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इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी गंभीर रूप से कम, 85% तक खोई; रिपोर्ट ने शहबाज और मुनीर के दावों की सच्चाई उजागर की

पाकिस्तान की अडियाला जेल में पिछले 922 दिनों से कैद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त अमीकस क्यूरी बैरिस्टर सलमान सफदर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान की दाहिनी आंख की 85% रोशनी खत्म हो चुकी है। वर्तमान में वह केवल 15% दृष्टि के साथ ही देख पा रहे हैं।

आंखों की समस्या का विवरण

रिपोर्ट में बताया गया है कि अक्टूबर 2025 तक इमरान खान की दोनों आंखों की रोशनी सामान्य थी। इसके बाद उन्हें धुंधलापन और ठीक से ना दिखने की शिकायत शुरू हुई। लेकिन अडियाला जेल प्रशासन और पाकिस्तानी सरकार ने उचित उपचार नहीं कराया। परिणामस्वरूप इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी अचानक समाप्त हो गई।

20 फरवरी को उन्हें पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में ले जाया गया, जहां राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन की पुष्टि हुई। अस्पताल में 20 मिनट का उपचार किया गया, लेकिन इसके बावजूद उनकी दाहिनी आंख से केवल 15% ही दृष्टि बची है।

मुलाकात के दौरान स्थिति

अमीकस क्यूरी ने बताया कि मुलाकात के दौरान इमरान खान बार-बार परेशान दिखाई दिए और उनकी आंखों में लगातार पानी आ रहा था। उन्हें टिश्यू से आंखें पोंछते देखा गया। जेल प्रशासन के पास इमरान खान का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। 6 फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट केवल उनके परिवार से प्राप्त हुई, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर का विवरण भी अधूरा था।

जेल में जीवन और परिस्थितियां

इमरान खान अक्टूबर 2023 से अडियाला जेल में बंद हैं। वह लगभग दो साल चार महीने से अकेले एक ही सेल में रह रहे हैं। सुबह उठकर नाश्ता, कुरान पढ़ना और व्यायाम करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। शाम 5:30 बजे से सुबह 10 बजे तक वह अपनी छोटी सेल में कैद रहते हैं।

  • सेल का आकार: 8 फीट लंबा, 10 फीट चौड़ा।
  • बिस्तर, कुर्सी, टेबल, पंखा, ब्लोअर हीटर और 32 इंच का टीवी (जो जांच के समय चालू नहीं था) मौजूद।
  • लगभग 100 किताबें रखी हुई हैं।
  • टॉयलेट छोटा, एग्जॉस्ट सिस्टम नहीं।
  • कपड़े हेंगर पर टंगे हैं, अलमारी नहीं। कुर्सी खराब हालत में।

गर्मियों में हालात और स्वास्थ्य जोखिम

गर्मी के मौसम में इमरान खान की हालत और खराब हो जाती है। फ्रिज नहीं है, केवल कूल बॉक्स उपलब्ध है। पिछली गर्मी में उन्हें 2-3 बार फूड पॉइजनिंग हुई। कूलर और मच्छर भगाने की व्यवस्था अपर्याप्त है।

कानूनी अधिकारों और परिवार से मुलाकात

रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान को पिछले पाँच महीनों से अपने वकीलों और कानूनी टीम से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का हनन हुआ है।

इमरान खान को अपनी पत्नी बुशरा बीबी से हफ्ते में केवल 30 मिनट की मुलाकात दी जाती है। बहनों और अन्य रिश्तेदारों से मुलाकात तक प्रतिबंधित है। 2025 में उन्हें ब्रिटेन में रहने वाले बेटों कासिम और सुलेमान से केवल दो बार टेलीफोन पर बातचीत की अनुमति मिली।

अमीकस क्यूरी की सिफारिशें

सलमान सफदर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इमरान खान की आंखों की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए नेत्र चिकित्सकों की स्वतंत्र टीम का गठन कर तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. आसिम यूसुफ को भी उपचार प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

इसके अलावा उन्हें परिवार से मुलाकात और बातचीत की अनुमति देने की सिफारिश की गई ताकि उनके मूलभूत मानवीय अधिकार सुरक्षित रह सकें।

