर तक रामनगरी में दीपोत्सव का आयोजन होगा। आठवें दीपोत्सव पर 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित होंगे। दीपोत्सव का शुभारंभ साकेत से चार किमी. तक शोभायात्रा में कलाकारों के विभिन्न दलों द्वारा रामायण के विविध प्रसंगों पर आधारित आयोजन व मंचन किया जाएगा। इस बार दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी रहेंगे।

छह देशों के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन: पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह

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योगी सरकार के पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री व अतिथियों की मौजूदगी में इस बार लक्ष्मण किला घाट से नया घाट तक 1100 वेदाचार्यों के साथ सरयू आरती कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा। वहीं लाखों दीपों के मध्य अवरिल सरयू धारा, राम की पैड़ी पर पानी के बीचोबीच भव्य स्टेज पर कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम व लेजर शो होगा।

योगी सरकार एक ओर दीपोत्सव के आयोजन के साथ विभिन्न देशों की संस्कृति से भी लोगों को परिचित कराती है तो दूसरी तरफ यहां की संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार करती है। इसी क्रम में आठवें दीपोत्सव में छह देशों के कलाकार रामलीलाओं का मंचन करेंगे। इसमें थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया, म्यांमार, मलेशिया व नेपाल के कलाकार हिस्सा लेंगे। इसमें आईसीसीआर का सहयोग लिया जाएगा।

रामनगरी में देश के 16 राज्यों के कलाकार अपनी संस्कृति से कराएंगे अवगत

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दीपोत्सव के दौरान रामनगरी अयोध्या में मेजबान उत्तर प्रदेश सहित 16 राज्यों के कलाकार भी हिस्सा लेंगे। इसमें कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, असम, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, बिहार, चंडीगढ़, सिक्किम, छत्तीसगढ़ के कलाकार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। वहीं दीपोत्सव-2024 में गुप्तार घाट, बड़ी देवकाली, तुलसी उद्यान, हनुमानगढ़ी, रामपथ, रामकथा पार्क, सरयू तट, राम की पैड़ी आदि स्थानों पर देश-विदेश के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही भव्य ड्रोन शो, म्यूजिकल लेजर शो आदि भी होंगे।

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग ने विभिन्न जनपदों की शिकायतों पर सुनवाई की, समस्याओं का समाधान किया

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  • सेवानिवृत्त चालक करूणेश कुमार का मानदेय भुगतान हुआ।
  • शिवकुमार के मामले में बाराबंकी पुलिस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
  • शामली के हत्या मामले में पुलिस की खामियों पर जांच के आदेश।
  • वीना कुशवाहा को 5 वर्षों बाद आवास आवंटन के निर्देश।

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने मंगलवार को इंदिरा भवन, लखनऊ में विभिन्न जनपदों से प्राप्त पिछड़े वर्गों की शिकायतों पर सुनवाई की। इस सुनवाई में कई महत्वपूर्ण मामलों का समाधान किया गया और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयोग ने पिछड़े वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया।

प्रमुख मामले:

  1. करूणेश कुमार बनाम निदेशक, बाल विकास पुष्टाहार:
    सेवानिवृत्त चालक करूणेश कुमार के लंबित मानदेय का भुगतान कर मामले का निस्तारण किया गया। आयोग ने ऐसे मामलों में विभागों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
  2. शिवकुमार, जनपद बाराबंकी:
    शिवकुमार के पुश्तैनी पेड़ काटने और पुलिस प्रताड़ना के मामले पर सुनवाई हुई। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई गई और उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया।
  3. कंवरपाल सिंह बनाम गृह विभाग, शामली:
    शामली जिले में हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई में खामियां पाई गईं। आयोग ने गृह विभाग को निर्देश दिया कि मामले की जांच जनपद से बाहर के उच्च अधिकारी द्वारा कराई जाए।
  4. वीना कुशवाहा का मामला:
    पिछड़े वर्ग की कर्मचारी वीना कुशवाहा को 5 वर्षों से आवास न मिलने पर आयोग ने राज्य सम्पत्ति अधिकारी को आवास शीघ्र आवंटित करने के निर्देश दिए।

अन्य महत्वपूर्ण मामले:

  • मसुरियादीन, प्रयागराज: पैमाइश के मामले का समाधान हो चुका है, जिस पर शिकायतकर्ता ने संतोष व्यक्त किया।
  • राम स्वरूप, वृद्ध व्यक्ति: अपने बेटे द्वारा मारपीट और उपेक्षा के मामले में मकान खाली कराने की मांग पर सुनवाई हुई।

आयोग की सख्ती:
अध्यक्ष राजेश वर्मा ने सुनवाई के दौरान अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की और स्पष्ट किया कि पिछड़े वर्गों की समस्याओं का समय पर समाधान न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अल्पसंख्यक राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात: मदरसों के आधुनिकीकरण और अल्पसंख्यक योजनाओं पर जोर

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  • मदरसा आधुनिकीकरण योजना (एसपीईएमएम) के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर।
  • अल्पसंख्यक छात्रों के लिए तीन दिवसीय खेल-कूद प्रतियोगिता का प्रस्ताव।
  • अल्पसंख्यक बालिकाओं के लिए कैरियर काउंसलिंग और रोजगार प्रोग्राम की सिफारिश।
  • मुख्यमंत्री से हुई सकारात्मक वार्ता का उल्लेख।

लखनऊ, 23 अक्टूबर, 2024: उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने मदरसों के आधुनिकीकरण और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के शैक्षिक, आर्थिक, शारीरिक और मानसिक विकास हेतु नई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का अनुरोध किया।

श्री अंसारी ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने और मदरसा आधुनिकीकरण योजना (एसपीईएमएम) के तहत शिक्षकों के मानदेय के मुद्दों को उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को शीघ्र सुलझाने का अनुरोध किया, ताकि अल्पसंख्यक छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके।

मुलाकात से संबंधित मुख्य बिंदु:

  1. मदरसों का आधुनिकीकरण
    श्री अंसारी ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा के समावेश और उनकी अपग्रेडेशन के लिए मुख्यमंत्री से समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि एसपीईएमएम योजना छात्रों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध हो सकती है, बशर्ते इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
  2. खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन
    मंत्री ने छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय खेल-कूद प्रतियोगिता आयोजित करने का सुझाव दिया। इससे छात्रों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
  3. अल्पसंख्यक बालिकाओं के लिए अपलिफ्टमेंट प्रोग्राम
    श्री अंसारी ने मुख्यमंत्री से अल्पसंख्यक बालिकाओं के लिए एक विशेष कैरियर काउंसलिंग और रोजगार प्रोग्राम (यूपीएमजी) शुरू करने की सिफारिश की। यह पहल अल्पसंख्यक महिलाओं और छात्राओं को शिक्षा और रोजगार में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
  4. मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना
    श्री अंसारी ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और उनकी प्रेरणा की सराहना की, विशेष रूप से शिक्षा में सुधार और अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिए। उन्होंने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए आशा जताई कि यह प्रयास अल्पसंख्यक समुदाय के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा।