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Health Tips:सर्दियों का सुपरफूड! मेथी के सेवन से मिलेंगे ये 10 बेहतरीन फायदे, कई तरह की बीमारियों से रहेंगे दूर

सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यागा हरी सब्जियां खाई जाती है, जो कि शरीर के लिए भी हेल्दी होता है। इस समय बाजारों में हरे साग-मेथी की बाहर देखने को मिलती है। सर्दियों मेथी खाना बेहद ही फायदेमंद मानी जाती है। मेथी केवल एक स्वादिष्ट सब्जी नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक गुणों का ऐसा अनमोल खजाना है, जिसे रोज खाने से आपका शरीर अंदर से स्ट्रांग करता है और आपकी इम्यूनिटी बढ़ती है। जिससे आप कई मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि मेथी शरीर के तीनों दोषों को संतुलित करती है। इसलिए इसको आप अपनी डाइट में जरुर शामिल करें। मेथी का सेवन करने से शरीर को 10 ऐसे जबरदस्त फायदे मिलते हैं, जिनकी आप ने कभी कल्पाना भी नहीं की होगी।

मेथी सेहत और सौंदर्य का खजाना है

– मेथी खाने से पाचन अग्नि तेज होती है। यह गैस, ब्लोटिंग, कब्ज और खाने के बाद महसूस होने वाले भारीपन को कम करती है। यह आंतों के स्वास्थ्य को पूरी तरह दुरुस्त करके, भोजन के उचित अवशोषण करने में मदद करता है।

– आयुर्वेद में मेथी को डायबिटीज को दूर करने वाला बताया गया है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाती है और ब्लड ग्लूकोज को स्थिर रखने में मदद करती है। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अपनी डाइट में नियमित रुप से मेथी को एड ऑन कर सकते हैं।

– मेथी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाएं जाते हैं। यह सर्दियों में जोड़ों की जकड़न, दर्द और त्वचा की सूजन वाली समस्याओं में राहत पहुंचाता है।

– इसको आप नियमित रुप से सेवन करेंगे, तो आपका ब्लड शुद्ध होगा। जिससे आपकी स्किन में ब्राइट होगी और मुंहासे भी कम होंगे। इसके साथ ही पूरे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन अच्छी तरह से होता है।

– मेथी लिवर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है और शरीर से अतिरिक्त विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके साथ ही शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है। आप पूरा दिन एनर्जेटिक महसूस करेंगे।

– मेथी के पत्तियों में पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक आयरन पाया जाता है। यह एनीमिया (खून की कमी), थकान और बालों के झड़ने जैसी समस्याओं में अत्यंत लाभकारी है,यह शरीर में शक्ति बढ़ाता है।

– मेथी के शीतल और कड़वे गुण शरीर में अतिरिक्त पित्त को कम करते हैं।  इससे त्वचा साफ, चमकदार और मुहांसे रहित बनती है, क्योंकि यह अंदरूनी गर्मी और जलन को कम करती है।

– यदि आप वेट लॉस करना चाहते हैं, तो मेथी को अपनी डाइट में शामिल करें। मेथी मेटाबॉलिज्म को तेजी से बढ़ाती है, अनावश्यक क्रेविंग को कम करती है और फैट के पाचन में सुधार करती है, जिससे वजन नेचुरली कंट्रोल होता है।

– इतना ही नहीं, मेथी ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली माताओं में ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन बढ़ाने के लिए जानी जाती है। इसमें गैलेक्टागॉग नाम का तत्व होता है। इसके साथ ही डिलीवरी के बाद स्वास्थ्य को भी पोषण देता है।

– मेथी में विटामिन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो बालों की जड़ों को मजबूत करती हैं, डैंड्रफ कम करती है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाती है।

आशियाना में ‘हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव’ का भव्य आगाज : नजर आयेंगे 28 राज्यों के हस्तशिल्प उत्पाद, 22 को युवा उत्सव मनायेगा सरोजनीनगर, डॉ. राजेश्वर के आग्रह पर हनी सिंह करेंगे लाइव शो

  • लखनऊ को हस्तशिल्प की राजधानी बनाने पर जोर, विधायक राजेश्वर ने किया हिन्दुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव का उद्घाटन
  • हस्तशिल्प भारत की आत्मा, इस पारम्परिक कौशल से जुड़े हैं 3 करोड़ लोग : डॉ. राजेश्वर सिंह
  • तारा शक्ति केंद्रों के उत्पाद बनेंगे आकर्षण का केंद्र : विधायक राजेश्वर सिंह ने शुरू की यह अनोखी मुहिम

