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‘द केरल स्टोरी 2’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दूसरे रविवार की कमाई ने सबको चौंकाया

अदिति भाटिया, ऐश्वर्या ओझा और उल्का गुप्ता की फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ को रिलीज से पहले कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन और कानूनी विवादों के बावजूद, फिल्म ने साल 2023 में आई अपनी पहली किस्त की तरह ही रिलीज से पहले काफी उतार-चढ़ाव देखे। हालांकि इन सबके बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाई और दूसरे वीकेंड पर शानदार प्रदर्शन किया। आइए जानते हैं कि रिलीज के 10वें दिन यानी दूसरे रविवार को फिल्म ने कितना कलेक्शन किया।

10वें दिन की कमाई

फिल्म की शुरुआत भले ही धीमी रही हो, लेकिन बाद में इसकी कमाई में तेजी देखने को मिली। पहले हफ्ते में अच्छी कमाई करने के बाद फिल्म ने दूसरे शनिवार तक अपना लगभग 28 करोड़ रुपये का बजट भी वसूल कर लिया। इसी के साथ यह फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के बाद साल 2026 की दूसरी सफल फिल्म बन गई और सुरक्षित जोन में पहुंच गई।

दिलचस्प बात यह रही कि उसी दिन भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल का असर भी फिल्म की कमाई पर ज्यादा नहीं पड़ा।

अगर कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने पहले हफ्ते में 22.9 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इसके बाद आठवें दिन 2.75 करोड़ रुपये और नौवें दिन करीब 3.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के 10वें दिन यानी दूसरे रविवार को लगभग 3.18 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह 10 दिनों में फिल्म की कुल कमाई करीब 32.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

‘इक्कीस’ के कलेक्शन को दे सकती है टक्कर

‘द केरल स्टोरी 2’ अब साल 2026 की दूसरी सफल फिल्म बन चुकी है। साथ ही यह फिल्म साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बनने के लिए ‘इक्कीस’ के 36.25 करोड़ रुपये के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ने की ओर बढ़ रही है। उम्मीद की जा रही है कि फिल्म दूसरे सोमवार या मंगलवार तक यह आंकड़ा पार कर सकती है।

फिल्म हुई ऑफिशियली सफल

विपुल अमृतलाल शाह के निर्देशन में बनी इस फिल्म का बजट करीब 28 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। महज 9 दिनों में फिल्म ने अपना पूरा बजट निकाल लिया और भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इसे सफल माना जा रहा है। हालांकि ‘हिट’ का दर्जा पाने के लिए फिल्म को लगभग 56 करोड़ रुपये कमाने होंगे।

अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में ‘धुरंधर 2’ की रिलीज के बीच क्या ‘द केरल स्टोरी 2’ यह मुकाम हासिल कर पाती है या नहीं।

Health News:सिर्फ खूबसूरती नहीं, महिलाओं के श्रृंगार में छिपा है हार्मोनल बैलेंस का आयुर्वेदिक रहस्य

महिलाओं को सजना-संवरना हमेशा से पसंद रहा है। त्योहार हो, शादी हो या कोई खास मौका—बिंदी, काजल, चूड़ियां और गहने महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पारंपरिक श्रृंगार सिर्फ सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत से भी जुड़ा हुआ माना जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं के कई पारंपरिक श्रृंगार ऐसे हैं जो शरीर के संतुलन और मानसिक स्थिति पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं। माना जाता है कि ये चीजें नर्वस सिस्टम, शरीर की गर्मी और शरीर की ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती हैं, जिससे हार्मोनल हेल्थ बेहतर हो सकती है।

बिंदी और कुमकुम का असर

माथे के बीच में लगाई जाने वाली बिंदी या कुमकुम को आयुर्वेद में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह स्थान शरीर के उस बिंदु से जुड़ा माना जाता है जो मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन से संबंधित होता है। कहा जाता है कि इस जगह पर कुमकुम लगाने से तनाव कम हो सकता है और भावनात्मक उतार-चढ़ाव नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

काजल से मिलती है ठंडक

पारंपरिक तरीके से तैयार किया गया काजल ठंडी तासीर वाला माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार आंखें शरीर के Pitta Dosha से जुड़ी होती हैं। ऐसे में काजल लगाने से शरीर की अतिरिक्त गर्मी कम हो सकती है और सिरदर्द या चिड़चिड़ापन कम करने में मदद मिलती है।

मोती के गहनों का महत्व

मोती से बने आभूषणों को ठंडक देने वाला और मानसिक शांति बढ़ाने वाला माना जाता है। जिन महिलाओं को मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन या शरीर में ज्यादा गर्मी महसूस होती है, उनके लिए मोती के गहने पहनना लाभकारी माना जाता है। यह Premenstrual Syndrome से जुड़े लक्षणों को कम करने में सहायक माना जाता है।

चूड़ियां और ब्लड सर्कुलेशन

चूड़ियां पहनने से कलाई पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिल सकती है। इससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहता है और हाथों की नसों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

