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“विश्व एड्स दिवस: बिहार में बढ़ती जागरूकता के बीच राज्य में 97 हज़ार HIV मरीज—जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव कैसे करें.”

विश्व एड्स दिवस के मौके पर पूरे बिहार में जागरूकता अभियान ज़ोरों पर रहा। स्वास्थ्य विभाग और एड्स नियंत्रण समिति ने पटना से लेकर सभी जिलों में रैलियां, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर अभियान और सेमिनार आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को HIV/AIDS के बारे में सही जानकारी देना, डर कम करना और बचाव के तरीके बताना था।


🧪 बिहार में कितने लोग HIV संक्रमित?

एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों के अनुसार, इस समय बिहार में लगभग 97 हज़ार लोग HIV पॉज़िटिव हैं। सभी मरीजों का इलाज और देखभाल विभाग द्वारा की जा रही है। बताया गया कि यदि दवा नियमित रूप से ली जाए तो बीमारी बढ़ती नहीं है और संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।


🩸 HIV कैसे फैलता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, HIV वायरस मुख्यतः चार कारणों से फैलता है:

  • असुरक्षित यौन संबंध — सबसे अधिक संक्रमण इसी कारण होता है।
  • इस्तेमाल की हुई सुई का प्रयोग, खासकर नशा करने वालों में।
  • संक्रमित खून चढ़ाने से
  • गर्भवती मां से बच्चे में संक्रमण, हालांकि अब इसका प्रभावी उपचार मौजूद है।

❗ HIV को लेकर आम गलतफहमी

सबसे बड़ी भ्रांति यह है कि यदि मां HIV पॉज़िटिव है, तो बच्चा भी संक्रमित होगा। यह सही नहीं है। गर्भावस्था के दौरान सही दवा लेने पर लगभग 99% बच्चों का जन्म पूरी तरह स्वस्थ होता है। बिहार में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक चल रहा है।


🩺 HIV के लक्षण कब दिखने लगते हैं?

शुरुआती कई वर्षों तक HIV के कोई खास लक्षण नहीं दिखते।
जब इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है, यानी बीमारी अंतिम स्टेज पर पहुँचती है, तब लक्षण नज़र आते हैं।

संभावित लक्षण:

  • बार-बार बुखार आना
  • लंबे समय तक दस्त रहना
  • अचानक वजन कम होना
  • मुंह में छाले या गले में बार-बार संक्रमण
  • त्वचा पर रैशेज़
  • बार-बार टीबी या निमोनिया होना

ऐसी स्थिति में HIV टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है।


🛡️ HIV से बचाव कैसे करें?

  • हमेशा कंडोम का इस्तेमाल करें।
  • नशे के लिए कभी सुई साझा न करें
  • सैलून में नया ब्लेड इस्तेमाल कराएं, टैटू बनवाते समय नई सुई का इस्तेमाल सुनिश्चित करें।
  • खून चढ़वाने या ऑपरेशन से पहले ऐसे अस्पताल चुनें जो पूरी स्क्रीनिंग करते हों।
  • शक हो तो तुरंत HIV की फ्री टेस्टिंग कराएं।

⚕️ HIV के इलाज को लेकर बिहार की तैयारी

  • पूरे राज्य में 186 ART सेंटर सक्रिय हैं, जहाँ HIV की दवा मुफ्त उपलब्ध है।
  • दवाइयाँ आजीवन मुफ्त मिलती हैं।
  • हर जिला अस्पताल से लेकर PHC तक निःशुल्क टेस्टिंग की सुविधा मौजूद है।
  • किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1800-180-5544 उपलब्ध है।

🚨 किसे होती है सबसे अधिक दिक्कत?

जिन लोगों को बीमारी के अंतिम चरण में पता चलता है और जो समय पर इलाज शुरू नहीं करते, उनकी स्थिति गंभीर हो सकती है। जबकि समय रहते टेस्ट कराकर इलाज शुरू करने वाले लोग लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीते हैं।

“डेस्टिनेशन वेडिंग: शाही माहौल में शादी का शानदार विकल्प—जानें, जैसलमेर का ‘डेज़र्ट पैलेस’ आखिर क्यों है इतना खास?”