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्मृति उपवन, आशियाना में बुधवार को ‘हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव – 2025’ का भव्य आगाज हुआ।सरोजीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने सांस्कृतिक वैभव से परिपूर्ण इस महोत्सव का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया। 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव भारत के 28 राज्यों के उत्कृष्ट एवं विविध हस्तशिल्प उत्पादों का अनूठा प्रदर्शन करेगा, जो लखनऊवासियों को देश की कलात्मक परंपराओं का व्यापक परिचय प्रदान करेगा।

इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा: “यह अत्यंत भव्य आयोजन हो रहा है। हस्तशिल्प भारत की आत्मा है। देशभर में लगभग 3 करोड़ परिवार इस उद्योग से जुड़े हैं। ऐसे महोत्सव उन्हें पहचान, अवसर और सम्मान देने का बड़ा मंच प्रदान करते हैं। सरोजीनगर के लिए यह गर्व का विषय है कि यहाँ यह आयोजन निरंतर होता आ रहा है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि लखनऊ अब केवल ‘चिकनकारी’ तक सीमित न रहे, बल्कि ‘हस्तशिल्प राजधानी’ के रूप में नई पहचान बनाए।”

उन्होंने आगे बताया कि महोत्सव को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए 22 नवंबर को ‘युवा उत्सव @ सरोजीनगर’ के तहत यो यो हनी सिंह का विशेष लाइव शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें 20,000 से अधिक दर्शक मौजूद रहेंगे। यह कार्यक्रम न केवल युवाओं का उत्साह बढ़ाएगा बल्कि युवाओं को भारतीय हस्तशिल्प से जुड़ने के लिए प्रेरित भी करेगा।

महिला सशक्तिकरण के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजीनगर में 162 तारा शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, और उन्हें विशेष हर्ष है कि इन केंद्रों की स्टॉल भी इस महोत्सव में लगाई गई है, जिससे स्थानीय महिलाओं को बड़ा मंच मिल रहा है। हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव 2025 आने वाले एक माह से अधिक समय तक कला, संस्कृति, परंपरा और उद्यमशीलता का भव्य संगम प्रस्तुत करेगा, जिससे सरोजीनगर सांस्कृतिक और रचनात्मक उत्कृष्टता के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। विधायक ने इस भव्य आयोजन के लिए आयोजक अरुण सिंह और गुंजन वर्मा का आभार भी व्यक्त किया।

इस मौके पर विधायक डॉ. सिंह ने 22 नवम्बर को होने वाले ‘युवा उत्सव @ सरोजनीनगर’ की तैयारियों का विस्तृत अवलोकन किया तथा विधि-विधान के साथ मंच निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। यह भव्य युवा उत्सव सरोजीनगर में अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार करेगा। प्रसिद्ध कलाकार यो यो हनी सिंह के लाइव प्रदर्शन के साथ सरोजीनगर न केवल संगीत की धुनों पर थिरकेगा, बल्कि युवाओं के जोश, सहभागिता और सांस्कृतिक जीवंतता से एक नया इतिहास भी रचेगा।

इस मौके पर पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, अमित टंडन, शंकरी सिंह, रमा शंकर त्रिपाठी, व्यापारी नेता संदीप बंसल, संतोष श्रीवास्तव, प्रभुनाथ राय, विनोद कुमार मिश्रा, स्वाति सिंह, पार्षद के एन सिंह, पार्षद ब्रज मोहन शर्मा, नागेंद्र सिंह, पार्षद प्रतिनिधि कमलेश सिंह व अन्य मौजूद रहे।

IAS बनने का ख्वाब देखा, लेकिन बने रैपर- ‘बादशाह’ नाम की कहानी भी काफी अनोखी है

पंजाबी और हिंदी सिनेमा में अपनी गायकी और रैप की बदौलत पहचान हासिल करने वाले बादशाह बुधवार को अपना 40वां जन्मदिन मनाएंगे. बादशाह के रैप करने का अंदाज और उनकी आवाज भारत के हर कोने में पसंद की जाती है.

दिल्ली के पीतमपुरा के रहने वाले बादशाह यानी प्रतीक सिंह सिसोदिया बिलबोर्ड के वर्ल्ड डिजिटल सॉन्ग सेल्स चार्ट, बीबीसी एशियन नेटवर्क चार्ट और यूट्यूब म्यूजिक वीडियो चार्ट में जगह बना चुके हैं और विदेशों में ही उनके कॉन्सर्ट में हजारों की भीड़ जुटती है. उन्होंने दिल्ली से निकलकर पंजाब के चंडीगढ़ कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, हालांकि वहीं से रैपर प्रतीक सिंह सिसोदिया के ‘बैड बॉय’ बादशाह बनने का सफर शुरू हुआ.

कभी आईएएस ऑफिसर बनना चाहते थे बादशाह

बादशाह की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से हुई. उन्होंने अपने स्कूल ग्रुप्स में गाना शुरू कर दिया. वे बड़े होकर आईएएस अधिकारी बनने का सपना भी देखते थे. 15 साल की उम्र में रैपर को दिल्ली के एक क्लब में परफॉर्म करने का मौका मिला और पहली फीस के रूप में उन्हें 1,500 रुपये मिले थे.

इसके बाद उन्होंने संगीत जगत में अपने करियर की शुरुआत स्टेज नेम “कूल इक्वल” से की, लेकिन बाद में अपना नाम बदलकर बादशाह रख लिया.

बादशाह ने क्यों बदला अपना नाम?

रैपर ने खुलासा किया था कि वे शाहरुख खान के बड़े फैन हैं और उनकी 1999 में आई फिल्म ‘बादशाह’ का गाना सुनने के बाद ही उन्होंने अपना नाम बदलने का फैसला लिया था.

बादशाह का करियर 2006 में तब शुरू हुआ जब वे साथी रैपर हनी सिंह के साथ परफॉर्म किया. उन्हें हनी सिंह के शो ‘बैंड माफिया मुंडीर’ में देखा गया. ये प्लेटफॉर्म नए सिंगर्स के लिए एक मौका था जिससे वे संगीत जगत में अपने कदम रख सकें.

उन्होंने शुरुआत में हनी सिंह के साथ मिलकर गाने गाए, हालांकि हनी सिंह और बादशाह के बीच हमेशा इस बात को लेकर विवाद रहा है. रैपर बादशाह ने कभी अपने करियर में हनी सिंह को उन्हें लॉन्च करने का क्रेडिट नहीं दिया, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद रहा.

साल 2012 बादशाह के लिए शानदार रहा, क्योंकि उनके सिंगल गानों ने तहलका मचाना शुरू कर दिया. बादशाह को बड़ा ब्रेक उनके सिंगल “बैड बॉय” से मिला, जिसके बाद साल 2016 में आई फिल्म ‘कपूर एंड संस’ का गाना “लड़की कर गई चुल” और आस्था गिल के साथ ‘डीजे वाले बाबू’ हिट साबित हुआ. रैपर साल 2020 में ‘गेंदा फूल’ सॉन्ग लेकर आए, जो हिट होने के साथ-साथ विवादों में भी रहा.

Health Tips:कहीं आप जरूरत से ज्यादा दवाइयाँ तो नहीं ले रहे? एंटीबायोटिक्स का शरीर पर असर होना हो रहा है कम।

एंटीमाइक्रोबियल अवेयरनेस वीक की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर दुनियाभर में एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई जा रही है. डब्ल्यूएचओ 2015 से हर साल लोगों को एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस यानी एएमआर के खतरे के बारे में जागरूक कर रहा है. यह समस्या अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि साइंस डायरेक्ट में पब्लिक एक स्टडी के अनुसार, साल 2050 तक दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें इसी कारण से हो सकती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कहीं आप भी तो जरूरत से ज्यादा दवाइयां नहीं खा रहे हैं. अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके शरीर पर एंटीबायोटिक बेअसर हो सकती है.

क्या है एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब हमारे शरीर के बैक्टीरिया या वायरस इतने ज्यादा मजबूत हो जाएं कि उन पर दवाएं काम न करें तो इसे एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस कहा जाता है. आम सर्दी, बुखार या संक्रमण में ली जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं अक्सर हमें ठीक कर देती हैं. लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर बैक्टीरिया इन दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 2019 में 12.7 लाख लोगों की मौत सीधे तौर पर एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस  के कारण हुई थी. वहीं 49.5 लाख मौतों में यह एक अप्रत्यक्ष वजह बना था. यही कारण है कि इसे फ्यूचर की साइलेंट पैन्डेमिक कहा जा रहा है.

भारत में भी बढ़ रहा है एंटीबायोटिक का खतरा

भारत में हर साल अरबों डोज एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल हो रहा है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. इसे लेकर लैसेंट ई क्लिनिकल मेडिसिन में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार 83 प्रतिशत भारतीय रोगियों में मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस ऑर्गनिज्म पाए गए हैं. इसका मतलब है कि इन मरीजों पर आम एंटीबायोटिक का असर खत्म हो चुका है. यह कंडीशन न केवल मरीजों बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली के लिए भी बड़ा खतरा मानी जा रही है. वहीं इस स्टडी के अनुसार भारत सुपरबग विस्फोट के केंद्र में है. एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं से गुजरने वाले मरीजों में एमडीआरओ की मौजूदगी दूसरे देशों की तुलना में कहीं ज्यादा है. भारत में 83 प्रतिशत मरीजों में एमडीआरओ पाया गया है, जबकि इटली में 31.5 प्रतिशत अमेरिका में 20.1 प्रतिशत नीदरलैंड में 10.8 प्रतिशत मामलों में यह समस्या दिखी है.

डॉक्टर ने क्या दी चेतावनी?

एक्सपर्ट्स ने इस समस्या को लेकर चेतावनी दी है कि अगर अभी इसे लेकर सही कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में यह स्थिति कंट्रोल से बाहर हो जाएगी. वहीं डब्ल्यूएचओ की नई रिपोर्ट में भी कहा गया है कि दक्षिण पूर्व एशिया जिसमें भारत भी शामिल है यह सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है.वहीं एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर बीमारी में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती है. कई बार वायरल बुखार या सर्दी जुकाम 2 से 3 दिनों में खुद ठीक हो जाते हैं. वहीं बिना डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक लेना और भी खतरनाक हो जाता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Travel Tips:वीकेंड पर जयपुर घूमने का प्लान बनाएं—3 दिन की ट्रिप होगी बेहद शानदार, इन बेहतरीन जगहों को जरूर एक्सप्लोर करें।

राजस्थान में घूमने की बात आती है, तो सबसे पहले नाम आता है, चलो जयपुर घूमने चलते हैं। वीकेंड ट्रिप के लिए जयपुर से अच्छी कोई डेस्टिनेशन नहीं है। जयपुर एक ऐसा शहर है, जहां पर प्रकृति, इतिहास और संस्कृति का परफेक्ट मेल देखने को मिलता है। इस शहर में आप ऐतिहासिक महल, किले, रॉयल लाइफ और लोकल मार्केट को एक्सप्लोर कर सकते हैं। 2025 में जयपुर दुनियाभर के टॉप शहरों की लिस्ट में 5वां स्थान पर आया है। यहां पर घूमने के लिए बहुत कुछ है, इसलिए आप वीकेंड्स के दौरान ट्रिप का प्लान कर सकते हैं। 3 दिन की ट्रिप के लिए बनाएं प्लान, इन जगहों करें एक्सप्लोर।

जयपुर में पहला दिन

ट्रिप के पहले दिन की शुरुआत आप जलमहल के शांत और खूबसूरत व्यू के साथ कर सकते हैं। सुबह की हल्की रोशनी इस जगह को बेहद खास बना देता है। इसके बाद पन्ना मीना कुंड देखने जाएं। इस कुंड में आपको पुरानी राजस्थानी बनावट के साथ शांत माहौल में समय बिताने का मौका मिलेगा। फिर आप यहां से आमेर फोर्ट जाएं, जहां आपको एकदम रॉयल फील जैसा लगेगा। अमेर फोर्ट बेहद ही सुंदर है, जिससे देखकर आप राजा-महाराजाओं की याद में खो जाएंगे। अब आप थोड़ा आराम कर लें। इसके बाद शाम को जगतशिरोमणि मंदिर जाएं और शांत माहौल में कुछ समय बिताएं। फिर आपको सबसे आखिरी में चोखी धानी में स्वादिष्ट राजस्थानी खाना खाएं और पारंपारिक माहौल के साथ करें।

 ट्रिप का दूसरा दिन

दूसरे दिन जयपुर में आप सिटी पैलेस जाएं, जहां आपको राजघराने की कला और रॉयल लाइफ की झलक देखने को मिलेगी। इसके बाद आप सीधा जंतर-मंतर जाएं। इसके बाद हवा महल की सैर करें और इसकी खूबसूरती को नजदीक से फील करें। अगर आपके पास थोड़ा समय है, तो आप टैटू फैफे में बैठकर, जहां से आपको हवामहल की ऊंचाई देखने को मिलेगी। ध्यान रहे कि शाम होने से पहले नाहरगढ़ फोर्ट पहुंच जाएं क्योंकि यहां से दिखने वाला सूर्यास्त यात्रा की सबसे खूबसूरत यादों में से एक बन जाएगा। यदि आपको समय मिले तो वापसी में रात के समय हवामहल को बाहर से देखें, रात की रोशनी में बहुत ही सुंदर नजर आता है।

ट्रिप का तीसरा

तीसरे दिन सबसे पहले आप पत्रिका गेट और तोरण द्वार जरुर देखने जाएं। यहां की रंगीन दीवारें और सुंदर डिजाइन फोटो लेने के लिए एकदम परफेक्ट जगह हैं। फिर आप अल्बर्ट हॉल म्यूजियम जाएं, जहां आपको राजस्थान की कला, इतिहास और कई अनोखी चीजें देख सकते हैं। इसके बाद आप, यहां से गलताजी मंदिर जाएं, जो पहाड़ियौों के बीच बना एक शांत और पवित्र स्थान है। अगर आप और घूमना चाहते हैं, तो गेटोर की छतरियों की ओर जाएं, जहां आप राजस्थानी वास्तुकला देखने के मिलेगी। ट्रिप के अंत में आप बापू बाजार  में शॉपिंग कर सकते हैं।