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Box Office: ‘बॉर्डर 2’ का दबदबा कायम, दूसरे हफ्ते में भी करोड़ों का कारोबार

सनी देओल की देशभक्ति से लबरेज़ फिल्म ‘बॉर्डर 2’ सिनेमाघरों में लगातार मजबूती से टिकी हुई है। 23 जनवरी 2026 को रिलीज़ हुई यह बहुप्रतीक्षित सीक्वल दूसरे हफ्ते में भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रही है। रिलीज़ के बाद से ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है और साल 2026 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शुमार होती दिख रही है।

13वें दिन भी बरकरार रही पकड़

शानदार ओपनिंग के साथ शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने पहले ही हफ्ते में 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। दूसरे हफ्ते में वीकडेज के चलते कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म की कमाई करोड़ों में बनी रही।

दूसरे बुधवार यानी रिलीज़ के 13वें दिन फिल्म ने करीब 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की 13 दिनों की कुल कमाई लगभग 290.75 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

दूसरे हफ्ते का कलेक्शन

पहले सप्ताह में फिल्म ने 224 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। इसके बाद दूसरे हफ्ते में भी वीकेंड पर फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जबकि वीकडेज में मामूली गिरावट देखी गई। इसके बावजूद ‘बॉर्डर 2’ लगातार मजबूत प्रदर्शन करती रही।

दूसरी फिल्मों पर भारी पड़ी ‘बॉर्डर 2’

दूसरे हफ्ते में भी इस वॉर ड्रामा ने सिनेमाघरों में मौजूद अन्य बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। खासतौर पर दूसरे बुधवार के कलेक्शन में फिल्म ने अपने प्रतिस्पर्धियों पर साफ बढ़त बनाई, जिससे इसकी मजबूत ऑडियंस पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।

300 करोड़ क्लब से बस एक कदम दूर

करीब 275 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म अब अपना बजट निकाल चुकी है और मुनाफे की ओर बढ़ रही है। 13 दिनों में 290 करोड़ से ज्यादा की कमाई करने के बाद अब फिल्म को 300 करोड़ क्लब में शामिल होने के लिए सिर्फ 10 करोड़ रुपये और चाहिए।

उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दूसरे वीकेंड तक ‘बॉर्डर 2’ यह बड़ा आंकड़ा भी पार कर लेगी और साल 2026 की पहली 300 करोड़ कमाने वाली फिल्म बन जाएगी।

World Cancer Day 2026: कैंसर के खिलाफ जंग में Awareness बनी सबसे बड़ी ताकत, जानिए इतिहास, महत्व और थीम

कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है। कैंसर का नाम सुनते ही हर एक व्यक्ति डरने लगता हैं। अगर सही समय पर कैंसर का पता चल जाए, तो इसका इलाज संभव वरना इसे बचना नामुमकिन। आमतौर पर इसका इलाज भी काफी महंगा है, कई बार होता है कि पैसे के अभाव के कारण मरीज का सही से इलाज नहीं हो पाता है। एनसीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें कैंसर सेल्स तेजी से शरीर के अन्य हिस्सों तक फैलने लगते हैं। ये सेल्स शरीर में गांठ बना सकती और आसपास के हेल्दी टिश्यूज को काफी नुकसान पहुंचाती हैं। हालांकि, ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) जैसे कुछ कैंसरों में गांठ नहीं बनती। दरअसल, हर साल लाखों की संख्या में लोग कैंसर की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। इसी कारण से कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए हर साल विश्वभर में कैंसर दिवस मनाया जाता है। हर साल 4 फरवरी को कैंसर दिवस मनाया जाता है। जानें इसका इतिहास, थीम और महत्व।

 क्यों मनाया जाता है विश्व कैंसर दिवस?

गौरतलब है कि कैंसर का लाइलाज नहीं है, अगर समय पर पहचान और सही इलाज हो। इसके साथ ही यह मरीजों को मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक समर्थन देने का संदेश भी देता है। हर साल 4 फरवरी को कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए World Cancer Day मनाया जाता है।

वर्ल्ड कैंसर डे की थीम

आपको बता दें कि, हर साल अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ द्वारा कैंसर दिवस को मनाए जाने के लिए एक विशेष थीम नियुक्त की जाती है। इस साल की थीम है  ‘United by Unique’।  इस थीम का उद्देश्य कैंसर से पीड़ित हर व्यक्ति के निजी यात्रा, जरुरतें और अनुभवों को जोड़ना है। इसे सरल शब्दों में समझें कि यूनाइटेड बाय यूनिक का अर्थ है कि कैंसर से पीड़ित हर मरीज की अपनी कहानी होती है, हालांकि इसके लिए हमें बीमारी पर नहीं, बल्कि व्यक्ति के अनुभवों और जरुरतों पर ध्यान देना जरुरी है।

वर्ल्ड कैंसर डे का इतिहास

विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत वर्ष 2000 में पेरिस से हुई थी। 4 फरवरी 2000 को पेरिस में “वर्ल्ड समिट अगेंस्ट कैंसर” का आयोजन किया गया, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ (UICC) ने यह विचार रखा कि साल में एक दिन ऐसा निर्धारित होना चाहिए, जब पूरी दुनिया में कैंसर की रोकथाम, उसके लक्षणों और उपचार के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए। इसी सोच से विश्व कैंसर दिवस की नींव पड़ी। आज भी कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, अस्पतालों और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों द्वारा लगातार अभियान चलाए जाते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Box Office Report: 6 दिनों की कमाई ने खोली ‘मर्दानी 3’ की किस्मत, हिट या फ्लॉप?

रानी मुखर्जी की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने सिनेमाघरों में संतुलित शुरुआत की है। ओपनिंग वीकेंड पर फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला और अब वीकडेज में भी यह अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। खास बात यह है कि भारी बजट वाली फिल्मों के बीच भी ‘मर्दानी 3’ दर्शकों को आकर्षित करने में कामयाब रही है।

छठे दिन की कमाई कितनी रही?

‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म ने पहले दिन करीब 4 करोड़ रुपये से खाता खोला। दूसरे वीकेंड पर फिल्म की रफ्तार तेज हुई और शनिवार को लगभग 6.25 करोड़, जबकि रविवार को 7.25 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

वीकडेज शुरू होते ही कमाई में गिरावट दर्ज की गई। चौथे दिन यानी सोमवार को फिल्म ने 2.25 करोड़, जबकि मंगलवार को टिकट दरों में राहत के चलते करीब 2.6 करोड़ रुपये कमाए।
अब रिलीज़ के छठे दिन (बुधवार) फिल्म की कमाई लगभग 2 करोड़ रुपये रही है।

इसके साथ ही फिल्म का 6 दिनों का कुल कलेक्शन करीब 24.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

क्या ‘मर्दानी 3’ हिट बन पाएगी?

करीब 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने अब तक अपनी लागत का लगभग 38% हिस्सा निकाल लिया है। हिट या सुरक्षित श्रेणी में पहुंचने के लिए फिल्म को अभी भी बड़ी कमाई करनी होगी।

चुनौती यह है कि आने वाले दिनों में नई फिल्मों की एंट्री से मुकाबला और कड़ा हो जाएगा। ऐसे में ‘मर्दानी 3’ के लिए बाकी बजट निकाल पाना आसान नहीं दिख रहा, भले ही दूसरे वीकेंड पर थोड़ी तेजी क्यों न आए।

फिलहाल, कलेक्शन के लिहाज से यह फिल्म ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों से पीछे चल रही है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि मजबूत कंटेंट और रानी मुखर्जी की परफॉर्मेंस इसे कुछ हद तक सहारा दे सकती है।

फिल्म से जुड़ी अहम जानकारी

‘मर्दानी 3’ को अभिराज मिनवाला ने निर्देशित किया है और इसकी कहानी आयुष गुप्ता ने लिखी है। फिल्म में रानी मुखर्जी एक बार फिर दमदार पुलिस ऑफिसर की भूमिका में नजर आ रही हैं। उनके साथ जानकी बोदीवाला और मल्लिका प्रसाद भी अहम किरदारों में दिखाई देती हैं। यह फिल्म ‘मर्दानी’ (2014) और ‘मर्दानी 2’ (2019) के बाद इस सीरीज की तीसरी कड़ी है।

Sports News:206 की स्ट्राइक रेट से वैभव सूर्यवंशी का धमाका, अंडर-19 सेमीफाइनल में अफगान गेंदबाजों पर बरसे रन

अंडर-19 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। 311 रनों जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर टूर्नामेंट का फाइनल टिकट कटाया। यह जीत अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी रन चेज़ के रूप में दर्ज हो गई। अब खिताबी मुकाबले में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा।

वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को जबरदस्त शुरुआत मिली। ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर आते ही अफगान गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। उन्होंने महज 33 गेंदों में 68 रन ठोके और उनकी स्ट्राइक रेट रही 206 से ज्यादा। इस तूफानी पारी में वैभव ने 4 छक्के और 9 चौके लगाए।

वैभव ने दूसरे ओपनर आरोन जॉर्ज के साथ पहले विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी की, जिसमें अकेले वैभव के 68 रन शामिल थे। जब वह आउट हुए, तब सिर्फ 9.3 ओवर में भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।

टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन

वैभव सूर्यवंशी इस प्रदर्शन के साथ अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने 6 पारियों में 264 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं।

आरोन जॉर्ज और आयुष म्हात्रे ने संभाला मोर्चा

वैभव के आउट होने के बाद आरोन जॉर्ज और कप्तान आयुष म्हात्रे ने पारी को मजबूती दी। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 114 रनों की अहम साझेदारी हुई।
आयुष म्हात्रे ने 59 गेंदों में 62 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 5 चौके शामिल थे।

इसके बाद आरोन जॉर्ज ने शानदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 104 गेंदों में 115 रन बनाए और भारत को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया।

अफगानिस्तान की शतकीय पारियां

इससे पहले अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। फैसल खान ने लगातार दूसरा शतक लगाते हुए 110 रन बनाए, जबकि उज़ैरउल्लाह नियाजई ने नाबाद 101 रन की पारी खेलकर टीम को 300 के पार पहुंचाया।

भारतीय गेंदबाजों की ओर से दीपेश देवेन्द्रन और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके।

फाइनल में भारत बनाम इंग्लैंड

इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है, जहां अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा। टीम की बल्लेबाजी फॉर्म को देखते हुए फाइनल से पहले भारतीय खेमे का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।

Mount Abu Budget Trip: ₹10,000 में घूमिए पूरा माउंट आबू, जेब पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त बोझ

घुमक्कड लोग हमेशा घूमने के लिए तैयार रहते हैं। नई-नई जगहों की तलाश में रहते हैं। अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार कम बजट में राजस्थान के माउंट आबू जरुर जाएं। फरवरी के महीने में लोग यहां जरुर आते हैं। हल्की ठंड, साफ नीला आसमान और हरियाली से ढकी अरावली की पहाड़ियां, जो इसे अन्य पहाड़ी जगहों से अलग बनाती है। इस समय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसी पहाड़ी जगहों पर इस समय बहुत ज्यादा भीड़ है, इसलिए लोग माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे हैं। यहां पर आप सिर्फ 10 हजार में ट्रिप का प्लान किया जा सकता है।

10 हजार में कैसे बनाएं माउंट आबू ट्रिप

 – यहां पर जाने के लिए सबसे पहले आप ट्रेन टिकट बुक करनी होगी। इसके लिए आप जयपुर तक के लिए ट्रेन ले सकती हैं। मौसम ठंडा है, इसलिए आपको एसी कोच पर खर्च करने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

– स्लीपर कोच के लिए आपको टिकट प्राइस करीब 300 से 400 रुपये होगा। ऐसे में आने-जाने का ट्रेन का खर्चा 600 से 800 रुपये आएगा।

 – जयपुर पहुंचने के बाद आप सबसे पहला काम आप स्कूटी या बाइक रेंट पर ले लें। स्कूटी आपको 500 से 800 रुपये में 1 दिन के लिए मिलती है। 500 रुपये के पेट्रोल में आप 2 दिन का ट्रिप आराम से कर लेंगी।

 – दो दिनों के लिए स्कूटी किराए पर लेने का खर्च लगभग 1000 रुपये तक हो सकता है। आप बस से भी माउंट आबू पहुंच सकती हैं, लेकिन वहां अलग-अलग जगहों पर घूमने के लिए आपको टैक्सी या कैब की व्यवस्था करनी पड़ेगी।

 – जब आप माउंट आबू पहुंच जाएं, तो वहां जाकर होटल बुक करें। यहां पर होटल्स मेन रोड पर न होकर, अंदर स्थित है, वह आपको 700 से 1000 रुपये में 1 रात रुकने का है। यदि आप हॉस्टल में रहती हैं, तो 1 दिन के लिए आपको 500 से 600 रुपये ही देने होंगे।

 – यहां पर खाने-पीने का खर्च ज्यादा नहीं आएगा। यदि आप होटल से बाहर जाकर ढाबे से खाना खाती हैं, तो खर्च कम में आपका खाना-पीना हो जाएगा।

 – इस तरीके से अकेला व्यक्ति आराम से 10 हजार में माउंट आबू घूमकर वापस आ सकता है। बस आपको होटल और टिकट बुकिंग के दौरान खर्चों पर ध्यान देना है। क्योंकि लोग होटल और ट्रेन टिकट बुकिंग में खर्च ध्यान नहीं रखते हैं।