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Health Tips:“क्या सूरज ढलते ही इंसानी शरीर काम करना बंद कर सकता है? इन दो भाइयों की कहानी आपको चौंका देगी।”

दुनिया में कई तरह की बीमारियां होती हैं. कुछ आम, कुछ दुर्लभ और कुछ ऐसी जिनके बारे में सुनकर विश्वास करना भी मुश्किल हो जाता है. हम सब रात होते ही थककर सो जाते हैं, लेकिन यह हमारी इच्छा और शरीर की सामान्य प्रक्रिया है. ऐसे में अगर कोई कहे कि दुनिया में ऐसे बच्चे मौजूद हैं, जो सिर्फ सूरज की मौजूदगी में ही सामान्य रूप से काम कर पाते हैं तो सुनने में यह किसी कहानी जैसी बात लगेगी. हालांकि, यह कहानी नहीं, बल्कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रहने वाले दो असली भाइयों की सच्चाई है, जिन्हें डॉक्टर भी अब तक नहीं समझ पाए हैं. ये दोनों भाई एक ऐसी बीमारी से पीड़ित हैं, जिसकी कोई दूसरी मिसाल पृथ्वी पर कहीं नहीं मिली. यही वजह है कि डॉक्टर और वैज्ञानिक उन्हें सोलर किड्स कहते हैं.

आखिर यह क्या बीमारी है?

बलूचिस्तान के एक छोटे से गांव में रहने वाले दो भाई दिन के समय बिल्कुल सामान्य बच्चों की तरह खेलते, पढ़ते, दौड़ते और मस्ती करते हैं, लेकिन जैसे ही शाम होने लगती है और सूरज की रोशनी कम होती जाती है, कुछ बेहद अजीब होता है उनकी एनर्जी अचानक खत्म होने लगती है, हाथ-पैर ढीले पड़ जाते हैं, चलना-फिरना लगभग बंद. बोलना भी मुश्किल और रात होते-होते वे पूरी तरह इनएक्टिव हो जाते हैं. जैसे किसी ने शरीर का स्विच ऑफ कर दिया हो. उनके माता-पिता बताते हैं कि रात में वे बिल्कुल हिल तक नहीं पाते. अगर वे बाहर हों, तो परिवार वालों को उन्हें उठाकर घर लाना पड़ता है.

क्यों कहते हैं इन्हें सोलर बॉयज?

ये दोनों सिर्फ दिन में, सूरज के रहते, सामान्य और एक्टिव होते हैं. जैसे ही सूरज की रोशनी खत्म होती है, इनकी ताकत खींच ली जाती है. शरीर ऐसा व्यवहार करता है जैसे उसे सौर एनर्जी मिलती हो. हालांकि डॉक्टरों ने साफ कहा है कि ये रोशनी की वजह से नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी बीमारी का असर है फिर भी, इनके शरीर की यह दिन-रात वाली प्रतिक्रिया इतनी अनोखी है कि लोग इन्हें सोलर किड्स कहने लगे.

क्या दुनिया भर में सिर्फ एक परिवार इस बीमारी से पीड़ित?

डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसा केस विश्व में कहीं और नहीं मिला है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी  किसी जेनेटिक बदलाव से जुड़ी, नर्वस सिस्टम की गड़बड़ी शरीर की एनर्जी बनाने वाली प्रणाली में कोई गंभीर कमी से हो सकती है. हालांकि, अभी तक कोई भी सही कारण नहीं ढूंढ पाया है. ब्लड के नमूने दुनिया की बड़ी लैबों में भेजे गए, मिट्टी और हवा तक जांची गई, पर नतीजा अभी भी साफ नहीं है. डॉक्टर ने इसका इलाज डोपामाइन मेडिसिन बताया है. इन दोनों भाइयों को ये दवा खिलाकर रात को भी एक्टिव किया गया है. इस दवा को लेने के बाद दोनों भाई रात को उठकर खुद चल सके.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

शादी से पहले मस्ती का प्लान? दिल्ली के पास मौजूद ये 5 जगहें बैचलर पार्टी के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं

अरेंज हो या लव मैरिज, नए जीवन की शुरूआत को लेकर महिलाएं अधिक उत्साहित रहती हैं। क्योंकि उनको पता होता है कि वैवाहिक जीवन में प्रवेश करते ही उनकी जिम्मेदारी बढ़ने वाली है। ऐसे में कई महिलाएं विवाह से पहले दिल खोलकर मौज-मस्ती और पार्टी करना पसंद करती हैं। शादी से पहले जब दिल खोलकर मौज-मस्ती की बात होती है, तो बैचलर्स पार्टी की बातv जरूर होती है। वहीं कई महिलाएं अपने घर में बैचलर्स पार्टी करती हैं, तो कई महिलाएं आसपास स्थित कुछ शानदार डेस्टिनेशन की तलाश करती हैं।

ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसी शानदार और हसीन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि दिल्ली से करीब 5-6 घंटे की ड्राइव पर स्थित हैं। आप इन हसीन जगहों पर दिल खोलकर बैचलर पार्टी एंजॉय कर सकती हैं।

चंडीगढ़

दिल्ली एनसीआर से करीब 4-5 घंटे की ड्राइव पर आप किसी शानदार और फेमस जगह बैचलर्स पार्टी करने की सोच रही हैं, तो कई महिलाएं सबसे पहले चंडीगढ़ का रुख करती हैं। चंडीगढ़ एक बेहद खूबसूरत शहर है।

पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ अपनी शानदार पार्टी हब और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। चंडीगढ़ में आपको कई रेस्तरां, बार या क्लब मिल जाएंगे, जहां पर आप दिल खोलकर बैचलर्स पार्टी एंजॉय कर सकती हैं। आप चंडीगढ़ में बैचलर्स पार्टी के लिए सेक्टर 32 जा सकती हैं।

शिवपुरी

दिल्ली एनसीआर से करीब 260 किमी दूरी पर शिवपुरी स्थित है। यह ऋषिकेश के पास में स्थित एक मनमोहक और खूबसूरत डेस्टिनेशन है, जोकि शानदार नाइट पार्टी के लिए जाना जाता है। यह एक शानदार और मनमोहक हिल स्टेशन है।

शिवपुरी की हसीन वादियों में आपको कई ऐसे टेंट हाउस और गेस्ट हाउस रेंट पर मिल जाएंगे। आप बेफिक्र होकर यहां पर अपने दोस्तों के साथ धमाकेदार अंदाज में बैचलर्स पार्टी कर सकती हैं। शिवपुरी के कई टेंट हाउस में अपना म्यूजिक सिस्टम भी होता है। शिवपुरी में बैचलर पार्टी के दौरान आपको कोई रोकने-टोकने वाला भी नहीं होगा। आप यहां पर रात भर पार्टी कर सकती हैं।

जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक और खूबसूरत इमारतों के अलावा शानदार नाइटलाइफ के लिए भी जाना जाता है। जयपुर एक सेफ शहर माना जाता है। इसलिए यहां पर कई महिलाएं पार्टी करने से लेकर घूमने तक के लिए भी आती हैं।

जयपुर अपनी खूबसूरती के अलावा बैचलर पार्टी के लिए भी जाना जाता है। इस शहर में कई रिसॉर्ट, विला और होटल मौजूद हैं। यहां पर आप अपने दोस्तों के साथ बिना किसी फिक्र के बैचलर पार्टी एंजॉय कर सकती हैं। आप बहुत कम खर्च में द स्टैग रूफटॉप और द बूज ऑन लाउंज में बैचलर्स पार्टी एन्जॉय कर सकती हैं।

नैनीताल

अगर आप शिवपुरी से भी खूबसूरत और सुरक्षित हिल स्टेशन में बैचलर्स पार्टी खुलकर एंजॉय करना चाहती हैं, तो आपको नैनीताल की हसीन वादियों में जाना चाहिए। नैनीताल, उत्तराखंड का एक फेमस हिल स्टेशन है, जहां पर महिलाएं अक्सर अकेले घूमने के लिए पहुंचती हैं।

बता दें कि नैनीताल के पहाड़ों में कई ऐसे विला, रिसॉर्ट और क्लब मौजूद हैं, जहां पर आप अपने दोस्तों के साथ रात भर पार्टी कर सकती हैं। बैचलर्स पार्टी करने के बाद आप नैनीताल में स्नो व्यू पॉइंट, नैनी झील और टिफिन टॉप जैसी शानदार और हसीन जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं।

Sports News:“WPL 2026 के लिए MI ने दमदार टीम तैयार कर ली है; नीता अंबानी ने कहा—पुराने खिलाड़ियों को दोबारा शामिल करना हमारी प्राथमिकता है।”

मुंबई इंडियंस ने WPL 2026 के लिए एक मजबूत स्क्वाड तैयार कर लिया है. 2 बार की चैंपियन MI ने नीलामी से पूर्व 5 खिलाड़ियों को रिटेन कर लिया था. वहीं ऑक्शन में मुंबई ने न्यूजीलैंड की अमेलिया केर पर 3 करोड़ रुपये लुटाए. शबनिम इस्माइल से लेकर संस्कृति गुप्ता और सजना सजीवन के वापस आने से मुंबई का स्क्वाड पहले की तरह मजबूत नजर आ रहा है. MI फ्रैंचाइजी की मालिक नीता अंबानी का कहना है कि टीम ज्यादा से ज्यादा पुराने खिलाड़ियों को खरीदना चाहती थी.

बीते गुरुवार, 27 नवंबर को हुए ऑक्शन को लेकर नीता अंबानी ने कहा, “ऑक्शन के दिन बहुत रोमांचक होते हैं, लेकिन कभी-कभी परेशानी देने वाले भी होते हैं. हमारी रणनीति 2025 की विजेता टीम के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को खरीदना था. अमेलिया केर के वापस आने और हमारे 4 खिलाड़ी: शबनिम, साइका, सजना और संस्कृति के आने से बहुत उत्साहित हूं. हम 3 युवाओं के आने से भी बहुत उत्साहित हैं, जो राहिला फिरदौस, नाल्ला क्रान्ति रेड्डी और त्रिवेणी वशिष्ठ हैं. मैं पूनम खेमनार, मिली इलिंगवर्थ और निकोला केरी का मुंबई इंडियंस परिवार में स्वागत करती हूं.”

कप्तान हरमनप्रीत कौर के अलावा नैट साइवर ब्रंट, हेली मैथ्यूज, अमनजोत कौर और जी कमलिनी को पहले ही रिटेन कर लिया था. MI ने उनके अलावा हालिया टी20 वर्ल्ड कप की प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं  अमेलिया केर, एस सजना, साइका इशक, संस्कृति गुप्ता और तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल को वापस खरीद लिया है. भारत की वर्ल्ड कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर भी नई दिल्ली में आयोजित ऑक्शन में उपस्थित रही थीं. उन्होंने ऑक्शन टेबल पर रणनीतियों में अपना योगदान दिया.

इस अनुभव पर हरमनप्रीत कौर ने कहा, “मैं शुरुआत में घबराई हुई थी, लेकिन जिस तरह हमने सबकी योजना बनाई थी और सबकी भागीदारी मुझे बहुत अच्छी लगी, खासतौर पर नीता अंबानी. वो हमेशा टीम का सबसे बड़ा सहारा बनी रही हैं और हमेशा हमारा समर्थन करती हैं. हमें हमारे ज्यादातर पुराने साथी वापस मिल गए हैं, जो दर्शाता है कि उन खिलाड़ियों पर टीम को कितना भरोसा है.”

ये 5 खिलाड़ी मुंबई इंडियंस की सफलता में महत्वपूर्ण रहे हैं, इनमें साइका, सजना और संस्कृति इस टूर्नामेंट के उभरते हुए स्टार प्लेयर रहे हैं.

नामी खिलाड़ियों के अलावा MI ने कई बार वर्ल्ड कप विजेता रह चुकीं निकोला क्रे और और युवा तेज गेंदबाज मिली इलिंगवर्थ की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी को भी अपने स्क्वाड में शामिल किया है.

युवा भारतीय प्रतिभा को समर्थन देने की नीति के अनुरूप मुंबई इंडियंस ने भारतीय ऑलराउंडर नाल्ला क्रान्ति रेड्डी और त्रिवेणी वशिष्ठ को शामिल करते हुए एक संतुलित टीम तैयार की है. क्रान्ति और त्रिवेणी पहली बार WPL का हिस्सा बन रही होंगी.

“‘IFFI ने रीजनल सिनेमा को नई दिशा दी है’—जानें, इस बारे में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और अमित साध ने क्या कहा।”

गोवा में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में विभिन्न भाषाओं और शैलियों को प्रस्तुत किया जा रहा है, जिनमें रीजनल सिनेमा को भी प्रमुख स्थान दिया गया है. इस अवसर पर अमित साध और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकार भी उपस्थित रहे. इस दौरान आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने अपने विचार साझा किए.

आईएएनएस से बातचीत में अमित साध ने फेस्टिवल के महत्व और इसके उद्देश्य पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आईएफएफआई का उद्देश्य पूरी दुनिया को जोड़ना है. उन्होंने बताया कि पिछले साल भी वह इस फेस्टिवल में शामिल हुए थे, जब उनकी फिल्म ‘पुणे हाइवे’ का प्रीमियर हुआ था.

रचनाओं को बेझिझक पेश करने का मौका देता है फेस्टिवल

साध ने कहा कि फेस्टिवल के माध्यम से कलाकार अपनी रचनाओं को स्वतंत्र और बेझिझक तरीके से पेश कर सकते हैं. यही वजह है कि यह फेस्टिवल आने वाले कई सालों तक चलेगा और भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता रहेगा.

उन्होंने रीजनल सिनेमा की विशेष सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों की फिल्में और कहानियां अब बड़े पर्दे पर आने लगी हैं. फेस्टिवल ने ऐसे कलाकारों और निर्माताओं को सही मंच दिया है, जिससे उनकी कहानियों को एक व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का मौका मिल रहा है.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी रखे अपने विचार

वहीं, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी फेस्टिवल की सराहना की और इसके योगदान पर अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि इस फेस्टिवल के जरिए फिल्मों को रिलीज में मदद मिलती है और इससे दर्शकों तक पहुंचने की प्रक्रिया और आसान हो जाती है.

उन्होंने रिजनल फिल्मों के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि ऐसे फिल्म निर्माता और कलाकार जो छोटे बजट या अलग भाषाई फिल्मों में काम कर रहे हैं, उन्हें आईएफएफआई जैसी प्लेटफॉर्म से भरपूर सहयोग मिलता है.

अमित साध और नवाज दोनों है प्रभावशाली एक्टर्स

गौरतलब है कि अमित साध और नवाजुद्दीन सिद्दीकी, दोनों ही कलाकार भारतीय सिनेमा के सक्रिय और प्रभावशाली अभिनेता हैं. अमित साध ने अपने करियर की शुरुआत छोटे नाटकों और टीवी सीरियल्स से की थी, जिसमें उन्होंने ‘क्यों होता है प्यार’, ‘दुर्गेश नंदिनी’ और ‘नच बलिए’ जैसे शो में काम किया.

फिल्मी दुनिया में उनकी पहचान ‘काई पो चे!’, ‘सुल्तान’ और ‘गोल्ड’ जैसी फिल्मों से बनी. उन्होंने वेब सीरीज जैसे ‘ब्रीद’ में इंस्पेक्टर कबीर सावंत की भूमिका निभाकर दर्शकों से वाहवाही लूटी. इसके अलावा, वह ‘अवरोध: द सीज विदिन’ और ‘जीत की जिद’ जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे.

वहीं, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी अपने अभिनय करियर में एक अलग पहचान बनाई. उन्होंने ‘सरफरोश’, ‘शूल’ और ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जैसी फिल्मों से शुरुआत की, लेकिन उन्हें व्यापक मान्यता अनुराग कश्यप की ‘ब्लैक फ्राइडे’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से मिली.

इसके बाद उन्होंने ‘द लंचबॉक्स’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘रमन राघव 2.0’ और ‘मंटो’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया. वह लगातार चुनौतीपूर्ण और विविध भूमिकाओं को निभाकर भारतीय सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान को बरकरार रख रहे हैं.

“छह साल पहले शुरू हुआ वही विवाद—जिसने इमरान को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा दिया, जबकि मुनीर सत्ता के शिखर पर पहुँच गए।”

साल था 2019. इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के चीफ थे लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर. पाकिस्तान आर्मी के चीफ कमर जावेद बाजवा ने उन्हें आईएसआई का मुखिया बनाया था. इमरान खान को मुनीर से ऐसी चिढ़ हुई कि महज आठ महीने के भीतर उन्हें आईएसआई चीफ के पद से हटा दिया.

अब आते हैं साल 2025 में. करीब छह साल बाद आसिम मुनीर पाकिस्तान के पहले CDF हैं यानी तीनों सुरक्षा बलों के प्रमुख. यह पद उनके लिए पाकिस्तान का संविधान संशोधन कर तैयार किया गया है. अब न सिर्फ थल सेना, बल्कि वायु सेना और नौसेना तीनों ही बलों में उनकी मर्जी चलती है. इतना ही नहीं, मुनीर इस पर 2030 तक बने रहेंगे. दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के संस्थापक इमरान खान जेल में हैं.

इमरान ने मुनीर पर क्यों लिया था एक्शन?

