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महाकुंभ-2025 की भव्य तैयारी: एडीजी भानु भास्कर की अध्यक्षता में कुंभ स्टेक होल्डर्स की बैठक में स्वच्छता, सुरक्षा, और सौंदर्यीकरण पर जोर

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  • प्रयागराज में महाकुंभ 2025 को भव्य, दिव्य, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक आयोजित की।
  • महाकुंभ क्षेत्र को 10 जोनों में विभाजित कर 56 थाने, 155 चौकियाँ और 744 अस्थायी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।
  • शहर के बाहर पार्किंग स्थल और मेला क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन के लिए कलर कोडिंग जैसी योजनाएँ लागू की जा रही हैं।
  • लगभग 1.5 लाख टॉयलेट्स, ICT आधारित सफाई मॉनिटरिंग और “हर दुकान दस्तक” अभियान के माध्यम से प्लास्टिक का उपयोग कम करने पर जोर।
  • 38 मार्गों और 40 चौराहों का नवीनीकरण, 2.71 लाख पौधों का रोपण, और 15 लाख वर्गफुट में म्यूरल्स व थीमेटिक लाइटिंग से शहर को सजाया जा रहा है।

प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ 2025 के आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। यह आयोजन करोड़ों श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़ने वाला और भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्त्वपूर्ण अवसर है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस विभाग, सभी प्रमुख अधिकारियों और संस्था प्रमुखों के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे हैं। महाकुंभ 2025 को सफल बनाने के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के साथ सौंदर्यीकरण के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।

कुंभ स्टेक होल्डर्स की बैठक: महाकुंभ 2025 के आयोजन का खाका तैयार

इस महाकुंभ की योजना और इसकी समग्र रूपरेखा के बारे में चर्चा करने के लिए हाल ही में प्रयागराज में एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर की अध्यक्षता में कुंभ स्टेक होल्डर्स की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रयागराज पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक प्रेम गौतम, और मेलाधिकारी विजय किरण आनंद के साथ अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने कुंभ के दृष्टिगत विभिन्न योजनाओं को विस्तार से समझाया और महाकुंभ के लिए सुचारू व्यवस्था के निर्माण पर बल दिया।

सुरक्षा व्यवस्था: 10 जोन और सीसीटीवी निगरानी

महाकुंभ में सुरक्षा का खास ध्यान रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोनों में विभाजित किया गया है। हर जोन में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 56 थाने और 155 चौकियां बनाई जा रही हैं। सुरक्षा निगरानी के लिए मेला क्षेत्र के भीतर 200 स्थानों पर लगभग 744 अस्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि शहर में 268 स्थानों पर 1107 स्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पार्किंग स्थलों पर भी 720 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने बताया कि इस बार महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। आईसीटी आधारित निगरानी प्रणाली से पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा की निगरानी की जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी। इसके अलावा, पुलिस और सुरक्षा बलों को भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक मैनेजमेंट, और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

महाकुंभ के लिए अस्थायी और स्थायी निर्माण कार्य, यातायात और पार्किंग प्रबंधन: सुगम यातायात की योजना

मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र में व्यापक स्थायी निर्माण और अस्थायी नगर के लिए योजना बनाई गई है। मेला क्षेत्र को व्यापक बनाते हुए लगभग 4000 हेक्टेयर में बसाने की योजना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संगम नोज़ और अन्य घाटों पर अधिक से अधिक संख्या में स्नान घाटों का निर्माण किया जाएगा। झूंसी क्षेत्र में ऐरावत घाट और नागवासुकी क्षेत्र में नागवासुकी घाट पर विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि संगम नोज़ पर अत्यधिक भीड़ से बचा जा सके।

महाकुंभ में सुगम यातायात और पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के वाहनों को शहर में अनावश्यक रूप से आने से रोकने के लिए शहर के बाहर पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र और शहर में ई-रिक्शा के संचालन के लिए कलर कोडिंग की योजना बनाई गई है। हर ई-रिक्शा के लिए अलग-अलग जोन तय किए गए हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी हो सके।

पुलिस आयुक्त श्री तरुण गाबा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में आसानी होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

सौंदर्यीकरण कार्य: 38 मार्गों और 40 चौराहों का नवीनीकरण

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज शहर को भव्य और दिव्य रूप में प्रस्तुत करने के लिए सौंदर्यीकरण का कार्य भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों को सजाने के लिए थीमेटिक लाइटिंग, म्यूरल्स, और लैंडस्केपिंग का कार्य किया जा रहा है। 38 प्रमुख मार्गों पर थीमेटिक लाइटिंग की जाएगी और 40 चौराहों का नवीनीकरण किया जाएगा। शहर के प्रवेश मार्गों पर 4 भव्य थीमेटिक गेट्स बनाए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इसके अतिरिक्त, 2842 पोल्स पर थीमेटिक लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे शहर की रात को और भी खूबसूरत बनाया जा सके।

साथ ही, म्यूरल्स और कलाकृतियाँ शहर के लगभग 15 लाख वर्गफुट क्षेत्र में बनाई जाएंगी, जिससे शहर की कला और संस्कृति का अनोखा स्वरूप प्रदर्शित होगा। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 2.71 लाख पौधों का रोपण भी किया जा रहा है। इस कार्य में ग्रीन पट्टी का विकास और मार्गों का नवीनीकरण भी शामिल है।

स्वच्छता और प्लास्टिक फ्री अभियान

महाकुंभ में स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए लगभग 1.5 लाख टॉयलेट्स और यूरिनल्स लगाए जाएंगे, जिनकी सफाई के लिए 120 टिपर्स, 40 कॉम्पैक्टर्स और 10000 सफाई कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। सफाई व्यवस्था के लिए आईसीटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली भी लागू की जा रही है ताकि मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखा जा सके।

शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम “हर दुकान दस्तक अभियान” चला रहा है, जिसके तहत अब तक 204 किलोग्राम प्लास्टिक सीज की जा चुकी है और 2000 से अधिक दुकानों पर प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता फैलाई गई है। इस अभियान के साथ ही “स्वच्छता ही सेवा है” के तहत लोगों को प्लास्टिक का उपयोग न करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर कॉइन मशीन्स लगाई गई हैं, जिससे लोग ₹10 का सिक्का डालकर कपड़े का बैग प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, विभिन्न वेडिंग जोन्स में मिट्टी के बर्तन, पत्तल, और जूट बैग्स भी विकल्प के रूप में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि लोग प्लास्टिक के विकल्प का प्रयोग करें।

पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक फ्री स्कूल अभियान

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने जानकारी दी कि प्रयागराज में प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्कूलों में “प्लास्टिक फ्री अभियान” चलाया जाएगा। इसके तहत 4 लाख से अधिक बच्चों को अपने घरों में प्लास्टिक का उपयोग न करने के प्रति जागरूक किया जाएगा और प्लास्टिक मुक्त जनपद बनाने में बच्चों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

युवाओं को जोड़ा जाएगा ट्रैफिक मैनेजमेंट में

अपर पुलिस महानिदेशक ने युवाओं को ट्रैफिक मैनेजमेंट में शामिल करने की अपील की, जिसके तहत विश्वविद्यालयों के छात्रों को ट्रैफिक मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह बच्चे महाकुंभ के दौरान पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करेंगे।

प्रमुख सुविधाओं का विस्तार

महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फूड ज़ोन, ज्योतिर्लिंग पार्क, स्टेट पवेलियन, संस्कृति ग्राम, गंगा पंडाल, और कन्वेंशन हॉल बनाए जा रहे हैं। स्वच्छता और सुविधा के दृष्टिगत 10,000 सेनिटेशन वर्कर्स के साथ 120 टिपर्स और 40 कॉम्पैक्टर्स की व्यवस्था की जा रही है। मेला क्षेत्र में ICT आधारित सफाई व्यवस्था मॉनिटरिंग का प्रयोग किया जाएगा ताकि स्वच्छता को सुनिश्चित किया जा सके।

महाकुंभ 2025 में प्रयागराज को विश्व स्तर पर एक भव्य और दिव्य स्थल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए तैयारियाँ तेजी से की जा रही हैं। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, सौंदर्यीकरण, और प्लास्टिक मुक्त अभियान के माध्यम से प्रयागराज में होने वाला यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक बल्कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण होगा। सभी स्टेक होल्डर्स और जनसमुदाय का सहयोग महाकुंभ को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उत्तरप्रदेश: ऊर्जा मंत्री ने ‘सम्भव’ के तहत की जनसुनवाई, विभागीय कार्यों की समीक्षा

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  • कुशीनगर में गलत बिलिंग पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा दोषी कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
  • इटावा में जे0ई0 राजकमल पप्पू निलम्बित, एक्सियन को चार्जशीट, अधीक्षण अभियंता से स्पष्टीकरण तलब
  • लखनऊ में अवर अभियंता मनोज कुमार जायसवाल किये गये निलम्बित
  • उपभोक्ताओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण ढंग से त्वरित समाधान के दिये निर्देश
  • त्योहारों में हो निर्बाध विद्युत आपूर्ति, व्यवधानों का हो शीघ्र निस्तारण

लखनऊ : 25 अक्टूबर, 2024: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने उपभोक्ताओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण ढंग से समाधान न करने, विद्युत कनेक्शन देने में धोखाधड़ी तथा गलत बिलिंग करने वाले विद्युत कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने चल रहे अनुरक्षण माह में विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए जर्जर पोल एवं लाइन को हटाने, ढीले तारों को सही करने, ट्रांसफार्मर की मरम्मत, विद्युत सुरक्षा को लेकर सर्तक रहने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों में प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के प्रबंध करने तथा विद्युत व्यवधानों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। उपभोक्ताओं की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण ढंग से त्वरित समाधान करने के निर्देश दिये।

ऊर्जा मंत्री ए.के.शर्मा शुक्रवार को जलनिगम फील्ड हास्टल ‘संगम’ लखनऊ में ‘सम्भव’ व्यवस्था के तहत वर्चुअल जनसुवाई की और विभागीय कार्यों की समीक्षा की। जनसुनवाई में उन्होंने शिकायतकर्ता तथा संबंधित अधिकारी से वर्चुअल संवाद किया तथा ज्यादा बिल आने, लो-वोल्टेज, कनेक्शन न देने आदि का मौके पर समाधान कराया। उन्होंने जनसुनवाई में लखनऊ के गोसाईंगंज निवासी फहाद अहमद को वर्ष 2019 में विद्युत कनेक्शन न देने और तत्कालीन जेई मनोज कुमार जायसवाल द्वारा लाइन बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये घूस लेने तथा वर्तमान में 1.20 लाख रुपये का विद्युत बिल भेजने के मामले में जेई मनोज कुमार जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिए, जो कि वर्तमान में चिनहट में तैनात हैं और उपभोक्ता को शीघ्र विद्युत कनेक्शन देने तथा उपभोक्ता द्वारा जेई के विरुद्ध एफआईआर कराने को भी कहा।

