Home Blog Page 89

Health Budget 2026-27:बजट 2026 में हेल्थ सेक्टर को बड़ी उम्मीदें, जानें इस बार किन मुद्दों पर फोकस बढ़ रहा है

 केंद्रीय वित्त बजट 2026-27 एक फरवरी को पेश किया जाना है. देश के आर्थिक विकास से लेकर विभिन्न क्षेत्रों की मजबूती के लिहाज़ से इस बजट को काफी अहम माना जा रहा है. स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करें तो बेहतर और सुलभ स्वा4स्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इस बार हेल्थ सेक्टर को वित्त मंत्री से कई उम्मीदें हैं.

पिछले चार वर्षों के बजटीय आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वास्थ्य क्षेत्र पर सरकारी खर्च में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है. वित्त वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य पर लगभग 99,858.56 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इससे पहले 2024-25 में यह आंकड़ा करीब 90,000 करोड़ रुपये, 2023-24 में 88,956 करोड़ रुपये और 2022-23 में 86,606 करोड़ रुपये रहा.

विकसित देशों की तुलना में भारत का स्वास्थ्य खर्च कम

हालांकि, विकसित देशों की तुलना में भारत में जीडीपी के अनुपात में स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च अभी भी काफी कम है. विश्व बैंक की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी जीडीपी का केवल 3 से 4 प्रतिशत ही स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करता है. वहीं, अमेरिका में यह खर्च लगभग 17 से 18 प्रतिशत है. जापान अपनी जीडीपी का करीब 10 से 11 प्रतिशत, जबकि रूस 5 से 6 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च करता है.

चीन भी तेज़ी से अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है और वह जीडीपी का लगभग 7 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च कर रहा है.

मिड-साइज़ अस्पतालों की स्वास्थ्य क्षेत्र से अपेक्षाएं

इस विषय पर प्रकाश हॉस्पिटल, नोएडा के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. वी. एस. चौहान का कहना है कि जैसे-जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की मांग महानगरों से बाहर के क्षेत्रों में बढ़ रही है, केंद्रीय बजट 2026 में अस्पताल-आधारित विकास को प्रोत्साहन देना बेहद जरूरी है. इसके लिए सस्ती पूंजी तक आसान पहुंच, तेज़ नियामक मंजूरियां और यथार्थवादी प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) व्यवस्था की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत भुगतान में देरी होने से अस्पतालों की पुनर्निवेश क्षमता प्रभावित होती है और नई स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की गति धीमी पड़ जाती है. बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने और डिजिटल हेल्थ को अपनाने के लिए लक्षित प्रोत्साहन नीतियां लागू करने से न केवल कार्यान्वयन मजबूत होगा, बल्कि दक्षता बढ़ेगी और सेवा प्रदाताओं व मरीजों दोनों पर लागत का दबाव भी कम होगा.

हेल्थ सेक्टर की रीढ़ हैं मिड-साइज़ और सेकेंडरी अस्पताल

डॉ. वी. एस. चौहान के अनुसार, मिड-साइज़ और सेकेंडरी अस्पताल भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं, लेकिन नीतिगत समर्थन अक्सर तृतीयक (टर्शियरी) देखभाल तक सीमित रह जाता है. केंद्रीय बजट 2026 में इस असंतुलन को दूर करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट आवंटन में वृद्धि, चिकित्सा उपकरणों और इनपुट्स पर जीएसटी का तर्क  संगतीकरण तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.

इसके साथ ही, किफायती वित्तपोषण, भूमि उपलब्धता और नियामक मंजूरियों के लिए स्पष्ट ढांचे से अस्पतालों की संचालन क्षमता बेहतर होगी, संतुलित विस्तार को बढ़ावा मिलेगा और लगातार बढ़ती चिकित्सा महंगाई के बीच मरीजों पर पड़ने वाले खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

देखें: मुंबई में बढ़ता प्रदूषण, मास्क पहनकर उतरे खिलाड़ी; रणजी मैच में मचा हंगामा

भारत में जब भी प्रदूषण की बात आती है, तो लोगों की जुबां पर सबसे पहला नाम दिल्ली का आता है. लेकिन गुरुवार (29 जनवरी) को मुंबई से प्रदूषण की बड़ी हैरान कर देने वाली खबर सामने आई, जिसके चलते रणजी मुकाबले में खिलाड़ियों को मास्क लगाकर मैदान पर उतरना पड़ा. यह वाकया मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BCK) में मुंबई और दिल्ली के बीच चल रहे मुकाबले के बीच देखने को मिला.

