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ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कितने फाइटर जेट गिराए गए? हुआ चौंकाने वाला खुलासा, ट्रंप का दावा साबित हुआ गलत!

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच इसी साल 7 से 10 मई के बीच हुआ चार दिनों का सैन्य टकराव भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन उस दौरान हुए नुकसान और ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को लेकर चर्चाएं अभी भी जारी हैं. अमेरिकी कांग्रेस की एक नई द्विदलीय रिपोर्ट ने फिर से इस मुद्दे को सामने ला दिया है और कई बड़े दावे किए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के हमलों में पाकिस्तान ने 5 सैन्य विमान खोए. वहीं, भारत ने तीन जेट गंवाए, लेकिन रिपोर्ट का कहना है कि ये सभी राफेल नहीं थे. यह जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने दावों से भी मेल खाती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि टकराव में कुल 8 जेट गिराए गए थे. पाकिस्तान के कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी अपने विमानों के नुकसान को मीडिया में स्वीकार किया था.

पाकिस्तान का बड़ा नुकसान, 5 जेट हुए तबाह

ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि मई की शुरुआत में हुए इस टकराव में कुल 8 विमानों को मार गिराया गया. अमेरिकी रिपोर्ट से तुलना करने पर साफ होता है कि पाकिस्तान ने अकेले 5 वॉर प्लेन खोए, जो उसकी जीत के दावों की पोल खोलते हैं और भारत के दावे को साबित करते हैं.

चीन का प्रोपेगैंडा भी आया सामने

अमेरिकी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टकराव के बाद चीन ने भारत के राफेल विमानों को लेकर गलत सूचनाएं फैलाईं. आरोप है कि चीन ऐसा अपने J-10 फाइटर जेट और PL-15 मिसाइलें बेचने के लिए कर रहा था, जिनका इस्तेमाल भारत के विमानों को निशाना बनाने में किया गया बताया गया था.

रिपोर्ट में माना गया है कि भारत ने तीन जेट गंवाए, लेकिन यह जरूरी नहीं कि सभी राफेल थे. यह पहले हुए अमेरिकी खुफिया मूल्यांकन से भी मेल खाता है, जिसमें पाकिस्तान के J-10 विमानों से भारत के दो जेट गिराए जाने का अनुमान था, जिनमें एक राफेल शामिल था.

ट्रंप ने खुद क्रेडिट लिया, संख्या बताई 8

ट्रंप ने मियामी में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों को युद्ध से रोकने में भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि कुल 7 जेट गिराए गए, जबकि आठवां गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था. ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने टैरिफ लगाने की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान को युद्ध रोकने पर मजबूर किया. वो ये दावा कई बार कर चुके हैं. हालांकि, भारत बार-बार ट्रंप के दावों का खंडन करता आया है.

स्टारकिड से रिश्ते की वजह से पटरी से उतर गया था इस एक्ट्रेस का करियर, एक के बाद एक फिल्में हुईं फ्लॉप

बॉलीवुड की एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जो आते ही स्टार बन गई थीं. 1981 में उन्होंने फिल्म लव स्टोरी से कदम रखा था और रातोंरात छा गई थीं. हम जिस एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं उनका नाम विजयता पंडित है. विजयता के साथ इस फिल्म में कुमार गौरव को कास्ट किया गया था. कुमार गौरव राजेंद्र कुमार के बेटे हैं. कुमार गौरव और विजयता की जोड़ी पहली फिल्म से ही हिट हो गई थी. 80 के दशक में उन्हें हिंदी सिनेमा की बेहतरीन एक्ट्रेसेस में से एक माना जाने लगा था. उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ती जा ही थी. मगर उनकी एक गलती ने उनका पूरा करियर खराब कर दिया था. स्टारकिड से प्यार करना उनके करियर पर भारी पड़ गया था.

विजयता जब अपने करियर के पीक पर थीं तो उन्हें श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित से कंपेयर किया जाता था. अपनी शानदार एक्टिंग, खूबसूरती की वजह से वो उस जनरेशन की ब्राइट एक्ट्रेस थीं. वो बैक टू बैक फिल्में कर रही थीं जिससे उनकी फैन फॉलोइंग बढ़ती जा रही थी.

रिश्ते ने खराब कर दिया करियर

लव स्टोरी की शूटिंग के दौरान विजयता और कुमार गौरव एक-दूसरे से प्यार करने लगे थे मगर राजेंद्र कुमार को ये रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं था. उन्हें डर था कि इससे उनके बेटे का ध्यान करियर से हट रहा है. लहरें रेट्रो को दिए इंटरव्यू में विजयता ने बताया था कि ‘राजेंद्र कुमार बंटी को डांटते थे और उससे काम पर फोकस करने के लिए कहते थे. तुम्हे उस लड़की से प्यार नहीं करना है. तुम प्रिंस हो, मैं तुम्हारे लिए प्रिंसेस लेकर आऊंगा.‘ पापा की इन सभी बातों के बाद भी कुमार गौरव अपने रिश्ते को बचाते रहे थे. मगर उनके पिता के प्रेशर से दरार आ गई थी.

