Home Blog Page 90

Sports News:छठी जीत के दम पर बेंगलुरु ने फाइनल में सीधी एंट्री ली, यूपी वॉरियर्स की राह मुश्किल

महिला प्रीमियर लीग (WPL 2026) का 18वां मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और यूपी वॉरियर्स के बीच वडोदरा में खेला गया. मुकाबले में आरसीबी ने 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की. इस जीत के साथ टीम ने डायरेक्ट फाइनल में जगह बना ली है. वहीं यूपी वॉरियर्स का बुरा हाल हुआ है. आरसीबी ने पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहकर अपने लीग स्टेज के मैच समाप्त किए. मुकाबले में बेंगलुरु को जीत दिलाने में ग्रेस हैरिस और स्मृति मंधाना ने अहम योगदान दिया.

अब यूपी को अपना आखिरी लीग मैच 01 फरवरी को दिल्ली के खिलाफ खेलना है. प्लेऑफ में जगह हासिल करने के लिए टीम को इस मैच में जीत हासिल करने के साथ-साथ बाकी टीमों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा.

मैच का हाल

मुकाबले में पहले बैटिंग के लिए उतरी यूपी की टीम ने 20 ओवर में 143/8 रन बोर्ड पर लगाए. टीम के लिए दीप्ति शर्मा ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 43 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 55 रन स्कोर किए. इसके अलावा मेग लेनिंग ने 41 रनों की पारी खेली. टीम की 6 बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकीं, जिसमें तीन बल्लेबाज बिना खाता खोले ही रहीं. वहीं इस दौरान आरसीबी के लिए नादिन डी क्लर्क ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए.

रन चेज में बेंगलुरु ने दर्ज की एकतरफा जीत

रन चेज के लिए मैदान पर उतरी बेंगलुरु ने सिर्फ 13.1 ओवर में जीत अपने नाम कर ली. इस दौरान टीम ने सिर्फ 2 विकेट गंवाए. बेंगलुरु के लिए ओपनिंग पर उतरी ग्रेस हेरिस ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 37 गेंदों में 13 चौके और 2 छक्कों की मदद से 75 रन स्कोर किए. इसके अलावा कप्तान स्मृति मंधाना ने 27 गेंदों में 8 चौके और 2 छक्कों की मदद से 54* रन बनाए. हेरिस और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 108(55) रनों की साझेदारी की. अब बेंगलुरु टीम डायरेक्ट 05 फरवरी (गुरुवार) को खिताबी मुकाबले के लिए मैदान पर उतरेगी.

What Is The Devil Weight Loss Plan:सिर्फ 2 महीने में 15 किलो वजन घटाने का डरावना नतीजा, स्लिम होने के चक्कर में न करें ये गंभीर गलती

 कम समय में बहुत ज्यादा वजन घटाना कई लोगों को सपने जैसा लगता है, लेकिन इसके गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं. अचानक और तेजी से वजन घटाने से शरीर में कमजोरी, हार्मोनल असंतुलन, गॉलस्टोन्स और यहां तक कि अंगों को नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसा ही एक मामला चीन के हांगझोउ शहर से सामने आया है, जहां 26 वर्षीय युवती ने महज़ दो महीने में करीब 15 किलो वजन घटाने की कोशिश की, लेकिन अंत में उसे प्रीडायबिटीज का पता चला.

चीन में लड़की ने वजन कम करने के लिए उठाया कदम

यह युवती, जिसका नाम शियाओयू बताया गया है, अपनी सबसे अच्छी दोस्त की शादी के लिए जल्दी स्लिम होना चाहती थी. इसके लिए उसने जिस तरीके को अपनाया, उसे ‘डेविल वेट-लॉस प्लान’ कहा जा रहा है. इस योजना के तहत उसने अपने खाने से लगभग सभी मुख्य खाने की चीजों को हटा दिए और बहुत कम मात्रा में सब्जियां व चिकन ब्रेस्ट खाना शुरू किया. इसके साथ ही वह डेली बेहद कठिन वर्कआउट करती थी और कई बार 10 किलोमीटर से ज्यादा दौड़ भी लगाती थी.

इस सख्त रूटीन का असर जल्द दिखा और शादी से पहले ही शियाओयू का वजन 50 किलो तक पहुंच गया. शुरुआत में वह इस बदलाव से बेहद खुश थी, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिक पाई. जल्द ही उसे लगातार थकान, अत्यधिक प्यास, तेज भूख लगना, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होने जैसी परेशानियां होने लगीं.

तब शियाओयू ने हांगझोउ के एक अस्पताल के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में डॉक्टर से संपर्क किया। जांच में सामने आया कि उसका फास्टिंग ब्लड शुगर और दो घंटे बाद का ग्लूकोज लेवल सामान्य से काफी ज्यादा दिखा, इन लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों ने उसे प्रीडायबिटीज बताया.