बेटे कासिम खान के आरोप

रिपोर्ट के बाद इमरान खान के बेटे कासिम खान ने ट्विटर पर आरोप लगाया कि पिता की खराब हालत के लिए 922 दिनों की अलगाव में कैद, मेडिकल नेग्लेक्ट और जानबूझकर इलाज न देना जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मौजूदा सरकार दोषी हैं।

कासिम ने यह भी कहा कि उन्हें और उनके भाई को पिता से मिलने का वीजा नहीं दिया गया।

Food Poisoning Alert: किचन में की गई ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, ऐसे बचाएं खुद को बीमारियों से

फूड पॉइजनिंग एक आम लेकिन गंभीर समस्या है, जो दूषित, बासी या बैक्टीरिया से संक्रमित भोजन खाने से होती है। कई बार लोग इसे साधारण पेट खराबी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह स्थिति डिहाइड्रेशन से लेकर शरीर के अंगों के फेल होने तक का खतरा पैदा कर सकती है। जब ई-कोलाई, साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया भोजन के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं, तो ये जहरीले तत्व छोड़ते हैं। इसके कारण दस्त, उल्टी, पेट दर्द और तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, फूड पॉइजनिंग का सबसे बड़ा कारण खाना पकाने, परोसने और स्टोर करने में की गई छोटी-छोटी गलतियां हैं। खासकर गर्मी और नमी वाले मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। केवल बाहरी सफाई ही काफी नहीं होती, बल्कि भोजन को सही तापमान पर पकाना और सुरक्षित तरीके से स्टोर करना भी बेहद जरूरी है।


खाना बनाने और रखने में होने वाली गलतियां

फूड पॉइजनिंग की एक बड़ी वजह ‘क्रॉस-कंटैमिनेशन’ है। अक्सर लोग कच्चे मांस या सब्जियां काटने के बाद उसी चाकू और चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल पके भोजन के लिए कर लेते हैं। इसके अलावा, खाने को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर खुला छोड़ देना भी बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देता है। फ्रीज में रखा भोजन बार-बार गर्म करके दोबारा ठंडा करना भी हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इससे टॉक्सिन्स बनने का खतरा रहता है।


व्यक्तिगत स्वच्छता की अनदेखी

हाथों की सही तरीके से सफाई न करना भी संक्रमण की बड़ी वजह बन सकता है। खाना बनाने या खाने से पहले साबुन से हाथ धोना जरूरी है। साथ ही, रसोई में इस्तेमाल होने वाले कपड़े, स्पंज और तौलिए की नियमित सफाई भी जरूरी है, क्योंकि इनमें बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं और बर्तनों के जरिए भोजन को दूषित कर सकते हैं।


बाहर का और अधपका भोजन

स्ट्रीट फूड या बाहर का खाना खाते समय स्वच्छता का ध्यान न रखना जोखिम भरा हो सकता है। कच्चे अंडे, अधपका मांस और बिना धुली सब्जियां परजीवियों और बैक्टीरिया का स्रोत बन सकती हैं। अधपके भोजन में मौजूद जीवाणु शरीर में जाकर तेजी से बढ़ते हैं। खासतौर पर सी-फूड और डेयरी उत्पाद अगर ताजे न हों, तो गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं।


सावधानी ही बचाव

फूड पॉइजनिंग से बचना मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी सतर्कता जरूरी है। हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका भोजन करें। कच्चे और पके खाने को अलग-अलग रखें और रसोई के उपकरणों को साफ रखें। यदि संक्रमण के बाद लगातार उल्टी, दस्त या तेज बुखार हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। आपकी छोटी-सी सावधानी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बचा सकती है।

‘डॉसन क्रीक’ फेम जेम्स वैन डेर बीक का 48 की उम्र में निधन, कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद दुनिया को कहा अलविदा

अमेरिकी टीवी सीरीज़ ‘डॉसन क्रीक’ से पहचान बनाने वाले अभिनेता जेम्स वैन डेर बीक का बुधवार को 48 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह कोलोरेक्टल कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से फैंस और मनोरंजन जगत में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर कई कलाकारों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।


