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‘मां ने अकेले ही पाला-पोसा…’ Amandeep Sidhu ने सुनाई अपने संघर्षभरे बचपन की कहानी

टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार अक्सर अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा करते हैं। इसी कड़ी में टीवी एक्ट्रेस Amandeep Sidhu ने भी अपने बचपन और परिवार से जुड़ी भावुक यादें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी मां रही हैं, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में पूरे परिवार को संभाला।


बचपन में मां ने संभाली सारी जिम्मेदारी

टीवी शो Ganga Mai Ki Betiyan में स्नेहा का किरदार निभा रहीं अमनदीप सिद्धू ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें और उनके दो भाई-बहनों को दिल्ली में अकेले ही पाला-पोसा

उन्होंने बताया कि उस समय उनके पिता काम के सिलसिले में दुबई में रहते थे, इसलिए घर और बच्चों की सारी जिम्मेदारी उनकी मां पर ही थी।


कठिन हालात में भी नहीं हारी हिम्मत

अमनदीप ने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में तीन बच्चों की परवरिश करना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता।

इसके बावजूद उनकी मां ने हर परिस्थिति में धैर्य और हिम्मत के साथ परिवार को संभाला। उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित किया कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर कोई असर न पड़े।


बच्चों के सपनों के लिए त्याग

एक्ट्रेस के मुताबिक, उनकी मां ने कई बार अपने सपनों और इच्छाओं को पीछे रखकर बच्चों के सपनों को प्राथमिकता दी।

उन्होंने बच्चों को हमेशा आजादी दी कि वे अपने फैसले खुद ले सकें और अपने सपनों का पीछा कर सकें। हर कदम पर उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया।


मां से मिलती है सबसे बड़ी प्रेरणा

अमनदीप सिद्धू ने कहा कि उनकी मां उनके जीवन की सबसे मजबूत महिला हैं और वे उनसे लगातार प्रेरणा लेती हैं।

उनके मुताबिक, कठिन परिस्थितियों में भी जिस तरह उनकी मां ने परिवार को संभाला और बच्चों को आगे बढ़ने का मौका दिया, वह हमेशा उनके लिए प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने मां के प्यार, त्याग और मेहनत के लिए आभार भी जताया।

सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैला रहे पाकिस्तानी आतंकी संगठन, चौंकाने वाली रिपोर्ट आई सामने

इंटरनेट की दुनिया ने लोगों को जानकारी से दूर नहीं रखा है, बल्कि इसकी पहुंच को आसान बना दिया है. डिजिटल युग में सोशल मीडिया की जानकारी और खबरें बहुत तेजी से वायरल होती है. इसी को लेकर यूरेशिया रिव्यू की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आतंकी संगठन तेजी से कट्टरपंथ फैलाने और हमलों की साजिश रचने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. वह न सिर्फ लॉजिस्टिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि एडवांस डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. वह इन्हें हथियारों की तरह उपयोग कर रहे हैं. इस रिपोर्ट का टाइटल कट्टरपंथ फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का हथियारीकरण, भारतीय उपमहाद्वीप पर मंडराता बड़ा खतरा है.

रिपोर्ट में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले का जिक्र 

इस रिपोर्ट के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले और 14 दिसंबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर हालिया हमले यह दिखाते हैं कि चरमपंथी नेटवर्क किस तरह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर हिंसा भड़काने का काम कर रहे हैं.

रिपोर्ट में दावा- कमजोर और संवेदनशील लोगों को आतंकवाद में धकेला जा रहा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डिजिटल प्रोपेगेंडा, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन साइकोलॉजिकल हेरफेर के जरिए कमजोर और संवेदनशील लोगों को टेरिरिस्ट एक्टिविटी की ओर धकेलने की कोशिश की जा रही है. इन घटनाओं को लोन वुल्फ हमले के रूप में दिखाने की कोशिश की जाती है. ऐसे हमले संगठित और पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिए जाते हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि आतंकी संगठन लोगों को प्रभावित करने के लिए फेक न्यूज, प्रोपेगेंडा और नैरेटिव वॉरफेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन तरीकों से आर्थिक रूप से कमजोर और समाज से कटे हुए लोगों को धर्म, राज्य या किसी काल्पनिक एजेंडे के नाम पर उकसाया जाता है.

