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Travel Tips: बादलों की इस धरती की ये 5 शानदार जगहें आपकी यात्रा को यादगार बना देंगी, आज ही बनाएं ट्रिप प्लान!

नॉर्थ-ईस्ट राज्य प्राकृति और सुंदर वादियों के लिए जाना जाता है। अगर आप मेघालय जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। मेघालय को बादलों का घर कहा जाता है। यहां की सुंदरता दुनियाभर में फेमस है। मेघायलय में पानी भी शीशे की तरह चमकता है और घने जंगल की सुंदरता देखकर आप कहीं न कहीं खो जाएंगे। जो एक बार मेघालय घूमने जाएगा वो वही का होकर रह गया है। मेघालय में आपको पहाड़, झरने, नदियां, झील, हरे जंगल सबकुछ देखने को मिलेगा। आइए आपको बताते हैं आप किन जगहों पर जरुर घूमने जाएं।

शिलॉन्ग

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग घूमने जरुर जाएं। यह शहर बेहद ही खूबसूरत और हरियाली से घिरा हुआ है। मेघालय पूर्वी हिमालय की पहाड़ियों में बसा हुआ है शिलॉन्ग। इसे मिनी स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। शिलॉन्ग में आप व्यू पॉइंट, लैत्कोर पीक, स्प्रेअद ईगल फॉल्स, लेडी ह्यदारी पार्क और एलिफेंट फॉल्स को जरुर देखें।

डॉकी झील

डॉकी झील भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक छोटा-सा शहर बसा है। डॉकी झील को उमंगोट नदी भी बोला जाता है, जो कि भारत से बांग्लादेश तक बहती है। इसका पानी एकदम क्रिस्टल क्लियर है। इधर नाव पर सफर करने से ऐसा फील होता है कि जैसे नाव हवा में है।

दावकी 

अगर आप मेघालय जा रहे हैं, तो पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले में स्थित दावकी छोटा सा टाउन है, यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें हैं। इधर आपको सुंदर झरने देखने को मिलेंगे। दावकी में जाफलोंग जोरी पॉइंट, बुरहिल झरने, मावल्यान्नॉग, रिवाई जैसी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं।

मौसिनराम

मेघालय के खासी हिल्स में मौसिनराम एक सुंदर बस्ती है, यह अपनी प्राकृतिक स्टैलेग्माइट शिवलिंग जैसी संरचनाओं के लिए जाना जाता है। यहां पर मावजिम्बुइन गुफा देखने को लायक मिलती है। इस गुफा में शिवलिंग भी रखी है, जो कि स्टैलेग्माइट के लिए जानी जाती है। यहां का वातावरण एकदम शांत और सुकून से भरा हुआ है। कलकल करता हुआ पानी की आवाज आपके मन को शांति प्रदान करेगा।

मावफलांग पवित्र वन

मेघालय में मावफलांग वन एक प्रचीन जंगल है, जो काफी शुद्ध व पवित्र माना जाता है। इस जंगल से एक भी पत्ती बाहर लेकर जाना माना  है और इस जंगल में आपको रुद्राक्ष के पेड़ मिलेंगे, हर मुख वाली रुद्राक्ष पेड़ में लगी होती है।

हनीमून के लिए ये 4 जगहें हैं परफेक्ट! सिर्फ 20 हजार में होगी रोमांटिक ट्रिप की ख्वाहिश पूरी, जानें तरीका

हनीमून ट्रिप प्लान करने के लिए लोकेशन ढूंढना इतना आसान नहीं है। कम बजट में ट्रिप प्लान करने वाले लोगों को अच्छी लोकेशन के अलावा खर्चों का भी ध्यान रखना होता है। यही वजह है कि ट्रिप प्लान करने से पहले लोगों को लोकेशन पर बार-बार विचार करना पड़ता है। भारत में कई ऐसे लोकेशन हैं, जो हनीमून ट्रिप के लिए खास माने जाते हैं। इन जगहों पर आपको ठंडा मौसम मिलेगा और अधिक खर्च भी नहीं करना पड़ेगा। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको गर्मी में हनीमून प्लान करने के लिए कुछ अच्छी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप कम बजट में हनीमून ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

मसूरी

बता दें कि आप 20 हजार रुपए में मसूरी का 4 दिन का ट्रिप पूरा कर सकती हैं। अगर आप खर्चे का सही से ध्यान रखती हैं। क्योंकि लोकेशन खूबसूरत होने के साथ मौसम भी ठंडा रहता है। इस जगह की खासियत यह है कि आपको हर मौसम में यहां पर पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल जाएगी। यह उत्तराखंड का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। अगर आप कम बजट में किसी पहाड़ी जगह पर हनीमून ट्रिप प्लान करना चाहते हैं, जहां पर खर्च कम हो, तो आपको मसूरी आने का प्लान करना चाहिए।

नैनीताल

नैनीताल, उत्तराखंड का एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां पर आपका अधिक खर्च नहीं होगा। इस जगह की खासियत यह है कि यह एक रोमांटिक हिल स्टेशन है। अगर आप कम बजटमें पहाड़ों, झीलों और शांत वातावरण में हनीमून मनाना चाहते हैं, तो आपको नैनीताल आना चाहिए। आप 20 हजार रुपए के अंदर यहां पर बिना सोचे-समझे ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

लैंसडाउन और धनोल्टी

यह दोनों ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको पर्यटकों की ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिलेगी। इसलिए हनीमून ट्रिप के लिए यह जगह आपको पसंद आएगी। इन दोनों जगहों पर ज्यादा पर्यटक नहीं होते हैं। इसलिए यहां पर आपको होटल्स भी सस्ते में मिल जाएंगे। यहां पर 4-5 दिन का ट्रिप सिर्फ 20 हजार में पूरा कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप अपने पार्टनर के साथ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो आपको यहां पर आना चाहिए।

कैंसर उपचार में बड़ी सफलता: भारत में बना AI अब ट्यूमर की सही स्थिति और व्यवहार पहचानने में मदद करेगा

कैंसर के इलाज को ज्यादा पर्सनलाइज्ड बनाने की दिशा में भारतीय वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है. भारत में एक नई रिसर्च में ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फ्रेमवर्क डिवेलप किया गया है, जो कैंसर की कोशिकाओं के भीतर होने वाली जटिल गतिविधियों को पढ़कर बता सकता है कि ट्यूमर किस वजह से बढ़ रहा है और मरीज के शरीर में कौन-सी खतरनाक प्रक्रियाएं एक्टिव हैं

कैंसर को समझने का पुराना तरीका अब काफी नहीं!

अब तक डॉक्टर कैंसर का मूल्यांकन उसके आकार, फैलाव और स्टेज के आधार पर करते रहे हैं, लेकिन एक ही स्टेज वाले दो मरीजों का रिजल्ट कई बार अलग निकलता है, क्योंकि ट्यूमर के भीतर चलने वाली मॉलिक्यूलर प्रक्रियाओं को ये स्टेजिंग सिस्टम पहचान नहीं पाते. नई AI तकनीक इसी कमी को पूरा करती है. यह कैंसर को उसकी ‘मॉलिक्यूलर पर्सनैलिटी’ के आधार पर समझती है, न कि सिर्फ उसके आकार या फैलाव से.

कैंसर के सिग्नल्स को पढ़ने वाला पहला AI फ्रेमवर्क

SN Bose National Centre for Basic Sciences और Ashoka University की टीम ने मिलकर OncoMark नाम का AI फ्रेमवर्क बनाया है. यह पहली ऐसी तकनीक है, जो कैंसर के हॉलमार्क्स जैसे मेटास्टेसिस, इम्यून सिस्टम से बच निकलना, जीन अस्थिरता और थैरेपी रेसिस्टेंस को सटीक रूप से पहचान सकती है. इस रिसर्च टीम का नेतृत्व डॉ. शुभाशिस हलदार और डॉ. देबयान गुप्ता ने किया.