क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉक्टरों के मुताबिक, उसने लगभग पूरी तरह से कार्बोहाइड्रेट लेना बंद कर दिया था और साथ ही हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज कर रही थी. इससे शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ गया, मांसपेशियों और पानी की भारी कमी हुई और मेटाबॉलिज्म को गंभीर नुकसान पहुंचा. बीमारी का पता चलने के बाद शियाओयू ने अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव किया. उसने संतुलित आहार अपनाया और बहुत ज्याद कठिन एक्सरसाइज की जगह मीडियम स्तर की एरोबिक एक्सरसाइज शुरू की. तीन महीनों में उसका वजन 52.5 किलो पर स्थिर हो गया और उसकी सेहत में भी काफी सुधार देखने को मिला.

क्या होता है डेविल वेट-लॉस प्लान?

दरअसल, ‘डेविल वेट-लॉस प्लान’ कोई मान्यता प्राप्त डाइट नहीं है. इसमें बेहद कम कैलोरी लेना और अत्यधिक एक्सरसाइज करना शामिल होता है. डॉक्टरों का साफ कहना है कि ऐसा तरीका न तो टिकाऊ है और न ही सुरक्षित. हेल्दी वजन घटाने के लिए धीरे-धीरे, संतुलित और साइंटफिक तरीके अपनाना ही सबसे बेहतर विकल्प है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

ट्रंप लगातार कनाडा को चेतावनी देते रहे, वहीं ब्रिटेन ने चीन के साथ किया बड़ा समझौता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उन्होंने चीन के साथ किसी भी तरह की डील की तो यूएस कनाडाई उत्पादों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा दिया जाएगा. ट्रंप की धमकी के बाद कार्नी ने तो अब तक किसी तरह की डील का ऐलान नहीं किया है, लेकिन ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने चीन के साथ बड़ी डील कर ली है. ब्रिटिश सरकार ने इसको लेकर ऐलान भी कर दिया है.

बिना वीजा के चीन जाने की अनुमति

स्टार्मर सरकार ने गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को डील का ऐलान करते हुए कहा कि ब्रिटिश नागरिकों (पर्यटन और व्यवसाय) को 30 दिनों से कम समय के लिए यात्रा करने पर बिना वीजा के चीन जाने की अनुमति दी जाएगी. वीजा समझौते के लागू होने की कोई तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन सरकार को उम्मीद है कि यह जल्द से जल्द लागू हो जाएगा.

ब्रिटेन की व्हिस्की पर आयात शुल्क कम करने पर सहमति

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने बताया कि उनकी सरकार आर्थिक विकास को बढ़ावा के लिए चीन के साथ व्यापारिक संबंध को सुधारना चाहती है. इसके तहत ब्रिटेन की व्हिस्की पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने पर भी सहमति बनी. कीर स्टार्मर ने कहा, ‘इस कदम से व्यवसायों के लिए चीन में विस्तार करना आसान हो जाएगा. साथ ही लोग बिना वीजा के भी वहां छुट्टियां मनाने जा सकेंगे. दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में से एक होने के बाद भी हम लंबे समय से चीन में अपनी उपस्थिति चाह रहे थे. देश में विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.’

स्टार्मर ने अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात की. दोनों देश कुछ सालों के तनावपूर्ण संबंधों के बाद अपने द्विपक्षीय संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. स्कॉच व्हिस्की के निर्यात शुल्क में कमी और ब्रिटिश यात्रियों के लिए चीन की वीजा-मुक्त यात्रा पर सहमति बनने के अलावा दोनों पक्ष पहली संयुक्त ब्रिटेन-चीन कानून प्रवर्तन कार्रवाई के लिए तैयार हैं.

ट्रंप की कनाडा को धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडा को चेतावनी दी कि अगर वह चीन के करीब गया तो वह उसे निगल जाएगा. डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा कि अगर ओटावा वाशिंगटन के साथ सहयोग करने से मना करता है तो चीन कनाडा को निगल जाएगा. ट्रंप ने लिखा, ‘कनाडा ग्रीनलैंड के ऊपर बनने वाले गोल्डन डोम के खिलाफ है, भले ही गोल्डन डोम कनाडा को प्रोटेक्ट करेगा. इसके बजाय, कनाडा ने चीन के साथ व्यापार करने के समर्थन में वोट दिया, जो एक साल में ही उन्हें खा जाएगा.’

कनाडा के अल्बर्टा में ‘खालिस्तान’ का आगाज़, आजादी की मांग और ट्रंप के कदमों पर प्रतिक्रिया

कनाडा सालों से खालिस्तान की मांग करने वाले अलगाववादियों को संरक्षण देता रहा है. भारत ने जब भी ऐसे अलगाववादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो उसने हमेशा खारिज कर दिया, लेकिन अब उसके घर में ही ‘खालिस्तान’ की आग लग गई है. अल्बार्टा की अलगाववादी ताकतों ने इसको कनाडा से अलग होने की मांग उठाई है.

