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Health Tips:भारत में HIV मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 72% मरीज युवा! विशेषज्ञों का कहना—जागरूकता अभियान बेहद अहम।

विश्व एड्स दिवस पर HIV/AIDS को लेकर एक बार फिर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है. देश में बदलती जीवनशैली, सुरक्षित यौन संबंधों की अनदेखी और सेक्स एजुकेशन की कमी के कारण संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टेस्टिंग, सही जानकारी और जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है.

एक्सपर्ट ने दी यह जानकारी

भारत मे HIV/AIDS के बढ़ते संक्रमण को लेकर देश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनोद रैना (MD मेडिसिन) ने गंभीर चिंता जताई है. 25 साल से HIV के उपचार में अनुभव रखने वाले डॉ. रैना ने एबीपी लाइव की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि विश्व के कई देशों ने समय रहते जागरूकता और कम्युनिटी हेल्थ प्रोग्राम्स की मदद से इस बीमारी को काफी हद तक रोक लिया, लेकिन भारत आज भी आवश्यक जागरूकता, शिक्षा और रोकथाम के अभाव में तेजी से संक्रमित होता जा रहा है. चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा कि, अगर अभी भी समाज और सरकार सक्रिय नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

यूरोप-अमेरिका ने जागरूकता से रोका, भारत अब भी पिछड़ रहा

70–80 के दशक में यूरोप और अमेरिका में अनप्रोटेक्टेड सेक्स से HIV तेजी से फैला, लेकिन समय रहते उन देशों ने मजबूत हेल्थ प्रोग्राम शुरू किए. डॉ. रैना बताते हैं कि कम्युनिटी मेडिसिन को बढ़ावा देने और सेक्सुअल हेल्थ पर खुले संवाद ने उन देशों में संक्रमण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके उलट भारत में सोशल नेटवर्क और बदलती जीवनशैली के कारण युवा वर्ग बिना प्रोटेक्शन के संबंध बना रहा है. गांव से शहर आने वाले या नई सेक्सुअल लाइफ शुरू करने वाले युवाओं में जानकारी की कमी के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है.

सेक्स एजुकेशन की कमी सबसे बड़ी कमजोरी’

डॉ. रैना का कहना है कि देश में आज भी सेक्स को एक टैबू की तरह देखा जाता है. बच्चों, युवाओं, हेल्थ वर्कर्स, यहां तक कि डॉक्टरों तक को सेक्सुअल हेल्थ की पर्याप्त ट्रेनिंग नहीं मिलती. उनके मुताबिक, “जब लोग प्रोटेक्शन ही इस्तेमाल नहीं करते, इन्फेक्शन का अंदाज़ा नहीं होता और सेक्सुअल हाइजीन की समझ नहीं होती, तो बीमारी फैलना तय है. आज हालत यह है कि 25 साल पहले महीने में गिने-चुने मरीज आते थे, और अब एक दिन में 15–20 HIV केस देखने पड़ते हैं.”

पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस: गलती के बाद भी बचाव मुमकिन

डॉ. रैना ने एक अहम जानकारी देते हुए कहा कि, यदि कोई व्यक्ति असुरक्षित संबंध बना ले और अगली सुबह उसे अपनी गलती का एहसास हो, तो 72 घंटों के अंदर डॉक्टर से संपर्क कर वह पोस्ट एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP) नाम की दवा शुरू कर सकता है 30 दिन तक यह दवा लेने पर HIV संक्रमण को रोका जा सकता है. लेकिन समस्या यह है कि देश में ज्यादातर लोग इस दवा के बारे में जानते ही नहीं, क्योंकि न तो उपयोगी प्रोग्राम हैं और न ही सही जानकारी.

कंडोम: छोटी सतर्कता, बड़ी सुरक्षा

डॉ. रैना के अनुसार कंडोम केवल HIV ही नहीं बल्कि सिफिलिस, गोनोरिया, हर्पीज़, क्लेमाइडिया जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाता है. इसलिए हर व्यक्ति को सुरक्षित संबंध बनाना चाहिए और मल्टीपल पार्टनर्स से बचना चाहिए.

शादी से पहले HIV टेस्ट को अनिवार्य करने की अपील

डॉ. रैना बताते हैं कि उनके पास खूब ऐसे केस आते हैं जिसमें शादी के बाद पति या पत्नी को HIV हो जाता है और जांच में पता चलता है कि बीमारी शादी से पहले ही किसी एक को थी. वे कहते हैं, “लोग शादी के पहले कुंडली मिलाते हैं, लेकिन महज 400-500 रुपये का एक टेस्ट है, क्या शादी से पहले इसे अनिवार्य नहीं किया जा सकता? इससे न केवल घर बचेंगे बल्कि ज़िंदगियाँ भी.”

HIV एक बार हुआ तो पूरी जिंदगी रहता है साथ

वे चेतावनी देते हैं कि HIV एक ऐसी बीमारी है जिसे शरीर से पूरी तरह निकालने का कोई तरीका नहीं है. एक बार संक्रमित होने पर व्यक्ति को जीवनभर दवाइयां, नियमित चेकअप, और विशेष डाइट एवं जिंदगीभर की सावधानियों के साथ जीना पड़ता है. दैनिक कसरत, हाई प्रोटीन डाइट और जीवनशैली में अनुशासन जरूरी हो जाता है.

युवाओं और होमोसेक्सुअल कम्युनिटी में तेज़ी से फैल रहा संक्रमण

डॉ. रैना के अनुसार कॉलेज जाने वाले युवाओं और होमोसेक्सुअल समुदाय में HIV संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिनमें 72% तक अधिक प्रभाव देखा जा रहा है. वे कहते हैं कि बच्चों को गुड टच-बैड टच, सुरक्षित संबंध, और शरीर की समझ के बारे में शिक्षित किए बिना समाज को सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता.

भारत में खुले संवाद की कमी

कई देशों में HIV जागरूकता के लिए रैलियां, परेड और सार्वजनिक कार्यक्रम होते हैं, लेकिन भारत में यह विषय अभी भी छिपाया जाता है. डॉ. रैना का मानना है कि सिर्फ एक दिन की जागरूकता से कुछ नहीं होगा. हेल्थ एजुकेशन में STDs को उतनी ही जगह देनी होगी जितनी रेस्पिरेटरी या कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को दी जाती है.

WHO गाइडलाइंस पर आधारित आधुनिक इलाज मौजूद

आज तकनीक इतनी बढ़ चुकी है कि अगर माता-पिता दोनों HIV पॉजिटिव हों, लेकिन दवा नियमित रूप से लें, तो भी बच्चा HIV नेगेटिव पैदा हो सकता है. एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी से वायरस को इतना कम किया जा सकता है कि वह दूसरों में संक्रमित न हो.

घर में HIV मरीज हो तो किन बातों का रखें ध्यान?

यदि किसी परिवार में HIV संक्रमित व्यक्ति है और उसकी हालत गंभीर है, तो उनके बर्तन, कपड़े और तौलिए अलग रखें, साबुन आदि अलग रखें. ना उनका झूठा खाना है और ना ही देना है. उन्हें डॉक्टर को दिखा के, एंटी-वायरल थेरेपी शुरू करवाएं. इसके अलावा उन्हें प्रोटीन डाइट देना बहुत ही ज़्यादा जरूरी है.

HIV के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

लगातार बीमार रहना, बार-बार टाइफाइड या लूज़मोशन होना, कमजोरी, लगातार थकान, वजन कम होना, तेज़ बुखार—ये HIV के संकेत हो सकते हैं. संक्रमण बढ़ने पर टीबी, सिफिलिस, क्लेमाइडिया, हर्पीज़ या HPV जैसी अन्य बीमारियां भी होने की संभावना रहती है.

समाज जागेगा, तभी देश सुरक्षित होगा

डॉ. रैना कहते हैं, “मैं एक डॉक्टर होकर हाथ जोड़ कर लोगों से विनती करता हूं कि इस मुद्दे को उठाइए. टेस्टिंग को बढ़ावा दीजिए, सेक्स एजुकेशन को पढ़ाइए, सुरक्षित संबंध को आदत बनाइए. आज कदम उठाएंगे, तभी आने वाली पीढियां स्वस्थ रहेंगी.”

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

भारत यात्रा से पहले पुतिन ने अमेरिका और यूरोप पर तीखा हमला बोला, PM मोदी से मुलाकात से पहले अपना एजेंडा साफ-साफ बता दिया।

भारत दौरे से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार अपना एजेंडा को साफ कर दिया है. पुतिन की 4-5 दिसंबर को नयी दिल्ली की राजकीय यात्रा से पहले भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को मंजूरी दे दी गई है. रूस सबमरीन परमाणु संयत्र से चलने वाली एसएसएन (चक्र क्लास) सबमरीन भारत को लीज पर देगा. रूसी राष्ट्रपति 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे.

पीएम मोदी से मिलकर इन मद्दों पर होगी चर्चा

रूस के दूसरे सबसे बड़े बैंक वीटीबी के कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने बताया कि वह पीएम मोदी से मिलकर व्यापार और आयात को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे. इस दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि रूस अपने देश के हित को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र आर्थिक नीति पर काम करता रहेगा. इस दौरान उन्होंने भारत और चीन के साथ रूस के बढ़ते व्यापार संबंधों का भी जिक्र किया.

यूरोपीय देशों को पुतिन की सख्त चेतावनी

व्लादिमीर पुतिन ने अपने संबोधन में यूरोपीय देशों को सख्त चेतावनी भी है. उन्होंने कहा, “कुछ देश अपने एकाधिकार का इस्तेमाल कर दूसरों पर दवाब डाल रहे हैं, जिससे दुनिया भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. अगर यूरोप युद्ध लड़ना चाहता है तो हम अब तैयार हैं. यूरोपीय देश युद्ध को बढ़ावा दे रहे हैं उनकी शांति की अब कोई योजना नहीं है.” पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देशो ने यूक्रेन पर शांति वार्ता से खुद को बाहर कर लिया है, क्योंकि उन्होंने रूस के साथ संपर्क तोड़ दिया है. उन्हो्ंने कहा कि यूरोपीय देश युद्ध के पक्ष में हैं.

‘यूक्रेन की समुद्र तक पहुंच समाप्त कर दी जाएगी’

रूस के दो ऑयल शिप पर शनिवार (29 नवंबर 2025) को ब्लैक सी में पानी के अंदर चलने वाले ड्रोन (सी बेबी) ने अटैक किया गया. यूक्रेन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. दोनों शिप रूस की शैडो फ्लीट का हिस्सा माने जाते हैं. इसे लेकर भी पुतिन ने यूक्रेन को चेतावनी दी है कि उसकी समुद्र तक की पहुंच को खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा, “यूक्रेन को समुद्र से अलग कर दिया जाए फिर समुद्री डकैती असंभव हो जाएगी.” पुतिन ने कहा कि रूस यूक्रेनी जहाजों पर हमले तेज करेगा और यूक्रेन की मदद करने वाले देशों के टैंकरों के खिलाफ कदम उठाएगा.

व्यापार और ऊर्जा संबंधों पर बनेगा नया प्लान

रूस ने भारत के साथ अपने व्यापार और ऊर्जा संबंधों को तीसरे देशों के दबाव से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष ढांचा बनाने का सुझाव देते हुए मंगलवार को कहा कि पश्चिमी प्रतिबंधों से भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात सीमित अवधि के लिए घट सकता है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच होने वाली शिखर वार्ता में भारी व्यापार घाटे पर भारत की चिंता, छोटे आकार वाले परमाणु रिएक्टरों में सहयोग और रक्षा क्षेत्र एवं ऊर्जा साझेदारी के मुद्दे मुख्य रूप से शामिल होंगे.

डिफेंस सेक्टर में बड़ी डील के आसार

भारत का रूस से आयात लगभग 65 अरब डॉलर है, जबकि रूस का भारत से आयात करीब पांच अरब डॉलर ही है. रक्षा सहयोग के क्षेत्र में पेसकोव ने ब्रह्मोस मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन को मिसाल की तरह पेश करते हुए कहा कि यह एडवांस टेक्नोलॉजी साझा करने का मॉडल है. पेसकोव ने कहा, “रूस जटिल रक्षा प्रणालियों और तकनीकी अनुभव को भारत के साथ साझा करने के लिए तैयार है.” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सुखोई-57 लड़ाकू विमानों की संभावित आपूर्ति और हवाई प्रतिरक्षा प्रणाली एस-400 की अतिरिक्त खेप पर भी चर्चा हो सकती है.

How GLP-1 Medicines Help Reduce Weight:मोटापे से निपटने के लिए WHO ने GLP-1 हार्मोन आधारित दवा को मंजूरी दी, जानें यह दवा कैसे असर दिखाएगी।

मोटापे का मामला तेजी से बढ़ रहा है, इससे तमाम तरह की बीमारियां हो रही हैं. इसीलिए दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे मोटापे की समस्या से निपटने के लिए WHO ने एक बड़ा कदम उठाया है. WHO ने पहली बार साफ कहा है कि नई पीढ़ी की वजन कम करने वाली दवाएं GLP-1 थैरेपीमोटापा कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. इन दवाओं में ओजेम्पिक और मौन्जारो जैसे मशहूर ब्रांड शामिल हैं, जो हाल के वर्षों में बेहद लोकप्रिय हुए हैं.

WHO के मुताबिक मोटापा अब सिर्फ एक लाइफस्टाइल इश्यू नहीं, बल्कि एक क्रॉनिक और री-लैप्सिंग बीमारी है, जिसे लंबे समय तक इलाज और देखभाल की जरूरत होती है. इसलिए संस्था ने सलाह दी है कि वयस्कों में मोटापे के इलाज के लिए GLP-1 दवाओं को लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर विचार किया जाना चाहिए. हालांकि इससे गर्भवती महिलाओं को बाहर रखा गया है.

मोटापे का खतरनाक स्तर

2022 में मोटापे या बढ़े हुए वजन से जुड़ी बीमारियों के कारण 37 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई. यह संख्या मलेरिया, टीबी और HIV की कुल मौतों से भी अधिक है. WHO का अनुमान है कि अगर स्थिति नहीं बदली तो 2030 तक दुनिया में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या दोगुनी हो जाएगी. WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधानोम का कहना है कि “मोटापा एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती है. दवाएं अकेले इस संकट को खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन GLP-1 थैरेपी लाखों लोगों को मोटापा कम करने और उससे जुड़े खतरों को घटाने में मदद कर सकती है.” हालांकि WHO ने यह भी कहा कि अभी भी इन दवाओं के लंबे समय के प्रभाव और सुरक्षा पर और डेटा की जरूरत है.

GLP-1 therapies are changing #obesity care. What does WHO recommend?

Here’s what you need to know. pic.twitter.com/e7EuEmeqxL

— World Health Organization (WHO) (@WHO) December 1, 2025

जादुई इलाज नहीं, लेकिन अहम हथियार

 WHO का कहना है कि GLP-1 दवाओं को सिर्फ दवा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इन्हें कई चीजों के साथ जोड़ना चाहिए जिनमें-

  • बेहतर खानपान
  • नियमित शारीरिक एक्सरसाइज
  • व्यवहार में बदलाव

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

रायपुर स्थित शहीद अस्पताल में  एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. शैलेश जेना कहते हैं कि WHO की यह नई गाइडलाइन सही दिशा में उठाया गया कदम है. उनके अनुसार “GLP-1 दवाओं ने मोटापे के इलाज में उम्मीद से कहीं बेहतर नतीजे दिए हैं. ये दवाएं भूख को नियंत्रित करती हैं, मेटाबॉलिज्म बेहतर करती हैं और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाती हैं. ऐसे में जिन मरीजों पर डाइट और वर्कआउट का असर सीमित रहता है, उनके लिए यह एक बड़ी सहायता साबित हो सकती हैं.” डॉ. शैलेश जेना के मुताबिक मोटापा एक साधारण वजन बढ़ने की समस्या नहीं, बल्कि शरीर में होने वाला मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जिसे लंबी अवधि की मैनेजमेंट की जरूरत होती है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sports News:जनवरी में श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच टी20 सीरीज खेले जाएगी, पूरा कार्यक्रम जानिए।

श्रीलंका क्रिकेट टीम अगले साल टी20 विश्व कप से पहले जनवरी में तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए पाकिस्तान की मेजबानी करेगी. भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच खेला जाना है. इससे पहले, 7-11 जनवरी के बीच दोनों देश टी20 सीरीज के 3 मुकाबले खेलेंगे.

श्रीलंका क्रिकेट ने अपने इंस्टाग्राम पर कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया, “पाकिस्तान की नेशनल टीम जनवरी 2026 में तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलने के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी. सभी मैच दांबुला के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होंगे.”

इस बीच, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की ओर से जारी बयान में कहा गया, “यह दौरा टीम को अगले साल के ग्लोबल इवेंट से पहले कीमती मैच प्रैक्टिस का मौका देगा.”

श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच 7 जनवरी को दांबुला में टी20 सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा, जिसके बाद 9 जनवरी को सीरीज का दूसरा मैच आयोजित होगा. तीसरा और अंतिम मुकाबला 11 जनवरी को खेला जाना है. सीरीज के तीनों मैच दाबुला के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे.

पाकिस्तान की टीम टी20 विश्व कप 2026 के अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलेगी. ऐसे में यह द्विपक्षीय सीरीज पाकिस्तान को श्रीलंका के हालात से खुद को परिचित करने का मौका देगी. हाल ही में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे और श्रीलंका के विरुद्ध त्रिकोणीय सीरीज अपने नाम की थी.

टी20 विश्व कप 2026 के लिए 20 टीमों को 5-5 टीमों के चार ग्रुप में बांटा गया है. भारत और पाकिस्तान ग्रुप-ए में हैं. इनके साथ नीदरलैंड, नामीबिया और अमेरिका की टीमें भी मौजूद हैं.

श्रीलंका-पाकिस्तान के बीच टी20 सीरीज का कार्यक्रम:

पहला टी20: 7 जनवरी 2026, (रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दांबुला)

दूसरा टी20: 9 जनवरी 2026, (रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दांबुला)

तीसरा टी20: 11 जनवरी 2026, (रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दांबुला)

डॉ. राजेश्वर सिंह का डिजिटल मिशन : हर बच्चे तक आधुनिक शिक्षा पहुँचाने की दिशा में बड़ा कदम, पीलीभीत जनपद के प्राथमिक विद्यालय अमरिया में डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया स्मार्ट क्लास का लोकार्पण

  • स्मार्ट क्लास हर स्कूल का अधिकार – डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर के विद्यालयों को दिया खुला आमंत्रण
  • डिजिटल समावेशन की दिशा में बढ़ते कदम : डॉ. राजेश्वर सिंह ने की 33वीं स्मार्ट क्लास की स्थापना
  • सरोजनीनगर के हर विद्यालय में स्थापित हो स्मार्ट क्लास” -डॉ. राजेश्वर सिंह की ऐतिहासिक पहल

पीलीभीत / लखनऊ। एनवायरमेंट वारियर्स संस्था के तत्वाधान में मंगलवार को पिलीभीत टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय हुसैननगर, अमरिया में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनवायरमेंट वारियर्स अभियान के आठवें चरण के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह उपस्थित रहे। डॉ. सिंह ने विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास रूम का लोकार्पण किया। इस लोकार्पण के साथ ही, युवा पीढ़ी को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने की दिशा में विधायक द्वारा अब तक विभिन्न विद्यालयों में कुल 33 स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए जा चुके हैं।

एक Smart Class बदल सकती है पूरी पीढ़ी की दिशा :

प्राकृतिक परिवेश में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा एवं तकनीक के संगम का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। ग्रामीण बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बना दिया। संबोधन के दौरान डॉ. सिंह ने कहा कि, कभी-कभी एक कक्षा, एक स्क्रीन और एक शिक्षक की दूरदर्शी सोच पूरी पीढ़ी की दिशा बदल देती है। स्मार्ट क्लास केवल एक प्रोजेक्टर या कंप्यूटर नहीं है, बल्कि बच्चों की कल्पनाशीलता, जिज्ञासा और क्षमता को खोलने वाला द्वार है, जहाँ पहले ज्ञान एक ब्लैकबोर्ड तक सीमित था, वहीं आज बच्चे NASA के प्रयोग देख सकते हैं, IIT–Oxford के प्रोफेसरों से सीख सकते हैं और गाँव की कक्षा में बैठकर वैश्विक स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि स्मार्ट क्लास केवल पढ़ना नहीं सिखाती, यह बच्चों को सोचना, प्रश्न पूछना और स्वयं उत्तर खोजने का साहस देती है। यह कक्षा गरीब–अमीर और गाँव–शहर के बीच की दूरी को समाप्त करती है। “हर स्मार्ट क्लास में छुपा है एक भविष्य का वैज्ञानिक, डॉक्टर, इनोवेटर या नेता; बस ज़रूरत है उस स्क्रीन को जलाने की। जब ज्ञान की स्क्रीन जलती है, तो अंधकार अपने आप मिट जाता है।”

शिक्षा के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के समय देश की साक्षरता दर लगभग 20% थी, जो आज बढ़कर 80% से अधिक हो चुकी है—यह माता-पिता, शिक्षकों और समाज के साझे प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उनसे प्रतिदिन यह पूछने का आग्रह किया कि उन्होंने आज क्या नया सीखा।

पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दिया बल :
टाइगर रिज़र्व के मध्य हुए इस कार्यक्रम में डॉ. सिंह ने बढ़ते पर्यावरण असंतुलन पर चिंता व्यक्त की और कहा कि वन्यजीव संरक्षण तथा वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने ग्रामीणों से जैव-विविधता की रक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को कंबल वितरित किए गए तथा बच्चों को स्टेशनरी सामग्री प्रदान कर उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया गया।

सरोजनीनगर के हर विद्यालय में स्मार्ट क्लास का लक्ष्य :
डॉ. सिंह ने कहा, मेरा सपना है कि हर विद्यालय डिजिटल संसाधनों से सम्पन्न हो, हर बच्चे को आधुनिक शिक्षा के अवसर मिलें। उन्होंने आगे जोड़ा सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जो भी विद्यालय स्मार्ट क्लास स्थापित कर बच्चों को आधुनिक शिक्षा देना चाहता है, उसके प्रबंधक/प्राचार्य मेरे कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। गौरतलब है कि 5 नवम्बर को चोखापुरी, पीलीभीत में आयोजित एनवायरमेंट वारियर्स अभियान के सातवें चरण में उपस्थित होकर डॉ. सिंह ने हुसैननगर अमरिया विद्यालय में स्मार्ट क्लास की स्थापना का संकल्प व्यक्त किया था, जो मंगलवार को साकार हुआ और बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षा का नया द्वार खुल गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री प्रबल प्रताप सिंह, प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी के प्राचार्य श्री मुनीश पाठक, अध्यापिका हेमलता, ऋषिपाल सिंह, मो. अफसर, फराह जाफरी, चंद्रपाल एवं पूर्व ग्राम प्रधान खेमकरण लाल उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्मार्ट क्लास ग्रामीण शिक्षा में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।