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रणवीर सिंह की ‘प्रलय’ में भाग्यश्री बोरसे की एंट्री, बिग बजट जॉम्बी फिल्म से मिला बड़ा ब्रेक

बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। जहां उनकी फिल्म धुरंधर: द रिवेंज 19 मार्च को रिलीज होने जा रही है, वहीं अब उनकी नई फिल्म प्रलय को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

भाग्यश्री बोरसे की हुई एंट्री

फिल्म में पहले ही कल्याणी प्रियदर्शन को फीमेल लीड के तौर पर साइन किया जा चुका है। अब खबर है कि दूसरी अहम भूमिका के लिए भाग्यश्री बोरसे को फाइनल कर लिया गया है। हालांकि मेकर्स की ओर से आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन इंडस्ट्री में इस खबर की चर्चा तेज है।

भाग्यश्री बोरसे अब तक साउथ इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं और ‘प्रलय’ को उनके करियर का सबसे बड़ा हिंदी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मेकर्स इस फिल्म में नए चेहरों को मौका देकर ताजगी लाना चाहते हैं।

जॉम्बी हमले के बीच इंसानी जंग

‘प्रलय’ एक जॉम्बी सर्वाइवल एक्शन फिल्म होगी, जिसमें सिर्फ डर और थ्रिल ही नहीं, बल्कि इंसानी जज्बे और संघर्ष की कहानी भी दिखाई जाएगी। बड़े पैमाने पर वीएफएक्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दर्शकों को एक अलग सिनेमाई अनुभव मिलेगा।

रणवीर पहली बार प्रोड्यूसर

इस फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं, जो इससे पहले स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी में को-डायरेक्टर रह चुके हैं।

खास बात यह है कि रणवीर सिंह इस फिल्म से बतौर प्रोड्यूसर भी जुड़े हैं। वह अपने प्रोडक्शन हाउस मां कसम फिल्म्स के जरिए इस बिग बजट प्रोजेक्ट में निवेश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर ‘प्रलय’ को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ती जा रही है और भाग्यश्री बोरसे की एंट्री से फिल्म की स्टारकास्ट और मजबूत हो गई है।

प्राइवेट डिनर से संसद संबोधन तक: पीएम मोदी के इजरायल दौरे में क्या रहेगा खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25–26 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजरायल जाएंगे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू करेंगे।

दौरे की प्रमुख बातें

  • इजरायली संसद को संबोधन: 25 फरवरी को पीएम मोदी क्नेस्सेट (इजरायली संसद) को संबोधित करेंगे।
  • प्राइवेट डिनर: पीएम मोदी के सम्मान में नेतन्याहू विशेष निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।
  • द्विपक्षीय वार्ता: रक्षा, तकनीक, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर उच्चस्तरीय बातचीत होगी।

यह पीएम मोदी की पिछले 9 वर्षों में इजरायल की दूसरी यात्रा होगी। 4–6 जुलाई 2017 के ऐतिहासिक दौरे में भारत–इजरायल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक अपग्रेड किया गया था।


किन क्षेत्रों में होगा फोकस?

1) विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन

  • स्टार्टअप्स, संयुक्त R&D परियोजनाएं
  • India–Israel Industrial R&D and Technological Innovation Fund (I4F)
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा

2) रक्षा और सुरक्षा

नवंबर 2025 में रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और इंटेलिजेंस सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेंगे।

3) व्यापार और निवेश

  • नवंबर 2025 में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की यात्रा के दौरान FTA वार्ता शुरू करने के लिए ToR पर हस्ताक्षर।
  • सितंबर 2025 में इजरायल के वित्त मंत्री बेजाले स्मोट्रिच की भारत यात्रा के दौरान BIA पर हस्ताक्षर।

4) कृषि और जल प्रौद्योगिकी

भारत के विभिन्न राज्यों में 43 में से 35 उत्कृष्टता केंद्र (CoE) संचालित हैं, जो आधुनिक खेती और माइक्रो-इरिगेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।

5) पिपुल-टू-पिपुल कनेक्ट

इजरायल में 41,000 से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं। 2023 के द्विपक्षीय श्रम समझौते के बाद 20,000 से अधिक भारतीय श्रमिक इजरायल पहुंचे हैं।


क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग

  • भारत ने 13 अक्टूबर 2025 को घोषित गाज़ा शांति पहल का स्वागत किया था।
  • भारत और इजरायल I2U2 समूह (भारत–इजरायल–यूएई–अमेरिका) के सदस्य हैं, जो खाद्य सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है।

कुल मिलाकर क्या संदेश?

यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। संसद संबोधन से लेकर प्राइवेट डिनर तक—हर कार्यक्रम दोनों देशों के गहरे होते रिश्तों का संकेत देता है।

ईरान को लेकर ट्रंप की क्या है रणनीति? व्हाइट हाउस ने बातचीत और सैन्य कार्रवाई दोनों के दिए संकेत

ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की रणनीति पर बड़ा बयान सामने आया है। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा बढ़ने से संभावित कार्रवाई की अटकलें तेज हैं, लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि राष्ट्रपति का पहला विकल्प अब भी कूटनीति है।

क्या बोलीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता?

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पहला विकल्प हमेशा कूटनीति होता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरत पड़ने पर ट्रंप अमेरिकी सेना की “घातक शक्ति” का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे। अंतिम फैसला राष्ट्रपति ही लेंगे।

कांग्रेस को दी जाएगी जानकारी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो व्हाइट हाउस में “गैंग ऑफ एट” कहे जाने वाले कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को ईरान मुद्दे पर ब्रीफ करेंगे। बताया जा रहा है कि सांसदों को ईरान की स्थिति और संभावित रणनीति की जानकारी दी जाएगी।

मिडिल ईस्ट में सैन्य तैनाती बढ़ी

अमेरिका ने ईरान के पास अपने नौसैनिक बल की तैनाती बढ़ा दी है। इससे पहले ट्रंप ने तेहरान को 10–15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था कि वह समझौते की दिशा में कदम बढ़ाए, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।

संभावना जताई जा रही है कि ट्रंप अपने आगामी स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संभावित कदमों का जिक्र कर सकते हैं।

ट्रंप ने खारिज कीं अटकलें

इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर ईरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर चल रही अटकलों को “फेक न्यूज” बताया था। उन्होंने उन रिपोर्ट्स को भी गलत ठहराया, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी सैन्य नेतृत्व ईरान के खिलाफ कार्रवाई के पक्ष में नहीं है।

असल संदेश क्या?

व्हाइट हाउस के बयान से साफ है कि ट्रंप प्रशासन फिलहाल कूटनीतिक दबाव और सैन्य शक्ति—दोनों विकल्प खुले रखना चाहता है। यानी अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ा रहा है, लेकिन सीधी सैन्य कार्रवाई आखिरी विकल्प के तौर पर रखी गई है।

Sports News:सेमीफाइनल में पहुंचा इंग्लैंड, पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम ओवर में रोमांचक जीत

इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 2 विकेट से हराकर 2026 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। पल्लेकेले में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 164 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने आखिरी ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

कप्तान हैरी ब्रूक का ऐतिहासिक शतक

इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की पहली ही गेंद पर फिल साल्ट आउट हो गए। पावरप्ले के भीतर जोस बटलर, जैकब बैथेल और टॉम बैन्टन भी पवेलियन लौट गए।

ऐसे मुश्किल समय में कप्तान Harry Brook ने मोर्चा संभाला। ब्रूक ने 50 गेंदों में शानदार शतक जड़कर टीम को जीत की राह पर ला खड़ा किया। वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए। हालांकि शतक पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए, लेकिन तब तक मैच इंग्लैंड की पकड़ में आ चुका था।

अफरीदी की मेहनत बेकार

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज Shaheen Afridi ने 4 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट झटके और इंग्लैंड को दबाव में रखा। वहीं Mohammad Nawaz ने 19वें ओवर में 2 विकेट लेकर मुकाबले को फिर रोमांचक बना दिया।

लेकिन 20वें ओवर की पहली गेंद पर Jofra Archer ने चौका लगाकर इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी।

लगातार पांचवीं बार सेमीफाइनल

इस जीत के साथ इंग्लैंड लगातार पांचवीं बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है, जो अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए आगे का सफर अब मुश्किल हो गया है।

यूक्रेन को न्यूक्लियर हथियार देने की चर्चा से बढ़ा वैश्विक तनाव, रूस का बड़ा आरोप; पुतिन ने दी कड़ी चेतावनी

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर हालात गंभीर होते दिख रहे हैं। क्रेमलिन ने दावा किया है कि ब्रिटेन और फ्रांस, यूक्रेन को परमाणु हथियार मुहैया कराने पर विचार कर रहे हैं। इस आरोप के बाद रूस और पश्चिमी देशों के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

SVR का दावा: पारंपरिक हथियारों से रूस को हराना असंभव

रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी SVR ने कहा कि पश्चिमी देश मानते हैं कि मौजूदा हालात में पारंपरिक हथियारों के जरिए रूस को हराना मुश्किल है। इसी वजह से यूक्रेन को “सुपर हथियार”, यानी परमाणु बम देने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, SVR ने यह भी दावा किया कि फ्रांस की M51 मिसाइल पर तैनात TN75 वारहेड के इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।

रूस ने IAEA और UNSC से जांच की मांग की

मॉस्को का कहना है कि जर्मनी ने यूक्रेन को परमाणु हथियार भेजने में मदद करने से इनकार कर दिया है। वहीं रूस की फेडरेशन काउंसिल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से ब्रिटेन और फ्रांस की कथित मंशा की जांच करने की मांग की है।

पुतिन की कड़ी चेतावनी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही साफ कर चुके हैं कि यूक्रेन को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। नवंबर 2024 में कजाकिस्तान दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर यूक्रेन परमाणु शक्ति बनने की कोशिश करता है तो रूस “तबाही मचाने वाले हथियारों” का इस्तेमाल करेगा।

पुतिन ने उन देशों को भी चेतावनी दी थी जो यूक्रेन को परमाणु हथियार देने पर विचार करेंगे। उनका कहना था कि मॉस्को हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पश्चिम में भी उठा था बयान

गौरतलब है कि जून 2022 में यूरोपीय संसद के सदस्य राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा था कि पश्चिमी देशों को यूक्रेन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उसे परमाणु हथियार देने का अधिकार है।

इन दावों और बयानों के बीच सवाल यही है कि क्या यूक्रेन युद्ध अब एक खतरनाक परमाणु मोड़ की ओर बढ़ रहा है, और क्या पुतिन पश्चिमी देशों के खिलाफ और आक्रामक कदम उठा सकते हैं?