इसकी वजह सोशल मीडिया का उपयोग कम लागत में होता है. इससे सेंट्रलाइज स्ट्रक्चर, तेज स्पीड और वैश्विक स्तर पर पहुंच जैसे विशेषताएं इसे चरमपंथी संगठनों के लिए कैंपेन चलाने, सपोटर्स को भर्ती करने और हमलों के लिए लोगों को संगठित करने का प्रभावी माध्यम बना देती है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया आतंकवाद का मुख्य कारण न हो, लेकिन आधुनिक आतंकवाद को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

रिपोर्ट में इस्लामिक स्टेट और सहयोगी संगठन का जिक्र 

इस रिपोर्ट में इस्लामिक स्टेट और उसके सहयोगी संगठनों की भूमिका भी जिक्र किया गया है. इराक और सीरिया में क्षेत्रीय नुकसान के बावजूद आइएस ने अपने डिजिटल ऑपरेशन मजबूत किए हैं. ऑनलाइन प्रोपेगेंडा नेटवर्क के जरिए वैचारिक प्रभाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है. रिपोर्ट की मानें तो दक्षिण एशिया में भी चरमपंथी नेटवर्क तेजी से सक्रिय हो रहे हैं. 2024 तक आईएस के ऑनलाइन नेटवर्क भारत और बांग्लादेश जैसे देशों तक फैल गए हैं.

पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों का भी जिक्र 

इस रिपोर्ट में पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों ‘द रजिस्टेंस फ्रंट और पीपुल्स एंटी फासटिस्ट फ्रंट’ का भी उल्लेख किया है. इन पर सोशल मीडिया के जरिए प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया है. इसके अलावा जमात ए इस्लामी के बांग्लादेश में गहरे प्रभाव और पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े कथित समर्थन नेटवर्क का जिक्र भी किया गया है. रिपोर्ट की मानें तो रेड फोर्ट हमले से जुड़े हमलावर ऑनलाइन कंट्टरपंथ का शिकार हुए थे. जांचकर्ताओं ने इसे व्हाइट कॉलर टेररिज्म बताया है. इसमें कई लोग पढ़े लिखे भी थे.

साइबर आधारित आतंकवाद का बढ़ता खतरा 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कैसे साइबर आधारित आतंकवाद के बढ़ते खतरे का भी जिक्र किया गया है. यहां ऑनलाइन भर्ती अभियान और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को चरमपंथी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है. कई देशों ने ऑनलाइन चरमपंथ से निपटने के लिए कड़े कानून और नियम लागू करना शुरू कर दिया है. ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, सिंगापुर और इंडोनेशिया जैसे देशों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, जबकि भारत ने 2025 में ही कट्टरपंथ और आतंकी प्रोपेगेंडा फैलाने वाले 9,845 यूआरएल ब्लॉक किए.रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सहयोग जरूरी होगा. इसके लिए मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई गई है.

Health News:हाथों में दिखें ये संकेत तो सतर्क हो जाएं, हो सकता है Liver Disease का शुरुआती इशारा

हमारा लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह खून को डिटॉक्स करने, पाचन में मदद करने और हार्मोन संतुलन बनाए रखने जैसे कई जरूरी काम करता है। लेकिन जब लिवर में समस्या शुरू होती है, तो इसके लक्षण हमेशा तुरंत स्पष्ट नहीं होते। कई बार इसके शुरुआती संकेत हमारे हाथों में दिखाई देने लगते हैं

विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों की त्वचा, नाखून और उंगलियों में कुछ बदलाव लिवर से जुड़ी बीमारियों जैसे Fatty Liver Disease, Hepatitis और Cirrhosis का संकेत हो सकते हैं।


1. हथेलियों का लाल होना

अगर हथेलियां खासकर अंगूठे और छोटी उंगली के पास असामान्य रूप से लाल दिखें, तो इसे पामर एरिथेमा कहा जाता है। यह तब हो सकता है जब लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता और शरीर में हार्मोन का स्तर असंतुलित हो जाता है।


2. उंगलियों का मुड़ना

कुछ लोगों में हथेली के नीचे की त्वचा मोटी होकर उंगलियों को अंदर की ओर मोड़ने लगती है। इस स्थिति को Dupuytren’s Contracture कहा जाता है। यह लंबे समय से चल रही लिवर बीमारी या अधिक शराब सेवन से जुड़ी हो सकती है।


3. नाखूनों का सफेद पड़ना

अगर नाखून लगभग सफेद दिखने लगें और किनारे पर हल्की गुलाबी पट्टी नजर आए, तो यह टेरीज नेल्स का संकेत हो सकता है। यह अक्सर लिवर सिरोसिस में खून के प्रवाह और प्रोटीन स्तर में बदलाव की वजह से होता है।


4. उंगलियों के सिरे का उभरना

कभी-कभी उंगलियों के सिरे गोल और उभरे हुए दिखाई देने लगते हैं, जिसे Nail Clubbing कहा जाता है। यह आमतौर पर फेफड़ों और दिल की बीमारियों से जुड़ा होता है, लेकिन लंबे समय तक लिवर की समस्या में भी दिख सकता है।


5. हाथों का कांपना

अगर हाथ फैलाने पर कलाई या उंगलियों में अचानक झटके जैसी हरकत हो, तो इसे Asterixis कहा जाता है। यह लिवर की गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है, जब शरीर में जमा टॉक्सिन दिमाग को प्रभावित करने लगते हैं।


