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Sports News:दूसरे वनडे में भारत और दक्षिण अफ्रीका की संभावित प्लेइंग इलेवन ऐसी हो सकती है—साथ ही जानें पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरा वनडे बुधवार, 3 दिसंबर को रायपुर में खेला जाएगा. यहां टॉस का रोल महत्वपूर्ण होगा, लेकिन इस मामले में भारत की किस्मत पिछले 2 सालों से खराब चल रही है. रांची में केएल राहुल टॉस हारे थे. अभी तक लगातार 19 बार टीम इंडिया वनडे में टॉस हार चुकी है. टीम इंडिया के लिए अच्छी बात ये हैं कि उनके अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा फॉर्म में हैं. जानिए दूसरे वनडे में भारत और दक्षिण अफ्रीका किस प्लेइंग 11 के साथ उतर सकती है. शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम का रिकॉर्ड कैसा रहा है और यहां पिच का बर्ताव कैसा रहेगा.

भारत के बल्लेबाजों ने पिछले मैच में खूब रन बनाए थे, कोहली ने शतक जड़ा था और रोहित शर्मा के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की थी. कोहली ने 135 रन बनाए थे. कप्तान केएल राहुल ने भी निचले क्रम में महत्वपूर्ण रन बनाकर टीम के स्कोर को 349 तक पहुंचाया था.

दक्षिण अफ्रीका का टॉप आर्डर पिछले मैच में बुरी तरह फ्लॉप हुआ था. कप्तान एडन मार्क्रम, क्विंटन डी कॉक समेत 3 बल्लेबाज सिर्फ 11 के स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे. हालांकि मेहमान टीम के मिडिल आर्डर बल्लेबाजों (मैथ्यू ब्रीट्ज़के, मार्को यानसेन, कॉर्बिन बॉश) ने अच्छा प्रदर्शन किया, जो रायपुर में भी खतरनाक साबित हो सकते हैं.

रायपुर स्टेडियम की पिच रिपोर्ट

रांची से उलट रायपुर में गेंदबाजों को अधिक मदद मिल सकती है, यहां बल्लेबाजों को थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है. तेज गेंदबाजों को यहां अधिक मदद मिलेगी, इससे हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह का रोल नई गेंद से महत्वपूर्ण हो जाएगा. रोहित और यशस्वी को शुरुआत में संभलकर रहना होगा.

शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में एकमात्र वनडे मैच 2023 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था, तब कीवी टीम 108 रनों पर ऑल-आउट हो गई थी. सिर्फ रोहित शर्मा थे, जिन्होंने अर्धशतक जड़ा था. यहां उछाल देखने को मिलेगा. लेकिन इन सबके बीच टॉस का रोल महत्वपूर्ण रहेगा.

अभी मौसम को देखें तो रांची में रात को ओस गिरती है, ऐसे में टॉस का रोल महत्वपूर्ण होगा. टॉस जीतने वाले कप्तान पहले गेंदबाजी करना चाहेंगे, क्योंकि ओस के चलते यहां दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए मुश्किलें पैदा हो जाएंगी.

बावुमा की वापसी संभव, विनिंग टीम के साथ उतर सकता है भारत

टेस्ट सीरीज के बाद टेम्बा बावुमा को पहले वनडे से आराम दिया गया था, जिनकी गैरमौजूदगी में एडन मार्क्रम ने कप्तानी संभाली थी. टीम इंडिया विनिंग टीम के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहेगी. पहले वनडे में हर्षित राणा ने नई गेंद से शानदार प्रदर्शन किया था, उन्होंने अपने पहले ही ओवर में 2 बड़े विकेट लिए थे. कुलदीप यादव ने 4 विकेट लिए थे, हालांकि रवींद्र जडेजा काफी महंगे साबित हुए थे. जडेजा ने 9 ओवरों में 66 रन लुटाए थे.

दक्षिण अफ्रीका की संभावित प्लेइंग 11: एडन मार्क्रम, रयान रिकेल्टन, क्विंटन डी कॉक (विकेट कीपर), मैथ्यू ब्रीत्ज़के, टेम्बा बावुमा (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को यानसेन, कोर्बिन बॉश, प्रीनेलन सब्रेन, नंद्रे बर्गर, ओटनील बार्टमैन.

भारत की संभावित प्लेइंग 11: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (विकेट कीपर और कप्तान), रवींद्र जडेजा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा.

