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Sports News:“मेगा नीलामी में दीप्ति शर्मा बनी सबसे महंगी खिलाड़ी—चरणी और केर को भी मिले शानदार दाम, जानें पूरी जानकारी।”

भारत की स्टार हरफनमौला दीप्ति शर्मा बृहस्पतिवार को 2026 महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की नीलामी में सबसे महंगी खिलाड़ी बनी जबकि वनडे विश्व कप स्टार श्री चरणी और लौरा वोल्वार्ट को भी अच्छे दाम मिले.

दीप्ति शर्मा को यूपी वारियर्स ने ‘राइट टू मैच’ कार्ड का इस्तेमाल करके तीन करोड़ 20 लाख रूपये में खरीदा. अब वह डब्ल्यूपीएल के इतिहास में स्मृति मंधाना के बाद सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ी हैं. मंधाना को उनसे 20 लाख रूपये अधिक मिले थे.

यूपी वारियर्स के क्रिकेट संचालन निदेशक क्षेमल वैंगनकर ने कहा ,‘‘ हमें इसी के आसपास बोली लगने की उम्मीद थी. इसमे कोई शक नहीं था कि हम दीप्ति को वापिस चाहते थे.’’

मुंबई इंडियंस ने पिछले साल संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेने वाली न्यूजीलैंड की हरफनमौला एमेलिया केर को तीन करोड़ रूपये में खरीदा. केर 2023 और 2025 में खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का हिस्सा थी.

यूपी वारियर्स ने अनुभवी हरफनमौला शिखा पांडे को दो करोड़ 40 लाख रूपये में खरीदा जिन्होंने आखिरी बार भारत के लिये 2023 में खेला था.

विश्व कप में भारत की खिताबी जीत की सूत्रधारों में रही लेग स्पिनर श्री चरणी को दिल्ली कैपिटल्स ने 30 लाख रूपये के उनके बेसप्राइज से कई गुना अधिक एक करोड़ 30 लाख रूपये में खरीदा. विश्व कप उपविजेता दक्षिण अफ्रीका की सलामी बल्लेबाज लौरा वोल्वार्ट को दिल्ली कैपिटल्स ने एक करोड़ 10 लाख रूपये में खरीदा.

दिल्ली ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाज चिनेले हेनरी को एक करोड़ 30 लाख रूपये में और भारतीय हरफनमौला स्नेह राणा को 50 लाख रूपये में खरीदा. आस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग को यूपी वारियर्स ने एक करोड़ 90 लाख रूपये में खरीदा जबकि गुजरात टाइटंस ने न्यूजीलैंड की सोफी डेवाइन को गुजरात टाइटंस ने दो करोड़ रूपये में खरीदा.

वारियर्स के पास नीलामी के लिये 14 करोड़ 50 लाख रूपये का पर्स था. उन्होंने एक बार फिर ‘राइट टू मैच’ कार्ड का इस्तेमाल करके इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्सेलेटन को 85 लाख रूपये और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को 50 लाख रूपये में खरीदा.

उन्होंने हरलीन देयोल को 50 लाख रूपये में खरीदा जबकि गुजरात ने भारतीय तेज गेंदबाज रेणुका सिंह को 60 लाख रूपये में खरीदा. दक्षिण अफ्रीका की फिनिशर नडाइन डि क्लेर्क को आरसीबी ने 65 लाख रूपये में खरीदा. आरसीबी ने हरफनमौला अरूंधति रेड्डी को 75 लाख और राधा यादव को 65 लाख रूपये में खरीदा.

आस्ट्रेलिया की फीबी लिचफील्ड को वारियर्स ने एक करोड़ 20 लाख रूपये में खरीदा.

दिन की सबसे बड़ी हैरत की बात ऑस्ट्रेलिया की ‘बिग हिटर’ कप्तान एलिसा हीली को कोई खरीदार नहीं मिलना रहा. वह चोट के कारण 2025 सत्र में नहीं खेल पाई थीं, उनके नाम की बोली सबसे पहले लगी लेकिन किसी ने उन्हें नहीं खरीदा. उनकी हमवतन स्पिनर अलाना किंग भी नहीं बिकीं। नीलामी में उपलब्ध 77 में से 67 खिलाड़ियों को खरीदा गया.

“समीर वानखेड़े बोले—मानहानि कर मेरी छवि खराब की गई; नेटफ्लिक्स ने दिया जवाब—‘दर्शक खुद सच पहचान लेते हैं।’”

दिल्ली हाई कोर्ट में नेटफ्लिक्स ने आईआरएस अफसर समीर वानखेड़े द्वारा दायर मानहानि मुकदमे का जोरदार विरोध किया. यह मुकदमा नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ द बैडस ऑफ बॉलीवुड में वानखेड़े की कथित नकारात्मक छवि दिखाए जाने को लेकर दायर किया गया है.

दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान नेटफ्लिक्स की ओर से पेश वकील ने कहा कि ऐसे मामलों में मानहानि साबित करना आसान नहीं होता और यह सिर्फ ट्रायल के बाद ही तय हो सकता है.

उन्होंने दलील देते हुए कहा कि केवल यह कहना कि शो द बैडस ऑफ बॉलीवुड को शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ने बनाया है मानहानि साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है. समीर वानखेड़े को दुर्भावना साबित करनी होगी.

समीर वानखेड़े के खिलाफ हुई पूछताछ और आरोप 2022 से ही सार्वजनिक डोमेन में मौजूदा- वकील 

नेटफ्लिक्स की तरफ से पेश वकील ने कहा समीर वानखेड़े के खिलाफ हुई पूछताछ और आरोप साल 2022 से ही सार्वजनिक डोमेन में मौजूद हैं लेकिन उन्होंने तब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की. ऐसे में अंतरिम आदेश जारी करना उचित नहीं होगा. वकील कहा कि वानखेड़े खुद कहते हैं कि उन्हें मीडिया की आलोचना से कोई दिक्कत नहीं फिर सीरीज के एक डेढ़ मिनट के व्यंग्यात्मक हिस्से पर आपत्ति कैसे कर सकते हैं.

समीर वानखेड़े ने नेटफ्लिक्स के वकील की दलील का किया विरोध 

दिल्ली हाई कोर्ट में समीर वानखेड़े की ओर से दावा किया गया है कि सीरीज को जानबूझकर इस तरह बनाया गया है कि उनकी छवि खराब हो. साथ ही यह भी कहा गया कि एक पात्र द्वारा सत्यमेव जयते बोलने के बाद अभद्र इशारा दिखाया गया जो राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों का उल्लंघन है.

कोर्ट ने वानखेड़े की कानूनी टीम से ईडी और सीबीआई जांच से जुड़े आदेशों की जानकारी पेश करने को कहा है. अब मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी.

Morning Phlegm Causes: “अगर मुंह में अचानक बढ़ने लगे अत्यधिक बलगम, तो यह किसी समस्या का संकेत हो सकता है।”

बहुत से लोग सुबह उठते ही गले में कफ या बलगम महसूस करते हैं और सोचते हैं कि “आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?” रात की नींद के बाद ऐसा होना आम बात है, लेकिन कई बार ये किसी अंदरूनी दिक्कत का संकेत भी हो सकता है. कफ ज्यादा बनने पर खांसी भी शुरू हो जाती है, क्योंकि शरीर उसी म्यूकस को बाहर निकालने की कोशिश करता है. चलिए आपको बताते हैं कि यह किस वजह से होता है और इसको रोकने के लिए क्या करना चाहिए.

किस कारण से मुंह में बनने लगते हैं बलगम?

पोस्टनेजल ड्रिप

यह सबसे कॉमन कारण है. रात में नाक के अंदर बनने वाला म्यूकस धीरे-धीरे गले में जमा होने लगता है. एलर्जी, सर्दी-जुकाम या धूल-मिट्टी से यह और बढ़ जाता है. सुबह उठते ही गला भारी-भारी और कफ ज्यादा महसूस होता है.

एसिडिटी

अगर रात में पेट का एसिड ऊपर आ जाता है तो वह गले को इरिटेट करता है. इससे शरीर ज्यादा म्यूकस बनाने लगता है. लेटने पर यह समस्या और बढ़ जाती है, इसलिए सुबह उठकर गले में चिपचिपा कफ महसूस हो सकता है.

अस्थमा

अस्थमा वाले लोगों में रात के समय सूजन और कफ बनना बढ़ जाता है. सुबह उठते ही खांसी और कफ का बोलबाला इसी वजह से होता है, क्योंकि नींद के दौरान हवा के रास्ते ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं.

धूम्रपान और प्रदूषण

सिगरेट का धुआं म्यूकस को गाढ़ा बना देता है और उसकी मात्रा भी बढ़ जाती है. बाहर का प्रदूषित और सूखा हवा भी कफ को बढ़ाती है. स्मोकर्स में सुबह कफ सबसे ज्यादा देखा जाता है.

सुबह गले में बनने वाले कफ को कैसे रोकें?

अगर आपको भी सुबह बलगम बनता है, तो इसके लिए आप अलग-अलग तरह के उपाय अपना सकते हैं. mucinex के अनुसार, अगर आपको सुबह कफ बनता है, तो उसके लिए आप

पानी ज्यादा पिएं

शरीर हाइड्रेट रहेगा तो कफ पतला रहेगा और गले में जमा नहीं होगा. रात को हल्का गर्म पानी या हर्बल टी फायदेमंद होती है.

सिर ऊंचा करके सोएं

ताकि नाक का म्यूकस गले में इकट्ठा न हो और एसिडिटी भी कंट्रोल में रहे. एक अतिरिक्त तकिया भी काफी काम करता है.

अपनी एलर्जी या एसिडिटी का इलाज कराएं

अगर यह दिक्कतें बार-बार होती दिखाई दें तो डॉक्टर की मदद लें. कारण को ठीक करना सबसे जरूरी है.

कमरे में धूल, पालतू जानवरों के बाल और एलर्जन्स नियंत्रित रखें

साफ-सफाई का खास ध्यान रखने से सुबह वाला कफ काफी हद तक कम हो जाता है.

नींद का रूटीन सही रखें

अच्छी नींद शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है, जिससे कफ बनने की दिक्कत भी कम होती है.

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

अगर आपको यह समझ नहीं आ रहा कि आपका कफ आखिर किस वजह से बढ़ रहा है, या लक्षण लंबे समय तक बने हुए हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. वे आपकी असली समस्या पहचानकर आपकी स्थिति के हिसाब से सही इलाज बता पाएंगे.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sports News:“रांची में अभ्यास सत्र के बाद विराट कोहली, MS Dhoni के घर डिनर के लिए पहुंचे।”

विराट कोहली गुरुवार को एमएस धोनी के घर पहुंचे. कोहली टीम इंडिया के साथ रांची में हैं, जहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज का पहला वनडे खेला जाना है. कोहली को देखने के लिए धोनी के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है.

वायरल वीडियो में आप देख सकते हो कि विराट कोहली की कार रांची में स्थित धोनी के घर के अंदर जा रही है. उनकी कार के आगे और पीछे पुलिस की कार है. धोनी के घर के बाद कोहली को देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस इकठ्ठा हुए. कोहली को देख फैंस उनकी फोटो लेने लगे.

VIRAT KOHLI GOING TO MS DHONI’s HOME. 😍

– The meet up of GOAT’s. pic.twitter.com/MPX27fhJ38

— Johns. (@CricCrazyJohns) November 27, 2025

विराट कोहली के प्रैक्टिस के वीडियो भी वायरल

विराट कोहली ने गुरुवार को रांची में रोहित शर्मा के साथ अभ्यास भी किया, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए. वीडियो में कोहली अच्छी लय में दिख रहे हैं, वह बड़े शॉट्स लगा रहे हैं. दूसरी तरफ रोहित शर्मा भी बड़े हिट लगाते हुए दिख रहे हैं, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई पिछली सीरीज के सर्वश्रेष्ठ प्लेयर थे. कोहली के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी, जो ऑस्ट्रेलिया में 3 में से 2 मैचों में ‘डक’ आउट हुए थे. हालांकि तीसरे मैच में उन्होंने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली थी.

JSCA स्टेडियम में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहला वनडे

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहला वनडे झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में 30 नवंबर को खेला जाएगा. टेस्ट सीरीज में दक्षिण अफ्रीका से हारने के बाद टीम इंडिया पर वनडे सीरीज में बेहतर करने का दबाव होगा.

Cancer Risk From Spicy Food:“कहीं आप जरूरत से ज्यादा तीखा तो नहीं खा रहे? यह आदत कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है।”

 दुनिया भर में लोग तीखा खाने के शौकीन हैं, चाहे बात हो भारतीय करी की या मैक्सिकन साल्सा की. लाल मिर्च न सिर्फ खाने का स्वाद और गर्माहट बढ़ाती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी थोड़ा तेज करती है. लेकिन पिछले कुछ सालों में साइंटिस्ट यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या लगातार बहुत ज्यादा मिर्च खाने से डाइजेशन से जुड़े कुछ कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. Frontiers in Nutrition जर्नल में पब्लिश एक स्टडी में इस विषय को विस्तार से परखा गया है. रिसर्च के अनुसार, मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण थोड़ी मात्रा में फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन बहुत अधिक सेवन से अन्ननली, पेट और कोलन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. भारत में कोलोरेक्टल कैंसर तीसरा सबसे आम कैंसर है और समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो इसका उपचार पूरी तरह संभव है.

कैसे ज्यादा मिर्च खाना कितना खतरनाक?

मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन वह तत्व है जो इसे तीखापन देता है. इसे दर्द कम करने, सूजन घटाने और फैट बर्निंग जैसी खूबियों के लिए जाना जाता है. लेकिन कैंसर को इसके प्रभावों को लेकर मिक्स परिणाम सामने आए हैं. ज्यादा मात्रा में लाल मिर्च खासतौर पर कच्ची या बहुत तीखी लंबे समय तक खाने से डाइजेशन सिस्टम में जलन और सूजन बढ़ सकती है. धीरे-धीरे यही सूजन सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है.

वहीं कम मात्रा में मिर्च, खासकर यदि आहार में पर्याप्त सब्जियां, फल और फाइबर हों, तो नुकसान नहीं पहुंचाती. दही जैसे कूलिंग खाने के पदार्थों के साथ मिर्च खाना या पकाकर खाना पेट की जलन कम करता है.

बहुत ज्यादा मिर्च खाने से पेट के कैंसर का खतरा

Frontiers in Nutrition में पब्लिश स्टडी ने दुनिया भर के हजारों लोगों पर हुई रिसर्च को शामिल किया. निष्कर्ष ये बताते हैं कि बहुत तीखा खाना रोजाना या बड़ी मात्रा में खाने वाले लोगों में डाइजेशन सिस्टम के कैंसर का जोखिम बढ़ा पाया गया. हल्के से मध्यम स्तर पर मिर्च का सेवन नुकसान नहीं करता, और कैप्सेसिन के कारण कुछ फायदे भी दे सकता है. बहुत ज्यादा मिर्च खाने और धूम्रपान या शराब सेवन करने पर खतरा और बढ़ जाता है. किस प्रकार की मिर्च खाई जा रही है और आपकी बाकी डाइट कैसी है, यह सब जोखिम को प्रभावित करता है.

मिर्च खाने के फायदे

लाल मिर्च नुकसानदायक नहीं है, बल्कि सही मात्रा में कई फायदे देती है. इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है, कैप्सेसिन कैलोरी बर्न करने में मदद करती है. यह दिल के लिए भी अच्छा है, सीमित मात्रा में खाने से ब्लड फ्लो और कोलेस्ट्रॉल पर अच्छा असर हो सकता है. इसे एंटीऑक्सिडेंट्स का सोर्स भी माना जाता है, जिससे विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और अन्य घटक शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.