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विधानसभा उपचुनाव-2024: निर्वाचन क्षेत्रों में बुधवार को 19 प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन, अब तक कुल 34 प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

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लखनऊ:23 अक्टूबर 2024: प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 09 विधानसभा क्षेत्रों के उप निर्वाचन 2024 के तहत 23 अक्टूबर 2024 को आठ विधानसभा क्षेत्रों में 19 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस प्रकार अब तक कुल 34 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए गये हैं।

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16-मीरापुर (मुज़फ्फरनगर) से 05 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुर्सालीन से मो. अरशद, ऋषिवादी कर्मशील यंग परमार्थी पार्टी से विनोद, निर्दलीय प्रत्याशियों में प्रदीप कुमार, बलेन्दर कुमार, राजेश कुमारी है। इस प्रकार अब तक कुल 11 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है।

29-कुदंरकी (मुरादाबाद) से बहुजन समाज पार्टी से रफतुल्ला ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस प्रकार अब तक कुल 02 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है।

56-गाजियाबाद (गाजियाबाद) से निर्दलीय प्रत्याशी शमशेर राणा ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस प्रकार अब तक कुल 03 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है।

110-करहल(मैनपुरी) से 02 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें बहुजन समाज पार्टी से अवनीश कुमार, निर्दलीय प्रत्याशी सरवीर सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस प्रकार अब तक कुल 03 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है।

213-सीमामऊ (कानपुर नगर) से समाजवादी पार्टी से नसीम सोलंकी ने नामांकन पत्र दाखिल किया।

256-फूलपुर (प्रयागराज) से 03 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें समाजवादी पार्टी से मो. मुजतबा सिद्दकी, सरदार पटेल सिद्धान्त पार्टी से राज नारायण पटेल तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से शाहिद खान ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस प्रकार अब तक कुल 05 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है।

277-कटेहरी (अम्बेड़कर नगर) से राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी से कृष्णावती ने नामांकन दाखिल किया। इस प्रकार अब तक कुल 04 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया है।

397-मझवां (मिर्जापुर) से से 05 प्रत्याशियों ने नामांकन किया, समाज विकास क्रान्ति पार्टी से राधिका सिंह, इंडियन नेशनल समाज पार्टी से प्रिया सिंह, प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से स्वयंबर, निर्दलीय प्रत्याशियों रामलखन, रामविलास ने नामांकन पत्र दाखिल किया।

71-खैर अ.जा. (अलीगढ़) में अब तक नामांकन शून्य है।

मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने माटीकला मेला का भ्रमण कर शिल्पकारों की कलाकृतियों को सराहा

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लखनऊ:23अक्टूबर 2024: प्रदेश के होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने बुधवार को उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा लखनऊ के 08 तिलक मार्ग स्थित खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड परिसर में आयोजित 10 दिवसीय माटीकला मेले का भ्रमण किया।

मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने मेले में उपस्थित शिल्पकारों से बातचीत की और उनकी कलाकृतियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि माटीकला उद्योग में छिपी प्रतिभा को उजागर करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे स्थानीय शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार माटीकला उद्योग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे आयोजनों से शिल्पकारों को अपने उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा।

यह मेला 30 अक्टूबर 2024 तक चलेगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिल्पकार मिट्टी से निर्मित अपनी उत्कृष्ट कलाकृतियों को 50 स्टॉलों के माध्यम से प्रदर्शित कर रहे हैं।

ग्रामोद्योग के माध्यम से नवाचार एवं रोजगार सृजन के अवसर उपलब्ध कराए जाए- मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार

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जैविक कृषि आधारित उद्यमिता पर आयोजित हुई कार्यशाला

लखनऊ:23 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्यालय के सभागार में “जैविक कृषि आधारित कृषि उद्यमिता एवं ग्रामोद्योग से स्वरोजगार” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड डॉ. उज्ज्वल कुमार ने कार्यशाला में उठाए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर नाबार्ड, सीमैप, एन. बी. आर. आई. और उद्यान विभाग आदि से समन्वय स्थापित कर ग्रामोद्योग के माध्यम से नवाचार एवं रोजगार सृजन के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

इस कार्यशाला में पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी ने ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक कृषि आधारित उद्यमिता की स्थापना हेतु खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में पी. एस. ओझा, पूर्व राज्य सलाहकार, जैविक ऊर्जा सलाहकार बोर्ड ने सहकारिता एवं एफ.पी.ओ. के माध्यम से ग्रामोद्योगी रोजगार सृजन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही, सीमैप, नाबार्ड, उद्यान विभाग और एन. बी. आर. आई. से आए वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने भी बहुमूल्य जानकारी साझा की। कार्यशाला में खादी बोर्ड के मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्रों के प्राचार्य, परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी, और खादी बोर्ड मुख्यालय के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

