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यूरोपीय यूनियन चीन पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में! रेअर अर्थ मिनरल्स को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए कहा—

दुनियाभर में रेअर अर्थ मिनरल्स पर सबसे ज्यादा पकड़ चीन की है. यही कारण है कि वह यूरोपीय यूनियन और अमेरिका को इसकी सप्लाई को लेकर धमकी देता रहता है. इस बीच यूरोपीय संघ ने मंगलवार ने कहा कि चीन के प्रतिबंध एक रैकेट के समान है, जो यूरोप के लिए खतरा है. यूरोपीय यूनियन के उपाध्यक्ष स्टीफन सेजॉर्न ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय देश को चीन के महत्वपूर्ण खनिजों पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिशों में तत्काल तेजी लानी चाहिए.

‘चीन पर निर्भरता करने की कोशिशों में तेजी लानी होगी’

स्टीफन सेजॉर्न ने संसद में कहा, “यूरोप के लिए अब समय आ गया है कि वह अपनी रणनीति में तेजी लाए. चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए उसे दोगुने प्रयास करने होंगे.” उन्होंने यूरोपीय देशों से सप्लाई चेन में विविधता लाने की कोशिश करने का आह्वान किया. चीन वैश्विक रेअर अर्थ माइनिंग में लगभग 70 फीसदी का योगदान देता है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है. इसे लेकर स्टीफन सेजॉर्न ने कहा कि इसके लाइसेंस बहुत कम जारी किए जा रहे हैं, जिससे डिलीवरी में देरी हो रही है.

रैकेट चला रहा चीन: यूरोपीय यूनियन

उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया में अक्सर कंपनियों को संवेदनशील जानकारी साझा करनी पड़ती है. ये लाइसेंस ऐसी जानकारी के बदले दिए जाते हैं जिसमें अक्सर व्यापारिक रहस्य शामिल होते हैं. अगर हम लाइसेंस प्राप्त करने के लिए हमारे निर्माताओं पर की जाने वाली सभी मांगों पर गौर करें तो ये जरूरतें एक रैकेट जैसी लगती हैं.” स्टीफन सेजॉर्न 27 देशों के ग्रुप वाले यूरोपीय यूनियन की चीन पर निर्भरता खत्म करने की प्लानिंग कर रहे हैं, जिसके बारे में वे 3 दिसंबर को खुलासा करेंगे.

‘अमेरिका-चीन व्यापार तनाव का शिकार बना EU’

स्टीफन सेजॉर्न ने कहा कि अमेरिक-चीन व्यापार तनाव का शिकार यूरोपीय यूनियन बन गया है और बीजिंग की नीतियों का निशाना बना है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यूरोपीय संघ की भारत के साथ मिलकर एक व्यापक वैश्विक एजेंडा बनाने पर नजर है. साथ ही दोनों पक्ष 27 जनवरी को अपने वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार समझौते, रक्षा रूपरेखा समझौते और एक रणनीतिक एजेंडा को अंतिम रूप दे सकते हैं. यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों पक्षों के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर रहा.

“सनी देओल के परिवार पर आए दुख के समय में पूरा बॉलीवुड उनके साथ नज़र आया—रातभर फिल्मी सितारे उनके घर आते रहे.”

दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार को 89 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. उनके निधन से बॉलीवुड शोक में डूबा हुआ है. दिग्गज अभिनेता का अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट पर किया गया. कई सितारे उनके अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे. वहीं रात भर बॉलीवुड की कई हस्तियां देओल परिवार को इस दुख की घड़ी में सांत्वना देने के लिए धर्मेंद्र के जुहू स्थित घर पर पहुंचती रहीं.

देओल परिवार की दुख की घड़ी में सहारा बना बॉलीवुड
बता दें कि धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार के बाद दिग्गज अभिनेत्री रेखा भी उनके घर पहुंचीं और सनी देओल सहित परिवार को इस दुख की घड़ी में सांत्वना दी.

काजोल भी सनी देओल के परिवार का दुख बांटने पहुंचीं थीं.

वहीं प्रीति जिंटा भी शोकाकुल परिवार से मिलने उनके घर पहुंचीं. अभिनेता-फिल्म निर्माता फरहान अख्तर, संजय खान और उनके बेटे जायद खान, सलमान खान की बहन अलवीरा अग्निहोत्री और अन्य लोग परिवार से मिलने पहुंचे

इससे पहले शिल्पा शेट्टी, काजोल, शमिता शेट्टी और राज कुंद्रा ने देओल के घर जाकर अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की.

