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प्रयागराज के दलित बस्तियों के 800 बच्चों को मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने लुलु मॉल में कराई दीपावली की खास शॉपिंग, बच्चों के चेहरे पर दिखी अनोखी खुशी

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  • मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने प्रयागराज के दलित बस्तियों के 800 बच्चों को लुलु मॉल में शॉपिंग करवाई।
  • बच्चों ने लखनऊ में जुडियो स्टोर से अपनी पसंद के कपड़े और उपहार चुने।
  • शॉपिंग से पहले बच्चों ने आनंदी वाटर पार्क में झूलों और वाटर राइड्स का मजा लिया।
  • मंत्री नंदी ने कहा कि गरीब बच्चों के साथ दीपावली मनाना उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है।
  • पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता ने बच्चों के साथ त्योहार मनाने को एक सुखद अनुभव बताया और दूसरों के साथ खुशियां साझा करने का संदेश दिया।
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लखनऊ/प्रयागराज: दीपावली का पर्व खुशियों का पर्व माना जाता है, और उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने इस पर्व को अनोखे अंदाज में मनाया। प्रयागराज के दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के दलित बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 800 से अधिक बच्चों के साथ मिलकर उन्होंने इस दीपावली का जश्न मनाया। उन्होंने इन बच्चों को लखनऊ के मशहूर लुलु मॉल में शॉपिंग ट्रिप पर ले जाकर उनकी दीपावली को यादगार बना दिया। मंत्री नंदी का यह प्रयास गरीब और वंचित बच्चों के जीवन में खुशियां भरने की उनकी सोच को दर्शाता है।

लुलु मॉल में जुडियो स्टोर में शॉपिंग

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मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के नेतृत्व में यह 800 बच्चों का समूह लखनऊ के लुलु मॉल पहुंचा, जहां उन्होंने बच्चों को जुडियो स्टोर से शॉपिंग कराई। कपड़े, जूते और अन्य मनपसंद सामान खरीदने का मौका पाकर बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इन बच्चों को विशेष रूप से यह स्वतंत्रता दी गई कि वे अपनी पसंद के कपड़े और सामान चुन सकें, बिना किसी बजट की चिंता किए। यह देखना सचमुच हर्ष का विषय था कि बच्चे अपनी पसंद की चीजें चुनते समय कितने उत्साहित थे। मंत्री नंदी और उनकी पत्नी, पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता, ने भी बच्चों के साथ इस शॉपिंग का हिस्सा बने और उनकी पसंद के अनुसार चीजें खरीदने में मदद की।

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लुलु मॉल की शॉपिंग के पहले बच्चों को आनंदी वाटर पार्क ले जाया गया, जहां उन्होंने झूलों और वाटर राइड्स का भरपूर मजा लिया। वाटर पार्क में झूले झूलते और पानी में खेलते बच्चों की खुशी देखने लायक थी। मंत्री नंदी और अभिलाषा गुप्ता ने बच्चों के साथ मस्ती करते हुए, उनके साथ इस पल को साझा किया। इस अनोखे अनुभव के कारण बच्चों के लिए यह दीपावली उनके जीवन की सबसे खास दीपावली बन गई।

दीपावली पर खुशियां बांटने का संदेश

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मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ का कहना है कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने का आनंद सबसे बड़ा होता है। हर किसी को त्यौहार मनाने का अधिकार है, चाहे वह अमीर हो या गरीब। इस प्रयास के तहत वे हर साल गरीब और जरूरतमंद बच्चों के साथ दीपावली का पर्व मनाते हैं, ताकि उनके चेहरे पर भी मुस्कान और खुशी का संचार हो। उन्होंने कहा कि यदि ईश्वर ने हमें इस योग्य बनाया है कि हम किसी के जीवन में खुशियां ला सकें, तो हमें इसे खुशी-खुशी करना चाहिए। दीपावली पर बच्चों के चेहरों पर जो चमक और मुस्कान थी, वह उनके इस उद्देश्य को पूर्णता प्रदान कर रही थी।

पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता का योगदान आयोजन के उद्देश्य

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प्रयागराज की पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी की और बच्चों के साथ दीपावली का जश्न मनाने को एक सुखद अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि दीपावली का असली आनंद तब आता है जब हम दूसरों के साथ अपनी खुशियां साझा करते हैं। बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें भी खुशी मिलती है और यह एक ऐसा क्षण होता है जिसे वे हमेशा संजोए रखना चाहती हैं। अभिलाषा गुप्ता ने यह संदेश दिया कि हम सभी को दूसरों के साथ अपने सुख-दुख बांटकर खुशियों को और अधिक बढ़ाना चाहिए।

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मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी हर साल गरीब और वंचित बच्चों के साथ इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करते हैं। उनका मानना है कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को भी त्योहार मनाने और अपने हिस्से की खुशियां पाने का पूरा हक है। इस साल के लुलु मॉल शॉपिंग ट्रिप ने इन बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान दी, वह इस आयोजन की सफलता का प्रतीक है। भविष्य में भी वे इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से वंचित बच्चों के जीवन में खुशी का संचार करते रहेंगे।

गांव की समस्या-गांव में समाधान: उत्तरप्रदेश की ग्राम चौपालों में 04 लाख 24 हजार से अधिक समस्याओं का हुआ निस्तारण

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना: उत्तर प्रदेश में क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना: उत्तर प्रदेश में क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना: उत्तर प्रदेश में क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण
  • उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में हर शुक्रवार प्रदेश के दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया जा रहा है।
  • ग्राम चौपालों में ग्रामीणों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं का निस्तारण उनके गांव में ही किया जा रहा है।
  • इन चौपालों से सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और सोशल सेक्टर की परियोजनाओं की प्रगति में तेजी आई है।
  • शुक्रवार को 1306 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालें आयोजित की गईं, जिनमें 3642 मामलों का निस्तारण हुआ।
  • जनवरी 2023 से अब तक 1 लाख से अधिक ग्राम चौपालें आयोजित की गईं, जिनमें 75 लाख से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया और 4 लाख से ज्यादा समस्याएं सुलझाई गईं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीणो की समस्यायों के निराकरण हेतु प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल (गांव की समस्या-गांव में समाधान) का आयोजन किया जा रहा है और बहुत बड़ी संख्या में लोगों की समस्यायों का निराकरण उनके गांव में ही हो रहा है। सरकार खुद चलकर गांव व गरीबों के पास जा रही है, ग्राम चौपालों से जहां गांवों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चलता है, वहीं सोशल सेक्टर की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के अनुपालन में ठोस व प्रभावी रूपरेखा बनाकर चौपालों का आयोजन किया जा रहा है तथा चौपालों से पूर्व गांवों में सफाई पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है और चौपालों के बारे में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है व्यक्तिगत समस्याओं‌ के अलावा सार्वजनिक समस्याओं का भी समाधान चौपालों में हो रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों का आयोजन विधिवत किया जाता रहे।

ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश की 1306 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिनमें 3642 प्रकरणो का निस्तारण गांव पंचायतों में ही कर दिया गया। इन ग्राम चौपालों मे 3449 ब्लाक स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी तथा 5996 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे और इन चौपालों में 73 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की।

ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस.प्रियदर्शी ने बताया कि जनवरी 2023 से अब तक 01 लाख 06 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 75 लाख 43 हजार से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे और 04 लाख 24 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

प्रयागराज: मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न

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  • मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
  • निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों में प्रयागराज के 6 रोड कटिंग मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
  • उ.प्र. खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023 के तहत फतेहपुर जनपद के मामलों पर संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए गए।
  • एमएनएनआईटी, तेलियरगंज के मामले में अंतिम अवसर प्रदान करते हुए समाधान की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया।
  • बैठक का समापन मण्डलायुक्त और संयुक्त आयुक्त उद्योग द्वारा दीपावली की शुभकामनाओं के साथ किया गया।
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प्रयागराज: मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में शनिवार को गॉधी सभागार में मण्डलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा में जनपद प्रयागराज के लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित 06 प्रकरणों (रोड कटिंग) के निस्तारण हेतु मण्डलायुक्त द्वारा निर्देश दिये गये कि अपर जिलाधिकारी नगर से सम्पर्क कर शीघ्रातिशीघ्र निस्तारण कराये जाए। ऋणपरक योजनाएँ यथा- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम /मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार कार्यक्रम/एक जनपद एक योजना की समीक्षा में मण्डल की प्रगति की सराहना की गयी।

जनपद फतेहपुर की उ०प्र०खाद्य प्रसंस्करण नीति- 2023 के तहत इकाईयों की स्थापना तथा पोर्टल पर लम्बित सब्सिडी एवं मेसर्स बी०डीआर0डी रोलर फ्लोर मिल्स प्रा. लि. को मण्डी शुल्क छूट के प्रकरण की समीक्षा मे सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि अगली मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति की बैठक से पूर्व प्रकरण का निस्तारण कराया जाए। मोनारको इण्डस्ट्रियल स्टेट, तेलियरगंज प्रयागराज के प्रकरण की समीक्षा में एमएनएनआईटी, तेलियरगंज के उपस्थित प्रतिनिधि ने मण्डलायुक्त को अवगत कराया कि समय से बैठक की सूचना न मिलने के कारण बैठक में उपस्थित न हो सके, समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि एमएनएनआईटी को अन्तिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देश दिये गये कि प्रकरण को जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक में प्रकरण का निस्तारण कराते हुए आख्या उपलब्ध करायी जाए अन्यथा प्रकरण राज्य स्तरीय समिति को संदर्भित कर दिया जायेगा। मण्डलायुक्त द्वारा उपस्थित समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि मण्डल के उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्रातिशीघ्र निस्तारण कराया जाए।