बताया गया कि मुकाबले के पहले दिन के आखिरी सेशन में खिलाड़ियों को मैदान के पास चल रहे निर्माण कार्य की वजह से हो रहे धूल-प्रदूषण के कारण मजबूरन मास्क पहनकर फील्डिंग करनी पड़ी. मास्क पहने हुए खिलाड़ियों की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिससे मुद्दा गरमाया और जनता की नजर में आया.

ड्रेसिंग रूम में भी लोगों ने लगाया मास्कर

मास्क की जरूरत सिर्फ मैदान पर फील्डिंग कर रहे खिलाड़ियों को ही नहीं पड़ी, बल्कि ड्रेसिंग रूम में बैठे सपोर्ट स्टाफ के लोग भी खुद को सुरक्षित रखने के लिए मास्क का इस्तेमाल करते नजर आए. बताया गया कि करीब 30 मिनट तक खिलाड़ियों ने मास्क पहनकर मुकाबला खेला.

Mumbai players wearing masks during a Ranji Trophy match isn’t the image anyone wants to see.

Construction near the BKC venue in Mumbai led to a spike in pollution, forcing Sarfaraz Khan and others to take precautions while fielding against Delhi.

This highlights a longer-term… pic.twitter.com/hWYSyUXeQA

— Gully Point (@gullypoint_) January 29, 2026

MCA से की शिकातय

इस मामले में मुंबई क्रिकेट टीम ने मुंबई क्रिकेट एसोसिशन (MCA) को एक पत्र लिखते हुए कहा कि पॉल्यूशन को देखते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) से बात की जाए, जिससे स्टेडियम के करीब चल रहे निर्माण कार्य को काबू किया जा सके. बताते चलें कि मुंबई में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि प्रदूषण के चलते किसी खेल में बाधा पैदा हो.

पहले दिन क्या रहा मैच का हाल?

मैच के पहले दिन बैटिंग के लिए उतरी दिल्ली की टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई. इस दौरान टीम के लिए ओपनर सनत संगवान ने शतकीय पारी खेलते हुए 11 चौके और 2 छक्कों की मदद से 118 रन स्कोर किए. वहीं इस दौरान मुंबई के लिए मोहित अवस्थी ने सबसे ज्यादा 5 विकेट चटकाए. फिर अपनी पहली पारी में उतरी मुंबई ने दिन खत्म होने तक 1 विकेट के नुकसान पर 13 रन बना लिए हैं. अब मुंबई 208 रन से पीछे है.

अर्पिता खान ने परिवार में नए सदस्य की खुशी का किया इशारा, सोशल मीडिया पोस्ट में मिले सुराग

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के परिवार के लिए बड़ी खुशखबरी, खान परिवार में जुड़ने वाला है एक और सदस्य का नाम. सलमान खान की बहन अर्पिता खान ने सोशल मीडिया पर एक नए रिश्ते का किया ऐलान. जिससे पूरे सोशल मीडिया में सनसनी सी मच गई हैं. दरअसल, अर्पिता खान ने अपने भतीजे अयान अग्निहोत्री की गर्लफ्रेंड टीना रिजवानी को बर्थडे की बधाई देते हुए उन्हें परिवार का सदस्य बताया. उनके इस हिंट से सोशल मीडिया में तहलका मच गया.

इस पोस्ट के साथ अयान और टीना ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी शेयर की जिसमें वे दोनों साथ में ही खूबसूरत और प्यारे नजर आ रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना रिश्ता ऑफिशियली कंफर्म कर दिया है.

अयान अग्निहोत्री, सलमान खान की बहन अलवीरा अग्निहोत्री और एक्टर-प्रोड्यूसर अतुल अग्निहोत्री के बेटे हैं. वो इससे पहले भी इसी महीने अपने लव लाइफ को लेकर चर्चा में आ चुके हैं. इससे पहले न्यू ईयर के वक्त उन्होंने सोशल मीडिया में कुछ खास तस्वीरें शेयर कि थी जिसमें उनके साथ टीना रिजवानी भी नजर आ रही थी.

सलमान खान की बहन अलवीरा अग्निहोत्री ने 1995 में एक्टर अतुल अग्निहोत्री से शादी की और फिर कपल ने दो बच्चों अयान और अलीजेह को जन्म दिया. जिसके बाद अतुल अग्निहोत्री ने एक्टर से प्रोड्यूसर बनने का फैसला लिया जो उनके लिए सही डिसिजन साबित हुआ. उन्होंने अपने बेनर “रील लाइफ प्रोडक्शन” पर बनी सलमान खान स्टारर फिल्म बॉडीगार्ड को प्रोड्यूस किया जो बाद में बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

वहीं दूसरी ओर अयान अग्निहोत्री की बहन ने भी साल 2023 में आई फिल्म ‘फर्रे’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. जिसका सलमान खान ने भी जमकर प्रमोट किया था. अब घर में आई इस खूशखबरी के बाद खान परिवार में जश्न का माहोल देखने को मिल सकता है.

Zakir Khan Health: जाकिर खान की बीमारी किन लोगों में होती है? जानें इसके लक्षण और संभावित खतरे

Zakir Khan Comedy Break: मशहूर कॉमेडियन जाकिर खान ने कॉमेडी से लंबा ब्रेक लेने का ऐलान किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ब्रेक 2030 तक जा सकता है. यह बात उन्होंने हैदराबाद में अपने ‘पापा यार’ टूर के दौरान एक लाइव शो में कही. जाकिर ने बताया कि वह फिलहाल अपनी परफॉर्मेंस कम करेंगे और गिने-चुने शहरों में ही कुछ आखिरी शो करेंगे. इसके पीछे वजह सेहत और कुछ निजी जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें वह लंबे समय से टालते आ रहे थे.

लंबा जा सकता है ब्रेक

स्टेज पर खुलकर बात करते हुए जाकिर ने कहा कि यह ब्रेक तीन से पांच साल तक का हो सकता है. उन्होंने साफ किया कि यह फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया, बल्कि अपनी सेहत को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है. दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि वह आगे भी लंबे समय तक परफॉर्म करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए अभी रुकना जरूरी है. Gulf News से बातचीत में जाकिर ने कहा कि “मैं कई सालों से लगातार टूर कर रहा हूं. काम और सेहत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन अब थोड़ा ब्रेक लेना जरूरी हो गया है.”

उन्होंने यह भी माना कि रिश्तों को निभाने में समय और मेहनत लगती है, लेकिन यह समय अक्सर उनकी नींद से कटता रहा. जाकिर के शब्दों में, अगर कोई इंसान सालों तक बिना रुके चलता रहे, तो शरीर पर असर पड़ना तय है. इसी सिलसिले में उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बीमारियों की जेनेटिक प्रवृत्ति होती है, जो एक खास उम्र के बाद सामने आती है, खासकर तब जब लाइफस्टाइल लगातार तनावपूर्ण रही हो.

किन लोगों को होती है यह दिक्कत?

अब बात करते हैं कि आखिर जाकिर की तरह किन लोगों को ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. Mayo Clinic के मुताबिक, लंबे समय तक लगातार काम, अनियमित नींद, बार-बार ट्रैवल और शारीरिक थकान शरीर पर गहरा असर डालती है. इसका शिकार वे लोग ज्यादा होते हैं, जो लगातार अपने काम को प्राथमिकता देते हैं और बिना रुके काम करते रहते हैं. समय के साथ उनके शरीर पर इसके लक्षण दिखने लगते हैं. इसके अलावा, जिनके परिवार में पहले से मेटाबॉलिक, हार्मोनल या क्रॉनिक बीमारियों का इतिहास रहा हो, उन्हें भी यह दिक्कत समय के साथ झेलनी पड़ सकती है. जाकिर खान ने भी इशारों में इसी ओर ध्यान दिलाया है, जब उन्होंने जेनेटिक प्रीडिस्पोज़िशन और एपिजेनेटिक्स की बात की.

क्या दिखते हैं लक्षण?

डॉक्टर बताते हैं कि ऐसे मामलों में शरीर पहले छोटे-छोटे संकेत देता है, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. इसमें लगातार थकान महसूस होना, नींद पूरी होने के बाद भी शरीर का भारी रहना, इम्यूनिटी कमजोर पड़ना, फोकस और एनर्जी लेवल में कमी, और बार-बार बीमार पड़ना शामिल है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

कश्मीर के बुद्धिजीवियों पर आतंकियों और ISI की नजर, लश्कर ने भारत समर्थक रुख के लिए दी जान लेने की धमकी

कश्मीर के जिहाद के नाम पर आम लोगों को निशाना बनाने और मारने वाली पाकिस्तान की आतंकी तंजीमें अब कश्मीर में रहकर विदेशों में पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों की पोल खोलने वाले बुद्धिजीवियों को निशाना बनाने और मारने की धमकी दे रही हैं. कल पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने अपने छद्म नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के नाम से चिट्ठी जारी करके देश के जाने माने काउंटर टेररिज्म विशेषज्ञ और यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के निदेशक जुनैद कुरैशी को जान मारने की धमकी दी.

TRF छद्म नाम से जारी की गई चिट्ठी में लश्कर ए तैयबा ने जुनैद कुरैशी को गद्दार करार दिया और कहा कि जुनैद की हत्या करने में लश्कर ए तैयबा (TRF) जरा भी संकोच नहीं करेगा. पिछले 6 महीने में ये दूसरी बार है जब लश्कर ए तैयबा ने आतंकवाद का विरोध करने वाले और पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों को वैश्विक मंच पर एक्सपोज करने वाले किसी नेता, पत्रकार या फिर बुद्धिजीवी को मारने की धमकी दी है. साथ ही पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठनों के ट्रैक रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो साल 1989 से 2020 तक कश्मीर में 5 हज़ार से ज़्यादा ऐसे लोगों की पाकिस्तान के पालतू आतंकी संगठनों ने हत्या की है जो भारत के पक्ष में बात करते थे और पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों का विरोध करते थे. साल 2018 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने इसी तरह पहले कुछ महीने तक सरेआम धमकी देकर राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की 14 जून 2018 को हत्या कर दी थी. इसी तरह पिछले साल अप्रैल में भी सामाजिक कार्यकर्ता गुलाम रसूल मागरे की कुपवाड़ा जिले में संदिग्ध आतंकियों ने हत्या कर दी थी.

जुनैद कुरैशी ने क्या आरोप लगाए?

एबीपी न्यूज़ से बातचीत करते हुए जुनैद कुरैशी ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI रच रही है और उसने ही अपने पालतू आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और उसके कमांडर सज्जाद गुल को उन्हें डराने या हो सकता है मारने का टास्क दिया है. जुनैद के मुताबिक, धमकी में लिखा गया है कि वो कश्मीर में रहने वाले भारत समर्थक बुद्धिजीवियों का एक थिंक टैंक बना रहे हैं, ये बात अब तक पब्लिक डोमेन में नहीं थी और जिनके साथ वो संपर्क में थे, उन्हीं को पता था ऐसे में इस नाम पर लश्कर ए तैयबा की धमकी में जिस तरह से साफ-साफ लिखा है कि जुनैद क़ुरैशी थिंक टैंक इंटेलीजेंसिया बना रहे हैं जो कश्मीर पर पाकिस्तान के प्रोपेगंडा को ध्वस्त करेगा और भारत के सच को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाएगा. ये जानकारी किसी आतंकी संगठन के हासिल करना मुश्किल है ऐसे में जुनैद के मुताबिक, उनको मिली धमकी के पीछे सीधा सीधा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ही है, जिसके लिए लश्कर ए तैयबा काम करती है.

प्लेन क्रैश में शामिल आतंकी के बेटे हैं जुनैद 

जुनैद कुरैशी आजाद भारत के पहले हाईजैकर हाशिम क़ुरैशी के बेटे हैं. जिन्होंने साल 1971 में एयर इंडिया की IC-405 को हाईजैक किया था ताकि कश्मीर की आजादी की लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाया जा सके. हालांकि हाशिम कुरैशी के बेटे जुनैद क़ुरैशी अपने पिता की विचारधारा से उलट हमेशा कश्मीर और भारत के हित की बात करते और कश्मीर के मामले पर पाकिस्तान और उसके आतंकियों के प्रोपेगेंडा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक्सपोज करते आए हैं. इतना ही नहीं IC-405 हाईजैकिंग जुनैद के जन्म से पहले हुई थी और जुनैद ने हमेशा अपने पिता और उनकी विचारधारा से दूरी बनाई है और IC-405 हाईजैकिंग को आतंकवाद का कृत्य करार दिया है.

जुनैद ने अपने थिंक टैंक से पाकिस्तान को किया बेनकाब

साथ ही जिस आतंकवाद को पाकिस्तान कश्मीर की आजादी की लड़ाई बताता है, उसे भी ज़ुनैद कुरैशी ने अपने थिंक टैंक EFSAS की मदद से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबूतों के साथ पाकिस्तान को एक्सपोज किया है कि ये आजादी की लड़ाई नहीं बल्कि आम लोगों की हत्या और आतंकवाद की मोडस ऑपरेंडी है जिसे लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद ISI के कहने पर अंजाम देते हैं.

खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जुनैद और अन्य बुद्धिजीवियों को धमकी जिस एंड टू एंड एनक्रिप्शन ऐप से दी गई और जिस अकाउंट से दी गई है वो अकाउंट रावलपिंडी से ऑपरेट होता है और उसे लश्कर ए तैयबा का कमांडर शेख सज्जाद गुल खुद ऑपरेट करता है. साथ ही 24 अगस्त 2025 को इस एंड टू एंड एनक्रिप्शन ऐप पर सज्जाद गुल ने अपना अकाउंट एक छद्म नाम से बनाया था जिस पर वो अपनी तस्वीरें और TRF की गतिविधियों को पोस्ट करता रहता है.