अमेरिका से तनातनी के बीच अब पूरी दुनिया की नजर डोनाल्ड ट्रंप पर है कि जिस कनाडा ने उन्हें चुनौती पेश की है, वो उसका जवाब कैसे देते हैं. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने पिछले अप्रैल से तीन बार एक ऐसे संगठन के नेताओं से मुलाकात की है जो चाहते हैं कि अल्बर्टा, कनाडा से अलग हो जाए. इस संगठन का नाम है- अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट, जो कि अल्बार्टा की आजादी के लिए जनमत संग्रह कराने की मांग कर रहा है.

कार्नी ने ट्रंप से की ये अपील

वहीं, इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कनाडाई संप्रभुता का सम्मान करने का आग्रह किया है.

कनाडा के लिए क्यों जरूरी है अल्बार्टा

दरअसल, अल्बर्टा पश्चिमी कनाडा का एक तेल से भरपूर प्रांत है, जो लगभग अमेरिका के टेक्सास जितना बड़ा शहर है. इस शहर में करीब 50 लाख लोग निवास करते हैं और यह प्रांत रॉकीज पर्वत श्रृंखला और बैनफ और लेक लुईस जैसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन से घिरा हुआ है.

वहीं, कनाडा में जितने तेल का उत्पादन होता है, उसका 84 प्रतिशत हिस्सा मात्र अल्बार्टा शहर में ही निकलता है. इसलिए इसे कनाडा का एनर्जी प्रांत भी कहा जाता है. राजनीतिक लिहाजा से इसे कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी का गढ़ माना जाता है, हालांकि इसके शहर क्षेत्र ज्यादा प्रगतिशील हैं.

खालिस्तानी अलगाववादियों को शरण देता रहा है कनाडा

कनाडा करीब 50 सालों से खालिस्तान की मांग करने वाले अलगाववादियों को पनाह देता रहा है. जब भी भारत ने कनाडा से इन पर कार्रवाई की मांग की है तो इसने खारिज कर दिया है. पीएम कार्नी से पहले जब ट्रूडो कनाडा के प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर बवाल खड़ा कर दिया था. उन्होंने निज्जर की हत्या की अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच की मांग की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया था.

2023 में हुई थी निज्जर की हत्या

बता दें कि ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में 18 जून, 2023 को एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. भारत ने उसे आतंकवादी घोषित कर दिया था, जोकि खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था. कनाडा ने इस हत्याकांड में भारत की संलिप्तता का दावा किया. जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई संसद में आरोप लगाया कि भारत सरकार के एजेंटों ने ही निज्जर की हत्या की. हालांकि, भारत ने कनाडा के आरोपों को बेबुनियाद बताया था. इस विवाद में कनाडा अब तक भारत को एक भी सबूत भी नहीं दे पाया है.

इंडिया ट्रैवल: पहाड़ों से रेगिस्तान तक, Incredible India के ये 5 बेहतरीन स्थल ज़रूर देखें

दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनको घूमना, नई जगहों को एक्सप्लोर करना और अलग-अलग संस्कृतियों को देखना और महसूस करना बेहद पसंद होता है। यात्राएं न सिर्फ मनोरंजन देती हैं, बल्कि हमारे जीवन में नए अनुभव, ऊर्जा और सोच का भी विस्तार करती हैं। अगर आप भी घुमक्कड़ी हैं और नई जगहों को एक्सप्लोर करने का मन बना रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपको किन खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करना चाहिए।

कटरा

कटरा जम्मू-कश्मीर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह जगह वैष्णों देवी मंदिर के लिए फेमस है। यहां पहुंचने के लिए करीब 13 किमी की पहाड़ी यात्रा करनी पड़ती है। जोकि श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव होता है।

चंद्रताल

हिमाचल प्रदेश के स्पीति वैली में स्थिल चंद्रताल झील एक खूबसूरत और रहस्यमयी जगह है। चंतद्रताल झील का आकार चांद जैसा है। इस कारण इसको चंद्रताल कहा जाता है। ट्रेकिंग प्रेमियों और शांत वातावरण चाहने वालों के लिए स्वर्ग के समान है।

जैसलमेर

राजस्थान का जैसलमेर अपनी हवेलियों, सुनहरे किलों, रेगिस्तान सफारी और ऊंट की सवारी के लिए जाना जाता है। यहां का पारंपरिक भोजन, लोक-संस्कृति और थार रेगिस्तान में डेजर्ट कैंप का अनुभव हर पर्यटक के लिए यादगार बन जाता है।

गंगटोक

सिक्किम की राजधानी गंगटोक बेहद खूबसूरत पहाड़ी शहर है। प्रकृति प्रेमियों और शांत वातावरण की चाह रखने वालों के लिए यह परफेक्ट डेस्टिनेशन है। यहां से नाथुला पास, कंचनजंघा की चोटियां, मोनेस्ट्रीज का दृश्य और त्सोमगो लेक आदि बेहद मनोरम लगती हैं।

मुन्नार

केरल में स्थित मुन्नार अपने चाय के बागानों, बादलों से घिरे पहाड़ों और ठंडी हवाओं के लिए जाना जाता है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी सुकून वाली जगह पर जाना चाहते हैं, आपको मुन्नार जा सकते हैं। यहां के झरने, शांत वातावरण और हरियाली इसको प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बनाता है।