अमिताभ बच्चन ने धर्मेंद्र को दी श्रद्धांजलि
वहीं धर्मेंद्र से अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अमिताभ बच्चन ने दिवंगत अभिनेता को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर श्रद्धांजलि भी दी. दोनों ने ऋषिकेश मुखर्जी की प्रतिष्ठित फिल्म ‘चुपके चुपके’ में भी साथ काम किया था. बिग बी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, “… एक और वीर दिग्गज हमें छोड़कर चले गए… अखाड़े से चले गए… अपने पीछे एक असहनीय ध्वनि के साथ एक सन्नाटा छोड़ गए… धर्म जी… सादगी. वे अपने साथ पंजाब के उस गांव की मिट्टी की खुशबू लेकर आए थे जहां से वे आए थे, और उसके स्वभाव के प्रति सच्चे रहे… अपने शानदार करियर के दौरान बेदाग रहे, एक ऐसी बिरादरी में जिसने हर दशक में बदलाव देखे… बिरादरी में बदलाव हुए… उनमें नहीं.”

शाहरुख खान ने धर्मेंद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी
शाहरुख खान भी धर्मेंद्र को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे. दिग्गज अभिनेता के साथ किंग खान का गहरा रिश्ता था.  सोमवार देर रात, अभिनेता ने अपने ट्विटर हैंडल पर दिवंगत अभिनेता के साथ एक पुरानी तस्वीर शेयर की और एक बेहद निजी और इमोशनल मैसेज लिखा, शाहरुख ने लिखा, “आपकी आत्मा को शांति मिले, धर्म जी.” उन्होंने आगे लिखा, “आप मेरे लिए पितातुल्य थे… आपने मुझे जिस तरह से आशीर्वाद और प्यार दिया, उसके लिए धन्यवाद. न केवल आपके परिवार के लिए, बल्कि दुनिया भर के सिनेमा और फिल्म प्रेमियों के लिए एक अपूरणीय क्षति. हमेशा के लिए. हमेशा प्यार करता हूं.”

Rest in Peace Dharam ji. You were nothing short of a father figure to me… thank u for showering me with blessings and love the way you did. An inconsolable and irreplaceable loss to not just his family, but to cinema and film lovers world over. You are immortal… and your soul… pic.twitter.com/Vsxe8C8qVZ

— Shah Rukh Khan (@iamsrk) November 24, 2025

धर्मेंद्र के बारे में 
धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे फेवरेट और पॉपुलर सितारों में से एक थे. उनका जन्म 1935 में पंजाब में हुआ था और उन्होंने 1960 के दशक की शुरुआत में एक टैंलेंट हंट प्रतियोगिता के  जरिये फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत की थी. दिवंगत अभिनेता अपनी शानदार पर्सनैलिटी और दमदार एक्टिंग की बदौलत जल्द ही टॉप सितारों में से एक बन गए थे. उन्होंने अपने करियर में तमाम ब्लॉकबस्टर फिल्में दी थीं.

Toxic Metals Breast Milk:“मां के दूध में यूरेनियम कैसे पहुंच जाता है? जानें, इसके पीछे कौन-सी वजहें जिम्मेदार होती हैं.”

 बिहार में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के खून में लेड की बढ़ी हुई मात्रा को लेकर सामने आई हालिया रिपोर्ट बेहद चिंताजनक है. लेड एक ऐसा न्यूरोटॉक्सिन है जिसके लिए कोई भी स्तर सुरक्षित नहीं माना जाता. बच्चों में इसकी थोड़ी-सी बढ़ोतरी भी ब्रेन को स्थायी नुकसान हो सकता है. इससे IQ कम होना, सीखने में दिक्कत, ध्यान की कमी और लगातार व्यवहार संबंधी समस्याएं होने का खतरा रहता है.