14 तरह के कैंसर पर की गई रिसर्च

शोधकर्ताओं ने 14 प्रकार के कैंसर से ली गई 31 लाख कोशिकाओं का डेटा AI में डाला. AI ने इन पर काम करके ‘प्सूडो-बायोप्सी’ तैयार कीं, जिनसे यह समझ आया कि कौन-सा ट्यूमर किन बायोलॉजिकल प्रक्रियाओं से संचालित हो रहा है. यह पहली बार है, जब वैज्ञानिक मॉलिक्यूलर लेवल पर देख पाए हैं कि कैंसर स्टेज बढ़ने के साथ हॉलमार्क एक्टिविटीज कैसे बढ़ती जाती हैं.

कैसा रहा रिजल्ट?

OncoMark ने इंटरनल टेस्टिंग में 99% से ज्यादा सटीकता हासिल की. 5 स्वतंत्र समूहों में भी इसकी सटीकता 96% से ऊपर रही. 20,000 असली मरीजों के नमूनों पर वैलिडेशन के बाद शोधकर्ताओं ने इसे व्यापक रूप से उपयोग योग्य बताया है.

नई तकनीक से होंगे ये फायदे

    • पता चलेगा कि मरीज में कौन-सा हॉलमार्क सक्रिय है. इससे कैंसर की असली वजह पर सीधे निशाना साधने वाली दवा या थैरेपी चुनी जा सकेगी.
    • ऐसे ट्यूमर की पहचान होगी, जो दिखने में कम खतरनाक लेकिन अंदर से तेजी से बढ़ रहे हों. ऐसे मामलों में पहले से इंटरवेशन करके मरीज की जान बचाई जा सकती है.

क्या होगा फायदा?

विशेषज्ञों की मानें तो यह सिस्टम उन मरीजों की भी मदद करेगा, जिनका कैंसर पारंपरिक स्टेजिंग सिस्टम में हल्का दिखता है, लेकिन असल में कहीं ज्यादा आक्रामक होता है. यह रिसर्च Communications Biology (Nature Publishing Group) में प्रकाशित हुई है. भारत की इस उपलब्धि को कैंसर रिसर्च में बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में टार्गेटेड थैरेपी और पर्सनलाइज़्ड मेडिसिन को नई दिशा दे सकता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

इमरान खान की बहनों का आरोप— ‘स्ट्रीट लाइटें बंद कर हमें बालों से घसीटा’, पाक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तीनों बहनों ने अडियाल जेल के बाहर उन पर और पीटीआई समर्थकों पर पुलिस हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. पाकिस्तानी अखबार डॉन के हवाले से खबर मिली है कि खान की बहनें नोरीन नियाजी, आलीमा खान और डॉ. उजमा खान ने यह मांग की है. इमरान की तीनों बहनें इमरान से मिलने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उन्हें पिछले एक महीने से मिलने नहीं दिया जा रहा है. वह पिछले एक महीने से जेल के बाहर डेरा डाले हुए हैं

इमरान की इन बहनों का आरोप है कि वे शांतिपूर्वक जेल के बाहर बैठी हुई थी. तभी पुलिस ने उनपर हमला कर दिया. बेहरमी से पिटाई की. दरअसल, 2023 से इमरान खान कई मामलों में जेल की सलाखों के पीछे हैं.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत को पत्र लिखा गया है. यह पत्र पुलिस प्रमुख उस्मान अनवर को लिखा गया है. उन्होंने कहा है कि हिंसा क्रूर और सुनियोजित थी. उन्हें बिना किसी कारण के हफ्तों से पीटीआई प्रमुख से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

इमरान की बहनों का कहना है कि वो शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहीं थी और जेल के बाहर बैठी हुई थीं. तभी पुलिस ने स्ट्रीट लाइटें बंद की और बाल पकड़कर सड़क से हटा दिया. इस घटना में उनके शरीर पर कई चोटें आई है.

