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Nipah Virus Bat Transmission:  शरीर में 45 दिन तक चुपचाप रह सकता है, जानें कब बन जाता है खतरनाक

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई है. वजह साफ है कि यह वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है और अगर इंसान से इंसान में फैलने लगे, तो हालात बहुत तेजी से बिगड़ सकते हैं. आमतौर पर इसका सोर्स फल खाने वाले चमगादड़ होते हैं, कभी-कभी कच्चे खजूर के रस  या चमगादड़ों द्वारा दूषित फलों के ज़रिए यह वायरस शरीर में पहुंच जाता है. सबसे डरावनी बात इसकी मृत्यु दर है, जो करीब 40 से 75 प्रतिशत तक बताई जाती है. यही कारण है कि किसी भी देश में निपाह का एक भी केस मिलते ही स्वास्थ्य एजेंसियां हाई अलर्ट पर चली जाती हैं.

निपाह वायरस इतना खतरनाक क्यों है?

निपाह को खतरनाक बनाने वाली सबसे बड़ी वजह यह है कि अब तक इसका कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. इलाज सिर्फ लक्षणों के आधार पर किया जाता है और कई मामलों में मरीज को आईसीयू में रखना पड़ता है. डॉ अशुतोष कुमार गर्ग ने TOI को बताया कि जो लोग इससे बच जाते हैं, उनमें भी लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल यानी दिमाग से जुड़ी समस्याएं रह सकती हैं.

शरीर में कैसे बढ़ता है निपाह?

निपाह वायरस तुरंत असर नहीं दिखाता.डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि इसका इन्क्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 4 से 14 दिन का होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह 45 दिन तक छुपा रह सकता है. इस दौरान व्यक्ति खुद को बिल्कुल ठीक महसूस करता है, लेकिन अंदर ही अंदर वायरस सक्रिय होता रहता है.

बीमारी के दो चरण

एक्सपर्ट के अनुसार, निपाह संक्रमण अक्सर दो स्टेज में सामने आता है, जिसमें

पहला चरण – फ्लू जैसा दौर

इस स्टेज में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, उल्टी और मितली जैसी शिकायतें होती हैं. कई बार इसे लोग सामान्य फ्लू या कोविड समझकर नजरअंदाज कर देते हैं.

दूसरा चरण – सबसे खतरनाक

यहां से बीमारी जानलेवा रूप ले सकती है. निपाह वायरस दिमाग पर हमला करता है और एन्सेफलाइटिस पैदा कर सकता है. इस दौरान चक्कर आना, अत्यधिक नींद आना, भ्रम की स्थिति, होश कम होना, सांस लेने में दिक्कत, दौरे पड़ना और यहां तक कि 24 से 48 घंटे में कोमा तक की नौबत आ सकती है.

कैसे फैलता है निपाह वायरस?

संक्रमित चमगादड़ों या सूअरों के सीधे संपर्क से

चमगादड़ों द्वारा दूषित फल या कच्चा खजूर रस पीने से

संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से (मानव से मानव)

किन देशों में मिल चुके हैं केस?

दुनिया के कई हिस्सों में निपाह वायरस के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बांग्लादेश, मलेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस शामिल हैं. भारत में रिपोर्ट के अनुसार इससे पश्चिम बंगाल में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद दुनिया के कई देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. आपको बता दें कि जैसे ही इसका कोई मामला सामने आता है, टेस्टिंग, आइसोलेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी जाती है ताकि इंफेक्शन को फैलने से रोका जा सके.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

EU-भारत डील के बाद कनाडा के पीएम ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, टैरिफ की धमकी के बीच उठाया अहम मुद्दा

अमेरिका के साथ संबंधों में आई दरार के बीच कनाडा ने ट्रेड के लिए नए विकल्प खोजने शुरू कर दिए हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने देश की संसद को बताया कि इन दिनों अमेरिका में कुछ भी सामान्य नहीं है. उन्होंने कहा, ‘दुनिया बदल गई है. वाशिंगटन भी बदल गया है. अब संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग कुछ भी सामान्य नहीं है और यही सच्चाई है.’