इसी प्रकार ऊर्जा मंत्री ने इटावा में अरूण कुमार गुप्ता द्वारा सुमन गुप्ता के आवास, जो कि विद्युत पोल से 40 मीटर की दूरी पर है, विद्युत संयोजन न देने तथा जेई द्वारा 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और उसी मोहल्ले में 200 मीटर की दूरी पर लोगों को संयोजन देने की शिकायत प्रभारी मंत्री और जिला अधिकारी से करने पर भी समाधान न होने और उच्चाधिकारियों द्वारा भी इस मामले का संज्ञान न लेने पर जेई राजकमल पप्पू को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने, एक्सियन को चार्जशीट देने तथा अधीक्षण अभियंता से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री ने कुशीनगर के धीरेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा सेवरही में एक ही मीटर संख्या पर अनेकों उपभोक्ताओं के विद्युत बिल निर्गत करने तथा गलत बिल की शिकायत पर संबंधित बिलिंग एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा दोषी विद्युत कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एमडी पूर्वांचल को 02 दिन के अन्दर गोरखपुर क्षेत्र के बिलिंग डाटा को सही करने को भी कहा। गोरखपुर के संदीप कुमार ने विद्युत दुर्घटना पर मृतक के परिवार को एक वर्ष से अधिक समय से मुआवजा न देने पर की गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए एमडी पूर्वांचल को शीघ्र ही मुआवजा देने का निर्देश दिया।

जनसुनवाई में प्रबंध निदेशक यूपीपीसीएल पंकज कुमार, निदेशक यूपीनेडा अनुपम शुक्ला, निदेशक विद्युत सुरक्षा निदेशालय उपस्थित थे तथा सभी डिस्कॉम के एमडी, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा शिकायतकर्ताओं ने वर्चुअल प्रतिभाग किया।

सुप्रीम कोर्ट की पत्रकारिता: सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का पत्रकारों को बड़ा तोहफा, सुप्रीम कोर्ट में कवर करने के लिए एलएलबी की अनिवार्यता समाप्त

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  • सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में पत्रकारिता करने के लिए एलएलबी की अनिवार्यता समाप्त कर दी।
  • मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अब सुप्रीम कोर्ट परिसर में पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध होगी।
  • इस नई नीति का लाभ कानूनी पृष्ठभूमि के बिना भी सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले पत्रकारों को मिलेगा।
  • ‘प्री दिवाली समारोह’ में सीजेआई ने मीडिया से बात करते हुए इस नई पहल की जानकारी दी।
  • पत्रकारिता में इस बदलाव से न्यायिक संवाद को अधिक स्वतंत्र और व्यापक बनाने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने पत्रकारों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। सुप्रीम कोर्ट में खबरें कवर करने के लिए पत्रकारों को अब एलएलबी (कानून) की डिग्री की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल का उद्देश्य कानूनी पृष्ठभूमि के बिना भी योग्य और सक्षम पत्रकारों को शीर्ष अदालत की खबरों को कवर करने में सहूलियत देना है। इस नई नीति के तहत, पत्रकार अब बिना किसी कानूनी शिक्षा की अनिवार्यता के सुप्रीम कोर्ट में मान्यता प्राप्त संवाददाता बन सकते हैं।

सीजेआई चंद्रचूड़ का बयान और निर्णय

“बार एंड बेंच” की रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित ‘प्री दिवाली समारोह’ के दौरान मीडिया से बातचीत में इस नई नीति की घोषणा की। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता था कि सुप्रीम कोर्ट की खबरें कवर करने वाले पत्रकारों के लिए एलएलबी की डिग्री क्यों अनिवार्य थी, हमने इस आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।”

इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाने के संबंध में एक फाइल पर हस्ताक्षर किए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सुप्रीम कोर्ट परिसर में पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पत्रकारों को न केवल काम में सहूलियत होगी बल्कि कोर्ट कवरेज का अनुभव भी बेहतर हो सकेगा।

निर्णय के संभावित लाभ और सीजेआई की पहल का महत्व

सीजेआई चंद्रचूड़ के इस निर्णय का सीधा लाभ उन पत्रकारों को होगा जो सुप्रीम कोर्ट के विषयों को गहराई से समझने और कवरेज में संलग्न होने के इच्छुक हैं, भले ही उनके पास कानूनी डिग्री न हो। इससे प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। यह निर्णय विशेष रूप से उन पत्रकारों के लिए राहतकारी साबित होगा जो कानून के ज्ञान से परे, अन्य विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर न्यायपालिका से जुड़ी ख़बरों को जनता तक पहुंचाना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट पत्रकारिता की पारंपरिक और जटिल प्रक्रिया में इस महत्वपूर्ण बदलाव से एक व्यापक और बहुस्तरीय पत्रकारिता संभव होगी। इससे लोगों तक अदालत के निर्णयों और न्यायपालिका की महत्वपूर्ण सूचनाएं सही समय पर और विस्तार से पहुंचाई जा सकेंगी। यह कदम निश्चित रूप से देश के न्यायिक संवाद के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगा।

महाकुंभ-2025: प्रयागराज में पर्यटक ले सकेंगे फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुफ्त

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  • महाकुंभ में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधा देने को प्रयासरत योगी सरकार
  • टूरिज्म विभाग महाकुंभ में प्रयागराज आने वाले पर्यटकों को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा भी करवाएगा उपलब्ध
  • प्रयागराज में सीएम योगी ने दिसंबर 2023 में किया था यमुना नदी पर बने यूपी के पहले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट “कालिंदी” का उद्घाटन
  • महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए नया और अनोखा अनुभव प्रदान करेगा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट
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प्रयागराज, 25 अक्टूबर 2024: महाकुंभ में यूपी टूरिज्म श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधा देने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में टूरिज्म विभाग महाकुंभ में प्रयागराज आने वाले पर्यटकों को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा भी उपलब्ध करवा रहा है। प्रयागराज में यमुना नदी पर बने यूपी के पहले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट “कालिंदी” का उद्घाटन दिसंबर 2023 में सीएम योगी ने किया था। सीएम के मार्गदर्शन में यूपीएसटीडीसी इस रेस्टोरेंट का संचालन कर रही है। ये सुविधा महाकुंभ के दौरान देश-विदेश आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया और अनोखा अनुभव प्रदान करेगी।

यूपी का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट है कालिंदी

यूपी टूरिज्म के यूपीएसटीडीसी की ओर से प्रयागराज के त्रिवेणी बोट क्लब में उत्तर प्रदेश का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट दिसंबर 2023 से चल रहा है। पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने बताया कि यमुना नदी की लहरों पर तैरता हुए कालिंदी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट यूपी का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में ऐसा ही प्रयोग गोरखपुर के रामगढ़ ताल में भी किया गया है। कालिंदी रेस्टोरेंट इस मामले में प्रदेश में पहला सफल प्रयोग था। प्रयागराजवासी पिछले कई महीनों से इस फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का लुफ्त उठा रहे हैं। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप यूपी टूरिज्म इस बार ये अनुभव महाकुंभ के पर्यटकों को भी उपल्ब्ध कराएगा। महाकुंभ के पवित्र स्नान और आध्यात्मिक अनुभव के साथ पर्यटकों के लिए फ्लोंटिग रेस्टोरेंट भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए फ्लोटिंग रेस्टोरेंट एक नया एक्सपीरियंस साबित होगा।

यूपीएसटीडीसी संचालित करता है कालिंदी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट

कालिंदी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट प्रयागराज की यमुना बैंक रोड पर स्थित यूपी टूरिज्म के त्रिवेणी बोट क्लब में स्थित है। रेस्टोरेंट का संचालन टूरिज्म विभाग का कार्पोरेशन यूपीएसटीडीसी करता है। रेस्टोरेंट के फ्रंट आफिस मैनेजर दीपक टंडन ने बताया कि कालिंदी 40 सीटों से युक्त पूर्णतः वातानुकूलित रेस्टोरेंट है। रेस्टोरेंट सुबह 10 बजे से रात के 9 बजे तक खुला रहता है। महाकुंभ के दौरान रेस्टोरेंट के समय में परिवर्तन कर और सुबह खोलने पर भी विचार चल रहा है। इसके साथ ही यूपीएसटीडीसी यमुना बैंक रोड पर राही त्रिवेणी दर्शन होटल भी संचालित कर रहा है। जहां पर संगम स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की भी सुविधा है।

लखनऊ: पूर्वी ज़ोन पुलिस की बड़ी सफलता, 50 हज़ार के इनामी शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार

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  • पूर्वी ज़ोन पुलिस ने डीसीपी शशांक सिंह और एडीसीपी पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में 50 हज़ार के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया।
  • मो. अकरम नामक अपराधी ने लोगों से प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की।
  • गोमतीनगर से मुखबिर की सूचना पर इस शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया गया।
  • पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के जालसाज़ी करने वाले अपराधियों पर सख्त नज़र रखी जा रही है।
  • पुलिस ने जनता को सतर्क रहने और किसी भी प्रॉपर्टी लेन-देन में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के पूर्वी ज़ोन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डीसीपी शशांक सिंह, एडीसीपी पंकज कुमार सिंह, और एसीपी विकास जायसवाल के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवानंद मिश्रा व गोमतीनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश त्रिपाठी की टीम ने 50 हज़ार रुपये के इनामी अपराधी मो. अकरम पुत्र शहबान अली को गिरफ्तार कर लिया है। मो. अकरम लोगों को प्लाट दिलाने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम ऐंठकर फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा की थी।

घटना का पूरा विवरण

आरोपी मो. अकरम लखनऊ के कई नागरिकों को प्लॉट दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था। प्लॉट देने के बहाने वह लोगों को ठगता और फिर फरार हो जाता। शिकायतें मिलने पर पुलिस ने अपराधी की खोजबीन शुरू की। पुलिस की सतर्कता और कुशलता के चलते मुखबिर द्वारा मिली सटीक सूचना के आधार पर गोमतीनगर से मो. अकरम को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय उसके पास धोखाधड़ी में संलिप्त कई दस्तावेज भी पाए गए।

पुलिस का बयान और अपराध पर कड़ा रुख

डीसीपी शशांक सिंह ने बताया कि ऐसे जालसाज़ी के मामलों पर पुलिस की नज़र है और इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले अपराधी किसी भी हाल में बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देना है। इसी दिशा में काम करते हुए, अपराधियों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

अपराध की योजना और आरोपी की पृष्ठभूमि

मो. अकरम एक पेशेवर अपराधी था, जो लोगों को प्लॉट दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। वह नए ग्राहक बनाने के लिए प्रॉपर्टी व्यापारियों के बीच अपनी पहचान बनाए रखने का प्रयास करता और अपने शिकारों को आकर्षक प्लॉट देने का वादा करता। इस प्रक्रिया में वह उनसे लाखों रुपये वसूल कर लेता था। जब पीड़ित व्यक्ति को प्लॉट या पैसा नहीं मिलता, तब तक आरोपी अपने ठिकाने से फरार हो चुका होता।

पूर्वी ज़ोन पुलिस की तत्परता

पूर्वी ज़ोन पुलिस के उच्चाधिकारियों के कुशल नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने तत्परता से कार्य किया। डीसीपी शशांक सिंह, एडीसीपी पंकज कुमार सिंह और एसीपी विकास जायसवाल के निर्देशन में टीम ने लगातार इस मामले की गहराई से जांच की, जिससे मो. अकरम की सही पहचान हो सकी और उसे पकड़ने की योजना बनाई गई। पुलिस के इस सहयोगी प्रयास की सराहना करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस की ओर से भविष्य के लिए योजना

लखनऊ पुलिस ने इस गिरफ्तारी के बाद नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो भी नागरिक प्रॉपर्टी संबंधी लेन-देन करते हैं, उन्हें पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और अनजाने लोगों से किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन करने से बचना चाहिए। पुलिस का कहना है कि लखनऊ में इस तरह के धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।