बहनों का कहना है कि पंजाब पुलिस महानिरीक्षक इस हमले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करे. सरकार ने एक महीने से ज्यादा समय से मुलाकात करने की अनुमति नहीं दी है. मतलब सीधे तौर पर बैन लगा रखा है.

कहां है अडियाल जेल
दरअसल, इमरान जिस जेल में बंद है, उसका नाम अडियाल है. जहां राजधानी इस्लामाबाद से महज 15 किमी है. रावलपिंडी के बीचों-बीच बनी है. यह पाकिस्तान की सेंट्रल जेल है. यहां पाकिस्तान के सबसे कुख्यात और उच्च सुरक्षा वाली जेलों में है. इसका निर्माण 1986 में किया गया था. उत्तर पंजाब केी सेंट्रल जेल है. इसमें एक साथ 1900 कैदियों को जेल में रखा जाता है.

Suresh Raina Birthday: खुशमिजाज सुरेश रैना ने अपने करियर में रचे कई यादगार और अनोखे रिकॉर्ड, पढ़ें पूरा लेख

भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार फिल्डिंग और उपयोगी गेंदबाजी से विश्व क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई. वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स के स्तंभ रहे. रैना साल 2011 में विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने कई ऐसी पारियां खेलीं, जिन्हें आज भी याद रखा जाता है.

27 नवंबर 1986 को मुरादनगर में जन्मे सोनू यानी सुरेश रैना को बचपन से क्रिकेट का शौक था. महज 11 साल की उम्र में रैना सुबह साढ़े 4 बजे उठकर क्रिकेट खेलने जाते. क्रिकेट का जुनून ऐसा था कि सुबह उठने की जल्दी में रातभर ठीक से सो भी नहीं पाते.

परिवार चाहता था कि उनका सोनू पढ़ाई में मन लगाए, लेकिन बेटे को पढ़ाई से ज्यादा खेल में रुचि थी. वह कमरे में पढ़ाई करने से ज्यादा खेल के मैदान पर क्रिकेट खेलते नजर आते थे.

आखिरकार, सुरेश रैना का लखनऊ के स्पोर्ट्स हॉस्टल में सेलेक्शन हुआ, लेकिन यहां सीनियर्स उनसे अपने निजी काम करवाते, लेकिन इसके बावजूद रैना ने क्रिकेट को नहीं छोड़ा.

रैना ने 2002/03 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया. इसके बाद साल 2005 में उन्हें भारत की वनडे टीम में जगह मिली. अगले साल उन्होंने टी20 फॉर्मेट में भी डेब्यू किया. साल 2010 में रैना ने टेस्ट टीम में भी जगह बनाई.

विस्फोटक बल्लेबाज सुरेश रैना सीमित ओवरों के क्रिकेट में जबरदस्त खिलाड़ी रहे. उनकी गिनती विश्व के सर्वश्रेष्ठ फील्डर्स में होती थी. उन्हें क्रिकेट मैदान पर एक निस्वार्थ और खुशमिजाज खिलाड़ी के रूप में जाना गया, जो अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए हमेशा तैयार रहता था.

सुरेश रैना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। वह टी20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय भी हैं। आईपीएल में 5 हजार रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सुरेश रैना ने इस लीग में कुल 205 मैच खेले।

सुरेश रैना डेब्यू टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं। वह वनडे फॉर्मेट में 5 हजार रन और 100 कैच लपकने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में भी शामिल हैं.

सुरेश रैना ने भारत की ओर से 18 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 26.48 की औसत के साथ 768 रन बनाए. इसके अलावा, 226 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 5 शतक और 36 अर्धशतक के साथ 5,615 रन बनाए. 78 टी20 मुकाबलों में रैना के नाम 29.18 की औसत के साथ 1,605 रन दर्ज हैं.