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मंडे टेस्ट में ‘मर्दानी 3’ का प्रदर्शन कैसा रहा? चौथे दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन जानें

रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने 30 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. ये फिल्म क्राइम थ्रिलर फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त है, जिसकी शुरुआत 2014 में ‘मर्दानी’ से हुई थी और 2019 में ‘मर्दानी 2’ के साथ जारी रही थी. वहीं लेटेस्ट चैप्टर में रानी ने एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में दमदार परफॉर्मेंस दी है और इसी के साथ ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है. यहां तक कि ‘बॉर्डर 2’ के तूफान के आगे भी ‘मर्दानी 3’ पूरा दमखम दिखा रही है. ठीक ठाक शुरुआत के बाद इसने अपने ओपनिंग वीकेंड में शानदार कमाई की थी. चलिए यहां जानते हैं अपने पहले मंडे टेस्ट में ‘मर्दानी 3’ ने कैसा परफॉर्म किया है?

‘मर्दानी 3’ ने पहले मंडे कितनी की कमाई?
रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ सोमवार को बॉक्स ऑफिस पर थोड़ी धीमी रही, हालांकि ‘बॉर्डर 2’ जैसी बड़ी फिल्म से मुकाबला कर रही इस क्राइम थ्रिलर की कमाई के आंकड़े बिल्कुल भी निराशाजनक नहीं हैं! एक ठीक-ठाक ओपनिंग वीकेंड के बाद, फिल्म को सोमवार के मुश्किल टेस्ट का सामना करना पड़ा, और नतीजे ठीक-ठाक रहे हैं.

फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘मर्दानी 3’ ने फ्रेंचाइजी में सबसे बड़ी ओपनिंग दर्ज की थी और , पहले दिन 4 करोड़ रुपये कमाए थे. वहीं शनिवार को फिल्म में 50 परसेंट की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और इसने 6 करोड़ रुपये कमाए. वहीं तीसरे दिन, रानी मुखर्जी के इस कॉप ड्रामा ने एक बार फिर थोड़ी ग्रोथ दिखाई, 7.25 करोड़ रुपये और जोड़े और भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपने ओपनिंग वीकेंड का कुल कलेक्शन 17.25 करोड़ रुपये नेट कर लिया.

  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘मर्दानी 3’ ने रिलीज के चौथे दिन यानी मंडे को 2.15 करोड़ का कलेक्शन किया है.
  • इसी के साथ ‘मर्दानी 3’ की 4 दिनों की कुल कमाई अब 19.65 करोड़ रुपये हो गई है.

क्या ये रानी की टॉप 10 में शामिल होगी?
यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘मर्दानी 3’ रानी मुखर्जी की टॉप 10 सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल होती है या नहीं. फिलहाल, 10वें नंबर पर 2011 की हिट फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’ है, जिसने 29 करोड़ रुपये कमाए थे. वहीं  अभी तक, यह फीमेल कॉप सीक्वल उस टोटल तक पहुंचने से लगभग 9 करोड़ रुपये दूर है. मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए, ये फिल्म अपने दूसरे वीकेंड तक रानी मुखर्जी के करियर की टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट में अपनी जगह बना सकती है.

‘मर्दानी 3’ के बारे में
‘मर्दानी’ का निर्देशन वेटरेन फिल्म मेकर प्रदीप सरकार ने किया था, जिनका 2023 में निधन हो गया था वहीं ‘मर्दानी 2’ को गोपी पुथरन ने डायरेक्ट किया था. जबकि ‘मर्दानी 3’ का निर्देशन अभिराज मीनावाला ने किया है. ये फिल्म इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी. इसे आदित्य चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया है. ‘मर्दानी 3’, हार्ड-हिटिंग, सामाजिक रूप से रेलिवेंट कहानी कहने की फ्रेंचाइजी की विरासत को आगे बढ़ाती है. जहां ‘मर्दानी’ ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग की गंभीर दुनिया पर रोशनी डाली थी और ‘मर्दानी 2’ ने एक क्रूर सीरियल अपराधी के खौफनाक दिमाग को दिखाया था तो  वहीं तीसरी किस्त एक और अंधेरे और ज़रूरी सामाजिक मुद्दे में उतरती है.

एपस्टीन फाइल्स में जॉर्ज बुश का नाम सामने आने के बाद मची हलचल, गंभीर आरोपों ने बढ़ाई चर्चा

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट में ट्रांसपेरेंसी कानून के तहत जेफरी एपस्टीन से जुड़े डॉक्यूमेंट का आखिरी हिस्सा जारी किया है. इन में जॉर्ज बुश पर चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं. बुश का नाम एपस्टीन के पर्सनल लॉग में नहीं है. उनका नाम एपस्टीन के एक कथित पीड़ित की तरफ से NYPD में की शिकायत में आया है. यह एक डिटेक्टिव ब्यूरो चाइल्ड एक्सप्लॉयटेशन की शिकायत में आया है.

एपस्टीन के एक पीड़ित ने इंटरव्यू में जॉर्ज बुश-I से जुड़े चौंकाने वाले आरोपों पर बात की है. हालांकि, यह पता नहीं कि इसमें राष्ट्रपति बुश की बात हो रही है या नहीं. इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है.

क्या आरोप हैं
यह बातचीत ईमेल में दर्ज की गई है. इसमें एपस्टीन के कथित पीड़ित का बयान है. उसने लिखा है कि थैंक्स एम. मुझे नहीं पता था कि बुश ने उसका रेप किया था. इसके अलावा पीड़ित से जुड़े कई दस्तावेज जारी किए गए हैं. इनमें लिखा है कि जब वह इस यॉट पर था तो उसने अफ्रीकी अमेरिकी पुरुषों को सुनहरे बालों वाली महिलाओं के साथ फिजिकल रिलेशन बनाते हुए देखा. उसने बच्चों के यॉट पर टुकड़े होते देखे. उनकी आंते निकाली गईं. इसके अलावा उसने कई चौंकाने वाले दावे किए,लेकिन इनका कोई ठोस सबूत नहीं रखा.

क्या है एपस्टीन फाइल्स केस
जेफरी एपस्टीन एक फाइनेंसर था, जो अपनी अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक पहुंच के लिए खूब जाना जाता था. उसके खिलाफ जांच की शुरुआत साल 2005 में हुई थी, जब एक नाबालिग लड़की के परिवार ने उस पर यह आरोप लगाया था कि उसके साथ एपस्टीन की हवेली में यौन उत्पीड़न हुआ. इसके बाद साल 2006 में अधिकारियों ने उस पर नाबालिग के साथ अवैध यौन संबंध बनाने के कई आरोप लगाए और यह मामला ग्रैंड जूरी को सौंपा गया था. जूरी ने एपस्टीन को वेश्यावृति के लिए उकसाने के एक आरोप में भी अभियुक्त बनाया.

दूसरे मंडे भी ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, कमाई करोड़ों में पहुंची

सनी देओल और वरुण धवन स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने सिनेमाघरों में जबरदस्त शुरुआत के बाद पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के चलते पहले हफ्ते में भी अच्छी कमाई की थी और फिर इसका दूसरा वीकेंड भी धमाकेदार रहा. हालांकि रिलीज के 11वें दिन इंडियन बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म को काफी धीमा रिस्पॉन्स मिला और इस वॉर ड्रामा फिल्म की कमाई में सोमवार को भारी गिरावट आई.चलिए यहां जानते हैं ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे मंडे को कितना कलेक्शन किया है?

‘बॉर्डर 2’ ने 11वें दिन कितनी की कमाई?
अनुराग सिंह निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ ने 23 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. बड़े पर्दे पर आने के बाद फिल्म की कहानी और इसकी स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस की खूब तारीफ हुई और इसी के साथ इस फिल्म ने पहले हफ्ते में ही 200 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली थी. फिर दूसरे वीकेंड पर भी ये फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रही लेकिन वीकडेज में एंट्री करते ही इसकी कमाई को बड़ा झटका लगा है. बता दें कि दूसरे मंडे को फिल्म ने पहली बार सिंगल डिजिट में कलेक्शन किया है.

  • सैकनिल्क के अर्ली ट्रेड आंकड़ों के मुताबिक ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे मंडे को 5.75 करोड़ की कमाई की है.
  • जिसके बाद इस फिल्म का 11 दिनों का कुल कलेक्शन अब 281 करोड़ रुपये हो गया है.
  • बता दें कि फिल्म ने रिलीज़ के पहले हफ़्ते में 224.25 करोड़ रुपये कमाए थे. इसके बाद 8वें दिन इस फिल्म ने 10.75 करोड़, 9वें दिन 17.75 करोड़ और 10वें दिन 22.50 करोड़ रुपये  कमाए.

इन फिल्मों का तोड़ा रिकॉर्ड
‘बॉर्डर 2’ की कमाई बेशक 11 वें दिन घटी लेकिन फिर भी इसने कई फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को मात दे दी है. फिल्मी बीट की रिपोर्ट के मुताबिक इसने ‘कबीर सिंह’ के 278.8 करोड़, ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ के 277.75 करोड़ और ‘टाइगर 3’ के 276.62 करोड़ी की लाइफटाइम कमाई को मात दे दी है.

