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‘धुरंधर 2’ और ‘टॉक्सिक’ में टक्कर, एडवांस बुकिंग में कौन मारेगा बाजी?

19 मार्च 2026 को बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला होने जा रहा है। एक तरफ हैं Ranveer Singh की Dhurandhar 2, तो दूसरी ओर साउथ सुपरस्टार Yash की Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups। रिलीज से पहले ही दोनों फिल्मों के बीच जबरदस्त चर्चा है, लेकिन शुरुआती आंकड़ों में ‘टॉक्सिक’ बढ़त बनाती दिख रही है।


BookMyShow पर किसका पलड़ा भारी?

ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म BookMyShow पर दर्शकों की दिलचस्पी के आंकड़े सामने आए हैं:

  • धुरंधर 2 – लगभग 1.65 लाख इंटरेस्ट
  • टॉक्सिक – 4.33 लाख से ज्यादा इंटरेस्ट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘टॉक्सिक’ के आंकड़ों में पिछले हफ्ते करीब 30 हजार की बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि प्री-रिलीज बज़ में यश की फिल्म फिलहाल आगे चल रही है।


ट्रेलर के बाद बदल सकते हैं समीकरण

दोनों फिल्मों के ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज होने के बाद इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। हालांकि मौजूदा स्थिति में ‘धुरंधर 2’ को ‘टॉक्सिक’ के स्तर तक पहुंचने के लिए बड़ी छलांग लगानी होगी।

हाल ही में ‘टॉक्सिक’ का नया टीजर रिलीज हुआ, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया है।


दोनों फिल्मों की पृष्ठभूमि

  • धुरंधर (पहला पार्ट) 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस व ओटीटी पर अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है।
  • अब उसका सीक्वल ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च 2026 को रिलीज होगा।
  • वहीं ‘टॉक्सिक’ को लेकर दर्शकों में खास उत्साह है, खासकर ‘K.G.F: Chapter 2’ की सफलता के बाद यश की अगली फिल्म का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि 19 मार्च 2026 को असली बॉक्स ऑफिस जंग में कौन बाजी मारता है — रणवीर सिंह या यश?

ग्रीनलैंड विवाद गरमाया, डेनमार्क में समय से पहले चुनाव का ऐलान

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की बयानबाज़ी के बीच डेनमार्क की प्रधानमंत्री Mette Frederiksen ने संसदीय चुनाव समय से पहले कराने का ऐलान किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेनमार्क में 24 मार्च को संसदीय चुनाव होंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से ग्रीनलैंड पर कब्जे संबंधी बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।


क्यों अहम है यह चुनाव?

प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने इसे “निर्णायक चुनाव” बताया। उनका कहना है कि:

  • डेनमार्क और यूरोप को आने वाले वर्षों में अधिक आत्मनिर्भर बनना होगा।
  • अमेरिका के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।
  • महाद्वीप में शांति सुनिश्चित करने के लिए रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है।

ग्रीनलैंड मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के कारण फ्रेडरिक्सन को घरेलू स्तर पर समर्थन मिला है। माना जा रहा है कि वह इसी समर्थन को चुनावी लाभ में बदलना चाहती हैं।


गठबंधन सरकार की अग्निपरीक्षा

मौजूदा सरकार एक अंतर-दलीय गठबंधन है, जिसमें:

  • फ्रेडरिक्सन की सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी
  • रक्षा मंत्री Troels Lund Poulsen की लिबरल पार्टी
  • पूर्व प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Lars Løkke Rasmussen की मॉडरेट्स पार्टी

शामिल हैं।

चुनाव में यह देखना अहम होगा कि मतदाता उनके अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व और डेनिश संप्रभुता की रक्षा के रुख को समर्थन देते हैं या घरेलू मुद्दों पर असंतोष हावी रहता है।


गिरता-बढ़ता जनसमर्थन

  • 2022 के आम चुनाव में सोशल डेमोक्रेट्स को 28% वोट मिले थे।
  • हालिया स्थानीय चुनावों में पार्टी को झटका लगा और समर्थन घटकर 17% तक पहुंच गया।
  • हालांकि ग्रीनलैंड विवाद को संभालने के बाद लोकप्रियता बढ़कर करीब 22% तक पहुंची।

अब 24 मार्च का चुनाव तय करेगा कि ग्रीनलैंड विवाद फ्रेडरिक्सन के लिए राजनीतिक मजबूती बनता है या चुनौती।

Sports News:अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज हुई दूसरी सबसे ‘धीमी’ टी20 फिफ्टी

लगातार चार मैचों में फ्लॉप रहने के बाद आखिरकार Abhishek Sharma का बल्ला टी20 वर्ल्ड कप में चला। चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले में उन्होंने अर्धशतक जड़ा।

यह टी20 विश्व कप में उनका पहला अर्धशतक था, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक अनचाहा रिकॉर्ड भी बना लिया।

26 गेंदों में पूरी की फिफ्टी

  • अभिषेक ने 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
  • यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर की दूसरी सबसे धीमी फिफ्टी रही।
  • इससे पहले उनकी सबसे धीमी फिफ्टी 33 गेंदों में आई थी।

टूर्नामेंट की शुरुआत उनके लिए बेहद खराब रही थी। शुरुआती तीन मैचों में वह बिना खाता खोले आउट हो गए थे, जबकि चौथे मैच में सिर्फ 15 रन बना सके थे।


जिम्बाब्वे के खिलाफ बदला अंदाज़

इस मुकाबले में अभिषेक ने आक्रामक शुरुआत के बजाय संयम से बल्लेबाजी की। आमतौर पर पहली गेंद से बड़े शॉट खेलने वाले अभिषेक ने इस बार पारी को संभालते हुए खेला और 30 गेंदों में 55 रन (4 चौके, 4 छक्के) बनाए।


भारत का रिकॉर्ड टोटल

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 256 रन बनाए।

  • यह टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।
  • इससे पहले भारत का सर्वोच्च स्कोर 218 रन था।
  • टी20 विश्व कप इतिहास में यह दूसरा सबसे बड़ा टोटल है।
  • सबसे बड़ा स्कोर 2007 में Sri Lanka national cricket team ने केन्या के खिलाफ 260/6 रन बनाकर दर्ज किया था।

अन्य बल्लेबाजों का योगदान

  • Hardik Pandya – 23 गेंदों में 50* (2 चौके, 4 छक्के)
  • Tilak Varma – 16 गेंदों में 44* (3 चौके, 4 छक्के)

इस तरह टीम इंडिया की विस्फोटक बल्लेबाजी के बीच अभिषेक शर्मा की संयमित पारी चर्चा का विषय बन गई।

Health News:बिहार में सबसे ज्यादा एड्स मरीज किस जिले में?

बिहार में एचआईवी/एड्स के ताजा आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में एचआईवी संक्रमित लोगों की संख्या 1,00,044 के पार पहुंच चुकी है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री Mangal Pandey ने विधान परिषद में दी।

किस जिले में सबसे ज्यादा मामले?

आंकड़ों के मुताबिक, Patna जिले में सबसे अधिक एचआईवी/एड्स के मरीज पाए गए हैं।

टॉप प्रभावित जिले:

  • Patna – 8,270 मामले
  • Gaya – 5,760 मामले
  • Muzaffarpur – 5,520 मामले
  • Sitamarhi – 5,026 मामले
  • Begusarai – 4,716 मामले
  • Bhagalpur – 3,078 मामले

राज्य के 13 जिलों को ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में रखा गया है। खासकर शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में संक्रमण का दबाव अधिक देखा जा रहा है।


क्यों बढ़ रहे हैं मामले?

विशेषज्ञों और Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, एचआईवी संक्रमण बढ़ने के प्रमुख कारण हो सकते हैं:

  • जागरूकता की कमी
  • समय पर जांच न कराना
  • असुरक्षित शारीरिक संबंध
  • एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में अधिक आवाजाही (माइग्रेशन)

हालांकि राज्य सरकार ने जांच और परामर्श सेवाओं को मजबूत करने का दावा किया है। बिहार में 196 समेकित परामर्श एवं जांच केंद्र (ICTC) संचालित हो रहे हैं, जहां मुफ्त जांच और काउंसलिंग उपलब्ध है।


सरकार की सहायता योजना

राज्य सरकार ‘Bihar Shatabdi AIDS Peedit Kalyan Yojana’ के तहत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को:

  • ₹1,500 प्रतिमाह आर्थिक सहायता
  • 18 वर्ष से कम आयु के दो आश्रित बच्चों को ₹1,000 प्रतिमाह सहायता

वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 63.81 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।


निष्कर्ष

आंकड़े साफ बताते हैं कि पटना समेत हाई रिस्क जिलों में एचआईवी संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोकथाम के लिए जागरूकता, नियमित जांच और सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

Disclaimer: यह जानकारी शोध और उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। इसे चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

ईरान पर वार या वार्ता? जिनेवा में अमेरिका की 5 सख्त शर्तें

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच 26 फरवरी को जिनेवा में परमाणु मुद्दे पर अहम बैठक हुई। तेहरान पर दबाव है कि वह नए समझौते पर सहमत हो, अन्यथा अमेरिकी कार्रवाई का सामना करे।

ओमान की मध्यस्थता में चल रही यह बातचीत तीसरे दौर में पहुंच चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ संकेत दिया है कि यदि परमाणु समझौते पर सहमति नहीं बनी तो इसके “गंभीर परिणाम” होंगे।

अमेरिका की 5 प्रमुख शर्तें

  1. तीनों परमाणु संयंत्रों को नष्ट करना
    अमेरिका ने ईरान से Fordow Fuel Enrichment PlantNatanz Nuclear Facility और Isfahan Nuclear Technology Center को नष्ट करने की मांग की है।
  2. संवर्धित यूरेनियम सौंपना
    तेहरान को अपने पास मौजूद सभी संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को सौंपने की शर्त रखी गई है।
  3. यूरेनियम संवर्धन शून्य या न्यूनतम स्तर पर लाना
    अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह बंद या बेहद सीमित स्तर तक लाए। हालांकि तेहरान रिसर्च रिएक्टर को अपने पास रख सकता है।
  4. प्रतिबंधों में चरणबद्ध ढील
    अमेरिका ने संकेत दिया है कि शुरुआत में सीमित प्रतिबंध राहत दी जाएगी। शर्तें पूरी होने पर और ढील संभव है, लेकिन असफलता की स्थिति में प्रतिबंध और कड़े किए जाएंगे।
  5. सनसेट क्लॉज से इनकार
    अमेरिका किसी भी नए समझौते में समय-सीमा (सनसेट क्लॉज) शामिल करने के पक्ष में नहीं है। यानी समझौता तय अवधि के बाद स्वतः समाप्त नहीं होगा।

ईरान का रुख

ईरान ने अब तक यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने की शर्त पर सहमति नहीं जताई है। 8 फरवरी को ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा था कि ईरान युद्ध की धमकियों से नहीं डरेगा और अपने परमाणु अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।

अब देखना होगा कि जिनेवा वार्ता से कोई ठोस समझौता निकलता है या दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ता है।