रेगिस्तान के बीचों-बीच बसा जैसलमेर डेजर्ट पैलेस रिसॉर्ट एंड कैंप सुंदरता, ऐशो-आराम और परंपरा का बेजोड़ नमूना है। राजस्थान की पुरानी विरासत को ध्यान में रखकर यहां पर यह शानदार रिसॉर्ट बनाया गया। जोकि उन कपल को काफी ज्यादा पसंद आता है, जो डेस्टिनेशन वेडिंग करना चाहते हैं। राजस्थानी बनावट आधुनिक सुविधाओं से लैस यह जगह एक यादगार एक्सपीरियंस देती है। अगर आप भी ड्रीम वेडिंग करना चाहते हैं, तो यह वेन्यू आपके बहुत काम आ सकता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको जैसलमेर डेजर्ट पैलेस रिसॉर्ट की बुकिंग, खर्च और बेस्ट वेन्यू आदि के बारे में बताने जा रहे हैं।

मिलेगा ज्यादा स्पेस

बता दें कि इस रिसॉर्ट के बड़े आंगन, खूबसूरत बगीचे, शांत माहौल, सुनहरी रेत के टीले और तारों भरी रात इस जगह को एकदम परफेक्ट बनाते हैं। यह सिर्फ एक वेडिंग वेन्यू नहीं बल्कि एक ऐसा अनुभव है, जोकि राजस्थान की शान को भी दिखाने का काम करता है। यहां पर शादी करना मेहमानों को हमेशा याद रहने वाली यादें देता है।

सलमेर डेजर्ट पैलेस रिसॉर्ट में कई ऐसी जगहें हैं, जिनका इस्तेमाल शादी के अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए किया जाता है।

बैंक्वेट हॉल

सुंदर इनडोर बैंक्वेट हॉल रस्मों या छोटे रिसेप्शन के लिए बेहद शानदार साबित हो सकता है। इसमें 300 मेहमान आ सकते हैं।

लॉन और आंगन

हरे-भरे गार्डन कॉकटेल पार्टी या मेहंदी के लिए बेहतरीन है। इसमें करीब 500 मेहमान आ सकते हैं।

पूलसाइड एरिया

बता दें कि पूल के किनारे का एरिया संगीत या अन्य प्री वेडिंग इवेंट्स के लिए रोमांटिक माहौल देता है। इस एरिया में 200 मेहमान आराम से आ सकते हैं।

डेजर्ट कैंप

रेत के टीलों के बीच बना यह कैंप आपको पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति का अनुभव देता है। यहां पर करीब 150 मेहमान आ सकते हैं।

इस रिसॉर्ट में 102 शानदार कमरे और सुइट्स हैं। आपको हर कमरे में राजस्थानी संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं से लैस डिजाइन देखने को मिलेगा। जिससे कि मेहमानों को शाही महसूस हो सके।

आपको यहां पर 5,000 से 8,000 पर नाइट पे करना होता है। लेकिन वेडिंग सीजन के हिसाब से यह पैसे चेंज हो सकते हैं। 150 मेहमानों वाली दो दिन की शादी के लिए करीब 15 से 25 लाख तक खर्च हो सकता है।

वहीं रिसॉर्ट की अपनी कैटरिंग टीम है, जो हर तरह की लजीज और बेहतरीन खाना तैयार करती है। खाने के मेनू में भारतीय, राजस्थानी और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजन शामिल होते हैं।

शादी की योजना और सजावट के लिए यह रिसॉर्ट पूरी सुविधा देता है। जो कपल की पसंद से हो। फंक्शन के पैमाने के आधार पर 5 लाख से 15 लाख तक खर्च आ सकता है। इसमें राजस्थानी लोक प्रदर्शन, डीजे और लाइव म्यूजिक शामिल है। इसका खर्च 3 से 8 लाख के बीच हो सकता है।

“पिता इमरान की मृत्यु की चर्चाओं पर बेटे का बड़ा बयान—दावा किया कि सच छिपाया जा रहा है और शहबाज़-मुनीर को जिम्मेदार ठहराया.”

पाकिस्तान के  आदियाला जेल में बंद इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर उनके बेटे कासिम खान ने बड़ा दावा किया है. कासिम खान ने दावा किया कि पिछले तीन हफ्तों से उनके पिता के जीवित होने का कोई सबूत नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उनके परिवार को इमरान खान ने मिलने की अनुमति नहीं दी गई है.

इमरान खान के बेटे ने शहबाज-मुनीर को किया टारगेट

कासिम खान ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसा छिपाया जा रहा है, जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है. उनका कहना है कि इमरान खान के निजी डॉक्टर को भी एक साल से जांच की अनुमति नहीं मिली है. हालांकि एक जेल अधिकारी का दावा है कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक कासिम ने कहा कि उनके परिवार का अभी तक इमरान खान के साथ कोई सीधी संपर्क नहीं हुआ है.

‘मेरे पिता को डेथ सेल में रखा गया’

उन्होंने कहा, “मेरे पिता सुरक्षित हैं, घायल हैं या जीवित हैं कि नहीं इस बारे में हमें कुछ भी नहीं पता है. ये हमारे लिए साइकोलॉजिकल टॉर्चर है.” कासिम के अनुसार उनके पिता को डेथ सेल में रखा गया है. इमरान खान के परिवार का कहना है कि संवाद की कमी से यह आशंका बढ़ गई है कि उन्हें (इमरान खान) जनता की नजरों से दूर करने का जानबूझकर प्रयास किया जा रहा है.

‘पाकिस्तान में मानवाधिकार आपातकाल की स्थिति’

कासिम और उनके बड़े भाई सुलेमान ईसा खान अपनी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ लंदन में रहते हैं. कासिम ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को आखिरी बार नवंबर 2022 में देखा था. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं है. यह एक मानवाधिकार आपातकाल है. दबाव हर तरफ से आना चाहिए. हमें उनसे ताकत मिलती है, लेकिन हमें यह भी जानना होगा कि वह सुरक्षित हैं.”

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, इमरान खान की मौत की अफवाहों के बीच शाहबाज सरकार खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में गवर्नर रूल लगाने की तैयारी में है, जिससे PTI को बड़ा झटका लग सकता है. केपीके के सीएम सोहैल अफरीदी ने केंद्र को चुनौती दी है कि हिम्मत है तो गवर्नर रूल लागू करके दिखाए. उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार के पतन का कारण बन सकता है.

Sports News:साउथ अफ्रीका दूसरे वनडे में तीन बदलाव कर सकती है—क्या इस खिलाड़ी को मिलेगा टीम में स्थान?

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रविवार को रांची में तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया. इस मैच में कुल 681 रन बने. दोनों ही टीमों ने 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया, लेकिन अंत में टीम इंडिया ने 17 रनों से जीत दर्ज की. अब बुधवार, 3 दिसंबर को दोनों टीमों के बीच दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा. यहां जानें दूसरे वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन कैसी हो सकती है.

3 बदलाव कर सकती है दक्षिण अफ्रीकी टीम 

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे मैच बुधवार, 3 दिसंबर को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैच का टॉस दोपहर 1 बजे होगा. वहीं मैच की शुरुआत दोपहर 1:30 बजे से होगी. दक्षिण अफ्रीकी टीम इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में 3 बड़े बदलाव कर सकती है.

टेंबा बावुमा की हो सकती है वापसी

पहले वनडे में दक्षिण अफ्रीका के लिए रियान रिकल्टन और एडन मार्करम ने पारी का आगाज किया था. वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक तीन नंबर पर खेले थे, लेकिन रायपुर में खेले जाने वाले दूसरे वनडे मैच में नियमित कप्तान टेंबा बावुमा की वापसी हो सकती है. ऐसी स्थिति में डिकॉक और मार्करम ओपनिंग कर सकते हैं. वहीं बावुमा नंबर-3 पर बैटिंग कर सकते हैं.

इस हिंदू क्रिकेटर को अंतिम ग्यारह में मिल सकती है जगह 

दक्षिण अफ्रीकी टीम के सबसे सफल स्पिनरों में से एक केशव महाराज पहले वनडे में नहीं खेले थे. रांची में प्रेनेलन सुब्रायन एकमात्र स्पिनर थे, जिन्होंने 10 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 73 रन दिए थे. ऐसे में दूसरे वनडे मैच में प्रेनेलन सुब्रायन की जगह केशव महाराज को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकती है.

ओटनील बार्टमैन की जगह लुंगी नगिदी 

रांची में खेले गए पहले वनडे में ओटनील बार्टमैन काफी महंगे साबित हुए थे. उन्होंने 10 ओवर में 60 रन लुटाए थे. रायपुर में खेले जाने वाले दूसरे वनडे मैच में उनकी जगह अनुभवी फास्ट बॉलर लुंगी नगिदी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है.

दूसरे वनडे के लिए दक्षिण अफ्रीका की संभावित प्लेइंग इलेवन- एडन मार्करम, क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), टेंबा बावुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्जके, टोनी डी जोर्जी, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को यानसेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, नांद्रे बर्गर और लुंगी नगिदी.

Signs Your Job May Be Harming Your Liver: इन चार तरह की नौकरियों से लिवर पर तेज़ असर पड़ता है, इसलिए नई नौकरी की तलाश अभी से शुरू कर दें।

इंसान दिन-रात ऑफिस में जी-तोड़ मेहनत करता है, ताकि वह एक अच्छी लाइफ मजे से जी सके. लेकिन क्या हो, अगर आपको पता चले कि आप जो नौकरी कर रहे हैं, उससे आपका लिवर खराब हो रहा है. दरअसल, ये नौकरियां सीधे तौर पर आपके लिवर को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं, लेकिन अगर आप इन्हें लगातार करते हैं, तो कुछ दिक्कत आपको नजर आने लगती है, जिनमें लिवर की दिक्कत भी शामिल हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं कि वे नौकरियां कौन-कौन सी हैं.

पूरे समय बैठकर की जाने वाली नौकरियां

इसमें पहले नम्बर पर वे नौकरियां आती हैं, जिनमें लोगों को पूरे दिन बैठकर काम करना होता है. जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी (2017) की एक बड़ी स्टडी बताती है कि जो लोग घंटों बैठे रहते हैं, उनमें फैटी लिवर का खतरा ढाई गुना बढ़ जाता है. अमेरिकन गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी जर्नल (2015) में भी पाया गया कि दफ्तर और कंप्यूटर से जुड़ी नौकरियों में लिवर के एंज़ाइम लगातार बढ़े हुए मिलते हैं. जब शरीर लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहता है, तो ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है. धीरे-धीरे वसा जमा होने लगती है और लिवर दबाव में आने लगता है.

केमिकल वाली नौकरी

बैठकर काम करने के बाद दूसरे नम्बर पर अगर कोई नौकरी सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है, तो वह है केमिकल्स के संपर्क वाली नौकरियां. फैक्ट्री, पेंट, प्लास्टिक, पेट्रोलियम, क्लीनिंग एजेंट या किसी भी तरह के रासायनिक पदार्थों के बीच काम करने वाले लोग लगातार खतरे में रहते हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट कहती है कि कई केमिकल सीधे लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं.

रात की शिफ्ट वाली नौकरियां

रात में काम करने से शरीर की नेचुरल सर्कैडियन रिदम बिगड़ जाती है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (2018) की रिसर्च कहती है कि रात की शिफ्ट में काम करने वालों में लिवर में चर्बी तेजी से बढ़ती है. रात में जागने से लिवर की नेचुरल मरम्मत रुक जाती है, जिससे वह समय से पहले कमजोर होने लगता है.

तनाव वाली नौकरियां

इंसान सुकून वाली नौकरी करना चाहता है, लेकिन उसको यह काफी कम नौकरियों में मिल पाती है. ड्राइवर, कॉल सेंटर, डिलीवरी, पुलिस, सुरक्षा गार्ड जैसे तमाम नौकरियों में रोज भारी तनाव रहता है. अमेरिकन लिवर फाउंडेशन की रिपोर्ट बताती है कि लगातार तनाव होने पर शरीर में कोर्टिसोल बढ़ता है, जो लिवर में सूजन और फैट जमा करने लगता है. इसलिए आपको कोशिश करनी चाहिए कि अगर कोई भी काम कर रहे हैं, तो कम से कम तनाव लें, नौकरी को नौकरी की तरह करें.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.