6. हथेलियों में लगातार खुजली

अगर हथेलियों और पैरों के तलवों में बिना किसी दाने के लगातार खुजली हो, तो यह भी लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर में पित्त का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो पाता।


✅ कब डॉक्टर से मिलें?
अगर हाथों में ऐसे बदलाव लंबे समय तक दिखाई दें या इनके साथ थकान, पीलिया, भूख कम लगना या पेट में सूजन जैसे लक्षण भी हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर पहचान और इलाज से लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।


डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

हॉलीवुड स्टार कैरेन गिलन का ‘शीला की जवानी’ पर डांस वायरल, वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलका

साल 2010 में आई फिल्म ‘तीस मार खान’ को एक दशक से भी ज्यादा का समय हो गया है. लेकिन इस फिल्म का और इसके गानों का क्रेज अब तक भी खत्म नहीं हुआ है. खासतौर से बात जब आए कैटरीना कैफ के गाने ‘शीला की जवानी’ की, तब तो कोई भी खुद को थिरकने से नहीं रो पाता है. ऐसे में हाल ही मं एक हॉलीवुड एक्ट्रेस ‘शीला की जवानी’ पर डांस करती नजर आई हैं. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

कैरेन गिलन ने किया ‘शीला की जवानी’ पर डांस
ये हॉलीवुड एक्ट्रेस कैरेन गिलन हैं, जिनको हमने ‘जुमांजी’ फिल्म में देखा है. कैरेन का हाल ही में एक वीडियो x (ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वो ‘शीला की जवानी’ गाने पर जमकर डांस कर रही हैं. उनके डांस मूव्स के साथ ये गाना और भी अच्छा लग रह है. इस वीडियो को देख सोशल मीडिया यूजर्स भी हैरान हो रहे हैं.

यूजर्स कर रहे कमेंट
इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स भी खूब कमेंट्स कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘कैरेन गिलन शीला की जवानी पर वाइब करती हुई मेरी 2026 की लिस्ट में नहीं थीं.’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘ये आज पूरे दिन की सबसे कूल चीज है.’ तो वहीं एक और यूजर ने लिखा, ‘फराह खान और सनिधि चौहान की तरह ही आप भी आइकन हो.’ इसी तरह से कई सारे कमेंट् और भी वीडियोज में आ रहे हैं.

‘शीला की जवानी’ के बारे में
बता दें कि ‘शीला की जवानी’ साल 2010 में रिलीज हुई फिल्म ‘तीस मार खान’ का गाना है. इस गाने में कैटरीना कैफ नजर आई थीं. गाने को सुनिधि चौहान और विशाल ददलानी ने गाया था. इस गाने की कोरियोग्राफी फराह खान ने की थी. तो वहीं फिल्म में अक्षय कुमार, अक्षय खन्ना, कैटरीना कैफ, अपरा मेहता, अली असगर, मुरली शर्मा, रघु राम, आर्यन बब्बर नजर आए थे. 

रूसी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट को लेकर खरगे का हमला, ट्रंप को बताया तानाशाह और मोदी सरकार पर उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका के फैसले पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को तानाशाह बताते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी तीखा हमला बोला।

कर्नाटक के चित्तपुर में करीब 1069 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि भारत सरकार ने ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष के बीच अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) को अमेरिका के सामने झुका दिया है।

ट्रंप तानाशाह, मोदी उनके गुलाम: खरगे

सभा में बोलते हुए खरगे ने कहा कि ट्रंप तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं और मोदी उनके दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को पहले से ट्रांजिट में मौजूद रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी है, जो यह दिखाता है कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के बजाय अमेरिकी दबाव में फैसले ले रहा है।

उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाई थी, लेकिन क्या आज देश को फिर से किसी के दबाव में लाने के लिए सत्ता में आया गया है?

भारत सरकार ने आरोपों को किया खारिज

अमेरिकी अधिकारियों की ओर से यह कहा गया था कि पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अनुमति दी गई है। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए किसी भी देश से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। यह छूट केवल सप्लाई चेन में आने वाली संभावित रुकावट को दूर करने के लिए दी गई है।

ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या पर भी उठाए सवाल

खरगे ने Ali Khamenei की हत्या को लेकर भी अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी स्वतंत्र देश के नेता को निशाना बनाना वैश्विक शांति के लिए खतरा बन सकता है। अगर किसी देश का शीर्ष नेता मारा जाता है तो इससे दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है।

विदेश नीति और ट्रेड डील पर भी सरकार को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष ने अमेरिका के साथ हुई व्यापारिक समझौतों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार की विदेश नीति के कारण भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा कमजोर हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि Jawaharlal Nehru के नेतृत्व में भारत गुट निरपेक्ष आंदोलन के जरिए विश्व शांति और स्वतंत्र विदेश नीति का मजबूत समर्थक रहा है।