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“IND vs SA 1st ODI Highlights: कोहली ने ठोका 52वां शतक, भारत ने दक्षिण अफ्रीका पर 17 रन से जीत दर्ज की।”

भारत ने स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (135 रन) के 52वें वनडे शतक के बाद तेज गेंदबाज हर्षित राणा (तीन विकेट) और कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव (चार विकेट) के झटकों की बदौलत रविवार को यहां पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय में दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली. दूसरा वनडे तीन दिसंबर को रायपुर में खेला जाएगा

कोहली ने 120 गेंद की तेज पारी के दौरान 11 चौके और सात छक्के जमाए जिससे भारत ने आठ विकेट पर 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.

क्रिकेट के एकमात्र इस प्रारूप में खेलने वाले कोहली ने फिर अपनी अहमियत और दबदबे को साबित किया. उन्होंने दूसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा (51 गेंद में 57 रन) के साथ 136 रन की साझेदारी करके जेएससीए स्टेडियम की सपाट पिच पर भारत के बड़े स्कोर की नींव रखी.

कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने 56 गेंद में 60 रन की अर्धशतकीय पारी खेली और रविंद्र जडेजा ने 20 गेंद में 32 रन का योगदान दिया.

इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरूआत काफी खराब हुई, उससे 11 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, पर मैथ्यू बीट्जके (72 रन), मार्को यानसन (70 रन) और कॉर्बिन बॉश (67 रन) ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेली लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके जो 49.2 ओवर में 332 रन बनाकर ऑल आउट हो गई.

कुलदीप ने 68 रन देकर चार विकेट और हर्षित राणा ने 65 रन देकर तीन विकेट झटके. अर्शदीप सिंह को दो विकेट मिले. प्रसिद्ध कृष्णा ने अंतिम बल्लेबाज बॉश को आउट करके भारत को जीत दिलाई.

कोहली अब टी20 अंतरराष्ट्रीय नहीं खेलते हैं और अगले आठ महीनों में भारत को सिर्फ छह वनडे मैच खेलने हैं इसलिए 36 साल के इस क्रिकेटर के लिए इस प्रारूप का हर मैच अब अहमियत रखता है. उन्होंने अपनी पारी से चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को याद दिलाया कि वह इस प्रारूप में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बने हुए हैं.

रोहित के पास भी खुद को साबित करने का एक शानदार मंच था. उन्होंने एक रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाया और मार्को यानसन की गेंद पर पगबाधा होने से पहले अर्धशतक ही बना सके.

क्रिकेट प्रेमी कोहली और रोहित की बड़ी पारी खेलने के लिए बेकरार हैं और दोनों के बीच 136 रन की भागीदारी इन दोनों खिलाड़ियों का ही आत्मविश्वास नहीं बढ़ाएगी बल्कि टीम प्रबंधन को भी भरोसा देगी कि वे अब भी बड़े मंच के स्टार हैं और भारत के लिए अभी और खेल सकते हैं.

पिच सपाट थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने भी सही लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी नहीं की. यानसन के अलावा नांद्रे बर्गर, कॉर्बिन बॉश और ओटनील बार्टमैन ने दो दो विकेट झटके.

सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (18 रन) बर्गर की गेंद पर बल्ला छुआकर आउट हो गए जिसके बाद कोहली क्रीज पर उतरे. रांची के दर्शकों को रोहित-कोहली (रो-को) की जोड़ी से जैसे प्रदर्शन की उम्मीद थी, उन्होंने वैसा ही खेल दिखाया.

रोहित को बर्गर की गेंद पर टोनी डी जोर्जी ने कैच छोड़कर जीवनदान दे दिया और इस बल्लेबाज ने इसका फायदा उठाते हुए यानसन और बॉश के खिलाफ लगातार बाउंड्री लगा दीं.

उन्होंने यानसन पर पांच गेंद के अंदर दो बाउंड्री लगाईं और बॉश की अंदर आती गेंदों को आसानी से फ्लिक किया और शॉर्ट गेंदों को पुल किया. कोहली शानदार फॉर्म में दिख रहे थे और उन्होंने बर्गर की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर से छक्का मारकर अपने इरादे स्पष्ट किए. इसके बाद उन्होंने एक शानदार कवर ड्राइव लगाया.

दोनों ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों की लाइन एवं लेंथ में हुई गलती का फायदा उठाते हुए तेजी से रन बनाए जिससे कार्यवाहक कप्तान एडन मारक्रम को ऑफस्पिनर प्रेनलन सुब्रयन को मैदान में उतारना पड़ा, लेकिन रन गति में कमी नहीं हुई.

कोहली ने बॉश की गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि रोहित ने एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया. जिससे भारत ने जल्दी ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया. यानसन ने आखिरकार रोहित को पगबाधा आउट किया. इससे भारत की रन गति थोड़ी देर के लिए धीमी हुई.

रुतुराज गायकवाड़ (08) और पांचवें नंबर पर उतारे गए वाशिंगटन सुंदर जल्दी जल्दी आउट हो गए, लेकिन कोहली डटे रहे. उनके शतक पूरा करने के तुरंत बाद एक प्रशंसक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अंदर आ गया, वह घुटने के बल उनके सामने बैठ गया और उनके पैर छुए जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर किया.

राहुल (60 रन) स्पिनर सुब्रयन पर शॉट लगाने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो कोहली ने इस गेंदबाज पर दो छक्के और एक चौके की मदद से 21 रन बनाए. 2027 विश्व कप में अभी कुछ समय है लेकिन कोहली ने सबको याद दिला दिया कि उनकी लय बरकरार है और उनकी रनों की भूख हमेशा की तरह बरकरार है.

टेस्ट श्रृंखला में 2-0 की जीत से आत्मविश्वास से भरी दक्षिण अफ्रीका की लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरूआत भले ही खराब हुई लेकिन टीम के मध्यक्रम और निचलेक्रम ने संयमित बल्लेबाजी की.

भारत ने गेंदबाजी में स्वप्निल शुरूआत करते हुए दक्षिण अफ्रीका के 11 रन पर तीन विकेट झटक लिए.

हर्षित राणा ने दूसरे ओवर में रेयान रिकल्टन और विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक को आउट किया. दोनों खाता भी नहीं खोल सके. फिर अर्शदीप सिंह ने कार्यवाहक कप्तान एडन मारक्रम (07) को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर दक्षिण अफ्रीका का स्कोर तीन विकेट पर 11 रन कर दिया.

इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके (53 रन) और टोनी डीजॉर्जी (39 रन) ने मिलकर पारी को संभालते हुए चौथे विकेट के लिए 66 रन जोड़े. कुलदीप यादव ने 15वें ओवर में डीजॉर्जी को पगबाधा आउट कर दक्षिण अफ्रीका को चौथा झटका दिया.

डेवाल्ड ब्रेविस (37 रन) ने फिर ब्रीट्जके के साथ मिलकर स्कोर 150 रन तक पहुंचाया लेकिन वह हर्षित राणा का तीसरा शिकार बन गए.

मार्को यानसन ने आते ही हर्षित की यॉर्कर पर चौका जड़ा. फिर कुलदीप पर लगातार दो चौके जमाने के बाद मिडविकेट पर छक्का जड़ दिया. यानसन ने प्रसिद्ध कृष्णा पर लगातार छक्के जड़े. फिर जल्द ही 26 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया जिसमें पांच चौके और तीन छक्के शामिल थे.

यानसन और ब्रीट्जके ने छठे विकेट के लिए 69 गेंद में 97 रन की भागीदारी निभाई. कुलदीप ने फिर एक ही ओवर में यानसन और ब्रीट्जके को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को दोहरे झटके दिए.

इसके बाद आउट होने वाले अंतिम खिलाड़ी बॉश ने 51 गेंद में पांच चौके और चार छक्के से 67 रन बनाए.

“Why Dandruff Increases in Winter:: ठंड के मौसम में डैंड्रफ बढ़ने लगता है, नहाते वक्त इन 10 गलतियों से जरूर बचें।”

 सर्दियां आते ही सिर्फ मौसम ही नहीं बदलता, आपकी स्किन और बाल भी इसका असर झेलने लगते हैं. खुजली, सफेद फलक, कंधों पर गिरती “शोल्डर स्नो” ये सब विंटर के साथ बढ़ने लगते हैं. ठंडी हवा और कमरे में चल रहे हीटर स्कैल्प को इतना सूखा बना देते हैं कि डैंड्रफ अचानक तेज हो जाती है और इससे आपको कई जगहों पर शर्मिंदा भी होना पड़ता है, क्योंकि लोग टोक देते हैं कि आपके बाल में काफी डैंड्रफ है. सर्द हवा में नमी बेहद कम होती है, जो स्कैल्प की मॉइस्चर बैरियर को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है. यही वजह है कि खुजली, जलन और फ्लेक्स दिखाई देने लगते हैं।

सर्दियों में डैंड्रफ बढ़ने की 10 बड़ी वजहें

ठंडी हवा 

विंटर एयर में ह्यूमिडिटी बहुत कम होती है. स्कैल्प की नमी तेजी से घटती है और त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है. कमजोर बैरियर पर मालासेजिया फंगस तुरंत सक्रिय हो जाता है और मोटे फ्लेक्स बनने लगते हैं।

बहुत गर्म पानी से नहाना

सर्दियों में गर्म पानी आराम देता है, लेकिन स्कैल्प के प्राकृतिक तेल को हटाकर इसे और सूखा बना देता है. इसका परिणाम खुजली, लालपन और ज्यादा फ्लेक्स होता है.

बाल कम धोना

ठंड के कारण लोग शैम्पू टाल देते हैं. इससे, ऑयल जमा होता है, डेड स्किन बढ़ती है और फंगस को तेज़ी से फैलने का मौका मिलता है.

गलत तेल लगाना

विंटर में भारी तेल लगाने से फंगस को “खुराक” मिलती है. नतीजा ज्यादा खुजली, मोटे फ्लेक्स और बार-बार डैंड्रफ लौट आना होता है.

पूरे दिन कैप या बीनी पहनना

टोपी के अंदर गर्मी और पसीना जमा होता है, यह फंगस के पनपने के लिए बिल्कुल सही माहौल होता है.

तेज हीटिंग वाले कमरे में रहना

हीटर स्कैल्प को रेत जैसी सूखी अवस्था में बदल देता है, जिससे फ्लेकिंग बढ़ जाती है.

 बालों पर बहुत ज्यादा स्टाइलिंग या हीट टूल्स

ब्लो ड्रायर और स्ट्रेटनर स्कैल्प की नमी खींच लेते हैं, जिससे डैंड्रफ बढ़ जाती है.

स्कैल्प को सही कंडीशनिंग न देना

लोग सिर्फ बालों को कंडीशन करते हैं, स्कैल्प को नहीं। इससे सिर की त्वचा और ज्यादा सूख जाती है।

पानी कम पीना

सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर और स्कैल्प डिहाइड्रेट रहते हैं. इससे यह होता कि त्वचा छिलने लगती है और डैंड्रफ बढ़ती है.

Vitamin D की कमी

ठंड के मौसम में कम धूप से Vitamin D का स्तर गिरता है, जिससे स्कैल्प की इम्युनिटी कमजोर होती है और इंफेक्शन जल्दी बढ़ता है.

सर्दियों में डैंड्रफ कैसे कंट्रोल करें?

    •  सही एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का इस्तेमाल
    •  गुनगुने पानी से नहाएं
    •  हफ्ते में 2–3 बार बाल धोएं
    • हल्का, नॉन-हेवी ऑयल इस्तेमाल करें
    • स्कैल्प को सांस लेने दें

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

“चीन युद्ध से कारगिल तक… भारत और इज़रायल के रिश्ते कितने गहरे रहे, और 2014 के बाद इनमें कैसी बदलाव की दिशा दिखी?”

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दिसंबर में भारत का दौरा करने वाले थे. हालांकि, किसी कारण से इस यात्रा को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है. इजरायली पीएम ऑफिस की ओर से जानकारी दी गई कि नेतन्याहू के भारत दौरे के लिए नई तारीखों पर बातचीत चल रही है.

इस साल तीसरी बार पीएम नेतन्याहू का दौरा टाला गया है. इस बीच इजरायली मीडिया समेत अन्य ने दावा किया कि यह फैसला सुरक्षा की वजह से लिया गया. हालांकि, इजरायली अधिकारियों ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया. अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा पर इजरायली प्रधानमंत्री को पूरा भरोसा है. उनकी टीम भारत दौरे को लेकर नई तारीख पर पहले से ही बातचीत कर रही है.

नेतन्याहू ने 2018 में किया था भारत का दौरा

बता दें कि इससे पहले इजरायली पीएम ने 2018 में भारत का दौरा किया था. हालांकि, भारत और इजरायल के बीच के रिश्ते हमेशा से इतने करीब नहीं रहे हैं, जितना मोदी सरकार के नेतृत्व में हुए. ऐसा नहीं है कि दोनों देशों के बीच कोई साझेदारी नहीं थी. दोनों देशों के बीच डिफेंस क्षेत्र में लंबे समय से पार्टनरशिप जारी है.

कितने पुराने हैं दोनों देशों के संबंध?

संयुक्त राष्ट्र संघ में 14 मई 1948 को इजरायल को स्वतंत्र देश बनाने का प्रस्ताव आया था. शुरुआत में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इसके पक्ष में नहीं थे, लेकिन दो साल में ही 1950 में इजरायल को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी. फिर भी दोनों देशों के बीच 1992 में कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए.

भारत फिलिस्तीन का समर्थन करता था. यही कारण है कि उसे इजरायल को मान्यता देने में इतना वक्त लगा. हालांकि, रक्षा के क्षेत्र में भारत और इजरायल के बीच की दोस्ती काफी पुरानी है. इजरायल ने ना केवल 1962 के भारत-चीन युद्ध में मोर्टार और मोर्टार रोधी डिवाइस दिए, बल्कि कारगिल युद्ध में भी इजरायल ने भारत को सैन्य मदद पहुंचाई.

मोरारजी देसाई सरकार ने निभाया था अहम रोल

फिर भी दोनों देशों के बीच काफी गहरी खाई थी, जिसे भरने के लिए 1977 में मोरारजी देसाई की सरकार ने कदम उठाए. नतीजा यह निकला कि इजरायल के तत्कालीन रक्षामंत्री गोपनीय तरीके से भारत दौरे पर पहुंचे. इसके बाद 1985 में तत्कालीन पीएम राजीव गांधी और सिमोन पेरेस की यूएनजीए में मुलाकात हुई.

1992 में फिर तत्कालीन पीएम नरसिम्हा राव के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंध स्थापित हुए. 2000 में तत्कालीन गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने भारत की तरफ से पहली उच्च स्तरीय आधिकारिक इजरायल यात्रा की. इसके बाद 2003 में पहली बार भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह इजरायल पहुंचे थे. 2003 में ही इजरायल के तत्कालीन पीएम एरियल शेरोन ने भारत का दौरा किया था.

बतौर PM नरेंद्र मोदी पहली बार इजरायल गए, संबंध मजबूत हुए

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2015 में इजरायल गए. इस समय तक भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने इजरायल का दौरा नहीं किया था. पहली बार भारत के पीएम के तौर पर नरेंद्र मोदी ने इजरायल का दौरा किया. 1950 में इसे स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने के बाद पहली बार 2017 में भारत के प्रधानमंत्री ने इजरायल का दौरा किया. पीएम मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध में काफी मजबूती आई है.

भारत का इन क्षेत्रों में इजरायल अहम साझेदार

भारत और इजरायल रक्षा, कृषि, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में अहम साझेदार हैं. 2020 से लेकर 2024 तक दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में कई बड़ी साझेदारियां हुई हैं. दोनों देश सांस्कृतिक तरीके से भी आपस में जुड़े हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में यहूदियों का आगमन लगभग दो हजार साल पहले हुआ था. भारत और इजरायल के बीच वर्तमान समय में विश्वास और गहरा हुआ है. भारत आज भी फिलिस्तीन का समर्थन करता है, लेकिन दूसरी तरफ आतंकवाद के खिलाफ इजरायल की लड़ाई में डटकर खड़ा है. इजरायल भी आतंकवाद के खिलाफ भारत का समर्थन करता रहा है.

Sports News:“पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका पर जीत के बाद कप्तान केएल राहुल ने कहा—‘…ऐसा कहना गलत होगा।’”

भारतीय कप्तान के एल राहुल ने रविवार को यहां पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय में दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद अपने गेंदबाजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अपनी योजना के अनुसार डटे रहे.

राहुल ने मैच के बाद सम्मान समारोह में कहा, ‘‘अगर मैं कहूं कि हम आखिर में नर्वस नहीं हुए थे तो यह झूठ होगा. हम वनडे क्रिकेट काफी समय बाद खेल रहे थे. लेकिन हम लगातार विकेट लेते रहे और हमारे गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं पर टिके रहकर गेंदबाजी की. ’’

स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (135 रन) के 52वें वनडे शतक के बाद तेज गेंदबाज हर्षित राणा (तीन विकेट) और कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव (चार विकेट) के झटकों की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली.

कोहली ने दूसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा (51 गेंद में 57 रन) के साथ 136 रन की साझेदारी निभाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया.

राहुल ने कहा, ‘‘रोहित और कोहली को ऐसे खेलते देखना हमेशा बेहतरीन होता है. उन्होंने विपक्षी टीम को दबाव में रखा और दिखाया कि वे इतने बड़े खिलाड़ी क्यों है. मैं इस चीज को काफी समय से देख रहा हूं, ड्रेसिंग रूम में उनके साथ रहना और भी ज्यादा मजेदार होता है. ’’

उन्होंने हर्षित और कुलदीप की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘‘हर्षित ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और हम उसकी काबिलियत जानते हैं. कुलदीप अच्छा काम कर रहे हैं और हमारे लिए विकेट झटकने के लिए अहम हैं. ’’

‘मैन ऑफ द मैच’ रहे कोहली ने कहा, ‘‘ऐसा मैच देखना शानदार रहा। 20-25 ओवर तक तेज खेला। मैं खेल का लुत्फ उठाना चाहता था. जब आपको अच्छी शुरूआत मिल जाती है तो आपका अनुभव काम आता है जिससे आप पारी आगे बढ़ाते हो. मैं ज्यादा तैयारी करने पर भरोसा नहीं रखता. मेरा सारा क्रिकेट मानसिक स्थिति का रहा है. मैं शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत करता हूं. ’’

वहीं दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडन मारक्रम ने कहा, ‘‘ हम सब अंदर से जीत की उम्मीद लगाए हुए थे. शीर्षक्रम का जल्दी आउट होना मैच का निर्णायक पल था. शीर्षक्रम के विकेट जल्दी गिर गए. कुछ छोटी-छोटी बातें हैं, जिनमें हमें थोड़ा और अच्छा करना होगा. ’’

“ऋचा चड्ढा ने अपने संघर्ष भरे दिनों को याद करते हुए कहा—‘एक वक्त था जब मैं खुद को बेकार और पर्याप्त अच्छी नहीं समझती थी।’”

बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा अक्सर बेबाक और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाती हैं, लेकिन एक्ट्रेस का कहना है कि वे हमेशा से ही ऐसी नहीं थीं. उन्होंने मुंबई में आयोजित 15वें इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट में अपने शुरुआती दिनों के बारे में बताया कि पहले वह बहुत डरपोक और समझौतावादी थीं.

एक्ट्रेस का कहना है कि आज भले ही लोग उन्हें आत्मविश्वासी और निडर कहते हैं, लेकिन पहले हालात बिल्कुल अलग थे.

मैं हमेशा बोल्ड और निडर नहीं थी- ऋचा चड्ढा

उन्होंने बताया, “मैं हमेशा से इतनी निडर और बोल्ड नहीं थी. अपने शुरुआती दिनों में मैं बहुत सहनशील हुआ करती थी. एक दिन सेट पर खड़ी होकर मैंने खुद से पूछा, मैंने ये फिल्म कब साइन की? मैं यहां क्या कर रही हूं? ये आइटम नंबर क्यों कर रही हूं?”

उन्होंने एक किस्सा शेयर करते हुए बताया, “एक डायरेक्टर ने मुझसे कहा कि मेल कोरियोग्राफर चाहिए और तुम्हें ऐसे-वैसे करने हैं. मैं अंदर से घबरा जाती थी कि ये लोग कौन हैं? मैं क्या कर रही हूं? मुझे समझ आया कि किसी लोकल मैनेजर ने थोड़े पैसे ले लिए होंगे और मुझे लगा होगा कि शायद यही करना चाहिए. यही इंडस्ट्री का तरीका है.

एक्ट्रेस ने बताया- मेरे लुक्स को ठीक करने की सलाह देते थे लोग

एक्ट्रेस ने बताया कि इस बीच इंडस्ट्री में लोग मुझे मेरे लुक्स को ठीक करने की सलाह देते थे. उन्होंने कहा, “लोग कहते, होंठ ठीक करवा लो, चेहरा ठीक करवाओ, गाना शूट करने से पहले पानी मत पीना. मैं सब मान लेती थी. मैंने अपने शरीर और दिमाग को बहुत तकलीफ दी. मैं खुद से कहती थी, मैं बेकार हूं, मैं अच्छी नहीं हूं.”

एक्ट्रेस ने आखिर में कहा कि ये दुनिया है, यहां लोग बस आपको छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं.

हाल ही में एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा और अली फजल के प्रोडक्शन हाउस पुशिंग बटन्स स्टूडियोज में बनी फिल्म ‘सीक्रेट्स ऑफ अ माउंटेन सर्पेंट’ का 82वें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था.