‘बॉर्डर 2’ 300 करोड़ी बनने से कितनी दूर? 
‘बॉर्डर 2’ ने दूसरे वीकेंड तक दमदार परफॉर्म किया है और पहली बार इसके कलेक्शन में दूसरे सोमवार को भारी गिरावट देखी जा रही है. हालांकि ये फिल्म भारत में 300 करोड़ी बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है. इसे बस 19 करोड़ और कमाने की जरूरत है. उम्मीद है कि इस हफ्ते में फिल्म ये मील का पत्थर पार कर लेगी और इसकी 300 करोड़ के क्लब में एंट्री हो जाएगी.

बॉर्डर 2 के बारे में
अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित इस वॉर ड्रामा में सनी के अलावा वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी हैं. यह 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी. बॉर्डर 2, 1997 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है. इसे टी-सीरीज़ और जेपी फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है. इसमें मोना सिंह, सोनम बाजवा, अन्या सिंह, प्रणव वशिष्ठ और मेधा राणा भी अहम भूमिकाओं में हैं. 1997 की फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला की लड़ाई की घटनाओं पर आधारित थी, बॉर्डर 2 भी उसी संघर्ष के बैकग्राउंड पर बेस्ड है.

सनी ने बॉर्डर 2 की सक्सेस के मनाया था जश्न
हाल ही में, सनी देओल ने अपनी टीम के साथ दिल खोलकर डांस करते हुए बॉर्डर 2 की सफलता का जश्न मनाया था.  अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर, सनी ने खुद का और अपनी टीम का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे बहुत खुशी के साथ अपनी लेटेस्ट रिलीज फिल्म की सक्सेस को सेलिब्रेट करते नजर आ रहे थे.  क्लिप में, सनी ने टीम के साथ गाना गाया और केक काटाय

इससे पहले, सनी ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने बॉर्डर 2 पर मिले रिस्पॉन्स के लिए अपने फैंस और फॉलोअर्स को धन्यवाद दिया था. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक मैसेज के साथ एक क्लिप पोस्ट की। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “मेरी, आपकी, हमारी बॉर्डर 2 को इतना प्यार देने के लिए, आप सबको बहुत-बहुत थैंक्यू.”

When Is A Body Lump Dangerous:शरीर में बार-बार सूजन या गांठ बनने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें, जानिए कब यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है

 शरीर में कहीं भी अचानक सूजन या गांठ महसूस होना किसी के लिए भी चिंता की वजह बन सकता है. हालांकि, ज्यादातर गांठें सामान्य और नुकसान नहीं करती हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर बीमारी, यहां तक कि कैंसर का संकेत भी हो सकती हैं. उदाहरण के तौर पर, ब्रेस्ट में गांठ, खासकर 45 से 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में, ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों में से एक मानी जाती है. इसलिए शरीर में किसी भी तरह की असामान्य गांठ को समझना और सही समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है.

कब होती है दिक्कत?

Manipalhospitals की रिपोर्ट के अनुसार, शरीर में गांठ या सूजन कई कारणों से हो सकती है. कई बार यह पूरी तरह बेनाइन यानी बिना- कैंसर वाली होती है, जबकि कुछ स्थितियों में इसके पीछे इंफेक्शन या सूजन जिम्मेदार होती है. बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है या पस से भरी फुंसी बन सकती है, जिसमें दर्द और बुखार भी हो सकता है. इसके अलावा, सिस्ट यानी तरल पदार्थ से भरी थैलियां लिवर, किडनी या त्वचा के नीचे बन सकती हैं, जो आमतौर पर हानिकारक नहीं होतीं, लेकिन बड़ी होने या इंफेक्शन होने पर परेशानी पैदा कर सकती हैं.

कब होती है दिक्कत

रिपोर्ट में बताया गया है कि  चोट या सूजन के कारण भी शरीर के किसी हिस्से में गांठ बन सकती है, खासकर मांसपेशियों और जोड़ों के आसपास. वहीं, कुछ बेनाइन ग्रोथ जैसे लिपोमा  या फाइब्रोएडेनोमा  धीरे-धीरे बढ़ती हैं और आमतौर पर बिना दर्द के होती हैं. हालांकि, कुछ गांठें कैंसर के कारण भी हो सकती हैं, जो अक्सर सख्त होती हैं, हिलती नहीं हैं और तेजी से आकार में बढ़ती हैं. शुरुआती दौर में ये दर्द नहीं करतीं, जिससे लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं.

किन गांठ को लेकर कितनी चिंता करनी चाहिए?

गांठ की जगह भी यह समझने में मदद करती है कि मामला कितना गंभीर हो सकता है. गर्दन में गांठ , थायरॉयड या लार ग्लैंड्स से जुड़ी समस्या या कैंसर का संकेत हो सकती है. ब्रेस्ट में किसी भी तरह की गांठ को गंभीरता से लेना चाहिए, खासकर अगर वह सख्त हो, हिलती न हो, त्वचा या निप्पल में बदलाव के साथ दिखे या तेजी से बढ़ रही हो. बगल या जांघ के पास गांठ लिम्फ नोड्स की सूजन या लिम्फोमा जैसे कैंसर से जुड़ी हो सकती है. पट में गांठ हर्निया, अंगों के बढ़ने या ट्यूमर का संकेत भी हो सकती है.