2019 में आसिम मुनीर जब आईएसआई के मुखिया थे तो उन्होंने कथित तौर पर इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी और उनके साथियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में रुचि दिखाई थी. कहा जाता है कि इमरान को मुनीर का ये उतावलापन रास नहीं आया और उन्होंने मुनीर आईएसआई चीफ के पद से हटा दिया. हालांकि इस फेरबदल के लिए पाकिस्तान आर्मी की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिसकी वजह से आसिम मुनीर को आठ महीने में ही ये पद छोड़ना पड़ा, जबकि उनका कार्यकाल तीन साल का था.

हालांकि चार साल बाद साल 2023 में पीटीआई चीफ इमरान खान ने ऐसे सभी आरोपों का खंडन किया था. उन्होंने कहा, ‘यह पूरी तरह से झूठ है. न तो जनरल आसिम मुनीर ने मुझे मेरी पत्नी के भ्रष्टाचार का कोई सबूत दिखाया और न ही मैंने उन्हें इस वजह से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया.’

जब इमरान खान को लगा झटका 

अप्रैल 2022 में इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. 342 सदस्यीय सदन में विपक्षी दलों को अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 174 वोट मिले और देखते ही देखते इमरान खान से सत्ता खींच ली गई. इमरान खान पाकिस्तान के इतिहास में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए. कहने की जरूरत नहीं, इस पूरी कवायद के पीछे पाकिस्तान की सेना का हाथ था क्योंकि पाक आर्मी नहीं चाहती कि उसके देश में कोई भी प्रधानमंत्री बिना उसकी मर्जी के सरकार चलाए, जबकि इमरान सेना के एकदम विपरीत चल रहे थे.

PM पद से हटाए जाने के बाद जेल भेजे गए इमरान 

सत्ता से हटाए जाने के बाद इमरान खान के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए, जिनमें से कई मामलों में उन्हें दोषी भी ठहरा दिया गया. वह साल 2023 से ही जेल में बंद हैं. उन्हें रावलपिंडी की अडियाला जेल में रखा गया है. इमरान खान के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक महीने से ज़्यादा समय से उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है और उन्होंने उनके जीवित होने का सबूत मांगा है. जब देश और दुनिया में ये अफवाह फैली कि जेल में इमरान की मौत हो चुकी है तो अडियाला जेल के अधिकारियों की ओर से इन अफवाहों को खारिज कर दिया गया और कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं.

इमरान ने आसिम मुनीर पर लगाए थे आरोप 

पिछले साल मई महीने में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमरान ने एक लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने आसिम मुनीर पर लगाया था कि वह पाकिस्तान की राजनीति से उनकी पार्टी की उपस्थिति को खत्म करना चाहते हैं. खान ने ऐलान किया कि अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो मुनीर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

खान ने लिखा, ‘सैन्य प्रतिष्ठान मेरे खिलाफ जो कुछ भी कर सकता था, कर चुका है. अब उनके पास बस मेरी हत्या करने के अलावा और कुछ नहीं बचा है. मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि अगर मुझे या मेरी पत्नी को कुछ हुआ तो जनरल आसिम मुनीर जिम्मेदार होंगे, लेकिन मुझे डर नहीं है क्योंकि मेरा विश्वास मज़बूत है. मैं गुलामी की बजाय मौत को प्राथमिकता दूंगा.’

पाक सेना पर अकसर हिंसा का आरोप लगाते रहे हैं पश्तून   

देश के दूसरे सबसे बड़े समूह से जुड़े खान की पश्तून पहचान देश में सैन्य प्रतिष्ठान को चुनौती देती है. पहले भी पश्तूनों ने सेना पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और हिंसा का आरोप लगाया है. इसी के चलते 2020 में पश्तून तहफ़ुज़ (संरक्षण) आंदोलन शुरू हुआ था.  मानवाधिकार संगठन, माइनॉरिटी राइट्स ग्रुप के अनुसार, पश्तूनों को भी सुरक्षा बलों द्वारा छापे और अपहरण के जरिए अकसर निशाना बनाया जाता रहा है.

इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी को उनका मार्गदर्शक माना जाता है. सालों पहले, उन्होंने कथित तौर पर इमरान के सत्ता में आने की भविष्यवाणी की थी, जिससे समर्थकों के बीच उन्हें लगभग संत का दर्जा प्राप्त हो गया था. अब अवैध विवाह और भ्रष्टाचार के आरोप में बीबी को सात साल की जेल हुई है और उनके पति के साथ उन्हें भी चुप करा दिया गया है. इमरान के बेटे के अनुसार, खान को पूरी तरह से अलग-थलग माहौल में एक मौत की कोठरी में अकेले रखा गया है. उनके स्वास्थ्य और ठिकाने के बारे में अफ़वाहें जारी हैं.