Scientific Reports में पब्लिश यह स्टडी गंगा के मैदानी इलाकों खासकर बिहार में मां के दूध में यूरेनियम की मौजूदगी का पहला बड़ा आकलन है. यह वही क्षेत्र है जहां पहले भी आर्सेनिक, लेड और पारा जैसे भारी धातुओं के खतरनाक स्तर पाए जा चुके हैं. 10 µg/dL से ऊपर लेड का स्तर बच्चों में लंबे समय तक चलने वाले मानसिक और कांगोनेटिव नुकसान के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है. गर्भवती महिलाओं में यह जहर आसानी से प्लेसेंटा पार कर लेता है, जिससे गर्भपात, समय से पहले डिलीवरी, कम वजन के बच्चे और भ्रूण के दिमाग के विकास में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं. चिंता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि जिन रास्तों से ये टॉक्सिन शरीर में जाते हैं, वही रास्ते आगे चलकर मां के दूध तक पहुंचते हैं.

यह कितना नुकसानदेह है?

केडी अस्पताल (अहमदाबाद) के कंसल्टेंट फिजिशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जय पटेल बताते हैं कि बच्चों के शरीर में लेड का बढ़ना बेहद खतरनाक है. यह दिमाग के विकास को रोक देता है, जिससे IQ गिरता है, ध्यान और सीखने की क्षमता कमजोर होती है, और व्यवहार पर भी असर पड़ता है. इसके अलावा यह इम्यूनिटी और ग्रोथ को भी प्रभावित करता है. गर्भावस्था में यह जहर आसानी से प्लेसेंटा पार कर लेता है, जिससे गर्भपात, प्रीमेच्योर डिलीवरी, कम वजन के बच्चे और जीवनभर चलने वाली विकास संबंधी समस्याओं का जोखिम तेजी से बढ़ जाता है. कम स्तर पर भी लेड का असर स्थायी और बदले न जाने वाली होता है.

मां के दूध में जहर कैसे पहुंचता है? 

अगर बात करें कि यह कहां से पहुंचता है, तो लेड और बाकी न्यूरोटॉक्सिन शरीर में कई रास्तों से आते हैं, जिसमें  पानी, मिट्टी, खाना, बर्तन मसाले या हवा शामिल होते हैं. जो भी चीजें मां को रोजमर्रा में प्रभावित करती हैं, वही धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर खून में आती हैं और गर्भावस्था व ब्रेस्टफीडिग के दौरान दूध तक पहुंच जाती हैं. टॉक्सिन ज्यादातर हड्डियों में जमा रहते हैं और गर्भावस्था के दौरान खून में रिलीज होते हैं, इसलिए नवजात को इनसे सबसे ज्यादा खतरा रहता है, क्योंकि यह समय दिमाग और शरीर के विकास का सबसे संवेदनशील दौर होता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Travel Tips:“जिम कॉर्बेट में केवल जंगल सफारी ही नहीं, बल्कि इन 5 रोमांचक एडवेंचर एक्टिविटीज़ का भी उठाएं मजा—जानें पूरी डिटेल्स.”

जंगल सफरी देखना हर किसी को बेहद पसंद होता है। अगर आपको भी जानवर देखना और प्राकृति के बीच रहना काफी पंसद है, तो यह लेख आपके लिए है। रॉयल टाइगर के लिए लोकरप्रिय पार्क जिम कॉर्बेट, भारत पहला राष्ट्रीय उद्यान है। जिम कॉर्बेट उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है, इसलिए यहां आने के लिए पहले आपको नैनीताल पहुंचना होगा। रामनगर शहर से यह जगह लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर है। इस पार्क में आपको सफारी के अलग-अलग ऑप्शन मिलते हैं, जिसमें जीप सफारी, कैटर सफारी और एलीफेंट सफारी देख सकते हैं। यह पार्क कई जोनों में बांटा हुआ है। इसलिए सफारी भी अलग-अलग हिसाब से ही करवाई जाती है। यहां जाने के लिए सबसे बढ़िया समय नवंबर से जून के बीच है।

रॉक क्लाइम्बिंग

जिम कॉर्बेट में जाने वाले लोग यहां पर जंगल सफारी के साथ ही एक्टिविटी भी कर सकते हैं। अपने बजट के अंदर ही एक्टिविटी कर सकते हैं। यहां पर हेलमेट, हार्नेस और सेफ्टी रोप जैसे सभी सुरक्षा उपकरण यहां दिए गए हैं। जब आप दीवार पर चढ़े तो नीचे उतरते समय घबराने की जरुरत नहीं है, क्योंकि यहां आपकी मदद के लिए कर्मचारी खड़े रहते हैं। आप यहां पर रैपलिंग भी कर सकते हैं।

ट्रैम्पोलिन

यहां पर बच्चों के साथ ही युवाओं के लिए ट्रैम्पोलिन की सुविधा दी जाती है। ट्रैम्पोलिन में आप एक गद्दे जैसे सतह पर कूदते हैं। इस पर आप कूदते हैं, तो जाल नीचे दबता है और फिर वापस ऊपर उछाल देता है। जो लोग जिम कॉर्बेट घूमने जा रहे हैं उनके लिए यह बेस्ट है।

कमांडो नेट

यदि आप अपने दोस्तों के साथ कमांडो नेट खेल में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो जरुर लें। यह अर्मी के ट्रेनिंग कैंप की तरह होता है। इसमें आपको इस जाल पर चढ़कर ऊपर तक पहुंचना और फिर दूसरी तरफ से उतरना होता है। यह एक्टिविटी बच्चों और युवाओं के लिए बेहद बढ़िया है।

फ्लाइंग स्पैरो स्ट्रॉबेरी फार्म

इस नेशनल पार्क में आपको स्ट्रॉबेरी के ढेरों पेड़-पौधे देखने को मिलेंगे। कहीं रंग-बिरंगे पक्षी स्ट्रॉबेरी का स्वाद लेते दिख जाएंगे, तो कहीं नन्ही गिलहरियां लाल-लाल स्ट्रॉबेरी लेकर तेजी से इधर-उधर दौड़ती नजर आएंगी। हर कोई इस मनमोहक दृश्य को अपने फोन में कैद करना चाहता है। चारों ओर फैली हरियाली और आसपास की पहाड़ियां इस फार्म की खूबसूरती को और भी बढ़ा देती हैं।

Batsmen Who Hit 6 Sixes In An Over In International Cricket: “इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले 5 बल्लेबाज कौन-कौन हैं? यहां देखें पूरी सूची.”

इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत 148 साल पहले यानी 1877 में हुई थी. इतना पुराना क्रिकेट का इतिहास होने के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने का कारनामा अब तक सिर्फ पांच बल्लेबाजों ने किया है, जिसमें पूर्व भारतीय स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह का भी नाम शामिल हैं. युवराज के अलावा, हर्शल गिब्स, कीरोन पोलार्ड, जसकरण मल्होत्रा और दीपेंद्र सिंह ऐरी ने भी ये  उपलब्धि हासिल की है. सबसे पहले ये कारनामा वनडे क्रिकेट में हुआ था. जब साउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज हर्शल गिब्स ने 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ दिया था.

इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले 5 बल्लेबाज

1. हर्शल गिब्स (दक्षिण अफ्रीका)

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ओपनर हर्शल गिब्स इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं. गिब्स ने साल 2007 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान नीदरलैंड के खिलाफ डान वैन बुंगे की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे.

2. युवराज सिंह (भारत) 

टी20 इंटरनेशनल के इतिहास में पूर्व भारतीय स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले पहले और इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे बल्लेबाज हैं. युवराज ने साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ स्टूअर्ट ब्रॉड की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के लगाए थे.

3. कीरोन पोलार्ड (वेस्टइंडीज)

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कीरोन पोलार्ड टी20 इंटरनेशनल के इतिहास में 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले दूसरे और इंटरनेशनल क्रिकेट में तीसरे बल्लेबाज हैं. पोलार्ड ने साल 2021 में श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच में स्पिनर अकिला धनंजया की गेंद पर एक ओवर में 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ दिया था.

4. जसकरण मल्होत्रा (अमेरिका)

अमेरिका के बल्लेबाज जसकरण मल्होत्रा इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले चौथे और वनडे क्रिकेट में दूसरे बल्लेबाज हैं. जसकरण ने साल 2021 में पीएनजी के खिलाफ एक वनडे मैच के दौरान गौड़ी टौका की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के लगाए थे.

5. दीपेंद्र सिंह ऐरी (नेपाल) 

टी20 इंटरनेशनल के इतिहास में नेपाल के बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह ऐरी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले तीसरे और इंटरनेशनल क्रिकेट में पांचवें बल्लेबाज हैं. दीपेंद्र ने साल 2024 में एक टी20 मैच के दौरान कतर के खिलाफ कामरान खान की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे.