डेंटिस्ट के पास जाना जरूरी है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातें नजरअंदाज कर दी जाती हैं। कुछ आदतें इलाज को मुश्किल बना सकती हैं। यहां उन 5 महत्वपूर्ण बातों का ध्यान दिया गया है, जिन्हें डेंटिस्ट के पास जाने से पहले अवश्य अपनाएं।
अपॉइंटमेंट पर भारी फाउंडेशन या लिपस्टिक नहीं लगाएं।
हल्का काजल या मस्कारा ठीक है।
इलाज के दौरान एनेस्थीसिया या उपकरणों की वजह से चेहरा सुन्न या गंदा हो सकता है, इसलिए सादगी बेहतर विकल्प है।
2. मुस्कान पर अति उम्मीदें न रखें
कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री में हर व्यक्ति की दांतों की बनावट, रंग और आकार अलग होता है।
फिल्मी मुस्कान की तस्वीर साथ लाना जरूरी नहीं।
डेंटिस्ट की सलाह पर भरोसा करना ज्यादा समझदारी है।
3. मेडिकल हिस्ट्री साझा करें
अपनी पुरानी बीमारियों, हाल ही में हुई सर्जरी या नियमित दवाओं की जानकारी दें।
कुछ मामलों में डेंटल प्रक्रिया से पहले एंटीबायोटिक या विशेष सावधानियां जरूरी हो सकती हैं।
सही जानकारी से ही सुरक्षित इलाज संभव है।
4. खाने-पीने का ध्यान रखें
अपॉइंटमेंट से पहले हल्का, प्रोटीन और हेल्दी फैट वाला भोजन करें।
खाली पेट या सिर्फ पानी पीकर जाने से चिड़चिड़ापन, हल्का चक्कर या बेचैनी हो सकती है।
ब्लड शुगर को स्थिर रखने वाला भोजन लेना बेहतर रहता है।
5. शराब या पेनकिलर से बचें
शराब, डेंटल दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है और इलाज जटिल बना सकती है।
इलाज से पहले दर्द की दवा लेना अक्सर जरूरी नहीं होता, क्योंकि एनेस्थीसिया प्रक्रिया के दौरान दर्द को रोक देता है।
जरूरत पड़ने पर डेंटिस्ट ही सही दवा लिखते हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी विशेषज्ञों की राय और रिसर्च पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई डायट, दवा या गतिविधि को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 फरवरी, 2025 को भारत-पाकिस्तान संघर्ष और सीजफायर को लेकर नया दावा किया है। पहले वह 6-7 जेट के गिरने की बात करते थे, लेकिन अब उन्होंने कहा कि 11 महंगे जेट मार गिराए गए।
ट्रंप ने पहली बार स्वीकार किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों के फाइटर जेट गिर गए थे।
भारत ने ट्रंप के दावे को कई बार खारिज किया है और इसे दोनों देशों के बीच बातचीत का परिणाम बताया है।
गाजा में शांति और बोर्ड ऑफ पीस
ट्रंप ने गाजा में शांति स्थापित करने के लिए बोर्ड ऑफ पीस स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रेड डील की धमकी देकर संघर्ष रोका।
ट्रंप का दावा: “पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने 25 मिलियन जानें बचाईं जब उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच जंग रोकी।”
‘200% टैरिफ’ की धमकी
ट्रंप ने बताया कि जंग के दौरान फाइटर जेट गिर रहे थे।
उन्होंने दोनों देशों को फोन किया और कहा: “अगर तुम लोग इसे सुलझा नहीं पाए तो मैं तुम दोनों देशों पर 200% टैरिफ लगा दूंगा।”
इसके बाद अचानक एक डील हुई और दोनों देशों ने संघर्ष रोक दिया।
11 महंगे जेट का दावा
ट्रंप ने कहा: “भारत और पाकिस्तान दोनों लड़ना चाहते थे, लेकिन पैसे के नुकसान की बात आई तो उन्होंने निर्णय लिया कि लड़ना नहीं चाहते। इस जंग में 11 महंगे जेट मार गिराए गए।”
उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत बड़ा इवेंट था और दोनों देशों को धन्यवाद दिया।
रमजान 2026 में रोजा रखना सिर्फ धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित रखने का तरीका भी है। सुबह सूर्योदय से पहले सहरी की जाती है और सूर्यास्त पर इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है। इस दौरान खानपान का विशेष महत्व होता है क्योंकि दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद अचानक गलत भोजन लेने से पेट में जलन, थकान या बेचैनी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
समोसा, फ्राइड आलू, डीप-फ्राइड स्नैक्स स्वाद में भले अच्छे लगें, लेकिन इनमें फैट और सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है।
रोजे के बाद इन्हें ज्यादा खाने से भारीपन, सुस्ती और थकान बढ़ सकती है।
ज्यादा नमक वाली चीजें जैसे अचार या नमकीन स्नैक्स भी तरल संतुलन बिगाड़ सकती हैं।
2. मीठा सोच-समझकर खाएं
अधिक शक्कर वाली मिठाइयां या डेजर्ट तुरंत ऊर्जा देती हैं, लेकिन लंबे समय तक नहीं टिकती।
इसके बाद कमजोरी या सुस्ती महसूस हो सकती है।
चॉकलेट, चाय, कॉफी या अन्य कैफीन युक्त पेय सीमित मात्रा में लें, क्योंकि कैफीन शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकाल सकता है।
3. हल्का और संतुलित भोजन
इफ्तारी में हल्का और संतुलित भोजन ही रोजे के बाद शरीर को सही तरीके से ऊर्जा देता है और स्वास्थ्य को स्थिर रखता है।
प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का सही मिश्रण अपनाएं, जैसे फल, दही, ड्राई फ्रूट्स और हल्का अनाज।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी शोध और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई गतिविधि, डायट या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
सीमित व्यय से व्यापक क्षमता निर्माण तक 3–4 गुना बजटीय वृद्धि, पुलिस, स्वास्थ्य, ग्रामीण व शहरी विकास को मिला अभूतपूर्व विस्तार
लखनऊ, 19 फरवरी 2026। सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की वित्तीय प्रगति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य अब सीमित व्यय की मानसिकता से आगे बढ़कर व्यापक एवं संतुलित क्षमता निर्माण की दिशा में तेजी से अग्रसर हुआ है।
उन्होंने कहा कि तीन अलग-अलग राजनीतिक अवधियों के क्षेत्रवार व्यय की तुलना यह स्पष्ट करती है कि वर्तमान सरकार ने वित्तीय अनुशासन को ठोस और दीर्घकालिक विकास निवेश में परिवर्तित किया है।
कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक बजट विस्तार
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि कानून व्यवस्था के क्षेत्र में बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां बसपा शासनकाल में पुलिस बजट लगभग ₹10–12 हजार करोड़ और सपा शासनकाल में ₹15–18 हजार करोड़ के बीच था, वहीं वर्ष 2026–27 में यह बढ़कर ₹41,898 करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
स्वास्थ्य, ग्रामीण और शहरी विकास को मिला अभूतपूर्व बल
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का बजट ₹53,326 करोड़ तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी प्रकार ग्रामीण विकास के लिए ₹49,044 करोड़, सामाजिक कल्याण एवं पोषण के लिए ₹42,263 करोड़ तथा शहरी विकास के लिए ₹27,532 करोड़ का प्रावधान राज्य में संतुलित और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि आधारभूत संरचना, सेवाओं की गुणवत्ता और दीर्घकालिक विकास क्षमता को मजबूत करने की दिशा में ठोस निवेश है।
राजस्व सुदृढ़ता और वित्तीय अनुशासन बना मजबूती का आधार
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने राजस्व वृद्धि, नियंत्रित राजकोषीय घाटा और संतुलित ऋण प्रबंधन के माध्यम से वित्तीय स्थिरता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि मजबूत राजस्व आधार और अनुशासित व्यय नीति के कारण राज्य विकास परियोजनाओं में निरंतर निवेश करने में सक्षम हुआ है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त, सक्षम एवं विकासोन्मुख राज्य के रूप में स्थापित होगा।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसे “वित्तीय सुशासन और विकास के संतुलित मॉडल” का परिणाम बताते हुए कहा कि यह परिवर्तन प्रदेश की जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
लखनऊ, 19 फरवरी 2026। सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में मोहनलालगंज स्थित अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (एआईएमटी) में ‘एनवायरनमेंट वॉरियर्स – द गार्जियंस ऑफ द ग्रीन’ के तत्वावधान में पर्यावरण जागरूकता क्विज प्रतियोगिता का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़े भैया श्री रामेश्वर सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 20 प्रतिष्ठित महाविद्यालयों से कुल 85 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी की भावना विकसित करना रहा।
प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः ₹1,00,000, ₹50,000 एवं ₹25,000 की पुरस्कार राशि आगामी 22 फरवरी 2026 को आयोजित मुख्य कार्यक्रम ‘युवा उत्सव 2.0’ में प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता संजय दत्त एवं विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह विजेताओं को सम्मानित करेंगे। यह आयोजन युवाओं को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरित करने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रकृति संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आज देश के लाखों युवा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को प्राप्त होती है जो समय का सदुपयोग करते हुए शारीरिक एवं मानसिक रूप से सजग रहते हैं। उन्होंने कहा कि यही सजगता पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है।
उन्होंने ‘पृथ्वी अति-उपभोग दिवस’ का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1972 में यह दिन वर्ष के अंतिम चरण में आता था, जबकि वर्ष 2025 तक यह जुलाई–अगस्त में पहुंच गया है। यह स्थिति स्पष्ट संकेत देती है कि मानव समाज पृथ्वी के संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर रहा है।
डॉ. सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 100 वर्षों में वैश्विक तापमान में लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, जबकि लखनऊ में बीते 20 वर्षों में भूमिगत जलस्तर 20 मीटर से अधिक नीचे चला गया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को व्यक्तिगत दायित्व मानते हुए सक्रिय भूमिका निभाएं।
विभिन्न संस्थानों की सहभागिता
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान (दरोगा खेड़ा), डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (रायबरेली रोड), डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (पारा), सरस्वती मेडिकल कॉलेज (उन्नाव), मॉडर्न गर्ल्स कॉलेज, मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, महाराणा प्रताप समूह संस्थान (बंथरा), नोवा शेखर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सेइको कॉलेज ऑफ फार्मेसी, आर्यकुल समूह महाविद्यालय, एंकराइट इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एसकेडी डिग्री कॉलेज, गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज, आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, स्वामी विवेकानंद गर्ल्स डिग्री कॉलेज, अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, एआईपीएस तथा अंबिकेश्वर समूह संस्थान (बीकेटी) के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।
आयोजन समिति को शुभकामनाएं
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए श्री अंबिका मिश्रा जी, डॉ. श्वेता द्विवेदी जी, नंदजा मिश्रा जी, अमृतांशु शेखर आज़ाद जी सहित संपूर्ण अंबालिका टीम एवं एनवायरनमेंट वॉरियर टीम को विशेष शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम का समापन “प्रकृति भी हमारी, लोकतंत्र भी हमारा” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल पर्यावरण जागरूकता का मंच बना, बल्कि युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करने का सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ।