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‘बॉर्डर 2’ ने छठे दिन भी किया राज, कमाई में शाहरुख की दो फिल्मों को पीछे छोड़ा

सनी देओल की वॉर ड्रामा ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है और जल्द ही इसके  रुकने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं. ये फिल्म दर्शकों की फेवरेट बन गई है और इसे देखने के लिए खूब दर्शक पहुंच रहे हैं. गणतंत्र दिवस के एक्सटेंडेड वीकेंड में ‘बॉर्डर 2’ ने धुआंधार कमाई की. हालांकि सोमवार को इसके कलेक्शन में गिरावट दर्ज की गई. चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के छठे दिन यानी बुधवार को कितनी कमाई की है?

बॉर्डर 2’ ने रिलीज के छठे दिन कितनी कमाई की?
‘बॉर्डर 2’ साल 2026 की पहली सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. इस फिल्म ने शानदार शुरुआत के बाद जबरदस्त पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ की बदौलत ओपनिंग वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार परफॉर्म किया. वहीं अब नॉन हॉलीडे पर भी इस फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. हालांकि रिलीज के पहले मंडे इसके कलेक्शन में 60 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई फिर भी इसकी कमाई धुआंधार रही है. वहीं अब मंगलवार को छठे दिन इसकी कमाई में काफी मंदी तो देखी गई लेकिन इसने कमाल करते हुए 200 करोड़ का आंकड़ा भी पार कर लिया है.

  • इसी के साथ फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के पहले दिन 30 करोड़ , दूसरे दिन 36.5 करोड़, तीसरे दिन 54.5 करोड़, चौथे दिन 59 करोड़ और पांचवें दिन 20 करोड़ का कलेक्शन किया है.
  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 6ठे दिन यानी बुधवार को 13 करोड़ रुपये हो गई है.
  • इसी के साथ ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 6 दिनों में 213 करोड़ रुपये हो गई है.

बॉर्डर 2’ ने छठे दिन शाहरुख खान की दो फिल्मों को दी मात
‘बॉर्डर 2’ की कमाई में रिलीज के छठे दिन सबसे ज्यादा मंदी देखी गई और इसने अब तक का सबसे क कलेक्शन किया. हालांकि 13 करोड़ की कमाई कर इस फिल्म ने शाहरुख खान की दो फिल्मों चेन्नई एक्सप्रेस (12.56 करोड़) और डंकी ( 11.56 करोड़) को मात दे दी है. इनके अलावा ‘बॉर्डर 2’ ने आयुष्मान खुराना की थामा (12.5 करोड़) और सलमान खान की प्रेम रत्न धन पायो (12.04 करोड़) को भी पछाड़ दिया है. 

बॉर्डर 2 की कास्ट, रिलीज डेट और बैकग्राउंड
1997 में रिलीज हुई ओरिजनल फिल्म बॉर्डर के लगभग तीन दशक बाद  बॉर्डर 2 सिनेमाघरों में आई है. ये सीक्वल 23 जनवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी.  इस वॉर ड्रामा का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है और जेपी दत्ता ने अपनी बेटी निधि दत्ता के साथ मिलकर इसका निर्माण किया है.  मुख्य कलाकारों सनी देओल, दिलजीत दोसांझ, वरुण धवन और अहान शेट्टी शामिल हैं. वहीं फिल्म में सोनम बाजवा, मेधा सिंह, मोना सिंह, परमवीर सिंह चीमा और अन्य ने अहम रोल प्ले किया है.

रूसी तेल पर भारत को टैरिफ से राहत मिलेगी या नहीं? 25% शुल्क हटाने पर ट्रंप गुट की शर्त सामने आई

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड वार्ता अब तक किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाई है. अमेरिका इस समय भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया हुआ है, जिसमें से 25 फीसदी शुल्क रूसी तेल खरीदने को लेकर शामिल है. इस बीच अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर ने कहा कि यदि भारत अमेरिकी टैरिफ से छूट चाहता है तो उसे रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अमेरिका की चिंता को दूर करना होगा.

भारत पर लगा 25% टैरिफ कैसे हटेगा? 

भारत और अमेरिका के अधिकारी पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को कम करने के लिए कई महीनों से बातचीत में लगे हुए हैं. अमेरिकी दवाब के वाबजूद भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है. फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में जैमीसन ग्रीर ने कहा कि भारत ने रूसी तेल के आयात को कम करने के लिए कदम उठाए हैं. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि रूस से तेल की आपूर्ति में मिलने वाली छूटों के कारण पूरी तरह से आयात बंद करना अभी मुश्किल है.

भारत को छूट पसंद है: जैमीसन ग्रीर

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘भारत को रूसी तेल पर मिलने वाली छूट पंसद है. भारतीय समकक्ष के साथ नियमित रूप से बातचीत के बावजूद इस मोर्चे पर अभी भी कई चीजें अनसुलझी है.’ इस बीच, भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दे दिया है. इसे से ट्रंप के ट्रेड डील के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. इसे लेकर ट्रंप के करीबी जैमीसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका की बदलती ट्रेड पॉलिसी की वजह से भारत-EU के बीच फ्री ट्रेड डील हुआ है.

यूरोपीय यूनियन पर भड़के ट्रंप के करीबी

उन्होंने कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ डील में सबसे बड़ा फायदा भारत का होने वाला है. यूरोप के बाजार में भारत की पहुंच बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका वैश्वीकरण की कुछ समस्याओं को ठीक करने की कोशिश कर रहा है, तब यूरोप वैश्वीकरण पर और जोर दे रहा है.

WPL 2026: प्लेऑफ से पहले यूपी वॉरियर्स को बड़ा झटका, चोटिल फोएबे लिचफील्ड टूर्नामेंट से बाहर

महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में यूपी वॉरियर्स (UP Warriorz) को प्लेऑफ की रेस के अहम मोड़ पर बड़ा झटका लगा है. टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल ऑस्ट्रेलिया की फोएबे लिचफील्ड चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं. इसकी पुष्टि यूपी वॉरियर्स ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर की.

फोएबे लिचफील्ड का बाहर होना टीम के लिए नुकसान

फोएबे लिचफील्ड इस सीजन यूपी वॉरियर्स की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज थीं. उन्होंने अब तक खेले गए 6 मैचों में 243 रन बनाए थे और टूर्नामेंट की टॉप रन-स्कोरर्स में भी शामिल थीं. ऐसे समय में उनका बाहर होना टीम के बल्लेबाजी क्रम को कमजोर कर सकता है, खासकर तब जब हर मैच अब “करो या मरो” जैसा हो गया है.

एमी जोन्स को मिली जिम्मेदारी

लिचफील्ड की जगह यूपी वॉरियर्स ने इंग्लैंड की अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज एमी जोन्स को टीम में शामिल किया है. एमी जोन्स को 50 लाख रुपये में साइन किया गया है. वह इंग्लैंड के लिए 125 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी हैं और उनके नाम 1666 रन दर्ज हैं. उनकी अनुभव भरी मौजूदगी से टीम को मध्यक्रम में स्थिरता और विकेटकीपिंग में मजबूती मिलने की उम्मीद है.

प्लेऑफ की रेस में फंसी यूपी वॉरियर्स

यूपी वॉरियर्स की स्थिति इस समय काफी नाजुक है. टीम ने अब तक 6 मैचों में सिर्फ 2 जीत हासिल की है और उसका नेट रन रेट -0.769 है. पॉइंट्स टेबल में आखिरी दो प्लेऑफ स्थानों के लिए चार टीमें मजबूती से दावेदारी कर रही हैं, ऐसे में यूपी को अब बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी.

आगे की राह आसान नहीं

मेग लैनिंग की कप्तानी वाली टीम को आगे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला करना है. इन दोनों मैचों में जीत के साथ-साथ बेहतर नेट रन रेट हासिल करना भी यूपी वॉरियर्स के लिए जरूरी होगा. फोएबे लिचफील्ड की गैरमौजूदगी में अब सभी की नजरें एमी जोन्स पर होंगी कि क्या वह इस मुश्किल वक्त में यूपी वॉरियर्स की नैया पार लगा पाती हैं या नहीं.

Why Physical Inactivity Is Increasing Worldwide:दुनिया में एक अरब लोग प्रभावित, भारत में भी तेजी से बढ़ता खतरा

दुनिया आज मोटापे और फिजिकल एक्टिविटी की कमी एक गंभीर और खामोश महामारी से जूझ रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 31 प्रतिशत एडल्ट यानी लगभग 1.8 अरब लोग जरूरी फिजिकल एक्टिविटी नहीं कर पा रहे हैं. यह आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ते हार्ट अटैक, डायबिटीज और कैंसर का संकेत है. चिंता की बात यह है कि 2010 से 2022 के बीच शारीरिक अनएक्टिविटी में करीब 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और अगर यही रफ्तार रही, तो 2030 तक यह आंकड़ा 35 प्रतिशत तक पहुंच सकता है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, एक वयस्क को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मध्यम या 75 मिनट की तेज शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए. लेकिन दुनिया का बड़ा हिस्सा इस लक्ष्य से काफी पीछे है. इसका सीधा असर हार्ट रोग, स्ट्रोक, टाइप-2 डायबिटीज, डिमेंशिया और ब्रेस्ट व कोलन कैंसर जैसी बीमारियों के बढ़ते मामलों के रूप में सामने आ रहा है.

भारत में भी स्थिति गंभीर 

भारत की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। पिछले दो दशकों में देश में मोटापा तेजी से बढ़ा है, लेकिन इस पर उतनी गंभीर चर्चा नहीं हुई. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के मुताबिक, भारत में करीब हर चौथा वयस्क मोटापे का शिकार है. यही वजह है कि वजन बढ़ना और उससे जुड़ी बीमारियां अब भारत के लिए एक साइलेंट किलर बनती जा रही हैं. राज्य-दर-राज्य आंकड़े देखें तो कहीं मोटापे की दर 8 प्रतिशत है, तो कहीं यह 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है. शहरों के साथ-साथ गांवों में भी पुरुष और महिलाएं दोनों इसकी चपेट में हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक स्टडी के अनुसार, देश में करोड़ों लोग पेट के मोटापे, सामान्य मोटापे और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं.

पिछले 15 सालों में भारत में ओवरवेट और मोटे लोगों की संख्या दोगुनी हो चुकी है, जबकि 30 सालों में यह तीन गुना बढ़ी है. सबसे डराने वाली बात यह है कि भारत में 1.44 करोड़ से ज्यादा बच्चे मोटापे से ग्रस्त हैं, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य संकट और गहरा सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉक्टरों के अनुसार, मोटापा सिर्फ वजन बढ़ने की समस्या नहीं है. इससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर,  हार्ट की बीमारी, स्लीप एपनिया और कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.खासतौर पर पेट के आसपास जमा चर्बी सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है. इस बढ़ती समस्या के पीछे हमारी बदलती लाइफस्टाइल और खानपान बड़ी वजह है. शहरीकरण, लंबे समय तक बैठकर काम करना, कम शारीरिक मेहनत और प्रोसेस्ड व फास्ट फूड की बढ़ती खपत ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. WHO के मुताबिक, भारत में करीब आधी आबादी पर्याप्त एक्सरसाइज नहीं करती. कोविड महामारी ने भी इस स्थिति को और खराब किया, जब लोगों की शारीरिक गतिविधि कम हुई और स्क्रीन टाइम बढ़ गया.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

वीकेंड एस्केप प्लान: अरावली क्षेत्र में इतिहास और एडवेंचर का मज़ा देने वाली 2 शानदार डेस्टिनेशन

कुछ समय पहले अरावली हिल्स पर चल रहे विवादों के बारे में तो आप सभी जानते होंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दे दी। ऐसे में अरावली पहाड़ियों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में लोग अरावली पहाड़ियों के बारे में सर्च कर रहे हैं और घूमने का प्लान भी बना रहे हैं। अरावली पहाड़ियां खूबसूरती के लिए सबसे खास मानी जाती हैं। कई लोग ऐसे भी हैं, जो यहां पर घूमने के लिए जा रहे हैं। ऐसे में कई लोग जो घूमने जा रहे हैं, लेकिन उनको पता ही नहीं है कि वह अरावली की पहाड़ियों में आते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन पहाड़ी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।

कहां है माउंट आबू

बता दें कि माउंट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है। यह राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 1,220 मीटर है। माउंट आबू रेगिस्तान के बीच ठंडी वादियों का तोहफा माना जाता है। यहां का मौसम ठंडा और सुहावना रहता है। आप माउंट आबू में पहाड़, हरियाली और झील आदि का नजारा देखने के लिए आ सकती हैं। यह जगह कपल, सोलो और फैमिली के साथ आने के लिए बेस्ट है।

यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट उदयपुर है, जोकि करीब 165 किमी दूर है। वहीं अगर आप ट्रेन से आते हैं, तो नजदीकी रेलवे स्टेशन आबू रोड स्टेशन है। दिल्ली से यहां की दूरी करीब 750 किमी है। आप यहां पर बस, टैक्सी या फिर अपनी गाड़ी से आराम से पहुंच सकती हैं।

कुंभलगढ़

कुंभलगढ़, राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है। यह अरावली पर्वतमाला के बीच बसा हुआ एक किला है। दुनियाभर में कुंभलगढ़ को इसकी विशाल दीवार के लिए जाना जाता है। इस किले की दीवार करीब 36 किमी लंबी है। कुंभलगढ़ का नाम यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भी शामिल है। यह राजस्थान में ऊंचाई पर बना एक बेहद खूबसूरत महल है। इसके अलावा यहां पर घूमने आना भी ज्यादा महंगा नहीं है। आप सिर्फ 10 हजार रुपए के अंदर आसानी से घूम लेंगी।

सरिस्का टाइगर रिजर्व

यह जगह राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है। यह अरावली की पहाड़ियों में फैला हुआ एक फेमस रिजर्व पार्क है। सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर शहर से करीब 35 किमी दूर है। वहीं दिल्ली से यहां की दूरी करीब 200 किमी है। इस पार्क को रॉयल बंगाल टाइगर के लिए भी जाना जाता है और आप चाहें तो यहां पर जीप सफारी का भी आनंद ले सकते हैं।

यहां का नजदीकी एयरपोर्ट जयपुर है। वहीं अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं, तो नजदीकी स्टेशन अलवर जंक्शन है। लेकिन अगर आप दिल्ली से कार या बस से आते हैं, तो आपको आने में 4-5 घंटे का समय लग सकता है। बता दें कि अरावली की पहाड़ियां भारत में 4 प्रमुख राज्यों से होकर गुजरती हैं। इसमें दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान शामिल है।