किन लक्षणों को नहीं करना चाहिए इग्नोर?

कुछ लक्षण ऐसे होते हैं, जिन पर खास ध्यान देना जरूरी है. अगर गांठ का आकार या बनावट तेजी से बदल रही हो, बिना वजह वजन घट रहा हो, लगातार बुखार या रात में पसीना आता हो, या गांठ के ऊपर की त्वचा में लालिमा, गड्ढे या रंग बदलने जैसे संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Best Places to Visit in February in India: फरवरी में घूमने के लिए भारत की शानदार जगहें, Goa से Rishikesh तक

फरवरी साल का ऐसा महीना है, जब सर्दी थमती और मौसम मुस्कुराने लगता है। इस दौरान सफर करना भी सुहाना लगता है। घूमने के लिहाज से फरवरी का महीना सबसे बेस्ट होता है। क्योंकि फरवरी में न तो ठिठुरन परेशान करती है और न ही गर्मी अधिक होती है। इस दौरान समुद्र शांत होते हैं, पहाड़ साफ दिखते हैं और मैदानों में बसंत ऋतु की आहट होती है। ऐसे में अगर आप भी ट्रिप प्लान करने की सोच रहे हैं, तो फरवरी सबसे बेस्ट महीना है।

वहीं फरवरी में घूमने का प्लान करते हैं, तो आपको होटल और फ्लाइट के दाम संतुलित मिल सकते हैं। इस महीने भीड़ कम होती है और आप घूमने का अच्छा अनुभव ले सकते हैं। वहीं आप इस मौसम में अच्छी फोटोग्राफी कर सकते हैं, क्योंकि मौसम साफ होता है। वहीं आपको ज्यादा कपड़े और पैकिंग करना आसान होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि फरवरी के महीने में भारत की किन जगहों पर आप सफर के लिए जा सकते हैं।

जयपुर

राजस्थान का यह गुलाबी शहर फरवरी के महीने में बसंती रंग में रंग जाता है। फरवरी में जयपुर का मौसम एकदम सुहावना होता है। इस महीने जयपुर में हल्के गर्म दिन और ठंडी रातें होती हैं। जयपुर शहर संस्कृति, इतिहास और शाही ठाठ का सुंदर मेल है।

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (अक्सर जनवरी-फरवरी में)

आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस

लोकल बाज़ार और राजस्थानी खाना

ऋषिकेश

उत्तराखंड का ऋषिकेश को आध्यात्म की नगरी भी कहा जाता है। य़हां आप सुकून के साथ साहस दोनों को मौका दे सकते हैं। फरवरी के महीने में अधिक ठंडक नहीं होती है और भीड़ कम होती है। यह जगह उन लोगों के लिए खास है, जो सफऱ में शांति और थोड़ा रोमांच चाहते हैं।

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रिवर राफ्टिंग (सीज़न की शुरुआत)

गंगा आरती का आध्यात्मिक अनुभव

योग, ध्यान और कैफे कल्चर

गोवा

फरवरी के महीने में गोवा में न्यू ईयर की भीड़ जा चुकी होती है। लेकिन इस महीने मौसम काफी शानदार होता है। ऐसे में इस महीने में यहां पर पार्टी से ज्यादा खूबसूरत बीच पर शांत और सुकून भरा समय बिताने का मौका मिलता है।

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नॉर्थ गोवा में नाइटलाइफ़, साउथ गोवा में सुकून

साफ़ समुद्र, सुनहरी रेत

सीफ़ूड और सनसेट

कच्छ

बता दें कि गुजरात का कच्छ सफेद रण और लोक संस्कृति का केंद्र माना जाता है। फरवरी के महीने में रण का उत्सव आखिरी होने के साथ सबसे बेहतरीन समय होता है। यहां की यात्रा सिर्फ देखने की नहीं बल्कि एक्सपीरियंस करने की भी है।

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लोकनृत्य, कच्छी हस्तशिल्प

सफेद नमक का रेगिस्तान

चांदनी रात में रण का जादू

वाराणसी

उत्तर प्रदेश का वाराणसी शहर दुनियाभर में फेमस है। फरवरी के महीने में वाराणसी का मौसम बेहद आरामदायक होता है और काशी आपको बदल सकती है। यहां का सुकून और दिव्य अनुभव आपके मन को शांति और शुद्धता देने का काम करेंगे।

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काशी विश्वनाथ दर्शन

गंगा घाट और सुबह की नाव यात्रा

बनारसी खाना और गलियां