परिवार ने जारी किया आधिकारिक बयान

जेम्स वैन डेर बीक के परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की पुष्टि की। बयान में कहा गया कि जेम्स ने अपने आखिरी दिनों को साहस, आस्था और गरिमा के साथ बिताया। परिवार ने उन्हें एक समर्पित पति, पिता, बेटे, भाई और दोस्त बताते हुए इस कठिन समय में निजता की अपील की।


हॉलीवुड सितारों ने दी श्रद्धांजलि

उनके निधन पर कई हॉलीवुड कलाकारों ने दुख जताया। सारा मिशेल गेलर ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कैंसर जैसी बीमारी को कोसा। जेनिफर गार्नर ने भी शोक संदेश में परिवार को हिम्मत और प्यार भेजा। अभिनेता डेविड डेनमैन ने उन्हें “सबसे अच्छे लोगों में से एक” बताते हुए श्रद्धांजलि दी।


कैंसर से जूझ रहे थे जेम्स

जेम्स वैन डेर बीक शादीशुदा थे और छह बच्चों के पिता थे। साल 2024 में उन्होंने अपने कोलोरेक्टल कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी सार्वजनिक की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह इस बीमारी से निजी तौर पर लड़ रहे हैं और अपने परिवार के समर्थन से इलाज की दिशा में कदम उठा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि वह इस चुनौती से उबरेंगे।


ऐसा रहा उनका करियर

जेम्स वैन डेर बीक को 1998 से 2003 तक प्रसारित हुए टीन ड्रामा ‘डॉसन क्रीक’ में मुख्य किरदार निभाने के लिए खास तौर पर जाना जाता है। यह शो एक छोटे शहर में रहने वाले दोस्तों के समूह की कहानी पर आधारित था। इसके अलावा उन्होंने ‘वर्सिटी ब्लूज़’ और ‘द रूल्स ऑफ अट्रैक्शन’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। हालांकि, बड़े पर्दे पर वह ‘डॉसन क्रीक’ की लोकप्रिय छवि से खुद को पूरी तरह अलग नहीं कर पाए।

फिर भी, उन्होंने अपने करियर को लेकर संतोष जताया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने अतीत को गर्व के साथ स्वीकार किया है और उसे बोझ की तरह कभी नहीं देखा।

जेम्स वैन डेर बीक के निधन से मनोरंजन जगत ने एक प्रतिभाशाली अभिनेता और संवेदनशील इंसान को खो दिया है।

Health News:Jawline Acne से परेशान? अपनाएं यह नेचुरल डिटॉक्स रूटीन, स्किन में दिखेगा फर्क

आजकल अनियमित लाइफस्टाइल, जंक फूड और तनाव के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर जॉलाइन पर निकलने वाले छोटे-छोटे पिंपल्स चेहरे की खूबसूरती को प्रभावित करते हैं। कई लोग महंगे क्रीम और सीरम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता। दरअसल, त्वचा की सेहत केवल बाहरी देखभाल पर नहीं, बल्कि शरीर की अंदरूनी स्थिति पर भी निर्भर करती है। पाचन गड़बड़ी और शरीर में जमा अशुद्धियां भी ऐसे दानों की वजह बन सकती हैं। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाकर सुधार लाया जा सकता है।


🌿 सुबह का हेल्दी ड्रिंक रूटीन

सुबह खाली पेट एक गिलास पानी में नीम, तुलसी और काली मिर्च उबालकर पीना फायदेमंद माना जाता है।

  • नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं।
  • तुलसी पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है।
  • काली मिर्च मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने में मदद करती है।

नियमित सेवन से आंतों की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है और त्वचा पर दानों में धीरे-धीरे सुधार दिख सकता है।

सामग्री

  • 1 गिलास पानी
  • 1/4 चम्मच नीम पाउडर
  • 4-5 तुलसी के पत्ते
  • 1 चुटकी काली मिर्च

बनाने की विधि

  • सभी चीजों को पानी में डालकर अच्छी तरह उबाल लें।
  • छानकर सुबह या मिड-मॉर्निंग में धीरे-धीरे पिएं।

🌼 शाम का पाचन ड्रिंक

शाम के समय अजवाइन और सौंफ का पानी पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है।

  • सौंफ गैस और सूजन कम करने में मदद कर सकती है।
  • अजवाइन पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में सहायक होती है।

यह ड्रिंक शरीर को हल्का रखने और स्किन समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकता है।

सामग्री

  • 1 गिलास पानी
  • 1/4 चम्मच अजवाइन
  • 1/4 चम्मच सौंफ

विधि

  • सभी सामग्री को पानी में डालकर 5 मिनट तक उबालें।
  • छानकर शाम को धीरे-धीरे सेवन करें।

🌙 रात का रूटीन

सोने से पहले सीमित मात्रा में अरंडी (कैस्टर) तेल का सेवन कुछ लोग आंतों की सफाई के लिए करते हैं। यह पाचन को बेहतर रखने में सहायक माना जाता है।

सामग्री

  • 1 चम्मच अरंडी का तेल

सेवन विधि

  • सोने से पहले 1 चम्मच अरंडी का तेल लें।

🥭 हफ्ते में एक बार का उपाय

पपीते के बीज और शहद का मिश्रण पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है। यह आंतों को स्वस्थ रखने और शरीर की सफाई में मदद कर सकता है।

सामग्री

  • 1 चम्मच पपीते के बीज का पाउडर
  • 1/2 चम्मच शहद

विधि

  • दोनों को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।

⚠️ जरूरी सावधानी

यह प्राकृतिक रूटीन पाचन और त्वचा की सेहत को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। यदि आप गर्भवती हैं, किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या नियमित दवाएं ले रहे हैं, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Sports News:राशिद खान ने रचा इतिहास, भारत में टी20I के 50 विकेट लेने वाले बने पहले गेंदबाज

Rashid Khan Created History In T20 Internationals:
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 11 फरवरी को अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले में राशिद खान ने दो विकेट लेकर बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। इसी के साथ वह भारत की धरती पर टी20 इंटरनेशनल में 50 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए। उन्होंने यह उपलब्धि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना दूसरा विकेट लेते ही हासिल की।

राशिद अब 50 विकेट के साथ भारत में टी20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने युजवेंद्र चहल और अक्षर पटेल को पीछे छोड़ दिया।


भारतीय सरजमीं पर नंबर-1 बने राशिद

राशिद खान ने भारत में अब तक टी20 इंटरनेशनल की 24 पारियां खेली हैं और इनमें 50 विकेट झटके हैं। खास बात यह है कि उनका औसत और इकॉनमी रेट भी काफी प्रभावशाली रहा है।

भारत में टी20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों की सूची में

  • दूसरे नंबर पर युजवेंद्र चहल हैं, जिन्होंने 38 पारियों में 49 विकेट लिए हैं।
  • तीसरे स्थान पर अक्षर पटेल हैं, जिनके नाम 37 पारियों में 48 विकेट दर्ज हैं।

भारत में टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट

  • राशिद खान – 50 विकेट (24 पारी)
  • युजवेंद्र चहल – 49 विकेट (38 पारी)
  • अक्षर पटेल – 48 विकेट (37 पारी)
  • अर्शदीप सिंह – 43 विकेट (27 पारी)
  • हार्दिक पंड्या – 38 विकेट (53 पारी)
  • जसप्रीत बुमराह – 36 विकेट (35 पारी)
  • भुवनेश्वर कुमार – 34 विकेट (33 पारी)
  • वरुण चक्रवर्ती – 33 विकेट (16 पारी)
  • कुलदीप यादव – 27 विकेट (19 पारी)
  • रवि बिश्नोई – 26 विकेट (20 पारी)

भारतीय परिस्थितियों में दिखा कमाल

आंकड़ों से साफ है कि भारतीय पिचें राशिद खान को खूब रास आती हैं। उनकी स्पिन गेंदबाजी यहां बेहद प्रभावी साबित हुई है। यही वजह है कि उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को भी पीछे छोड़ते हुए यह खास उपलब्धि हासिल की। भारतीय परिस्थितियों की उनकी समझ और नियंत्रण ने उन्हें इस रिकॉर्ड तक पहुंचाया है।