चांदी और सोने के गहनों का असर

आयुर्वेद में माना जाता है कि नाभि के नीचे चांदी के गहने पहनने से शरीर की अतिरिक्त गर्मी कम हो सकती है और भारी रक्तस्राव जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। वहीं नाभि के ऊपर सोने के गहने पहनना शरीर को ताकत और पोषण देने वाला माना जाता है।

नथ, सिंदूर और मांग टीका का महत्व

नथ पहनने को भी पारंपरिक रूप से महिलाओं की Reproductive Health से जोड़ा जाता है। वहीं सिंदूर और मांग टीका को भावनात्मक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
भारतीय परंपरा में श्रृंगार सिर्फ सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसे स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन से भी जोड़ा गया है। हालांकि इन मान्यताओं का आधार मुख्य रूप से आयुर्वेदिक परंपराओं और सांस्कृतिक विश्वासों पर आधारित है, इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।

स्लीवलेस गाउन और लहराती जुल्फें… Aaradhya Bachchan के मेकअप लुक ने बटोरी सारी लाइमलाइट

बिजनेस टाइकून Gautam Adani के परिवार की शाही शादी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इस खास मौके पर कई बड़े सितारे पहुंचे, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान बॉलीवुड एक्ट्रेस Aishwarya Rai Bachchan और उनकी बेटी Aaradhya Bachchan ने खींचा।

मशहूर डिजाइनर Manish Malhotra ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर ऐश्वर्या और आराध्या के साथ दो तस्वीरें शेयर कीं, जो देखते ही देखते वायरल हो गईं। इन तस्वीरों में मां-बेटी का खूबसूरत अंदाज और स्टाइल फैंस को खूब पसंद आ रहा है।


आराध्या के लुक ने लूटी महफिल

इस शादी में Aishwarya Rai Bachchan ने गहरे नीले रंग का बेहद खूबसूरत ट्रेडिशनल आउटफिट पहना था, जिस पर बारीक कढ़ाई और एम्बेलिशमेंट नजर आ रहे थे।

वहीं Aaradhya Bachchan भी डिजाइनर Manish Malhotra के आउटफिट में दिखाई दीं। उन्होंने हल्के रंग का एलिगेंट स्लीवलेस गाउन पहना था, जो उन पर काफी जंच रहा था।

आराध्या के लुक की सबसे खास बात उनका मेकअप और हेयरस्टाइल रहा।

  • आंखों में सॉफ्ट ब्लू आईलाइनर
  • हल्का और नेचुरल मेकअप
  • सॉफ्ट वेव्स के साथ खुले बाल

इन सबने उनके पूरे लुक को और भी आकर्षक बना दिया। सोशल मीडिया पर फैंस भी मां-बेटी की इस जोड़ी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।


शादी में कई बड़ी हस्तियां हुईं शामिल

यह तस्वीरें Gautam Adani के बेटे मुदित अडानी और अनन्या दीवानजी की शादी के जश्न की बताई जा रही हैं। इस समारोह में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें

  • Abhishek Bachchan
  • Nita Ambani
  • Orhan Awatramani

जैसे नाम भी शामिल हैं।


वर्कफ्रंट की बात

वर्कफ्रंट की बात करें तो Aishwarya Rai Bachchan को आखिरी बार Ponniyin Selvan: II में देखा गया था।

वहीं Abhishek Bachchan हाल ही में Kaalidhar Laapata में नजर आए थे और इन दिनों Shah Rukh Khan की फिल्म King पर काम कर रहे हैं।

नेपाल में राजनीतिक बदलाव की आहट: RSP की शानदार जीत, बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा; भारत-नेपाल रिश्तों पर नजर

नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रैपर से नेता बने Balen Shah की पार्टी Rastriya Swatantra Party (RSP) ने आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाने की स्थिति हासिल कर ली है। इस जीत के साथ लंबे समय से नेपाल की राजनीति पर हावी पारंपरिक दलों को बड़ा झटका लगा है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिनिधि सभा की 165 प्रत्यक्ष निर्वाचन सीटों में से RSP अब तक 119 सीटें जीत चुकी है, जबकि कुछ अन्य सीटों पर भी पार्टी आगे चल रही है। इस नतीजे ने नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व के उभरने का संकेत दिया है।

पारंपरिक नेताओं को झटका

RSP की जीत ने नेपाल की पुरानी राजनीतिक ताकतों को पीछे धकेल दिया है। देश के प्रमुख नेताओं जैसे Pushpa Kamal Dahal और K. P. Sharma Oli की पार्टियों को इस चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ है। लंबे समय से चली आ रही पारंपरिक राजनीति से जनता की नाराज़गी भी इन नतीजों में साफ दिखाई दे रही है।

बालेन शाह को लेकर विवाद भी

बालेन शाह की जीत के बाद उनकी नागरिकता और उपनाम को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बताया जाता है कि उनके पुराने नागरिकता प्रमाण पत्र में उनका उपनाम ‘साह’ दर्ज था, जिसे बाद में बदलकर ‘शाह’ कर दिया गया। इस बदलाव को लेकर कुछ लोगों ने कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने का आरोप लगाया है, जो नागरिकता कानून की कुछ धाराओं के तहत विवाद का विषय बन गया है।

सोशल मीडिया से राजनीति तक का सफर

बालेन शाह पहले एक लोकप्रिय रैपर के रूप में जाने जाते थे। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गए। उनकी स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई और Kathmandu के मेयर के रूप में उनका काम उनकी पहचान का बड़ा कारण बना।

मेयर रहते हुए उन्होंने शहर में अवैध अतिक्रमण हटाने और शहरी व्यवस्था सुधारने के लिए कई सख्त फैसले लिए। हालांकि, सड़क किनारे व्यापार करने वालों के खिलाफ उनकी कार्रवाई को लेकर कुछ मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना भी की।

पड़ोसी देशों से रिश्ते होंगे बड़ी परीक्षा

अगर बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनती है तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेश नीति की होगी। नेपाल के दो बड़े पड़ोसी India और China के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना नई सरकार के लिए अहम होगा।

बालेन शाह के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट्स में विदेशी शक्तियों की आलोचना भी सामने आई है, जिससे उनके संभावित कूटनीतिक रुख को लेकर चर्चा बढ़ गई है।

भारत की नजर चुनाव पर

भारत इस राजनीतिक बदलाव पर करीब से नजर बनाए हुए है। नई दिल्ली की उम्मीद है कि नेपाल में एक स्थिर सरकार बनने से दोनों देशों के बीच विकास, व्यापार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी साझेदारी और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नेपाल में सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न होने पर वहां की जनता और नेतृत्व को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर शांति, प्रगति और समृद्धि के नए अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Baby के साथ पहली Trip का प्लान? इन Smart Travel Hacks से बनाएं सफर आरामदायक

छोटे बच्चे के साथ पहली बार यात्रा करना जितना रोमांचक होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। बच्चे की सेहत, खानपान और आराम को लेकर माता-पिता के मन में कई सवाल रहते हैं। ऐसे में सफल और तनावमुक्त यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी अच्छी प्लानिंग होती है।

अगर आप अपने शिशु के साथ पहली फैमिली ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ये स्मार्ट टिप्स आपकी यात्रा को आरामदायक और यादगार बना सकते हैं।


1️⃣ स्मार्ट पैकिंग सबसे जरूरी

बच्चे के साथ यात्रा करते समय डायपर बैग अच्छी तरह तैयार रखें। इसमें ये जरूरी चीजें जरूर रखें:

  • अतिरिक्त कपड़े
  • पर्याप्त डायपर
  • गीले वाइप्स
  • प्लास्टिक बैग
  • बच्चे का पसंदीदा खिलौना या कंबल
  • बेबी फूड या स्नैक्स

जानी-पहचानी चीजें बच्चे को नए माहौल में सुरक्षित और आरामदायक महसूस कराती हैं।


2️⃣ खानपान और हाइड्रेशन का रखें ध्यान

यात्रा के दौरान बच्चों का पाचन तंत्र संवेदनशील हो सकता है, इसलिए:

  • घर का बना या भरोसेमंद ब्रांड का बेबी फूड दें
  • समय-समय पर पानी पिलाते रहें
  • फ्लाइट में टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय दूध या पानी पिलाने से कानों पर दबाव कम होता है

इससे बच्चे को असहजता कम महसूस होती है।


3️⃣ बच्चे के सोने के समय के अनुसार प्लान करें सफर

अगर यात्रा का समय बच्चे की नींद के समय के आसपास हो, तो सफर ज्यादा शांतिपूर्ण रहता है।

  • फ्लाइट या ट्रेन में थोड़ी ज्यादा जगह वाली सीट चुनें
  • बच्चे को मौसम के अनुसार हल्के और सूती कपड़े पहनाएं
  • कार से सफर में हर 2 घंटे में छोटा ब्रेक लें

इससे बच्चा फ्रेश महसूस करेगा।


4️⃣ सेफ्टी और हेल्थ को दें प्राथमिकता

यात्रा के दौरान अचानक समस्याएं आ सकती हैं, इसलिए हमेशा तैयार रहें।

  • एक छोटी इमरजेंसी मेडिकल किट साथ रखें
  • थर्मामीटर और बुखार की दवा रखें
  • यात्रा से पहले पीडियाट्रिशियन से सलाह लें
  • बच्चे की सुरक्षा के लिए स्ट्रॉलर या बेबी कैरियर का इस्तेमाल करें

✅ सबसे जरूरी बात:
अगर यात्रा के दौरान बच्चा रोने लगे या चिड़चिड़ा हो जाए, तो घबराएं नहीं। धैर्य रखें और उसे आराम देने की कोशिश करें।

सही तैयारी और थोड़ी समझदारी के साथ Baby के साथ आपकी पहली फैमिली ट्रिप एक खूबसूरत याद बन सकती है।