मार्क कार्नी का अमेरिका पर निशाना

दावोस में विश्व आर्थिक मंच से मार्क कार्नी ने अमेरिका की नीतियों पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने कहा था, ‘मौजूदा समय में हम एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं. अब पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आएगी. कार्नी के भाषण को अन्य यूरोपीय देशों का समर्थन मिला था, जिससे अमेरिका हिल गया. मार्क कार्नी ने सोमवार (26 जनवरी 2026) को यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी. इस बातचीत में कार्नी ने साफ कर दिया कि उन्होंने दावोस में दिए गए अपने बयान पर कायम हैं.’

व्हाइट हाउस के दावे को कार्नी ने किया खारिज

मार्क कार्नी ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका की व्यापार नीति में आए बदलाव के जवाब में कनाडा अपनी रणनीति तय कर रहा है. कनाडा के पीएम के बयान ने व्हाइट हाउस के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कार्नी दावोस में दिए गए अपने बयान से पीछे हट गए. फोन कॉल के बाद कार्नी ने कहा, ‘मैंने जो दावोस में कहा, वही मेरा मतलब था. मैंने यही बातें ट्रंप से भी कही.

ट्रंप ने दी 100 फीसदी टैरिफ की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर उसने चीन के साथ व्यापार समझौता आगे बढ़ाया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले सभी सामानों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देगा. वहीं इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पलटवार किया है और देशवासियों से कनाडा में ही बने सामान खरीदने और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने की अपील की.

अमेरिका और कनाडा के रिश्ते कैसे खराब हुए?

अमेरिका और कनाडा के रिश्ते उस समय से खराब होते जा रहे हैं, जब से ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने हैं. ट्रंप पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने जैसी बातें कह चुके हैं और ग्रीनलैंड को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं. इसी बीच ट्रंप की धमकी के जवाब में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ‘बाई कैनेडियन’ नीति को आगे बढ़ाने की बात कही.

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी रणनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत की ओर देख रहे हैं. वह मार्च में भारत का दौरा कर सकते हैं. इस दौरान कार्नी यूरेनियम, एनर्जी, मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

‘बच्चे की भलाई के लिए किया गया गलत शादी का फैसला…’ सनी देओल की ऑनस्क्रीन पत्नी का बयान चर्चा में

बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों ‘बॉर्डर 2’ का बोलबाला चल रहा है. फिल्म लगातार रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने में लगी हुई है. इसी बीच इस फिल्म की स्टारकास्ट भी लगातार चर्चा में बनी हुई हैं. हाल ही में मोना सिंह ने अपनी शादीशुदा जिंदगी और बच्चे की प्लानिंग के बारे में बात की है. मोना ने बताया है कि शादी से पहले ही उन्होंने अपने एग्स फ्रीज करवा दिए थे.

मोना ने करवाए हैं एग्स फ्रीज
मोना सिंह ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से बातचीत करते हुए अपने एग फ्रीजिंग के डिसीजन के बारे में बताया. एक्ट्रेस ने बताया कि उनके घर पर उनके फैमिली गायनेकोलॉजिस्ट आए थे, तभी उन्होंने मोना के माता- पिता के सामने उन्हें एग फ्रीज करवाने की सलाह दी. डॉक्टर की ये बात मोना को भी ठीक लगी और उन्होंने इसे मानने का फैसला किया. एक्ट्रेस ने इस दौरान ये भी बताया कि उनकी बॉडी ने इस प्रोसेस के दौरान कैसा रिएक्ट किया और उन्होंने कैसे ये प्रोसेस की.

‘पेनफुल होती है प्रोसेस’
मोना ने बताया कि- ‘इस प्रोसेस में तीन से छह महीने लग सकते हैं और शायद ये थोड़ी पेनफुल प्रोसेस भी हो सकती है क्योंकि आप बहुत सारे मूड स्विंग्स से गुजरते हैं. बॉडी चेंज होती है और थोड़े से हार्मोन भी आपके अंदर इंजेक्ट किए जाते हैं. कुछ दिन आपको ब्लोटिंग होगी. कुछ दिन आपको अपने बारे में अच्छा महसूस नहीं होगा’. आगे एक्ट्रेस ने बताया कि इस प्रोसेस के बाद बस भूल जाएं और अपनी लाइफ कोएंजॉय करें और जब मर्जी हो तब शादी करें. एक्ट्रेस ने ये भी कहा कि कम से कम ये तसल्ली रहती है कि, ‘कम से कम आप बच्चे के लिए गलत आदमी से शादी तो नहीं कर रही हैं.’

टीवी से लेना पड़ा ब्रेक
इस काम के लिए एक्ट्रेस ने टीवी से भी करीब चार महीने का ब्रेक लिया था. बता दें कि मोना सिंह ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल की पत्नी के किरदार में नजर आ रही हैं. फिल्म में मोना का किरदार काफी स्ट्रॉन्ग और अच्छा दिख रहा है. एक्ट्रेस की एक्टिंग की भी जोरदार है और उनके काम की सराहना भी हो रही है.

F-35 सौदे से पीछे हटने पर कनाडा को अमेरिका की चेतावनी, पीएम कार्नी को मिला सख्त संदेश

कनाडा के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राजदूत पीट होकस्ट्रा ने कनाडा को बड़ी चेतावनी दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और कनाडा में अमेरिकी राजदूत होकस्ट्रा ने कहा कि अगर कनाडा 88 लॉकहीड मार्टिन F-35 लड़ाकू विमान खरीदने के अपने फैसले से पीछे हटता है तो अमेरिका कनाडा के एयरस्पेस में अपने लड़ाकू विमान भेजेगा. साथ ही अपने दशकों पुराने नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) समझौते में बदलाव कर सकता है.

F-35 सौदे को लेकर अमेरिका और कनाडा के बीच चल रही ताजा खींचतान में होकस्ट्रा ने कहा कि अगर कनाडा कम संख्या में फाइटर जेट खरीदता है तो अमेरिका सुरक्षा से जुड़ी खामियों को खुद भरने के लिए मजबूर होगा. इसका मतलब यह हो सकता है कि अमेरिका अपने इस्तेमाल के लिए और ज्यादा F-35 फाइटर जेट खरीदे और कनाडाई एयरस्पेस में पहले से ज्यादा बार हस्तक्षेप करे.

NORAD समझौते पर क्या बोले अमेरिकी राजदूत?

NORAD के मौजूदा नियमों के तहत, अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के एयरस्पेस में खतरों की निगरानी या उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई कर सकते हैं. हालांकि, होकस्ट्रा ने इस बात की ओर इशारा किया है कि अगर फाइटर जेट के सौदे में किसी तरह का बदलाव होता है तो अमेरिकी हस्तक्षेप इससे भी आगे बढ़ सकता है, जिसके चलते शीत युद्ध के समय के इस समझौते की शर्तों में बदलाव भी करना पड़ेगा.

CBC न्यूज को दिए इंटरव्यू में कनाडा में अमेरिकी राजदूत पीट होकस्ट्रा ने कहा कि NORAD में बदलाव करना पड़ेगा. उनका यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब कुछ महीने पहले कनाडा की सरकार ने कहा था कि वह लड़ाकू विमान सौदे की शर्तों की समीक्षा कर रही है, क्योंकि यह सौदा अनुमान से कहीं ज्यादा महंगा साबित हो रहा है.

2022 में कनाडा और लॉकहीड मार्टिन के बीच हुआ था सौदा

कनाडा से साल 2022 में अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन से 88 F-35A एडवांस्ड फाइटर जेट खरीदने पर सहमति जताई थी. शुरुआत में कनाडाई सरकार ने 16 डिलीवर किए जाने वाले जेट्स के लिए फंडिंग को मंजूरी दी थी, लेकिन जल्द ही इस सौदे में कई चुनौतियां सामने आने लगीं. इसमें न सिर्फ जेट्स के निर्माण में अनुमान से ज्यादा समय लग रहा है, बल्कि 2025 में हुई शुरुआती ऑडिट में यह भी सामने आया कि इस सौदे की लागत बढ़कर 37.7 अरब डॉलर हो गई है, जो पहले अनुमानित 19 अरब डॉलर से काफी ज्यादा है.

ट्रंप की धमकियों के बीच पीएम कार्नी ने दिया था समीक्षा का आदेश

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ लगाने की धमकियों के चलते अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते तनाव के बीच, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस सौदे की समीक्षा कराने का आदेश दिया था.

Sports News:चौथे टी20 में क्यों फिसला भारत? विशाखापट्टनम में हार के पीछे ये 3 अहम वजहें

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार (28 जनवरी) को विशाखापट्टनम में खेले गए चौथे टी20 में हार 50 रन से हार का सामना करना पड़ा. बता दें कि सीरीज के शुरुआती 3 मैचों में टीम इंडिया ने जीत हासिल करते हुए अजेय बढ़त बनाई थी. लगातार तीन मैच जीतने वाली टीम इंडिया अचानक चौथे टी20 में इतनी बुरी तरह से कैसे हार गई? यहां आपको भारत की हार के 3 बड़े कारण बताए जाएंगे.

खराब बॉलिंग

मुकाबले में पहले बॉलिंग के लिए उतरी टीम इंडिया के गेंदबाजों ने खूब रन लुटाए. न्यूजीलैंड ने भारतीय गेंदबाजों को आड़े हाथों लेते हुए 20 ओवर में 215 रन बोर्ड पर लगाए. कीवी टीम ने सिर्फ 8.1 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 100 रन बोर्ड पर लगा दिए थे. हालांकि इसके बाद टीम इंडिया ने 152 रन पर 5 विकेट गिरा लिए थे. लेकिन अंत में भारतीय गेंदबाज फिर फ्लॉप दिखे.

भारत के लिए हर्षित राणा ने 4 ओवर में 13.50 की इकॉनमी से सबसे ज्यादा 54 रन खर्च किए. हर्षित को कोई विकेट भी नहीं मिला. इसके अलावा रवि बिश्नोई ने 4 ओवर में 12.20 की इकॉनमी से 49 रन लुटाए. हालांकि उन्होंने 1 विकेट लिया. इसके अलावा जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 38, कुलदीप यादव ने 4 ओवर में 39 और अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 33 रन खर्चे. बुमराह को 1 विकेट मिला. वहीं कुलदीप और अर्शदीप ने 2-2 विकेट चटकाए.

खराब बैटिंग

खराब गेंदबाजी के बाद टीम इंडिया की तरफ से खराब बैटिंग भी देखने को मिली. मेन इन ब्लू ने पारी की शुरुआत ही विकेट के साथ की. अभिषेक शर्मा गोल्डन डक पर आउट हुए. फिर दूसरे ओवर में कप्तान सूर्यकुमार यादव 8 गेंदों में 08 रन बनाकर आउट हुए.

इसी तरह टीम के बल्लेबाज एक के बाद एक फ्लॉप होते रहे. सिर्फ शिवम दुबे ने शानदार पारी खेलते हुए 23 गेंदों में 3 चौके और 7 छक्कों की मदद से 65 रन स्कोर किए. इसके अलावा कोई भी दूसरा बल्लेबाज 40 रन का आंकड़ा नहीं छू सका. टीम के कुल 7 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके.

टॉस जीतकर किया गलत फैसला

मुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. सूर्यकुमार यादव का यह फैसला उनके लिए बिल्कुल गलत साबित हुआ. पहले बैटिंग का निमंत्रण पाने वाली न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 215/7 रन बोर्ड पर लगाए. फिर रन चेज के लिए मैदान पर उतरी टीम इंडिया 18.4 ओवर में 165 रन पर ऑलआउट हो गई.