विजयता ने ये दावा किया कि ब्रेकअप के बाद भी राजेंद्र कुमार उनके फिल्मों के मौके पर मुश्किलें पैदा करने लगे थे. विजयता ने बताया कि उन्हें कई फिल्मों के लिए अप्रोच भी किया गया था. उन्होंने राही फिल्म के लिए 10 दिन शूटिंग भी कर ली थी मगर राजेंद्रजी ने मुझे फिल्म से बाहर करवा दिया गया था. उन्होंने फिल्म के लिए पूनम ढिल्लों और रति अग्निहोत्री का नाम सजेस्ट किया था. वो सारी फिल्में फ्लॉप रहीं. राजेंद्र कुमार ने अपने बेटे के साथ मेरा करियर भी खराब कर दिया.

Pakistan Earthquake: पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग नींद से उठकर घबराकर घरों से बाहर निकल आए

पाकिस्तान में शुक्रवार (21 नवंबर) तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.2 रही और इसका केंद्र जमीन से लगभग 135 किलोमीटर की गहराई में था. राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है.

अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके

अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि पहला झटका रात 1.59 बजे अफगानिस्तान में 190 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज हुआ. इसके बाद दूसरा और ज्यादा तेज झटका सुबह 3.09 बजे पाकिस्तान में आया, जिसकी तीव्रता 5.2 थी.

भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि कम गहराई में आने वाले भूकंप गहराई में आने वाले भूकंपों से ज्यादा खतरनाक होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कम गहराई वाले भूकंप की तरंगे बहुत तेजी से जमीन की सतह तक पहुंचती हैं. इससे जमीन जोर से हिलती है और इमारतों को ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहती है. अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत का इलाका दुनिया के सबसे एक्टिव भूकंप जोन में आता है. यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, इसलिए इस क्षेत्र में हल्के और तेज दोनों तरह के भूकंप आते रहते हैं.

पाकिस्तान भूकंप के लिए क्यों संवेदनशील है?

पाकिस्तान कई बड़ी फॉल्ट लाइनों पर बना है. ऐसे में यहां भूकंप आने का खतरा हमेशा बना रहता है और इसका असर पड़ोसी देशों तक भी पहुंच जाता है. बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगिट-बाल्टिस्तान यूरेशियन प्लेट के दक्षिणी हिस्से में आते हैं, जबकि पंजाब और सिंध भारतीय प्लेट के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर स्थित हैं. इस कारण इन इलाकों में बार-बार भूकंप के झटके महसूस होते हैं.

बलूचिस्तान सबसे ज्यादा संवेदनशील

बलूचिस्तान सबसे ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यह अरेबियन और यूरेशियन प्लेट्स की एक्टिव बॉर्डर लाइन के नजदीक है. पंजाब में भी अपनी टेक्टोनिक स्थिति की वजह से समय-समय पर भूकंप के झटके आते रहते हैं. सिंध में खतरा थोड़ा कम है, लेकिन प्लेट के किनारे होने की वजह से यह क्षेत्र भी भूकंप के असर से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.

‘120 बहादुर’ या ‘मस्ती 4’: कौन-सी फिल्म है ज्यादा दमदार? यहां पढ़ें पूरा तुलनात्मक जायजा

21 नवंबर को सिनेमाघरों पर कई फिल्में रिलीज हुई हैं. मगर दो फिल्मों का सबसे ज्यादा बज है. उसमें से एक फरहान अख्तर की 120 बहादुर है और दूसरी विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी की मस्ती 4 है. इन दोनों ही फिल्मों का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. ये दोनों ही फिल्में एकदम अलग जॉनर की है. अगर आप थिएटर जाकर फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो आइए आपको बताते हैं दोनों में से कौन-सी फिल्म देखने लायक है.

120 बहादुर में क्या है खास

फरहान अख्तर इस फिल्म से लंबे समय के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं. इस फिल्म में उन 120 जवानों की कहानी दिखाई गई है जिनके बारे में शायद ही किसी को पता होगा. 1962 में जब भारत और चीन के बीच जंग हुई थी तो रेजांग ला में हमारे 120 बहादुर 3000 चीनी सैनिकों से भिड़ गए थे. उनकी कहानी है ये फिल्म. आपके अंदर एक बार देशभक्ति जगा देगी.

क्यों देखें मस्ती 4

मस्ती फ्रेंचाइजी की ये चौथी फिल्म है. इस सीरीज की हर फिल्म हिट साबित हुई है. एक बार फिर विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी लोगों को हंसाने के लिए आ रहे हैं. एडल्ट कॉमेडी की बेस्ट फिल्मों में से एक है ये. इस बार कास्ट में नए लोग भी शामिल हैं. अगर आप कुछ लाइट हंसने वाली फिल्म देखना चाहते हैं तो ये आपके लिए परफेक्ट है.

अगर आपको वॉर और ऐतिहासिक ड्रामा पसंद है, तो ‘120 बहादुर’ आपके लिए बेहतर ऑप्शन है. फिल्म को अच्छे रिव्यू और रेटिंग अच्छी मिली है. वहीं, ‘मस्ती 4’ अपनी कॉमेडी फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाती है. फिल्म पूरी तरह से एडल्ट ह्यूमर और लाइट-हार्टेड एंटरटेनमेंट पसंद करने वाले दर्शकों के लिए है. अगर इस फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्में आपको पसंद आई हैं तो इसे आप देख सकते हैं.

दोनों फिल्में बिल्कुल अलग जॉनर की हैं और दोनों की रिव्यू और रेटिंग अच्छी मिली है. ऐसे में ये आपकी पसंद पर निर्भर करता है कि किस तरह की फिल्में देखना आपको पसंद है.

Health News:सर्दियों में बढ़ाएं इम्युनिटी! ये 7 सुपरफूड्स बनेंगे आपका ‘विंटर प्रोटेक्शन कवच’, बीमारियों को कहें अलविदा!

धीरे-धीरे तापमान गिरता जा रहा है, जिससे सर्दी बढ़ रही है। इस मौसम में गर्म कपड़े पहनने के साथ ही शरीर को भी सुपरफूड्स खाने की जरुरत है, जिससे बीमारी न बढ़े। सर्दी अपने साथ सर्दी-ज़ुकाम, सुस्त मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा में कमी लेकर आती है। हालांकि, ठंड के मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का राज महंगे सप्लीमेंट्स में नहीं, बल्कि प्रकृति के अपने भंडार में छिपा है। इस मौसम में अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ये 7 बेहतरीन सुपरफूड्स का सेवन जरुर करें।

खट्टे फल

संतरे, नींबू और कीनू विटामिन सी से भरपूर होते हैं। यह विटामिन हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करता है, हमारी त्वचा को स्वस्थ रखता है और हमें अधिक ऊर्जा देता है।

जड़े में उगने वाली सब्जियां खाएं

गाजर, शकरकंद, चुकंदर और शलजम जैसी सब्जियां सर्दियों में खानी चाहिए। ये अच्छे पाचन के लिए जरूरी फाइबर और स्वस्थ आंखों के लिए विटामिन ए जैसे जरूरी विटामिन प्रदान करती हैं।

हरी सब्जियां 

सर्दी में बाजारों में हरी सब्जियों की भरमार देखने को मिल जाएगी। पालक, केल और मेथी जैसी हरी सब्जियों के लिए सबसे अच्छा मौसम है। इनमें आयरन और फोलेट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो थकान दूर करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम भी प्रदान करते हैं और आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।

मेवे और बीज

बादाम, अखरोट, चिया बीज और अलसी के बीज सर्दियों के लिए बेहतरीन नाश्ते हैं। इनमें हेल्दी फैट्स होती है जो ड्राई और ठंडे मौसम में आपके दिमाग को तेज और आपकी त्वचा को नमीयुक्त बनाए रखती है।

खूब बेरीज खाएं

ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और क्रैनबेरी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये हमारे शरीर को संक्रमणों से बचाने और याददाश्त व हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं। इसलिए सर्दियों में इनका ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए। 

अदरक और लहसुन

हर भारतीय किचन में पाई जाने वाली ये अदरक और लहसुन जरुर मिल जाएंगी। यह एक शक्तिशाली और प्राकृतिक उपचारक हैं। अदरक पाचन में मदद करता है और जरूरी आंतरिक गर्मी प्रदान करता है, जबकि लहसुन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य के लिए जाना जाता है। ये कई व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने का भी काम करते हैं।

ओट्स और साबुत अनाज

ओट्स, जौ और क्विनोआ जैसे खाद्य पदार्थ लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं और हमें लंबे समय तक पेट को भरा रखते हैं। जो सर्दियों के दौरान आपको स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। ये ब्लड शुगर के स्तर को भी स्थिर रखते हैं और पाचन में सहायता करते हैं।