भारत या दक्षिण अफ्रीका, किसका पलड़ा भारी?

रोहित, कोहली, केएल राहुल फॉर्म में हैं, यशस्वी बेशक पिछले मैच में नहीं चले लेकिन अगर उनका बल्ला चला तो वह रायपुर में सबसे खतरनाक साबित हो सकते हैं. वह तेज गेंदबाजों को अच्छा खेलते हैं, रोहित भी तेज गति का फायदा उठाते हैं. लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज भी कम नहीं हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाइए कि पिछले मैच में टॉप आर्डर के फ्लॉप होने के बाद भी मेहमान टीम अंतिम ओवर तक जीत के करीब थी.

दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी में गहराई नजर आती है, अगर टेम्बा बावुमा आए तो यकीनन मेहमान टीम मजबूत हो जाएगी. दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज पेस को अच्छे से खेलते हैं, इसलिए दूसरे वनडे में थोड़ा पलड़ा मेहमान टीम का भारी रहेगा.

कहां देखें लाइव मैच?

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरे वनडे का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स चैनल पर होगा. मैच दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा, टॉस 1 बजे होगा. जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी.

“पत्नी को 30 घंटे लेबर पेन में देखकर विक्रांत मैसी भावुक हो गए—कहा, ‘मर्द इसकी पीड़ा की कल्पना भी नहीं कर सकते।’”

विक्रांत मैसी छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक उन्होंने अपने अभिनय का जलवा बिखेरा है. एक्टर बीते साल 2024 में अपनी पत्नी संग शीतल ठाकुर अपने बेटे वरदान का स्वागत किया. अब बेटे के जन्म के इतने दिनों बाद विक्रांत ने उस वक्त को याद किया जब उनकी वाइफ अपने बच्चे को जन्म देने वाली थीं. ये पल उनकी जिंदगी का सबसे खास पल था, लेकिन वो दर्द में तड़प रही अपनी पत्नी को देख अंदर से डर गए थे.

रणवीर इलाहाबादिया को दिए एक इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने अपने पिता बनने के सफर के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने ये भी कहा कि एक पिता के मुकाबले मां का योगदान ज्यादा अहम होता है. उन्होंने याद किया कि कैसे उनकी वाइफ 30 घंटे तक लेबर पेन से तड़पती रही.

हमेशा परिवार बनाना चाहते थे विक्रांत
आगे अपनी पत्नी के के बारे में बात करते हुए विक्रांत ने कहा- टशादी एक लगातार चलने वाला काम है, जिसमें हर मुमकिन तरीके से एनर्जी डाली जाती है.ट उन्होंने बताया कि पहले वो लंबे रिश्ते में बंधने से झिझकते थे, लेकिन वो हमेशा एक परिवार बनाना चाहते थे.

30 घंटे तक लेबर पेन में रही वाइफ
आगे विक्रांत ने खुलासा किया कि बेटे के जन्म देते वक्त उनकी वाइफ शीतल 30 घंटे तक लेबर पेन में रहीं. वो तड़प रही थी लेकिन वो कुछ नहीं कर सकते थे.  विक्रांत ने कहा- ‘प्रेग्नेंसी के नौ महीनों के दौरान शीतल को देखना एक अलग ही एक्सपीरियंस था. जबकि मैं उसे दस साल से जानता हूं. उस नन्ही बच्ची को देखना, उसका पेट दिन-ब-दिन बढ़ता देखना. मुझे लगता है कि उसने 30 घंटे तक लेबर पेन झेला होगा. मेरा मतलब है कि औरतें बहुत कुछ सहती हैं. उन्होंने कहा आगे कहा कि मर्द जो भी कर लें, लेकिन औरतों के आगे कम है.

पाकिस्तान में HIV संक्रमण तेजी से बढ़ा; पिछले डेढ़ दशक में 200% बढ़ोतरी दर्ज, WHO ने स्थिति को बेहद गंभीर बताया।

पाकिस्तान इन दिनों HIV संक्रमण की ऐसी लहर से जूझ रहा है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है. विश्व एड्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में WHO और UNAIDS की तरफ से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में HIV के नए मामलों में पिछले एक दशक में असामान्य बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2010 में जहां लगभग 16 हजार नए मामले सामने आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 38 तक पहुंच गई. यह वृद्धि पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है.

पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी माना है कि HIV संक्रमण को अब केवल सरकारी प्रयासों से नियंत्रित नहीं किया जा सकता. मंत्रालय की महानिदेशक डॉ. आयशा इसानी ने कहा कि समुदाय, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और सभी स्वास्थ्य संस्थानों को मिलकर सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी बताया कि इंजेक्शन और रक्त आधान में लापरवाही संक्रमण फैलाने का सबसे बड़ा कारण है और जनता को बीमारी और उसकी रोकथाम के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है.

संक्रमितों की बड़ी संख्या को बीमारी का पता ही नहीं

देश में लगभग 3.5 लाख लोग HIV से संक्रमित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से एक बड़ी आबादी को अपनी बीमारी की जानकारी तक नहीं है. बच्चों में हालात और चिंताजनक हैं. वर्ष 2010 में जहां छोटे बच्चों में करीब 530 मामलों की पहचान हुई थी, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 1800 तक पहुंच गई. इसका मतलब है कि संक्रमण घरों और समुदायों के भीतर तेजी से फैल रहा है.

इलाज के इंतज़ाम बढ़े पर जरूरत के मुकाबले बेहद कम

पाकिस्तान में एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी यानी ART उपचार लेने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह अब भी आवश्यकता के अनुपात में काफी कम है. 2013 में जहां केवल 6000 से थोड़ा अधिक मरीज इलाज पर थे, वहीं 2024 में यह संख्या 55000 के करीब पहुंची है. ART केंद्रों की संख्या भी अब लगभग 95 तक पहुंच गई है. इसके बावजूद बहुत कम लोग अपनी बीमारी की जांच करवाते हैं और इलाज लेने वालों का अनुपात भी काफी कम है. वायरल लोड नियंत्रण वाले मरीजों का आंकड़ा तो और भी कमजोर है.

असुरक्षित चिकित्सा पद्धतियां

देश के कई क्षेत्रों में हुई जांचों से पता चलता है कि संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा स्रोत असुरक्षित इंजेक्शन, बार-बार उपयोग की गई सिरिंज और बिना जांच के रक्त आधान हैं. खासकर लरकाना, तौंसा, जैकोबाबाद, शिकारपुर, नौशहरो फिरोज और मीरपुर खास जैसे जिलों में कई बार HIV के प्रकोप सामने आए और इनमें अधिकांश संक्रमित बच्चे थे. इन घटनाओं ने पाकिस्तान की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

महिलाओं और बच्चों के इलाज में भारी कमी

HIV से संक्रमित गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त उपचार न मिल पाने से नवजात बच्चों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. पाकिस्तान में अभी भी केवल एक छोटी संख्या ही गर्भावस्था के दौरान चिकित्सकीय निगरानी में आती है. यही स्थिति उन बच्चों की है जो पहले से संक्रमित हैं. इनमें से बहुत कम बच्चों को ही नियमित इलाज मिलता है.

WHO की चेतावनी

WHO के पाकिस्तान प्रतिनिधि डॉ. लुओ दापेंग ने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसाधन बढ़ाने होंगे और रोकथाम व इलाज से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूत बनाना होगा, ताकि कोई भी वयस्क या बच्चा इलाज से वंचित न रहे.

Sports News:साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 दिसंबर से टी20 सीरीज शुरू—गिल की उपलब्धता पर आया बड़ा अपडेट।

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 9 दिसंबर से पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज शुरू होगी, जिसमें शुभमन गिल की फिटनेस और उपलब्धता पर सभी की निगाहें रहेंगी. बुधवार को अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली समिति रायपुर में मीटिंग करेगी, ताकि 15 सदस्यीय टीम तय की जा सके.

शुभमन गिल साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में चौका लगाने के बाद चोटिल हुए थे. गर्दन में चोट के बाद गिल सीरीज का अगला मुकाबला नहीं खेल सके. इसके बाद उन्हें वनडे सीरीज से भी बाहर बैठना पड़ा.

आईएएनएस को जानकारी मिली है कि गिल रिहैब के लिए मंगलवार को बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंच गए हैं. टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम 6 दिसंबर को एकजुट होगी, इसलिए चयनकर्ताओं को बुधवार को टीम चुननी होगी. फिलहाल, टी20 सीरीज में गिल के खेलने की संभावनाएं 50 प्रतिशत हैं.

एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, “हो सकता है कि गिल बल्लेबाजी आजमाएं और देखें कि आगामी सीरीज में उन्हें शामिल करने का फैसला लेने से पहले वह फिटनेस को लेकर कैसा महसूस कर रहे हैं.”

अगर शुभमन गिल साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में नहीं खेलते, तो अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन या यशस्वी जायसवाल बतौर सलामी बल्लेबाज नजर आ सकते हैं. संजू सैमसन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में सिर्फ दो मैच खेले, जिसमें एक बार बल्लेबाजी का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने ‘नंबर 3’ पर बैटिंग की.

उम्मीद की जा रही है कि इस टी20 सीरीज में सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को भी शामिल किया जा सकता है. पंड्या ने मंगलवार को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पंजाब के खिलाफ 1 विकेट लेने के बाद नाबाद 77 रन बनाए हैं. पंड्या की शानदार पारी के दम पर बड़ौदा ने मुकाबला 7 विकेट से जीता. पंड्या को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया.

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज 9 दिसंबर से शुरू होगी. पहला मैच कटक में खेला जाएगा, जिसके बाद 11 दिसंबर को न्यू चंडीगढ़ में सीरीज का दूसरा मुकाबला होगा. धर्मशाला में 14 दिसंबर को तीसरा मैच आयोजित होगा, जबकि 17 दिसंबर को लखनऊ सीरीज के चौथे मैच की मेजबानी करेगा. 19 दिसंबर को अहमदाबाद में सीरीज का अंतिम मुकाबला खेला जाना है.

Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी का धमाका—58 गेंदों में जड़ा शतक, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में फिर मचाई धूम।

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में बिहार के उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी का बल्ला आखिरकार पूरा गरजा. वैभव पर शुरुआती तीन मैचों में रन न आने से दबाव बढ़ रहा था. महाराष्ट्र के खिलाफ चौथे मुकाबले में इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा धमाका किया कि सभी हैरान रह गए. सूर्यवंशी ने जितने चौके लगाए, उतने ही छक्के लगाकर ऐसा हाहाकार मचाया, जिसने विरोधी गेंदबाजों का पूरा प्लान ध्वस्त कर दिया.

वैभव सूर्यवंशी का तूफान

बिहार ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 176 रन बनाए, जिनमें से अकेले 108 रन वैभव सूर्यवंशी ने ठोक डाले. खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत भले शांत तरीके से की हो, लेकिन जैसे-जैसे इनिंग आगे बढ़ी, उनका बल्ला तेजी से आग उगलने लगा.

वैभव ने 61 गेंदों पर नाबाद 108 रनों की शानदार पारी खेली. उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 177 से ज्यादा का रहा. उन्होंने एक गगनचुंबी छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया. यह पारी उनके आत्मविश्वास का बयान भी थी और उनके हुनर का साफ सबूत भी.

ओपनिंग में नहीं मिला साथ

बिहार की शुरुआत काफी डगमगाने वाली रही. पहले ओवर में ही ओपनिंग पार्टनर बिपिन सौरभ सस्ते में आउट हो गए. दूसरे विकेट पर भी साझेदारी लंबी नहीं चली. इसके बाद भी वैभव ने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा. तीसरे विकेट पर आकाश राज के साथ उन्होंने तेज 50 से ज्यादा रनों की पार्टनरशिप की और टीम को मुश्किल से बाहर निकाला.

आकाश राज के आउट होने के बाद वैभव बिल्कुल अलग मोड में आ गए. गेंद को देखने के बाद ही मारने की क्लासिक स्टाइल में उन्होंने पहले हाफ सेंचुरी पूरी की, फिर आखिरी ओवरों में रफ्तार बढ़ाते हुए शतक तक पहुंच गए.

पिछले 3 मैचों के बाद की शानदार वापसी

टूर्नामेंट के पहले तीन मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी कुल मिलाकर केवल 32 रन ही बना सके थे. उनकी आलोचना भी हो रही थी, दबाव भी था, लेकिन उन्होंने मैदान में अपने खेल से सभी सवालों का जवाब दे दिया. महाराष्ट्र के खिलाफ जमाया गया यह शतक सिर्फ मैच बदलने वाला नहीं था, बल्कि उनके सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के करियर का पहला शतक भी रहा.