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Health Tips:क्या Reverse Osmosis का पानी सेहत के लिए खतरनाक है? जानिए डॉक्टरों की राय

आजकल ज्यादातर घरों में पानी को साफ करने के लिए वॉटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जाता है। खासकर Reverse Osmosis (RO) तकनीक वाले प्यूरीफायर काफी लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये पानी से गंदगी, बैक्टीरिया, भारी धातु और अन्य हानिकारक तत्वों को हटाने में प्रभावी माने जाते हैं।

लेकिन समय-समय पर यह सवाल उठता है कि क्या RO का पानी पीना पूरी तरह सुरक्षित है या इससे सेहत पर असर पड़ सकता है? डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की राय इस बारे में कुछ अलग तस्वीर पेश करती है।


RO तकनीक कैसे काम करती है?

RO सिस्टम में पानी एक विशेष मेम्ब्रेन फिल्टर से गुजरता है। इस प्रक्रिया में:

  • बैक्टीरिया और वायरस
  • घुले हुए नमक
  • भारी धातु (जैसे सीसा या आर्सेनिक)
  • अन्य हानिकारक तत्व

अलग हो जाते हैं। यही वजह है कि जिन इलाकों में पानी ज्यादा प्रदूषित होता है, वहां RO सिस्टम को काफी प्रभावी माना जाता है।

हालांकि इस प्रक्रिया में पानी में मौजूद कुछ प्राकृतिक मिनरल जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा भी कम हो सकती है।


क्या RO पानी से मिनरल की कमी हो सकती है?

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, शरीर को मिलने वाले जरूरी मिनरल का मुख्य स्रोत पीने का पानी नहीं बल्कि हमारा भोजन होता है।

ज्यादातर जरूरी पोषक तत्व हमें इन चीजों से मिलते हैं:

  • फल और सब्जियां
  • साबुत अनाज
  • दाल और प्रोटीन
  • डेयरी प्रोडक्ट

इसलिए अगर कोई व्यक्ति संतुलित आहार ले रहा है, तो RO पानी से मिनरल की थोड़ी कमी होने का शरीर पर आमतौर पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता।


क्या RO पानी किडनी के लिए नुकसानदायक है?

किडनी विशेषज्ञों के मुताबिक, RO का पानी सामान्य रूप से किडनी के लिए नुकसानदायक नहीं माना जाता

दरअसल साफ और सुरक्षित पानी पीना किडनी के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलने में मदद मिलती है। किडनी की सेहत के लिए ज्यादा जरूरी चीजें हैं:

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
  • संतुलित भोजन
  • हेल्दी लाइफस्टाइल

क्या इससे इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है?

कुछ लोग मानते हैं कि लंबे समय तक RO पानी पीने से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हेल्दी लोगों में ऐसा होना बहुत कम संभावना वाला मामला है।

शरीर में इलेक्ट्रोलाइट जैसे:

  • सोडियम
  • पोटेशियम
  • कैल्शियम
  • मैग्नीशियम

मुख्य रूप से भोजन से मिलते हैं और किडनी तथा हार्मोन सिस्टम इन्हें संतुलित रखते हैं।


✅ निष्कर्ष:
डॉक्टरों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में RO का पानी पीना सुरक्षित माना जाता है। हालांकि जहां पानी पहले से साफ हो, वहां जरूरत से ज्यादा फिल्ट्रेशन जरूरी नहीं होता।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

लखनऊ के सरोजनीनगर में राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ : विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं को दिया अनुशासन और टीमवर्क का संदेश

लखनऊ : सरोजनीनगर क्षेत्र में सैनिक वॉलीबॉल क्लब द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं को संबोधित किया तथा खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल का मैदान हमें जीवन की कई महत्वपूर्ण सीख देता है। यहां यह समझ में आता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि नियमित अभ्यास, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प के माध्यम से ही जीत हासिल की जा सकती है।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “नियमित अभ्यास, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प से ही जीत मिलती है। खेल हमें यह भी सिखाते हैं कि कोई व्यक्ति अकेले नहीं जीतता, बल्कि पूरी टीम मिलकर जीत हासिल करती है। जीवन में भी सहयोग, नेतृत्व क्षमता और कठोर परिश्रम से ही बड़ी उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।” उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर उनमें सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करते हैं।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजक श्यामेंद्र सिंह चौहान एवं विष्णु प्रताप सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे खेल आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल के माध्यम से आगे बढ़ने का प्रेरणादायक मंच प्रदान करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग के रूप में ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान सरोजनीनगर के अत्यंत प्रतिभाशाली खिलाड़ी और सैनिक वॉलीबॉल क्लब के प्रिय सदस्य स्वर्गीय अर्पित त्रिवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डॉ. राजेश्वर सिंह ने उनकी स्मृति को नमन करते हुए उनके परिवार को ₹1 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। इस दौरान उनके पिता श्री अवधेश त्रिवेदी की उपस्थिति ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और सभी ने अर्पित की स्मृतियों को याद किया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत के महान खिलाड़ियों जैसे मेजर ध्यानचंद, मिल्खा सिंह और नीरज चोपड़ा ने दुनिया को यह दिखाया है कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर भारतीय युवा विश्व मंच पर अपना परचम लहरा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल को केवल जीत या हार के दृष्टिकोण से न देखें, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और देश के गौरव के लिए खेलें।

उन्होंने कहा कि यदि युवा खेल को अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो इससे न केवल उनका शारीरिक और मानसिक विकास होगा, बल्कि एक स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान शिव शंकर सिंह “शंकरी”, पार्षद गीता देवी, पार्षद प्रतिनिधि संजय गुप्ता, शिव कुमार सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह “मोनू”, अवधेश त्रिवेदी, पूर्व मंडल अध्यक्ष शिव बक्श सिंह, अंकित त्रिवेदी, अमन शुक्ला, अतुल यादव, अनुराग सिंह तथा राहुल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सरोजनी नगर के होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब: हरौनी स्थित झाड़ेश्वर मंदिर में विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने दिया एकता, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का संदेश

लखनऊ : सरोजिनी नगर क्षेत्र के हरौनी स्थित प्राचीन झाड़ेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित भव्य होली मिलन उत्सव में शनिवार को हजारों ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति देखने को मिली। रंग, उमंग और भाईचारे के माहौल के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में सरोजिनी नगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत के राष्ट्रीय चरित्र, सांस्कृतिक मूल्यों और सभ्यता की जीवंत अभिव्यक्ति का पर्व है।

उन्होंने कहा कि यदि भारत को समझना है तो केवल उसके संविधान को नहीं, बल्कि उसके त्योहारों को समझना होगा, क्योंकि भारत के त्योहार समाज को जोड़ने, नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और नई पीढ़ियों को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

सत्य की विजय का प्रतीक है होली

अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक प्रसंग नहीं बल्कि एक शाश्वत सत्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास और परंपरा यह संदेश देती है कि अहंकार, अत्याचार और अन्याय अंततः पराजित होते हैं और सत्य तथा धर्म की विजय होती है। होलिका दहन इसी सत्य का प्रतीक है कि सत्य को कभी नष्ट नहीं किया जा सकता।

भारतीय त्योहार जीवन मूल्यों की शिक्षा देते हैं

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत के त्योहार केवल आनंद और उत्सव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज को जीवन जीने की सही दिशा और नैतिक शिक्षा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि होली सत्य की विजय का प्रतीक है, दशहरा धर्म की विजय का संदेश देता है, दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव है और गुरुपर्व सेवा, समर्पण तथा त्याग की भावना को प्रोत्साहित करता है।

समाज को जोड़ने वाला लोकतांत्रिक पर्व है होली

उन्होंने कहा कि होली भारतीय समाज का ऐसा पर्व है जो सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करता है। इस दिन लोग जाति, वर्ग, भाषा और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि विविधताओं के बावजूद समाज एकता के सूत्र में बंधा रहता है।

बसंत और प्रकृति के उत्सव का भी प्रतीक

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि होली बसंत ऋतु का भी उत्सव है। यह वह समय होता है जब खेतों में नई फसल लहलहाती है, सरसों के फूल खिलते हैं और प्रकृति स्वयं रंगों से सराबोर हो जाती है। भारतीय सभ्यता ने प्रकृति के इस सौंदर्य और उल्लास को भी उत्सव का स्वरूप दिया है।

मजबूत भारत ही अपनी संस्कृति की रक्षा कर सकता है

डॉ. राजेश्वर सिंह ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसे समय में भारत को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और सामरिक दृष्टि से और अधिक मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र ही अपनी संस्कृति, शांति और परंपराओं की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकता है।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा का संदेश

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा, हरित ऊर्जा और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और संतुलित वातावरण मिल सके। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रेम, एकता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने उपस्थित नागरिकों से आह्वान किया कि होली को केवल रंगों का उत्सव न मानते हुए इसे प्रेम, एकता और सकारात्मकता का संदेश देने वाला पर्व बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने आचरण और कर्मों से भारत को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध बनाने में योगदान देगा।

युवा प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान हरौनी निवासी एमबीए छात्र प्रखर चौहान को डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने युवा पीढ़ी को शिक्षा और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राजेश सिंह चौहान, गोविंद प्रताप शुक्ला, शिव शंकर सिंह “शंकरी”, राजकुमार सिंह चौहान, राधे लाल यादव, शिवराज शुक्ला, अनिकेत सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत, नगर पंचायत बंथरा अध्यक्ष प्रतिनिधि रणजीत रावत, पार्षद लवकुश रावत, वीरेंद्र रावत, पीके मिश्रा, तुन्नू शुक्ला, आशु शुक्ला, सुभाष पासी, प्रधान प्रतिनिधि तरुण शुक्ला, पूर्व प्रधान सोनू माली, पूर्व प्रधान पवन सिंह, गंगाराम भारती, सोनू त्रिवेदी, सेक्टर संयोजक सूरज सिंह, प्रियंका सिंह, ऋतु सिंह, मधु चौरसिया, बच्चू लाल पासी, रेणु सिंह, राजू शुक्ला, आनंद अवस्थी, जितेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, एसके सुमन, प्रधान पीनू, प्रधान नीरज सिंह, कुलदीप सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Health Tips:युवाओं की आर्टरीज क्यों हो रही हैं समय से पहले सख्त, क्या यह हार्ट अटैक का साइलेंट सिग्नल?

भारत के कार्डियोलॉजिस्ट एक चिंताजनक ट्रेंड देख रहे हैं: कम उम्र के युवाओं की आर्टरीज समय से पहले बूढ़ी हो रही हैं। यानी जन्म प्रमाणपत्र में 35 साल दिख रहे हों, लेकिन शरीर के हार्ट और आर्टरीज की जांच में 50-55 साल जैसी स्थिति। डॉक्टर इसे “अर्ली वैस्कुलर एजिंग” कहते हैं।

क्रोनोलॉजिकल और बायोलॉजिकल एज में फर्क

  • क्रोनोलॉजिकल एज: आपकी वास्तविक उम्र।
  • बायोलॉजिकल एज: शरीर के अंग कितने स्वस्थ हैं।

डॉ. विवेक कुमार के अनुसार, लचीली आर्टरीज हर धड़कन के साथ फैलती-सिकुड़ती हैं और ब्लड फ्लो बनाए रखती हैं। लेकिन जब आर्टरीज सख्त और मोटी हो जाती हैं, तो बिना लक्षण के नुकसान जमा होने लगता है।

युवाओं की आर्टरीज बूढ़ी क्यों हो रही हैं?

  • आधुनिक जीवनशैली: लंबा बैठना, हाई-स्टेस जॉब, प्रोसेस्ड फूड।
  • नींद की कमी और तनाव।
  • धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर और शुगर।

ICMR-INDIAB स्टडी के अनुसार, कम उम्र में डायबिटीज और प्रीडायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं। WHO भी मानता है कि हार्ट रोग अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं।

इसे कैसे रोका जा सकता है?

  • रेगुलर एरोबिक एक्सरसाइज
  • संतुलित आहार: फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स।
  • पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान।
  • धूम्रपान छोड़ना

डॉ. मुकेश गोयल कहते हैं: “असल सवाल यह नहीं कि आपकी उम्र कितनी है, बल्कि आपकी आर्टरीज कितनी स्वस्थ हैं।” सही जीवनशैली अपनाकर आर्टरीज की लचक सुधारी जा सकती है और हार्ट की बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।

नोट: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई डाइट या एक्सरसाइज को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

शाहरुख खान की ‘किंग’ में शामिल 70% बॉलीवुड सितारे, सौरभ शुक्ला बोले- ‘हर बड़ा नाम है फिल्म का हिस्सा’

शाहरुख खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘किंग’ को लेकर हर अपडेट फैंस के लिए खुशी का कारण बनता है। हाल ही में इसका छोटा टीजर रिलीज हुआ था, जिसने फिल्म की उत्सुकता और बढ़ा दी। अब एक्टर सौरभ शुक्ला ने हालिया इंटरव्यू में फिल्म की स्टार कास्ट को लेकर खुलासा किया।

सौरभ शुक्ला का खुलासा

सौरभ ने बताया कि फिल्म में 70 प्रतिशत बॉलीवुड इंडस्ट्री नजर आएगी। उन्होंने कहा, “ना केवल मैं, बल्कि इस फिल्म में हर बड़ा नाम है, जो अपने आप में ही खास है। फिल्म इंडस्ट्री का लगभग आधा हिस्सा इस फिल्म में मौजूद है।”

सौरभ ने शूटिंग के अनुभव के बारे में भी बताया कि उन्होंने इस फिल्म की शूटिंग बहुत एंजॉय की। उन्होंने शाहरुख खान की पर्सनालिटी की तारीफ की और कहा कि फिल्म में उनका खुद का किरदार भी ऑडियंस के लिए यादगार रहेगा।

फिल्म की स्टार कास्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म में शाहरुख खान के अलावा उनकी बेटी सुहाना खान और दीपिका पादुकोण मुख्य किरदारों में हैं। इसके अलावा रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, जयदीप अहलावत और राघव जुयाल जैसे नामी कलाकार भी फिल्म में नजर आएंगे।

रिलीज डेट और डेब्यू

फिल्म 24 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी। यह एक हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्म होगी, जिसका निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। इसके साथ ही सुहाना खान का बिग स्क्रीन डेब्यू भी होने जा रहा है। पहले वह नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘द आर्चीज’ में नजर आ चुकी हैं।