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शादी के अगले दिन ही मैदान में उतरे Arjun Tendulkar, सेमीफाइनल खेलकर दिखाई खेल के प्रति लगन

भारतीय क्रिकेटर Arjun Tendulkar ने 5 मार्च को अपनी गर्लफ्रेंड सानिया चंडोक के साथ शादी रचाई। इस खास मौके पर क्रिकेट और फिल्म जगत की कई चर्चित हस्तियां शामिल हुईं। लेकिन शादी के ठीक अगले दिन अर्जुन ने ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया।

शादी के एक दिन बाद ही अर्जुन क्रिकेट के मैदान पर उतर गए। शुक्रवार को वह DY Patil T20 Cup के सेमीफाइनल मुकाबले में खेलते नजर आए। इस मैच में वह डीवाई पाटिल ब्लू टीम की ओर से मैदान में उतरे, जहां उनका मुकाबला मुंबई कस्टम्स से हुआ।

हालांकि यह मुकाबला अर्जुन की टीम के लिए अच्छा नहीं रहा और डीवाई पाटिल ब्लू को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो अर्जुन का दिन खास नहीं रहा। उन्होंने बल्लेबाजी में 14 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 9 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में अपने एक ओवर में 20 रन खर्च कर दिए।

दिलचस्प बात यह है कि अर्जुन शादी से ठीक एक दिन पहले भी क्रिकेट खेलते नजर आए थे। उन्होंने केनरा बैंक के खिलाफ लीग मैच में हिस्सा लिया था।

अर्जुन और सानिया चंडोक ने अगस्त 2025 में सगाई की थी। उस समारोह में केवल करीबी लोग ही शामिल हुए थे। शादी से पहले संगीत और मेहंदी से जुड़े कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।

सानिया चंडोक एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह जाने-माने बिजनेसमैन रवि घई की पोती हैं। सानिया और अर्जुन की बहन Sara Tendulkar लंबे समय से अच्छी दोस्त रही हैं, जिसके चलते उनका तेंदुलकर परिवार से पहले से ही करीबी संबंध रहा है।

अगर अर्जुन के क्रिकेट करियर की बात करें तो वह घरेलू क्रिकेट में Goa cricket team का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं आईपीएल में पहले वह Mumbai Indians के स्क्वाड का हिस्सा रह चुके हैं। बाद में Indian Premier League 2026 के ऑक्शन में Lucknow Super Giants ने उन्हें 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था।

पाकिस्तान में बड़ा फिदायीन हमला: सेना की चेकपोस्ट से टकराई बाइक, 18 लोगों की मौत

पाकिस्तान के अफगानिस्तान से सटे उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है। शुक्रवार (6 मार्च 2026) को मीरानशाह शहर के एक व्यस्त बाजार के पास स्थित पाकिस्तानी सेना की चेकपोस्ट को निशाना बनाकर यह फिदायीन हमला किया गया। इस धमाके में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी मोटरसाइकिल को चश्मा पुल के पास बने सेना के चेकपोस्ट से टकरा दिया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आसपास का बाजार भी आ गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कई दुकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

बताया जा रहा है कि इस हमले में मारे गए 18 लोगों में 5 बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को तुरंत जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पाकिस्तानी सेना ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि हमले में कितने सैनिक हताहत हुए हैं।

इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी उस्तुद उल खोरासन (USK) नाम के आतंकी संगठन ने ली है। यह संगठन इत्तिहाद उल मुजाहिदीन पाकिस्तान (IMP) से जुड़ा माना जाता है और हाफिज गुल बहादुर के नेटवर्क से संबंध रखता है।

जानकारी के मुताबिक हाफिज गुल बहादुर को कभी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा अफगान जिहाद के दौरान तैयार किया गया था। शुरुआती दौर में उसने बन्नू स्थित एक ट्रेनिंग कैंप में प्रशिक्षण लिया और बाद में कई आतंकी संगठनों से जुड़कर गतिविधियां चलाता रहा।

बताया जाता है कि वह एक मदरसा भी चलाता था, जहां से आतंकी भर्ती और प्रशिक्षण दिया जाता था। यहां प्रशिक्षित कुछ लड़ाकों को अफगानिस्तान भेजा जाता था, जबकि अन्य को कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के साथ जोड़ा जाता था।

बाद में लाल मस्जिद घटना के बाद जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का गठन हुआ, तो हाफिज गुल बहादुर भी उससे जुड़ गया और तब से पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में शामिल रहा है।

Sports News:सेमीफाइनल के आखिरी ओवर को लेकर बड़ा खुलासा, Shivam Dube ने बताया किसे मिलनी थी जिम्मेदारी

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में India national cricket team ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि इतने बड़े लक्ष्य के बावजूद मुकाबला आखिरी ओवर तक रोमांचक बना रहा, क्योंकि England national cricket team के बल्लेबाज भी शानदार खेल दिखा रहे थे।

इंग्लैंड के बल्लेबाज Jacob Bethell ने 105 रन की शानदार पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया था। वहीं भारतीय टीम की ओर से Jasprit Bumrah ने अहम मौकों पर दो ओवर डालकर मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया।

आखिरी ओवर में था 30 रन का लक्ष्य

मैच के अंतिम ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रन की जरूरत थी। उस समय जैकब बैथेल क्रीज पर मौजूद थे और 45 गेंदों में शतक जड़ चुके थे, इसलिए एक ओवर में 30 रन बनना पूरी तरह नामुमकिन नहीं माना जा रहा था।

ऐसे दबाव भरे मौके पर आखिरी ओवर की जिम्मेदारी शिवम दुबे को सौंपी गई। दुबे ने शानदार शुरुआत करते हुए पहली ही गेंद पर जैकब बैथेल को आउट कर दिया, जिससे भारत की जीत लगभग तय हो गई। हालांकि उसी ओवर में Jofra Archer ने तीन छक्के जरूर लगाए।

दुबे ने खोला आखिरी ओवर का राज

मैच के बाद Board of Control for Cricket in India द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में शिवम दुबे ने बताया कि आखिरी ओवर को लेकर टीम की योजना पहले से तय थी।

दुबे ने कहा,
“मुझे पता था कि ओवर की पहली दो गेंदें सबसे अहम होंगी। अगर शुरुआती दो गेंदें सही रहीं तो मैच हमारे पक्ष में आ जाएगा। यह पहले ही तय हो गया था कि आखिरी ओवर मुझे ही फेंकना है। सच कहूं तो मैं थोड़ा नर्वस था, क्योंकि वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में आखिरी ओवर डालना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।”

उन्होंने आगे बताया कि बैथेल शतक बना चुके थे, इसलिए उन्हें अंदाजा था कि आखिरी ओवर आसान नहीं रहने वाला। लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और अपनी योजना पर टिके रहे।

बल्ले से भी किया योगदान

गेंदबाजी के अलावा शिवम दुबे ने इस सेमीफाइनल मुकाबले में बल्ले से भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 25 गेंदों में 43 रन की तेज पारी खेलकर टीम इंडिया के बड़े स्कोर में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, कई इलाकों में सूने पड़े पेट्रोल पंप

ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब पड़ोसी देश Pakistan में भी साफ दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत हो गई है, जिसके कारण कई पेट्रोल पंप खाली पड़े हैं और लोगों को ईंधन के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है।

मौजूदा हालात में BalochistanKhyber PakhtunkhwaPunjab और Sindh जैसे प्रांतों से पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

पाकिस्तान की तेल जरूरत में ईरानी तेल की बड़ी भूमिका

दरअसल पाकिस्तान की कुल तेल जरूरत का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा ईरान से अवैध रूप से आने वाले तेल से पूरा होता है। अलग-अलग प्रांतों में इसकी निर्भरता और भी ज्यादा है।

  • बलूचिस्तान में करीब 80% ईंधन की जरूरत ईरानी तेल से पूरी होती है।
  • सिंध में लगभग 20% तेल ईरान से आता है।
  • खैबर पख्तूनख्वाह में करीब 18% और
  • पंजाब में लगभग 13% ईंधन की जरूरत ईरानी तेल से पूरी होती है।

अवैध तरीके से पाकिस्तान पहुंचता है ईरानी तेल

ईरानी पेट्रोल पाकिस्तान में मिलने वाले पेट्रोल से काफी सस्ता होता है। उदाहरण के तौर पर पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 266 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है, जबकि ईरानी पेट्रोल करीब 172 रुपये प्रति लीटर में मिल जाता है।

ईरान से सटी सीमा के कारण बलूचिस्तान के कई इलाकों में हर दिन करीब 1 करोड़ लीटर पेट्रोल और डीजल अवैध तरीके से पाकिस्तान लाया जाता है और स्थानीय बाजारों में बेचा जाता है।

हार्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी परेशानी

मौजूदा युद्ध के कारण Strait of Hormuz के आसपास हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस वजह से पाकिस्तान को दूसरे रास्तों से भी तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

पाकिस्तान सरकार का दावा है कि उसके पास लगभग 24 दिनों का पेट्रोल और डीजल स्टॉक मौजूद है, लेकिन सप्लाई बाधित होने से जमीनी स्तर पर स्थिति खराब होती जा रही है।

बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा संकट

सबसे गंभीर हालात बलूचिस्तान में देखने को मिल रहे हैं, जहां 70 प्रतिशत से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है।

वहीं पंजाब, सिंध और खैबर पख्तूनख्वाह के कई इलाकों में भी पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर डीलरों द्वारा जमाखोरी की भी शिकायतें मिल रही हैं।

हालात इतने खराब हैं कि पंजाब के कुछ इलाकों में लोगों की गाड़ियों में 300 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल भरने की अनुमति नहीं दी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सीमित मात्रा में ईंधन मिल सके।

IRIS डेना डूबने से पहले ईरान ने भारत से मांगी मदद, कोच्चि में दूसरे युद्धपोत को मिली पनाह

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार, श्रीलंका के नजदीक ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमले से कुछ दिन पहले ही ईरान ने भारत से अपने एक अन्य नौसैनिक जहाज को भारतीय बंदरगाह पर ठहराने की अनुमति मांगी थी। तकनीकी खराबी के कारण यह जहाज सुरक्षित ठिकाने की तलाश में था।

28 फरवरी को भारत से मांगी गई अनुमति

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने 28 फरवरी 2026 को भारत से संपर्क कर अपने नौसैनिक जहाज IRIS Lavan को कोच्चि में डॉक करने की इजाजत मांगी थी। ईरानी पक्ष ने बताया था कि जहाज में तकनीकी समस्या आ गई है और उसे तत्काल मरम्मत तथा ठहरने के लिए बंदरगाह की जरूरत है।

भारतीय अधिकारियों ने इस अनुरोध पर विचार किया और 1 मार्च को जहाज को बंदरगाह पर रुकने की अनुमति दे दी।

4 मार्च को कोच्चि पहुंचा जहाज

अनुमति मिलने के बाद ईरानी जहाज 4 मार्च को Kochi पहुंचा और वहां डॉक किया। यह जहाज उस समय क्षेत्र में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में भाग लेने आया था।

सूत्रों के अनुसार जहाज पर मौजूद 183 क्रू मेंबर्स को फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है और जहाज की तकनीकी जांच की जा रही है।

इसी दौरान हुआ बड़ा हमला

इसी घटनाक्रम के बीच 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र के पास ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमला हो गया। रिपोर्टों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से जहाज को निशाना बनाया, जिसके बाद वह डूब गया।

बताया जा रहा है कि यह जहाज एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था, जब उस पर हमला हुआ। इस हमले में कई ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई।

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

घटना के बाद ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना चेतावनी के हमला करना बेहद गंभीर और खतरनाक कदम है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्रवाई के परिणाम अमेरिका को भविष्य में भुगतने पड़ सकते हैं।

श्रीलंका ने चलाया बचाव अभियान

हमले के बाद Sri Lanka की नौसेना ने समुद्र में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया। कई नाविकों को समुद्र से सुरक्षित निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Dissanayake ने कहा कि युद्ध की स्थिति में भी निर्दोष लोगों की जान नहीं जानी चाहिए। इसी वजह से श्रीलंका ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया ताकि जहाज पर मौजूद लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।