डॉ. राजेश्वर सिंह ने 4 मेधावियों को बांटी साइकिल, मेधावी सम्मान पाकर दूसरों को कर रहे हैं प्रेरित
सौसीर खेड़ा में आयोजित हुआ 93वाँ “आपके विधायक-आपके द्वार” जनसुनवाई शिविर, विधायक की टीम ने जानीं ग्रामीणों की समस्याएं
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सौसीर खेड़ा में 47वाँ गर्ल्स यूथ क्लब स्थापित करवाकर उपलब्ध कराया खेल संसाधन, कहा खिलाड़ी होते हैं देश के सर्वश्रेष्ठ नागरिक
लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा निरंतर संचालित ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ जनसुनवाई शिविर आयोजन की पहल समर्पण, विश्वास और जनसेवा की अनोखी मिसाल बन गई है। इसी क्रम में रविवार को 93 वें आपका विधायक-आपके द्वार जनसुनवाई शिविर के अंतर्गत विधायक की टीम ग्राम पंचायत परवर पूरब के सौसीर खेड़ा पहुंची।
गांववासियों के साथ विधायक की टीम ने संवाद किया और उनकी समस्याएं जानीं, ग्रामीणों ने स्ट्रीट लाइट के 47 आवेदन, विधवा पेंशन के 4 आवेदन, आवास योजना के 4 आवेदन सहित कुल 73 सुझावों, आवश्यकताओं से अवगत कराया। गांववासियों द्वारा प्राप्त सभी 73 जनसमस्याओं का गंभीरतापूर्वक अवलोकन कर उनके प्रभावी निस्तारण का प्रयास किया गया, शिकायतकर्ताओं के घर जाकर वस्तुस्थिति का अवलोकन किया गया।
मेधावियों को सम्मानित करने से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, अन्य शिक्षार्थियों को परिश्रम की प्रेरणा मिलती है, सौसीर खेड़ा गांव के 4 मेधावियों, हाईस्कूल परीक्षा में 81.33% अंक पाने वाली आस्था पाल तथा इंटरमीडिएट परीक्षा में 72.4% अंक पाने वाली श्रद्धा पाल, 70.8% अंक पाने वाले सर्वेश कुमार एवं अजय कुमार को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ गांव के प्रबुद्ध नागरिक सुरेश, पंचम, राम आसरे, श्रीराम, प्रेम चंद्र मिश्रा, अनिल तिवारी, ग्राम प्रधान रामफल, राम सनेही, बूथ अध्यक्ष राम गुलाम, होरी लाल, राम दुलारी, विष्णुदेयी, छोटू, मुन्नी, शकुंतला और मायावती को विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से सम्मानित किया गया।खेल युवाओं में निर्णयशक्ति का विकास करते हैं, उन्हें अनुशासित बनाते हैं।
“आपका विधायक-आपके द्वार” जनसुनवाई शिविर के दौरान ग्राम पंचायत परवर पूरब के सौसीर खेड़ा में 47वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन कर इंडोर और आउटडोर गेम्स फुटबॉल, वालीबॉल, कैरम आदि की किट प्रदान की गईं। शिविर के दौरान सभी उपस्थित ग्रामवासियों को सरोजनीनगर की पहचान बन चुकी, 467 दिनों से निरंतर संचालित ताराशक्ति रसोई के माध्यम से ताजा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।
उत्तर प्रदेश पंख करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम के तहत 156 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण लखनऊ में संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश और यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें सभी 75 जिलों के मास्टर ट्रेनर्स शामिल थे।
मास्टर ट्रेनर्स अपने जिलों के नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे प्रदेश के 9 लाख बच्चे लाभान्वित होंगे।
कार्यशाला में करियर हब, करियर क्लब, साईकोमेट्रिक टेस्ट और अभिभावक बैठक जैसी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम के अंतर्गत करियर मेलों, विशेषज्ञों से संवाद, और पंख पोर्टल के माध्यम से करियर विकल्पों और छात्रवृत्तियों की जानकारी दी जाएगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में ‘उत्तर प्रदेश पंख’ करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु डिस्ट्रिक्ट नोडल/मास्टर ट्रेनर (MT) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में आवश्यक ज्ञान और कौशल का विकास करना है, जिससे वे विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के आधार पर सही करियर चुनने के लिए मार्गदर्शन कर सकें, साथ ही अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल कर सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ में यूनिसेफ उत्तर प्रदेश और समग्र शिक्षा (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमे 75 जिलों से चयनित 156 मास्टर ट्रेनर्स (हर जिले से दो मास्टर ट्रेनर्स) को प्रशिक्षित किया गया है।
प्रक्षिणार्थियों को संबोधित करते हुए विष्णुकांत पांडेय अडिशनल स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर समग्र शिक्षा (माध्यमिक) ने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को भविष्य में सही करियर चुनने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षकों को अपने विषय के साथ-साथ शिक्षण पेशे में हो रहे नवाचारों से लगातार खुद को अपडेट करते रहना चाहिए, तभी हम विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति में कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिन्हें समझना और अपनाना आवश्यक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हम अपने मोबाइल को समय-समय पर अपडेट करते हैं, वैसे ही शिक्षकों को भी नवीनतम जानकारियों और नीतियों से अपडेट रहना चाहिए, ताकि वे विद्यार्थियों के लिए एक प्रभावी मार्गदर्शक बन सकें।
यूनिसेफ़ उत्तरप्रदेश के चीफ (कार्यकारी) डॉ. अमित मेहरोत्रा ने कहा कि करिअर गाइडन्स के क्षेत्र में नित नए आयाम जुडते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसी एक व्यक्ति या संस्था के लिए सभी क्षेत्रों की आवश्यक जानकारी रखना संभव नहीं होता है। प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि हम सभी शिक्षक मिलकर एक ऐसा मंच तैयार करें जिसमें हम समय-समय पर हम नए आयामों व अवसरों को जोड़ते जाएँ और बच्चों को बताएं।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक प्रतिमा सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग का मुख्य कार्य पढ़ाई-लिखाई से संबंधित है, परंतु दुर्भाग्यवश हम खुद पढ़ाई लिखाई से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हमें अपने रुचि के विषयों पर रोज कुछ न कुछ पढ़ना चाहिए और छात्रों के हित में कार्य करना चाहिए।
यूनिसेफ के शिक्षा अधिकारी श्री रवि राज दयाल कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सभी मास्टर ट्रेनर्स यह सुनिश्चित करेंगे कि जिलों में यह प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता का हो और विद्यालयों के नोडल शिक्षक बच्चों के साथ मिलकर कार्यक्रम के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करें। कार्यशाला में करियर मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ सागर आनंद ने करियर काउंसलिंग की प्रक्रिया और उसकी महत्वपूर्ण बातों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, विक्रमशिला संस्था की ओर से सोमा चौधरी, रश्मि झा और अन्य प्रशिक्षकों ने करियर हब, करियर क्लब, साईकोमेट्रिक टेस्ट और शिक्षक-अभिभावक बैठक जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की ।
प्रशिक्षण के दौरान SWOT विश्लेषण के जरिए शिक्षकों को करियर गाइडेंस कार्यक्रम की ताकत (Strengths), कमजोरियां (Weaknesses), अवसर (Opportunities) और चुनौतियां (Threats) को समझने का तरीका व इसके साथ ही, व्यक्तिगत प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के बारे में जानकारी दी गई, ताकि वे अधिक प्रभावी तरीके से अपने कार्य में दक्ष बन सकें और विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें।
कार्यक्रम के तहत विद्यालय स्तर पर करियर हब की स्थापना, करियर क्लब का गठन, शिक्षक-अभिभावक बैठकों का आयोजन, करियर मेलों का आयोजन, विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र, औद्योगिक, व्यवसायिक और शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण, पंख पोर्टल के माध्यम से करियर विकल्प, छात्रवृत्तियां, परीक्षाओं और कॉलेजों की जानकारी, और वेबिनार के जरिए करियर विकल्पों तथा परीक्षाओं आदि की जानकारी दी गई।
राज्य स्तर पर सम्पन्न इस प्रशिक्षण के पश्चात मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जनपदों के सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। साथ ही, वे जिलों के अधिकारियों और नोडल शिक्षकों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले के सभी विद्यालयों में करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम की गतिविधियाँ प्रभावी रूप से संचालित हो रही हैं।
नोडल शिक्षक इस कार्यक्रम के प्रमुख स्तंभ हैं और अपने विद्यालयों में वे विद्यार्थियों को नियमित रूप से करियर परामर्श प्रदान करना, करियर योजना बनाने में उनकी मदद करना, स्कूलों में साप्ताहिक/पाक्षिक करियर क्लब गतिविधियों का आयोजन करना, विद्यालय में करियर हब की स्थापना करना आदि सुनिश्चित करेंगे।
कार्यशाला में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर सभी 75 जिलों में अध्यापकों का प्रशिक्षण करेंगे जिससे 9 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे । बच्चों को दी जा रही करियर जानकारी में लगभग 500 विकल्पों की जानकारी शामिल है।
कार्यशाला की सफलता पूर्वक क्रियान्वयन में डॉ. राजेश मिश्रा, उमा मिश्रा, बबीता मेहरोत्रा, सत्यवीर सिंह, सोनी सिंह, हरि त्रिपाठी, योगेन्द्र शुक्ला, शिवेंद्र सिंह और अमित पाण्डेय का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला में सभी प्रशिक्षकों ने करियर मार्गदर्शन को अपने-अपने जनपदों एवं विद्यालयों में सफलतापूर्वक लागू करने और छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन देने की प्रतिबद्धता जताई।
एयरपोर्ट रोड स्थित हरहुआ में प्रतिष्ठित की गई है बजरंगबली की प्रतिमा
एक दिवसीय वाराणसी दौरे के अंत में सीएम योगी ने हनुमान मंदिर में किया दर्शन-पूजन
वाराणसी/लखनऊ, 27 अक्टूबर2024 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान रविवार को एयरपोर्ट रोड स्थित हरहुआ के काजीसराय क्षेत्र में 51 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके उपरांत उन्होंने परिक्रमा करते हुए विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा-अर्चना की। जय हनुमान श्री पीठ ट्रस्ट द्वारा स्थापित इस भव्य प्रतिमा को राजस्थान के कारीगरों ने दो साल में तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने काशीवासियों के लिए आस्था के इस प्रतीक को समर्पित किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया, जहां उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रदेश के संस्कृत विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ भी किया, जिसमें हजारों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने वाराणसी सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की।
सीएम योगी के नेतृत्व में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और उपलब्धि
प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम
लखनऊ, 27 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निरंतर प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से मेरठ में नए विद्या विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्राधिकार पत्र प्रदान किया गया है। यह प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सरकार का एक और अहम कदम है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार हो रहा है, जो प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक अहम कदम है। प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा, एमoपीo अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विद्या विश्वविद्यालय, मेरठ को संचालन की अनुमति देते हुए विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन हेतु नियमों और शर्तों के अनुपालन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय युवाओं को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
विद्या विश्वविद्यालय, मेरठ को हाल ही में उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (आठवाँ संशोधन) अध्यादेश, 2024 के तहत अनुमोदित किया गया है और इसे उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की अनुसूची-2 में कमांक 46 पर शामिल किया गया है। प्राधिकार पत्र के साथ अब यह विश्वविद्यालय अपनी संचालन प्रक्रिया प्रारंभ कर सकेगा।
• डॉ. शिल्पा पांडे के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम: भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजन। • ग्रामीणों ने ली अखंडता की शपथ: भ्रष्टाचार मुक्त समाज में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई। • चर्चा के विषय: भ्रष्टाचार की पहचान, रिपोर्टिंग तंत्र, पारदर्शिता में नागरिकों की भूमिका। • ग्रामीणों का सक्रिय योगदान: बलराम सिंह, अनिल कुमार सिंह आदि ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। • समापन के दौरान डॉ. पांडे का आह्वान: सामूहिक प्रयासों से समाज में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार उन्मूलन की अपील।