बैठक में शरद टण्डन, संयुक्त आयुक्त उद्योग अभिषेक भारती, उपायुक्त पुलिस नगर संतोष कुमार, क्षेत्रीय प्रबन्धक यूपीसीडा पी.के.सिंह, मुख्य अभियंता उ.प्र.पा.कारपो.लि.प्रयागराज अच्छे लाल विश्वकर्मा, ज्वाइन्ट कमिश्नर राज्यकर तथा मण्डल के समस्त उपायुक्त उद्योग तथा अन्य अधिकारियों के साथ-साथ मुरारी लाल अग्रवाल/नटवर लाल भारतीय (सदस्य उ०प्र०व्यापारी कल्याण बोर्ड) एवं उद्यमी संघों अध्यक्ष/प्रतिनिधि डा.जी एस दरवारी, विनय टण्डन, आदि उपस्थित रहे। अन्त में मण्डलायुक्त महोदय/संयुक्त आयुक्त उद्योग द्वारा उपस्थिति समस्त मण्डलीय अधिकारियों/सम्मानित सदस्यों (मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति) उद्यमी संघों के प्रतिनिधि सभी को दीपावली पर्व की शुभकामनाएँ ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया।

उत्तरप्रदेश: मत्स्य मंत्री संजय निषाद पर पार्टी से टिकट के लिए 2 करोड़ की मांग का आरोप, अमिताभ ठाकुर ने पत्र लिखकर चुनाव आयोग से की जांच और कार्रवाई की मांग

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  • हरिशंकर बिंद का आरोप: संजय निषाद ने उपचुनाव टिकट के लिए 2 करोड़ रुपये मांगे।
  • नकद भुगतान का दावा: संजय निषाद की पत्नी को 5 लाख और खुद संजय निषाद को 10 लाख रुपये नकद दिए गए।
  • अमिताभ ठाकुर की मांग: चुनाव आयोग से निषाद पार्टी के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की अपील।
  • मुख्यमंत्री से जांच की अपील: अमिताभ ठाकुर ने सीएम योगी से संजय निषाद के कैबिनेट में बने रहने को लेकर उचित निर्णय लेने की मांग की।
  • भ्रष्टाचार का मामला: आरोप सही साबित होने पर इसे चुनावी भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना जाएगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विवाद का मुद्दा गरमा गया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राज्य के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद पर उनकी ही निषाद पार्टी के नेता हरिशंकर बिंद से 2 करोड़ रुपये की मांग के मामले मे गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप आगामी उपचुनाव में मिर्जापुर की मझवां सीट पर टिकट देने के एवज में पैसे मांगने का है। अमिताभ ठाकुर ने इस मामले को चुनाव आयोग के समक्ष उठाते हुए निषाद पार्टी और संजय निषाद के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हरिशंकर बिंद के आरोप:
अमिताभ ठाकुर द्वारा चुनाव आयोग को दी गई शिकायत में कहा गया है कि निषाद पार्टी के नेता हरिशंकर बिंद ने यह दावा किया है कि संजय निषाद ने उनसे मझवां, मिर्जापुर सीट के लिए टिकट देने के बदले 2 करोड़ रुपये मांगे। बिंद के अनुसार, उन्होंने संजय निषाद की पत्नी को जून 2024 में 5 लाख रुपये कैश और हाल ही में स्वयं संजय निषाद को 10 लाख रुपये नकद दे चुके हैं। इस आरोप से यह मामला अत्यधिक संवेदनशील बन गया है और इसने संजय निषाद की छवि पर गहरा प्रभाव डाला है।

अमिताभ ठाकुर की मांग:
अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा कि यह एक बेहद गंभीर मामला है, जो सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। ठाकुर ने चुनाव आयोग से इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उन्होंने निषाद पार्टी और संजय निषाद के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में दोहराई न जा सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील:
ठाकुर ने इस गंभीर आरोप को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी निवेदन किया है कि वे इस मामले की अपने स्तर पर जांच कराएं। साथ ही, मुख्यमंत्री से संजय निषाद के कैबिनेट में बने रहने को लेकर उचित निर्णय लेने की अपील की है। ठाकुर ने कहा कि यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाला मामला होगा।

राजनीति में भ्रष्टाचार की गंभीरता:
संजय निषाद पर लगे इन आरोपों के बाद निषाद पार्टी के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। यदि जांच में यह आरोप सत्य सिद्ध होते हैं, तो इसे चुनावी भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना जा सकता है, जो कि निषाद पार्टी की साख पर बुरा असर डाल सकता है। इसके अलावा, यह प्रकरण आम जनता के बीच राजनीतिक दलों के प्रति अविश्वास की भावना को और गहरा सकता है। अमिताभ ठाकुर के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में ‘स्पेशल एजुकेशन जोन’ का विकास- उच्च शिक्षा में नए युग का आरंभ

women empowerment
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  • लखनऊ समेत यूपी के 6 जिलों में स्पेशल एजुकेशन जोन (SEZ) की स्थापना होगी, जिसमें लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, आगरा, गौतम बुद्ध नगर और बुंदेलखंड शामिल हैं।
  • लखनऊ के मोहान रोड पर 785 एकड़ में प्रदेश का पहला स्पेशल एजुकेशन जोन विकसित किया जा रहा है, जिसमें एजुकेशन सिटी के माध्यम से कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना होगी।
  • नई उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति-2024 के तहत प्रदेश में उच्च शिक्षा को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिससे राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
  • प्रत्येक SEZ में अधिकतम 8 एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस स्थापित होंगे, जिससे पूरे प्रदेश में कुल 40 नए संस्थानों की स्थापना संभव हो सकेगी।
  • ‘एक मंडल, एक विश्वविद्यालय’ के बाद अब ‘एक जिला, एक विश्वविद्यालय’ के लक्ष्य पर फोकस, जिससे हर जिले में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का विस्तार हो।

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ग्लोबल हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने नया कदम उठाया है। इसके तहत प्रदेश के 6 जिलों, जिसमें लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, आगरा, गौतम बुद्ध नगर और बुंदेलखंड शामिल हैं, में ‘स्पेशल एजुकेशन जोन’ (SEZ) तैयार किए जाएंगे। इन जोन में शून्य से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा और इसका लाभ लाखों विद्यार्थियों को होगा।

    लखनऊ का पहला स्पेशल एजुकेशन जोन: प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में प्रदेश में एसईजेड की स्थापना को लेकर बनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अनुसार, लखनऊ के मोहान रोड पर प्रदेश के पहले एसईजेड की स्थापना होगी। यहां 785 एकड़ क्षेत्र में एजुकेशन सिटी का विकास किया जाएगा और विभिन्न एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की स्थापना होगी। इसमें से 103 एकड़ क्षेत्र में विकास प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) जारी हो चुका है। यह एसईजेड एक मॉडल की तरह कार्य करेगा जिसकी तर्ज पर प्रदेश के अन्य 5 जिलों में भी एसईजेड की स्थापना होगी।

    प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एम.पी. अग्रवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के अभाव वाले जिले और विशेषतौर पर आकांक्षात्मक जिलों में 42 विश्वविद्यालयों व टॉप एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की स्थापना हो सकेगी। इन्हें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (एनईपी) के अनुसार बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय (एमईआरयू) के तौर पर विकसित किया जाएगा। वहीं, प्रदेश में एनआईआरएफ रैंकिंग वाले टॉप-50 तथा प्रख्यात विदेशी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए स्टाम्प ड्यूटी में छूट, पूंजीगत अनुदान समेत विभिन्न प्रकार की सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संस्थानों, पाठ्यक्रमों और सीटों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश में उच्च शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

    नई उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति – 2024: प्रदेश की नई उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति-2024 के जरिए स्पेशल एजुकेशन जोन का विकास किया जा रहा है। इस नीति के अंतर्गत एजुकेशन सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिससे उच्च शिक्षा में निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा, ‘एक मंडल, एक विश्वविद्यालय’ के बाद अब ‘एक जिला, एक विश्वविद्यालय’ का लक्ष्य रखा गया है, ताकि हर जिले में उच्च शिक्षा का स्तर बढ़ाया जा सके।

    प्रदेश में विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थानों का विकास: योगी सरकार ने एनआईआरएफ रैंकिंग वाले टॉप-50 विश्वविद्यालयों और विदेशी शिक्षण संस्थानों को स्थापित करने के लिए विभिन्न रियायतें प्रदान की हैं, जिसमें स्टाम्प ड्यूटी में छूट और पूंजीगत अनुदान शामिल हैं। इस पहल से प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि होगी और छात्रों को विविध पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा। स्पेशल एजुकेशन जोन और नई नीति का मुख्य उद्देश्य है उत्तर प्रदेश को एक क्वालिटी एजुकेशन हब के रूप में विकसित करना, जिससे कि यह राज्य भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सके और राज्य की ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ इकॉनमी का लक्ष्य प्राप्त करने में योगदान दे सके।