शिक्षा समानता लाती है, जातिवाद की राजनीति युवाओं का भविष्य अंधकार की ओर ले जाती है – डॉ.राजेश्वर सिंह

  • ताराशक्ति केंद्रों की स्थापना के लिए सरोजनीनगर की महिलाओं में अद्भुत उत्साह, स्थापित हुए 135 ताराशक्ति केंद्र, 65 आवेदन प्रक्रियाधीन
  • नारी सशक्तिकरण की नयी इबारत लिख रखे विधायक राजेश्वर सिंह, 1500 सिलाई मशीनें प्रदान कर स्थापित कराये 135 ताराशक्ति केंद्र सिलाई सेंटर
  • खसरवारा में खुला 135वां ताराशक्ति सिलाई सेंटर, डॉ. राजेश्वर सिंह महिलाओं को उपलब्ध करवा रहे सिलाई कढाई मशीनें
  • वीमन एम्पॉवरमेंट का हब बना सरोजनीनगर, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा स्थापित ताराशक्ति केंद्रों पर सिलाई कढ़ाई के गुर सीख स्वावलम्बी बन रहीं 7 हजार से अधिक महिलायें
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया खसरवारा में 135वें ताराशक्ति केंद्र का उद्घाटन, जनसंवाद कर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएँ

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से ताराशक्ति केन्द्रों की स्थापना के सतत क्रम में बुधवार को ग्राम पंचायत खासरवारा में 135वां ताराशक्ति केंद्र सिलाई सेंटर स्थापित किया गया। इस केंद्र का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा, केंद्र पर विधायक डॉ. सिंह द्वारा सिलाई कढाई की मैन्युअल एवं ऑटोमैटिक मशीनें उपलब्ध कराई गईं है। इस दौरान डॉ. सिंह द्वारा जन संवाद कर उपस्थित ग्रामीणों की समस्याएँ भी सुनीं गईं और उनके शीघ्र समाधान के लिए आश्वस्त भी किया गया।

इस अवसर पर सरोजनीनगर विधायक ने उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि सरोजनीनगर की मातृशक्ति घर से निकलकर, सिलाई – कढ़ाई के हुनर को स्वावलंबन का माध्यम बना रही है, ताराशक्ति केन्द्रों से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भर बन रही हैं, अब तक 1500 से अधिक सिलाई मशीनें प्रदान कर 135 केंद्र स्थापित किए गए, 65 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने ताराशक्ति केंद्र की स्थापना के लिए आवेदन किया है, हमारा लक्ष्य सरोजनीनगर में इस तरह के 200 केंद्रों की स्थापना का है।

डॉ. सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, शिक्षा समानता लाती है, जातिवाद की राजनीति युवाओं का भविष्य अन्धकार की ओर ले जाती है। राष्ट्र की प्रगति-उन्नति बच्चों की शिक्षा पर निर्भर है, भावी पीढ़ी के लिए Digital शिक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। सरोजनीनगर में अब तक 7 रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्रों की स्थापना की गयी, 27 कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गईं, 12 कॉलेजों में डिजिटल स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किये गए।

सरोजनीनगर में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए विधायक राजेश्वर सिंह ने आगे कहा कि 1,000 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराये गए,1000 से अधिक सोलर लाइट स्थापित की गईं, 1000 से अधिक मेधावियों को लैपटॉप, टेबलेट्स, साइकिल आदि प्रदान कर सम्मानित किया गया। सरोजनीनगर परिवार के लिए पिछले 92 सप्ताह से सतत आयोजित हो रहा है ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जनसुनवाई शिविर, अब तक 31 रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा (फ्री बस सेवा) का संचालन कर वृद्धजनों को अयोध्या दर्शन कराया गया।

विधायक डॉ. सिंह ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं को वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट किट आदि प्रदान कर सम्मानित भी किया, इस दौरान सेंटर इंचार्ज रानी गौतम, सविता सिंह चौहान, रानी, राहुल कुमार, सुमन, भाजपा नेता राजेश सिंह चौहान, शंकरी सिंह, मंडल अध्यक्ष विवेक राजपूत, पार्षद लवकुश रावत, शिव कुमार सिंह ‘चच्चू’ आशु शुक्ला, सुभाष पासी, सुजीत सिंह, कपिल खत्री, धर्मेन्द्र सिंह व अन्य मौजूद रहे।

विद्यालयों को कौशल केंद्र के रूप में विकसित करने को योगी सरकार कर रही है शिक्षकों को प्रशिक्षित

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  • उच्च प्राथमिक/कम्पोजिट, पीएमश्री विद्यालयों और पायलट प्रोजेक्ट से चयनित विज्ञान और गणित के 2402 शिक्षकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
  • विद्यार्थियों को व्यावसायिक कौशल और व्यवहारिक अनुभव के माध्यम से सिखाने पर है जोर
  • लखनऊ स्थित दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में दिया जा रहा है प्रशिक्षण
  • विद्यार्थियों के शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास में सहायक साबित होगा यह कार्यक्रम: संदीप सिंह

लखनऊ: विद्यालयों को कौशल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कोशिशें अब परवान चढ़ने लगी हैं। प्रदेश के उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और पीएमश्री विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से चयनित विज्ञान और गणित के 2402 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाने लगा है। बता दें कि यह कार्यक्रम ‘लर्निंग बाई डूइंग’ के सिद्धांत पर आधारित है और इसमें विज्ञान आश्रम एवं यूनिसेफ का सहयोग मिल रहा है, जो 25 अक्टूबर तक चलता रहेगा।

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लखनऊ स्थित दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में चल रहे इस प्रशिक्षण में 1772 उच्च प्राथमिक व कम्पोजिट, 570 पीएमश्री विद्यालयों और 60 पायलट प्रोजेक्ट से चयनित विज्ञान और गणित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक, विद्यार्थियों को व्यावसायिक कौशल और व्यवहारिक अनुभव के माध्यम से सिखाने का प्रयास करेंगे। इस पहल से विद्यार्थियों के शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास में सहायता मिलने की उम्मीद है।

योगी सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रदेश के इन विद्यालयों को कौशल केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से इस चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को अनेक विधाओं में पारंगत किया जा रहा है।इस संबंध में उनका कहना है कि इस पायलट प्रोजेक्ट के लागू होने से न केवल विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति में वृद्धि हुई, बल्कि उनके विज्ञान और गणित के अधिगम स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया। विद्यार्थियों ने व्यावसायिक और तकनीकी कौशलों को सीखते हुए विषयों की गहरी समझ विकसित की, जो अब उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास में सहायक साबित हो रही है।

विद्यार्थियों के हित में यह प्रयास, वर्ष 2022 में लागू हुआ था पायलट प्रोजेक्ट

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों को समझाने के साथ-साथ उन्हें व्यावसायिक कौशलों से भी परिचित कराना है। विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देना भी इसके उद्देश्यों में शामिल है। इस प्रयास का मकसद उन्हें सिर्फ शिक्षाविद बनाना नहीं है, बल्कि व्यावहारिक जीवन में उनके कौशलों को विकसित करने का अवसर प्रदान करना भी है। वर्ष 2022 में इस कार्यक्रम का पायलट प्रोजेक्ट 15 जनपदों के 60 विद्यालयों में लागू किया गया था। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों ने चार प्रमुख ट्रेड्स (इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, एग्रीकल्चर, नर्सरी एंड गार्डनिंग और होम एंड हेल्थ केयर) के माध्यम से 60 से अधिक गतिविधियों में कौशल सीखा था। इस पहल से छात्रों में विषयों की व्यवहारिक समझ और रुचि दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई थी।

अपर मुख्य सचिव परिवहन एल. वेंकटेश्वर लू. बोले

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए अपर मुख्य सचिव परिवहन एल. वेंकटेश्वर लू और विशिष्ट अतिथि सुश्री एकता सिंह (IAS) ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के कौशल विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इसके जरिए न केवल छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल का विकास होगा, बल्कि यह उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक व्यावसायिक क्षमताओं से भी सशक्त करेगा। विद्यालयों में व्यावहारिक शिक्षा का यह प्रयास प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा प्रदान करेगा और छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने में सहायक होगा। इस मौके पर मुख्य रूप से माधव जी तिवारी, वरिष्ठ विशेषज्ञ सामुदायिक सहभागिता समग्र शिक्षा, बी. चौधरी अपर निदेशक संस्थान, मोहित यादव संकाय अधिकारी, विज्ञान आश्रम एवं यूनिसेफ की टीम के अलावा रजीत सिंह एवं डॉ. फैजान, राज्य सलाहकार सामुदायिक सहभागिता आदि उपस्थित थे।