तेहरान/तेल अवीव। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इज़रायल ने ईरान के खिलाफ बड़ा जवाबी हमला शुरू कर दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान में एक के बाद एक कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेहरान के कई हिस्सों में जोरदार विस्फोट हुए और आसमान में धुएं का गुबार उठता देखा गया। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और संवेदनशील इलाकों को घेर लिया गया है।
उधर इज़रायल ने भी अपने यहां आपात स्थिति घोषित कर दी है। देशभर में सायरन बजाए जा रहे हैं और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तथा घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। इज़रायली रक्षा बल (IDF) ने आधिकारिक बयान जारी कर लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सूत्रों के मुताबिक इज़रायल ने तेहरान में मिसाइल और रॉकेट के जरिए हमला किया है। हालांकि नुकसान और हताहतों की संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इज़रायल के रक्षा मंत्री ने हमले की जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर की गई है।
दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द काबू में नहीं आए तो क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
लखनऊ। राजधानी के गुडंबा क्षेत्र में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही एक संविदा कर्मी की जान पर भारी पड़ गई। देर रात विद्युत पोल पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से 45 वर्षीय कर्मी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
रात 1:30 बजे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27/28 फरवरी 2026 की रात लगभग 1:30 बजे जगरानी अस्पताल मुख्य मार्ग पर विद्युत पोल पर मरम्मत कार्य चल रहा था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से 45 वर्षीय परशुराम की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक कल्याणपुर-गुडंबा क्षेत्र में विद्युत विभाग में संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थे और लंबे समय से लाइन मरम्मत व रखरखाव का कार्य कर रहे थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना की जानकारी सुबह लगभग 5 बजे मृतक के भाई मोहन द्वारा थाना सैरपुर में लिखित रूप से दी गई। सूचना मिलते ही गुडंबा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मामले में विधिक कार्यवाही प्रचलित है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य बताई गई है।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि क्या मरम्मत कार्य से पूर्व संबंधित विद्युत लाइन को पूरी तरह से बंद कराया गया था? क्या मृतक को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण—जैसे इंसुलेटेड दस्ताने, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा संसाधन—उपलब्ध कराए गए थे?
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि संविदा कर्मियों से अक्सर रात के समय जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं, जबकि सुरक्षा संसाधनों और निगरानी में कमी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है तो यह विभागीय जवाबदेही का गंभीर मामला होगा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक परशुराम चार भाइयों में एक थे। उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। घर के कमाऊ सदस्य की अचानक मृत्यु से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। परिजनों ने विभाग से उचित मुआवजे, आश्रित को नौकरी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही पालन किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह हादसा एक बार फिर संविदा कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। क्या संविदा कर्मियों की जान की कीमत इतनी सस्ती है? क्या बिजली विभाग इस मौत की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी स्वीकार करेगा?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवार को कितनी शीघ्र राहत देता है और विभागीय स्तर पर जांच के बाद क्या ठोस कार्रवाई की जाती है। राजधानी में हुई यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि कार्यस्थल सुरक्षा के मुद्दे पर एक बड़ा चेतावनी संकेत भी है।
राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर 1 मार्च 2026 को एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर एंड पेन क्लीनिक, विकास नगर में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित होगा।
शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसमें एक्यूपंक्चर, फिजियोथेरेपी और पेन मैनेजमेंट की सेवाएं मिलेंगी।
सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, साइटिका, गठिया, लकवा और तनाव जैसी बीमारियों का विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध रहेगा।
शिविर में नि:शुल्क परामर्श के साथ पंजीकरण कराने वालों को आगे के इलाज पर 50% तक की छूट दी जाएगी।
डॉ. जी. पार्थ प्रोतिम के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम मरीजों को आधुनिक और निवारक चिकित्सा की जानकारी देगी।
लखनऊ, 28 फरवरी 2026। राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के अवसर पर 1 मार्च 2026 को राजधानी लखनऊ स्थित एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर एंड पेन क्लीनिक, विकास नगर (सेक्टर-8) में एक विशाल नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का समय प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।
शिविर में एक्यूपंक्चर चिकित्सा, फिजियोथेरेपी, कपिंग (हिजामा), पेन मैनेजमेंट और नर्व संबंधित समस्याओं का उपचार किया जाएगा। क्लीनिक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप डिस्क, साइटिका, घुटनों का दर्द, गठिया, माइग्रेन, तनाव, अनिद्रा, लकवा (पैरालिसिस) समेत कई जटिल रोगों के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध रहेगा।
विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे सेवाएं
शिविर का नेतृत्व क्लीनिक के निदेशक करेंगे। उनके साथ फिजियोथेरेपी एवं पेन मैनेजमेंट के अनुभवी चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टरों की टीम “निवारक चिकित्सा और आधुनिक एक्यूपंक्चर तकनीक” विषय पर भी जानकारी देगी, जिससे मरीजों को उपचार के साथ-साथ जागरूकता भी मिले।
पंजीकरण पर विशेष छूट
आयोजकों ने बताया कि शिविर में आने वाले मरीजों को नि:शुल्क परामर्श एवं जांच की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, शिविर के दिन पंजीकरण कराने वाले मरीजों को आगामी उपचार पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट प्रदान की जाएगी, जो 1 अप्रैल 2026 तक वैध रहेगी।
स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में पहल
क्लीनिक प्रबंधन के अनुसार इस शिविर का उद्देश्य लोगों को दवाओं पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और आमजन तक सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ : राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश राज्य संग्रहालय में आयोजित 10 दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन समारोह एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। संग्रहालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस विशेष पाठ्यक्रम में सौ से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कला, संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्याख्यान, कार्यशालाएं और प्रायोगिक सत्र आयोजित किए गए। समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया—
अतिका वर्मा – प्रथम स्थान
कशिश चौधरी – द्वितीय स्थान
कुलदीप सिंह – तृतीय स्थान
प्रिया तिवारी एवं ऋचा मेहरोत्रा – प्रोत्साहन पुरस्कार
सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके कला क्षेत्र में योगदान और रुचि की सराहना की गई।
युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में पहल
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस पाठ्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी इसकी लोकप्रियता और महत्व को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं और कला प्रेमियों में सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाना है। प्रदेश की समृद्ध विरासत, परंपराओं और कलात्मक धरोहर से नई पीढ़ी को जोड़कर उनमें अपनी जड़ों के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा
कार्यक्रम में “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर मुख्य वक्ता धर्मेंद्र मिश्रा ने विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने चम्बा रूमाल, लेड ऑब्जेक्ट, टेराकोटा, ग्लास वर्क और वॉल पेंटिंग जैसी ऐतिहासिक वस्तुओं के संरक्षण की तकनीकों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तापमान, आर्द्रता, प्रकाश और रासायनिक प्रभावों से बचाव के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग आवश्यक है। साथ ही संग्रहालयों में संरक्षित वस्तुओं की नियमित निगरानी और वैज्ञानिक देखभाल पर भी बल दिया।
सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की पहल
संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और उन्हें प्रदेश की समृद्ध कला एवं विरासत से जोड़ना है। यह कार्यक्रम नई पीढ़ी में अपनी परंपराओं के प्रति समझ, सम्मान और गर्व की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का यह सफल आयोजन लखनऊ को सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में और सशक्त बनाता है।
अगर सुबह नींद से उठते ही सिर घूमने लगे, आंखों के आगे अंधेरा छा जाए या कुछ सेकेंड के लिए शरीर हल्का महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बार-बार ऐसा होना किसी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर मामलों में यह समस्या Orthostatic hypotension से जुड़ी होती है।
जब हम लेटे हुए से अचानक खड़े हो जाते हैं, तो कुछ क्षणों के लिए ब्लड प्रेशर गिर सकता है। इससे दिमाग तक खून की सप्लाई कम हो जाती है और चक्कर आने लगते हैं। यह समस्या खासतौर पर:
बुजुर्गों
कम पानी पीने वालों
ब्लड प्रेशर या दिल की दवाइयां लेने वालों में ज्यादा देखी जाती है।
सुबह चक्कर आने के आम कारण
1. पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
रातभर सोने के दौरान शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। अगर दिनभर भी पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो सुबह ब्लड प्रेशर गिर सकता है। शराब और ज्यादा कैफीन लेने से यह समस्या बढ़ सकती है।
2. लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया)
खाली पेट रहने से कुछ लोगों में ब्लड शुगर कम हो सकता है। डायबिटीज मरीजों में Hypoglycemia की वजह से चक्कर, कमजोरी और घबराहट हो सकती है।
3. दवाइयों का साइड इफेक्ट
ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, दिल की बीमारी या नींद की दवाइयां ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे सुबह चक्कर आ सकते हैं।
4. स्लीप एपनिया
अगर रात में सांस रुक-रुक कर चलती है, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। इसे Sleep apnea कहा जाता है, जिससे सुबह भारीपन और चक्कर महसूस हो सकते हैं।
5. कान से जुड़ी समस्या (वर्टिगो)
कान का अंदरूनी हिस्सा शरीर का संतुलन बनाए रखता है। अगर इसमें संक्रमण या गड़बड़ी हो जाए, तो Vertigo जैसी समस्या हो सकती है, जिससे तेज चक्कर आते हैं।
अन्य संभावित कारण
खून की कमी (एनीमिया)
माइग्रेन
न्यूरोलॉजिकल समस्याएं
सुबह चक्कर से बचने के आसान उपाय
बिस्तर से अचानक न उठें, पहले 1–2 मिनट बैठें फिर धीरे-धीरे खड़े हों।
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, सुबह उठते ही 1 गिलास पानी जरूर लें।
रात में शराब और ज्यादा कैफीन से बचें।
नाश्ता जरूर करें ताकि ब्लड शुगर स्थिर रहे।
अगर दवा लेने के बाद चक्कर बढ़ रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लें।
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर:
चक्कर बार-बार आएं
बेहोशी हो जाए
सीने में दर्द या धुंधली नजर हो
बोलने या चलने में दिक्कत हो
तो तुरंत मेडिकल जांच कराएं।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।