लखनऊ : 27 अक्टूबर, 2024: लखनऊ के बीकेटी तहसील के अस्ती गाँव मे वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी, बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान, लखनऊ की डॉ. शिल्पा पांडे के नेतृत्व में अस्तीगांव में “ग्राम सभा सतर्कता जागरूकता सप्ताह” के तहत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत में शीर्ष भ्रष्टाचार विरोधी निकाय, केंद्रीय सतर्कता आयोग के निर्देशन में किया गया था।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नागरिकों के बीच अखंडता को बढ़ावा देना और शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता के महत्व को उजागर करना था। इस मौके पर स्थानीय प्रधान समेत अस्तीगांव के अनेक निवासियों ने सक्रिय भागीदारी की। डॉ. पांडे ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की और समाज में पारदर्शिता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
सत्र के प्रमुख बिंदु
कार्यक्रम के दौरान, डॉ. पांडे ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की
• दैनिक शासन में भ्रष्टाचार की पहचान: कैसे स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार को पहचाना जा सकता है और इससे बचने के उपाय।
• रिपोर्टिंग तंत्र की भूमिका: नागरिकों को भ्रष्टाचार के मामलों की रिपोर्टिंग के लिए उपलब्ध साधनों और प्लेटफॉर्म्स की जानकारी दी गई।
• नागरिकों की भूमिका: पारदर्शिता को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाने में नागरिकों के योगदान पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
सत्र में बलराम सिंह, राम सेवक, अनमोल सिंह, रेनू, राम दुलारी, माधुरी, देवेंद्र प्रताप, विजय और चेतराम जैसे ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार पर अपने विचार और अनुभव साझा किए। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, अस्ती के प्रबंधक अनिल कुमार सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए और जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार से निपटने के लिए व्यावहारिक रणनीतियां सुझाईं। इस चर्चा ने समुदाय के सदस्यों के बीच सहयोगात्मक भावना को प्रोत्साहित किया और सभी को अधिक समृद्ध और पारदर्शी गांव के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन और आगे की योजनाएं
कार्यक्रम का समापन एक सशक्त कार्रवाई के आह्वान के साथ हुआ, जिसमें डॉ. शिल्पा पांडे ने ग्रामीणों को सतर्क और सक्रिय रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “राष्ट्र की समग्र समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, और प्रत्येक नागरिक की सतर्कता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
इस अवसर पर ग्रामीणों ने सत्यनिष्ठा की शपथ ली और भ्रष्टाचार उन्मूलन के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने इस जानकारीपूर्ण सत्र की सराहना की और चर्चा की गई रणनीतियों को अपने जीवन में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। कई ग्रामीणों ने सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के बारे में अपनी समझ को और गहरा करने के लिए भविष्य में आगे के प्रशिक्षण सत्रों में रुचि व्यक्त की। इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ाने और एक पारदर्शी और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की भावना को प्रोत्साहित किया। “ग्राम सभा सतर्कता जागरूकता सप्ताह” का यह कार्यक्रम एक सफल प्रयास साबित हुआ, जिसमें अस्तीगांव के ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार विरोधी उपायों को समझने और अपनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया। यह पहल समाज में सतर्कता और पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करती है, और आने वाले समय में अन्य ग्रामीण समुदायों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगी।