बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री Jaya Bachchan अक्सर अपने बेबाक अंदाज और पैपराजी के साथ तल्ख रिश्तों को लेकर चर्चा में रहती हैं। हाल में ऐसी अटकलें लगाई गईं कि इसका असर उनके नाती Agastya Nanda के उभरते करियर पर पड़ सकता है।
अगस्त्य ने 2023 में नेटफ्लिक्स फिल्म The Archies से डेब्यू किया। इसके बाद वे निर्देशक Sriram Raghavan की फिल्म Ikkis में नजर आए, जो दिग्गज अभिनेता Dharmendra की आखिरी फिल्म बताई जा रही है। हालांकि दोनों फिल्मों को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली।
जया बच्चन का दोटूक बयान
इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए जया बच्चन ने साफ कहा कि “दुनिया की कोई ताकत मेरे नाती के भाग्य को नहीं बदल सकती। अगर उसे स्टार बनना है, तो कोई उसे रोक नहीं सकता।”
उन्होंने अपने पति Amitabh Bachchan का उदाहरण देते हुए कहा कि करियर के शिखर पर होने के बावजूद उन्हें कई सालों तक प्रेस से दूरी झेलनी पड़ी, लेकिन इससे उनके स्टारडम पर कोई असर नहीं पड़ा।
“अगस्त्य अपना रास्ता खुद बनाएगा”
जया ने यह भी कहा कि अगस्त्य मेहनती और दृढ़ निश्चयी है। वह अपनी अलग पहचान बनाएगा और भीड़ का अनुसरण नहीं करेगा।
स्पष्ट है कि जया बच्चन ने यह साफ कर दिया है कि उनके और पैपराजी के रिश्तों का अगस्त्य के करियर से कोई सीधा संबंध नहीं है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में न्यूजीलैंड ने कोलंबो के R. Premadasa Stadium में श्रीलंका को 61 रनों से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस हार के साथ सह-मेजबान श्रीलंका का घरेलू मैदान पर खिताब जीतने का सपना टूट गया, जबकि न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं।
पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 168 रन बनाए। जवाब में श्रीलंकाई टीम 107 रन पर सिमट गई। कामिंदु मेंडिस और दुनिथ वेल्लालागे को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
सैंटनर की कप्तानी पारी
न्यूजीलैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी और 84 रन तक 6 विकेट गिर चुके थे। ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान Mitchell Santner ने 26 गेंदों पर 47 रनों की तेज पारी खेली। उन्होंने Cole McConchie के साथ 84 रनों की अहम साझेदारी कर टीम को 160 के पार पहुंचाया।
रचिन रवींद्र का ऑलराउंड कमाल
इसके बाद मैच पर पूरी तरह कब्जा कर लिया Rachin Ravindra ने। उन्होंने पहले बल्ले से 32 रन जोड़े और फिर गेंदबाजी में 4 ओवर में 27 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने कुसल मेंडिस, पवन रत्नायके, दासुन शनाका और दुशन हेमंता को आउट कर श्रीलंका की कमर तोड़ दी।
हेनरी ने दिया शुरुआती झटका
श्रीलंका को पहली ही गेंद पर बड़ा झटका लगा, जब Matt Henry ने पथुम निसांका को क्लीन बोल्ड कर दिया। निसांका शानदार फॉर्म में थे, लेकिन इस अहम मुकाबले में वह खाता भी नहीं खोल सके।
इस जीत के साथ न्यूजीलैंड सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूती से बना हुआ है, जबकि श्रीलंका का टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान यहीं समाप्त हो गया।
इजरायल की संसद Knesset में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संबोधन देते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख दोहराया और कहा कि भारत मजबूती से इजरायल के साथ खड़ा है।
पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर को Hamas द्वारा किए गए आतंकी हमले में मारे गए इजरायली नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी कारण से आम नागरिकों की हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा, “हम आपका दर्द समझते हैं। भारत इस कठिन समय में और आगे भी पूरे विश्वास के साथ इजरायल के साथ खड़ा है।”
26/11 का जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारत में आतंकवाद के लंबे अनुभव का उल्लेख करते हुए 2008 Mumbai attacks (26/11) को याद किया, जिसमें इजरायली नागरिक भी मारे गए थे। उन्होंने दोहराया कि भारत की आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।
गाजा शांति पहल पर भारत का रुख
पीएम मोदी ने गाजा शांति पहल का समर्थन करते हुए कहा कि United Nations Security Council द्वारा अनुमोदित पहल क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता दिखाती है। उन्होंने कहा कि भारत बातचीत, शांति और स्थिरता के पक्ष में है और फ़िलिस्तीन मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है।
सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित
संसद में प्रधानमंत्री मोदी को “स्पीकर ऑफ क्नेसेट मेडल” से सम्मानित किया गया, जो क्नेसेट का सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान भारत–इजरायल संबंधों को मजबूत बनाने में उनके व्यक्तिगत योगदान के लिए दिया गया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि उनका जन्म (17 सितंबर 1950) उसी दिन हुआ था, जब भारत ने इजरायल को आधिकारिक मान्यता दी थी। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, इतिहास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के इजरायल दौरे के दौरान इजरायल की संसद Knesset में उनका भव्य स्वागत किया गया। संसद को संबोधित करने से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने उन्हें अपना “प्रिय मित्र” ही नहीं, बल्कि “भाई” तक बताया।
नेतन्याहू ने कहा कि “नरेंद्र मोदी, मेरे प्रिय दोस्त” सिर्फ औपचारिक शब्द नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि कई मायनों में भारत और इजरायल भाई जैसे हैं। पिछली मुलाकात को याद करते हुए उन्होंने भूमध्य सागर के तट पर साथ बिताए पलों का जिक्र किया और दोनों देशों के रिश्तों को तकनीक और सहयोग से मजबूत बनाने की बात कही।
उन्होंने संसद में कहा, “भारत हमारा महान दोस्त है। आज हमारे साथ इजरायल का एक सच्चा मित्र और वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली नेता मौजूद है। प्रधानमंत्री मोदी, यरूशलम में आपका स्वागत है।”
साझा इतिहास और लोकतांत्रिक मूल्य
नेतन्याहू ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 80 वर्ष पहले भारत और इजरायल ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता पाई। दोनों देश मजबूत लोकतंत्र हैं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखा है।
संसद में गूंजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे
पीएम मोदी के संसद पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ। दर्शक दीर्घा में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval और विदेश सचिव Vikram Misri भी मौजूद थे।
संसद के स्पीकर Amir Ohana ने हिंदी में स्वागत करते हुए कहा, “प्राइम मिनिस्टर मोदी, जेरूसलम में आपका स्वागत है, क्नेसेट में आपका स्वागत है।”
इस दौरे को भारत–इजरायल संबंधों के लिहाज से एक अहम पड़ाव माना जा रहा है, जिसने दोनों देशों की रणनीतिक और कूटनीतिक साझेदारी को और मजबूती दी है।
80.27 लाख रुपए की धनराशि से रविदास मंदिर का हो रहा पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण
बारा बिरवा रविदास मंदिर का कायाकल्प, सोलर प्लांट व डॉरमेट्री से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
समरसता के प्रतीक स्थलों के साथ हर वर्ग के तीर्थ स्थलों का हो रहा पर्यटन विकास
लखनऊ, 25 फरवरी 2026: राजधानी लखनऊ के कानपुर रोड स्थित बारा बिरवा का प्रसिद्ध रविदास मंदिर अब भव्य और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बढ़ते पर्यटन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने मंदिर के व्यापक पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण का खाका तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 80.27 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे, जिनमें से 60 लाख रुपए की प्रथम किस्त जारी कर विकास कार्यों को गति दे दी गई है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध हो सके। परियोजना अंतर्गत परिसर में अत्याधुनिक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सिविल, प्लंबिंग और फायर सेफ्टी से जुड़े सभी आवश्यक कार्य शामिल होंगे। साथ ही, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डॉरमेट्री सहित सुविधा संपन्न टूरिस्ट रेस्ट रूम का निर्माण भी होगा। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुदृढ़ करेगी, बल्कि लखनऊ की धार्मिक पर्यटन छवि को भी नई पहचान देगी।’
रविदास मंदिर में आधुनिक सुविधाओं की पहल श्रद्धालुओं को सुगम और सुव्यवस्थित दर्शन अनुभव प्रदान करने के लिए मंदिर परिसर में अलग-अलग स्थानों पर दिशा सूचक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने वाले भक्तों को मंदिर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हुए 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल भी स्थापित किया जाएगा, जिससे बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच तथा स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु डस्टबिन की समुचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे परिसर साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बना रहे।
सुनियोजित ढंग से पूर्ण होगी परियोजना- मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘लखनऊ के बारा बिरवा स्थित रविदास मंदिर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक चेतना और समरसता का भी प्रतीक है। मंदिर के पर्यटन विकास का कार्य प्रगति पर है। इसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर आगंतुकों के लिए अधिक सुगम और आकर्षक बनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार संत परंपरा से जुड़े पवित्र स्थलों के संरक्षण और उनके पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विभागीय प्रयास है कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिल सके। यह परियोजना समयबद्ध और सुनियोजित ढंग से पूर्ण की जाएगी।’
संत शिरोमणि की स्मृतियों से जुड़ा मंदिर संत शिरोमणि गुरु रविदास की पावन स्मृतियों से जुड़ा यह मंदिर आज आस्था, समरसता और सामाजिक चेतना का केंद्र बन चुका है। संत रविदास सेवा समिति के सुचारू संचालन में यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। हर वर्ष रविदास जयंती के अवसर पर भव्य आयोजन क्षेत्र को भक्तिमय बना देता है। संत रविदास में गहरी आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा यहां समग्र पर्यटन विकास कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं।