एनजीएसपी पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शीर्ष 4 प्रदेशों में उत्तर प्रदेश शामिल
लखनऊ, 1 मार्च 2026 : मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी 2.0) संचालित है, जिसमें नागरिकों द्वारा अपनी शिकायतों एवं प्रश्नों को दर्ज और ट्रैक किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल नंबर अथवा ईमेल आईडी अनिवार्य है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए एक निश्चित समय अवधि निर्धारित की गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में प्रदेश में एनजीएसपी पर माह फरवरी 2026 में 22,469 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके सापेक्ष कुल 21,864 (97.3 प्रतिशत) शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश को पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश द्वारा शिकायतों के निस्तारण निश्चित समय अवधि के भीतर करते हुए पूरे देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। उत्तर प्रदेश के ऊपर मिजोरम, लद्दाख तथा उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य हैं, जहां प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या बहुत ही कम है। ऐसे में उत्तर प्रदेश द्वारा शिकायतों के निस्तारण के लिए किया गया कार्य सराहनीय है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा निस्तारण से संतुष्ट होते हुए 1 से 3 तक अंक दिये जाते हैं। नागरिकों द्वारा विगत एक माह में दी गई रेटिंग के अनुसार देश में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
लखनऊ। राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के उपलक्ष्य में विकास नगर स्थित एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर एंड पेन क्लीनिक में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार का लाभ उठाया।
शिविर का उद्घाटन सेंटर के निदेशक डॉ. जी. पार्थ प्रतिम ने भगवान धन्वंतरि एवं भारत में एक्यूपंक्चर के जनक के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
शिविर में मरीजों को निम्नलिखित सेवाएं निःशुल्क प्रदान की गईं—
एक्यूपंक्चर एवं इलेक्ट्रो एक्यूपंक्चर
मोक्साबस्शन एवं कपिंग थेरेपी
फिजियोथेरेपी
दंत चिकित्सा परामर्श
बीएमआई जांच
हेल्थ काउंसिलिंग
पैथोलॉजिकल जांच
45 मरीजों ने उठाया लाभ
शिविर में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप डिस्क, माइग्रेन, न्यूरोपैथी, डिप्रेशन, अनिद्रा एवं अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से ग्रसित लगभग 45 मरीजों ने जांच एवं उपचार कराया। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा एक्यूपंक्चर, इलेक्ट्रो एक्यूपंक्चर, मोक्साबस्शन, कपिंग एवं फिजियोथेरेपी विधियों से उपचार किया गया।
चिकित्सकों की टीम रही सक्रिय
डॉ. जी. पार्थ प्रतिम ने बताया कि शिविर को सफल बनाने में फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. सुमित श्रीवास्तव, डॉ. जहांनारा खान, डॉ. नजमा, डॉ. संदीप बिस्वास, डॉ. अखिलेश प्रकाश, कृष्ण कुमार, अब्दुल कादिर, अलमान, नीलम, अरुणा, प्रणात, सलमा तथा चंदन हॉस्पिटल की सलोनी सहित पूरी टीम ने सराहनीय योगदान दिया।
पंजीकृत मरीजों को विशेष सुविधा
शिविर में पंजीकृत मरीजों को अगले दिन से नियमित चिकित्सा सेवाओं पर 50% की विशेष छूट प्रदान करने की घोषणा भी की गई।
राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के अवसर पर आयोजित इस शिविर ने न केवल मरीजों को राहत दी, बल्कि वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं। वे सच के लिए जीते हैं और समाज के हित में संघर्ष करते हैं। ऐसे में जब किसी पत्रकार का असमय निधन हो जाता है, तो उसके परिवार को असुरक्षित नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की आवाज सुरक्षित रहेगी, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।
किन पत्रकारों के लिए उठाई मांग
विधायक ने जिन दो पत्रकारों के परिजनों के लिए सहायता की मांग की है, उनमें वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय विधि सिंह और मोहम्मद इरफान शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, विधि सिंह का निधन 21 फरवरी को हृदयाघात से हुआ था। वे अपने पीछे पत्नी रोहिणी और एक पुत्री को छोड़ गए हैं।
वहीं, मोहम्मद इरफान का 23 फरवरी को ब्रेन हैमरेज के कारण निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी नूरी बेगम और दो नाबालिग पुत्र हैं। दोनों परिवारों पर अचानक आए इस दुख ने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
पत्रकारों के लिए पेंशन व सामाजिक सुरक्षा की वकालत
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वे पत्रकारों के लिए पेंशन व्यवस्था और बेहतर सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका मानना है कि पत्रकारों को भी संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिएl
लखनऊ/गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के में शुक्रवार को एक्स-मुस्लिम कार्यकर्ता सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। घटना के विरोध में विभिन्न हिंदू संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कुछ हमलावरों ने सलीम वास्तिक के कार्यालय में घुसकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने गर्दन और पेट पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
हिंदू संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की और कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
कुछ संगठनों ने आरोपियों के एनकाउंटर की भी मांग की है, जबकि अन्य ने निष्पक्ष और त्वरित जांच की आवश्यकता पर बल दिया है।
सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार, सलीम वास्तिक पूर्व में मुस्लिम धर्म से जुड़े रहे हैं, लेकिन बाद में उन्होंने धर्म परिवर्तन कर अपने विचार सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने शुरू किए। वे “Salim Vastik 0007” नाम से एक यूट्यूब चैनल संचालित करते थे, जहां वे इस्लाम से जुड़ी प्रथाओं और विचारधाराओं पर आलोचनात्मक वीडियो साझा करते थे।
प्रारंभिक चर्चा में यह सामने आया है कि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर कुछ कट्टरपंथी तत्वों में नाराजगी थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से हमले के पीछे किसी विशेष कारण की पुष्टि नहीं की है।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश के विभिन्न संगठनों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा करने की बात कही है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनी नगर विधानसभा में जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की हुई हैं।
‘आपका विधायक-आपके द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से वे सीधे गांव-गांव पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
वृद्धजनों को श्रीराम मंदिर अयोध्या दर्शन और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग जैसे मानवीय प्रयासों से उन्होंने जनमानस का विश्वास मजबूत किया है।
विधानसभा क्षेत्र में संजय दत्त की उपस्थिति और यो यो हनी सिंह के लाइव कंसर्ट जैसे आयोजनों से युवाओं को सकारात्मक मंच प्रदान किया गया।
पूर्व प्रवर्तन निदेशालय संयुक्त निदेशक और उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारी रहे डॉ. सिंह की ईमानदार, कर्मठ और बौद्धिक नेता की छवि लगातार सशक्त हो रही है।
लखनऊ, 28 फरवरी 2026 : उत्तर प्रदेश की राजनीति में सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र आज एक ऐसे जनप्रतिनिधि के कारण विशेष पहचान बना चुका है, जिन्होंने प्रशासनिक अनुभव, बौद्धिक क्षमता और ईमानदार छवि को जनसेवा के साथ जोड़ा है। भारतीय जनता पार्टी से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने यह साबित किया है कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का सशक्त उपकरण भी हो सकती है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) में संयुक्त निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सख्त और निष्पक्ष छवि स्थापित करने वाले डॉ. सिंह ने सेवा अवधि के 12 वर्ष शेष रहते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और सक्रिय राजनीति के माध्यम से सीधे जनता की सेवा का मार्ग चुना। इससे पहले वे उत्तर प्रदेश पुलिस में भी अपनी कर्तव्यनिष्ठ भूमिका निभा चुके हैं।
आज सरोजिनी नगर में उनकी लोकप्रियता का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसकी वजह केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनका जमीनी क्रियान्वयन और जनता से सीधा संवाद है।
“आपका विधायक – आपके द्वार”: लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर सशक्त करने की पहल
डॉ. राजेश्वर सिंह की सबसे प्रभावशाली पहल ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ कार्यक्रम है। इस पहल के माध्यम से वे गांव-गांव जाकर स्वयं जनसुनवाई करते हैं। यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाधान केंद्रित व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, पेंशन, आवास, बिजली और राजस्व से जुड़े मामलों को मौके पर सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।
हाल ही में एक गांव में आयोजित शिविर में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। वृद्धजन, महिलाएं, युवा और किसान अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कई मामलों में तत्काल समाधान हुआ, जबकि शेष मामलों की समयबद्ध निगरानी की व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम ने आमजन के मन में यह विश्वास पैदा किया है कि उनका विधायक केवल चुनावी समय में नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।
शिक्षा के क्षेत्र में दूरदर्शी सोच और ठोस पहल
डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास शिक्षा से शुरू होता है। उन्होंने मेधावी छात्रों के सम्मान, छात्रवृत्ति सहयोग और जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस सहायता जैसी पहलें शुरू की हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मार्गदर्शन सत्र और करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है। कई विद्यालयों में पुस्तक वितरण और शैक्षणिक सामग्री सहायता कार्यक्रम भी संचालित किए गए। उनका प्रयास है कि सरोजिनी नगर का कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
वृद्धजनों के सम्मान का अनूठा उदाहरण: अयोध्या श्रीराम मंदिर दर्शन
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों को अयोध्या स्थित के दर्शन कराने की पहल की। यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना का प्रतीक है। कई बुजुर्ग जो आर्थिक या शारीरिक कारणों से यात्रा नहीं कर पाते थे, उन्हें निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की गई। इस पहल ने क्षेत्र में भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत किया है और वृद्धजनों के प्रति सम्मान की नई मिसाल पेश की है।
युवा शक्ति को सकारात्मक मंच: सांस्कृतिक और प्रेरणादायक आयोजन
सरोजिनी नगर में युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए डॉ. सिंह ने सांस्कृतिक और प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन कराया। हाल ही में प्रख्यात अभिनेता की उपस्थिति ने क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया। इससे पूर्व युवाओं की पसंद का लाइव कंसर्ट आयोजित किया गया, जिसमें हजारों युवाओं ने भाग लिया।
इन आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं था, बल्कि यह संदेश देना था कि सरोजिनी नगर युवा ऊर्जा, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक वातावरण का केंद्र बन रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और ‘नेट ज़ीरो’ की दिशा में कदम
डॉ. राजेश्वर सिंह पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सक्रिय हैं। वृक्षारोपण अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र की पहल और ‘नेट ज़ीरो’ विजन के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उनका मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।
हर वर्ग के लिए समावेशी दृष्टिकोण
किसान, व्यापारी, महिलाएं, युवा और वरिष्ठ नागरिक — हर वर्ग के लिए अलग-अलग योजनाओं और संवाद मंचों की व्यवस्था की गई है। महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने, किसानों की समस्याओं के समाधान और व्यापारियों की सुविधा के लिए निरंतर संवाद जारी है।
प्रशासनिक अनुभव और बौद्धिक नेतृत्व
प्रवर्तन निदेशालय में संयुक्त निदेशक के रूप में कार्य करते हुए डॉ. सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर जटिल मामलों को संभाला। इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया। यह अनुभव उन्हें प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की समझ प्रदान करता है।
राजनीति में आने से पहले की उनकी सशक्त पृष्ठभूमि उन्हें एक बौद्धिक और नीति-निर्माण की समझ रखने वाले नेता के रूप में स्थापित करती है। वे योजनाओं की घोषणा के साथ-साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर देते हैं।
जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास
सरोजिनी नगर में आज डॉ. राजेश्वर सिंह की पहचान एक ऐसे विधायक के रूप में है जो उपलब्ध है, संवेदनशील है और परिणाम देने में विश्वास रखता है। नियमित क्षेत्र भ्रमण, जनसुनवाई, सोशल मीडिया संवाद और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से वे जनता से जुड़े रहते हैं।
उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही स्पष्ट दिखाई देती है। यही कारण है कि क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है और लोग उन्हें एक ईमानदार, कर्मठ और दूरदर्शी नेता के रूप में देखते हैं।
विकास, विश्वास और विजन का संगम
सरोजिनी नगर में डॉ. राजेश्वर सिंह की कार्यशैली यह दर्शाती है कि यदि जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अनुभव, बौद्धिक क्षमता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे तो क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन संभव है।
जनसंपर्क, शिक्षा, युवाओं का सशक्तिकरण, वृद्धजनों का सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक जागरूकता — इन सभी पहलुओं को समाहित करते हुए उन्होंने एक समावेशी विकास मॉडल प्रस्तुत किया है।
सरोजिनी नगर की जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे जननेता की है जो न केवल विकास के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि हर व्यक्ति को साथ लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। यही कारण है कि उनका नाम आज क्षेत्र में विश्वास और जनसेवा का पर्याय बन चुका है।