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‘इसमें कुछ भी ग्रेट नहीं, क्योंकि भारत…’ G-7 में रूस की एंट्री पर पुतिन का स्पष्ट जवाब.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया. दोनों नेताओं ने एयरपोर्ट पर एक-दूसरे को गले लगाया और गर्मजोशी से अभिवादन किया. पीएम मोदी ने अपने आवास पर पुतिन के लिए डिनर की मेजबानी की. पुतिन के इस दौरे के दौरान डिफेंस डील समेत कई मुद्दों पर सहमति बनने की उम्मीद है. ट्रंप के टैरिफ के बाद से वर्ल्ड ऑर्डर में बड़ा बदवाल देखने को मिल रहा है. इस बीच पुतिन ने जी-7 देशों पर तंज कसा और भारत की जमकर तारीफ की.

इसमें ग्रेट जैसा कुछ नहीं: पुतिन

भारत दौरे से पहले इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में जी-8 में रूस के शामिल होने वाले सवाल पर पुतिन ने कहा कि वे इस बैठक में जाना पहले की छोड़ चुके थे. रूसी राष्ट्रपति ने कहा, “मैं ये नहीं समझ पा रहा हूं कि जी-7 देश खुद को जी-7 क्यों कहते हैं. जी यानी ग्रेट, लेकिन जरा सोचिए आज भारत खरीद शक्ति के आधार पर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यस्था है तो फिर क्षमता के लिहाज से यूके या कुछ और देशों की स्थिति क्या है? मुझे ये थोड़ा अजीब लगता है. हालांकि ठीक है उनका अधिकार है खुद को जो कहने चाहें कहें.

पश्चिम देशों की अर्थव्यवस्था पर पुतिन का बयान 

पुतिन ने कहा, “इन देशों (वेस्टर्स) की अर्थव्यवस्थाएं हाईटेक है. उनकी नींव मजबूत है, लेकिन इसके बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी लगातार घट रही है और ये रुझान आगे भी जारी रहेगा क्योंकि ये उनकी सरकारों की गलत नीतियों के कारण हो रहा है. जर्मनी की बात करें तो वह तीन साल से मंदी का शिकार है. फ्रांस की हालत काफी खराब है और वह भी मंदी के बिल्कुल करीब है. यही स्थिति कई अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की भी है.“

मोदी-पुतिन के बीच रक्षा सहयोग पर होगी चर्चा

पुतिन की भारत यात्रा के दौरान व्यापार और आर्थिक सहयोग के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की जाएगी और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. 2022 में यूक्रेन के साथ रूस का युद्ध शुरू होने के बाद से यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है. इस शिखर सम्मेलन में रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार और ऊर्जा साझेदारी पर भी चर्चा होगी. शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में होने वाली औपचारिक बैठक से पहले रूसी राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा.

Why IVF Is Expensive In India:IVF इलाज बन रहा है कर्ज का कारण! सरकारी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा- जानें, गरीब परिवार इससे दूर क्यों जा रहे हैं?

 भारत में IVF का खर्च इतना ज्यादा हो गया है कि ज्यादातर दंपति इलाज कराते-कराते कर्ज में डूब रहे हैं. एक नई सरकारी रिपोर्ट बताती है कि IVF कराने वाले हर 10 में से 9 भारतीय दंपति ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं जहां इलाज पर होने वाला खर्च उनकी सालाना आय के 10 प्रतिशत से भी ज्यादा हो जाता है. एक IVF साइकिल पर निजी अस्पतालों में करीब 2.3 लाख रुपये और सरकारी अस्पतालों में भी औसतन 1.1 लाख रुपये खर्च आ रहा है. यह बोझ किसी भी आम परिवार के लिए बेहद भारी है और यही इस रिपोर्ट की सबसे चौंकाने वाली बात है.

यह देश का पहला बड़ा स्टडी है जिसे ICMR–NIRRCH ने स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए तैयार किया है. इसमें साफ दिखा है कि IVF सिर्फ महंगा नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए आर्थिक झटका साबित हो रहा है क्योंकि एक साइकिल में सफलता की गारंटी नहीं होती और अक्सर लोगों को कम से कम तीन बार कोशिश करनी पड़ती है. रिपोर्ट में WHO के आंकड़ों का हवाला भी है, जिनके मुताबिक भारत में 4 से 17 प्रतिशत दंपति इनफर्टिलिटी से जूझते हैं और इनमें से करीब 8 प्रतिशत को IVF जैसे एडवांस्ड इलाज की जरूरत पड़ती है.

क्यों महंगा होता है इलाज?

आईवीएफ की पूरी प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है, ओवेरियन स्टिम्युलेशन, एग रिट्रीवल, फर्टिलाइजेशन, एंब्रियो ट्रांसफर, और लगातार मॉनिटरिंग. यही कारण है कि ये इलाज तकनीकी रूप से मुश्किल भी है और आर्थिक रूप से भारी भी. आयुष्मान भारत योजना अभी कमजोर तबकों को 5 लाख रुपये तक की अस्पताल उपचार कवर देती है, लेकिन आईवीएफ इसमें शामिल नहीं है. रिपोर्ट साफ कहती है कि चूंकि आईवीएफ का ज्यादातर खर्च ओपीडी में होता है, इसलिए इसे पैकेज में जोड़ा जाना चाहिए. अगर योजना में शामिल किया जाता है तो एक आईवीएफ साइकिल की 81,332 हजार रुपये की लागत को सरकारी दर मानने की सिफारिश की गई है. देश में करीब 2.8 करोड़ दंपति इनफर्टिलिटी की समस्या झेल रहे हैं, जिनके लिए आईवीएफ ही आखिरी उम्मीद है, लेकिन इलाज की ऊंची लागत उनके लिए रास्ता रोक देती है.

स्टडी में ये भी सामने आया कि सभी सर्वे मरीजों में पीसीओएस बांझपन की सबसे आम वजह थी. निजी अस्पतालों में सीधे इलाज का खर्च ज्यादा होता है, जबकि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गैर-चिकित्सकीय खर्च, जैसे यात्रा, ठहरने का खर्च और काम से छुट्टी का नुकसान ज्यादा झेलना पड़ता है. आईवीएफ शुरू होने से पहले ही चार में से एक मरीज पर इतना खर्च हो चुका था कि वो इसे “catastrophic expenditure” की कैटेगरी में पहुंच गया. रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत के हेल्थ सिस्टम में इनफर्टिलिटी की समस्या को अभी भी बहुत कम प्राथमिकता मिलती है, जबकि इसके इलाज पर लगभग कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती.

IVF इतना महंगा क्यों पड़ रहा है?

आईवीएफ की एक साइकिल का खर्च 50,000 से लेकर 2.5 रुपये लाख तक जा सकता है. इसमें दवाएं, टेस्ट, मॉनिटरिंग, एंब्रियो लैब, और कई बार बार-बार ट्राई करने का खर्च शामिल है. ऊपर से महंगाई ने दवाओं और टेस्ट की कीमत और बढ़ा दी है. मिडिल-क्लास परिवारों के लिए ये खर्च असहनीय है. हाउसहोल्ड कंजप्शन सर्वे के हिसाब से ग्रामीण परिवार हर महीने करीब 17,000 रुपये खर्च करते हैं. ऐसे में आईवीएफ का खर्च कई लोगों की पूरी सालाना आय से भी ज्यादा बैठ जाता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज़ के पहले सप्ताह ही बॉक्स ऑफिस पर कमाई का तूफ़ान ला दिया, 100 करोड़ क्लब में एंट्री बस थोड़ी दूर.

5 दिसंबर, शुक्रवार से बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ छाने को तैयार है. हालांकि एक हफ्ते पुरानी , धनुष और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘तेरे इश्क में’ भी बॉक्स ऑफिस पर जमी हुई है और कमाल का परफॉर्म कर रही है. हालांकि मिड वीक में इसके कलेक्शन में गिरावट भी आई  बावजूद इसके आनंद एल. राय निर्देशित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी  पकड़ बनाई हुई है. चलिए यहां जानते हैं ‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज के 7वे दिन यानी गुरुवार को कितना कलेक्शन किया है?

‘तेरे इश्क में’ ने 7वें दिन कितनी की कमाई?
‘तेरे इश्क में’ 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी. इसे फैंस और क्रिटिक्स दोनों से पॉजिटिव रिव्यू मिला था. तब से ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दमदार परफॉर्म कर रही है और धुआंधार नोट भी छाप रही है. फिलहाल ये फिल्म टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है. बता दें कि ये फिल्म एक इंटेंस लव स्टोरी पर बेस्ड है जो आपको पहले ही सीन से बांध लेती है. इस रोमांटिक ड्रामा में धनुष और कृति सेनन ने एक्स लवर्स की भूमिका निभाई है जिन्हें किस्मत एक साथ लाती है, और फिर उनकी जिंदगी में उथल-पुथल मच जाती है. फिल्म का क्लाइमेक्स इतना जबरदस्त है कि ये दर्शकों की आंखों में आंसू ला देता है इसी वजह से ये फिल्म दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब हो रही है और इसी के साथ दबाकर नोट भी छाप रही है. अब इस फिल्म को रिलीज हुए एक हफ्ता पूरा हो चुका है.

इन सबके बीच फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज के पहले दिन 16 करोड़ कमाए. इसके बाद दूसरे दिन फिल्म ने 17 करोड़, तीसरे दिन 19 करोड़, चौथे दिन 8.75 करोड़, पांचवें दिन 10.25 करोड़ और छठे दिन 6.85 करोड़ का कारोबार किया है.

    • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज के 7वें दिन 5.75 करोड़ कमाए हैं.
    • इसी के साथ ‘तेरे इश्क में’ की 7 दिनों की कुल कमाई अब 83.60 करोड रुपये हो गई है.

तेरे इश्क में’ बनी साल की तीसरी सबसे बड़ी रोमांटिक फिल्म
‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज के एक हफ्ते में 83 करोड़ से ज्यादा कमाई कर ली है. इसी के साथ ये फिल्म अब हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा की सुपरहिट फिल्म एक दीवाने की दीवानियत के 85.80 करोड़ (कोईमोई के आंकड़ों के मुताबिक) के लाइफटाइम कलेक्शन को मात देने से इंचभर दूर है. शुक्रवार को फिल्म से आंकड़ा पार कर लेगी और इसी के साथ ये साल की तीसरी सबसे बड़ी रोमांटिक फिल्म बन जाएगी

ये हैं 2025 की टॉप 10 बॉलीवुड रोमांटिक फिल्में (कोईमोई के आंकड़े)

    • सैयारा- 337.69 करोड़
    • दे दे प्यार दे 2- 87.70 करोड़
    • एक दीवाने की दीवानियत- 85.80 करोड़
    • तेरे इश्क में- 83.60 करोड़ (7 दिन में)
    • भूल चुक माफ: 74.81 करोड़
    • सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी: 57.48 करोड़
    • मेट्रो इन दिनों- 56.3 करोड़
    • परम सुंदरी- 54.85 करोड़
    • धड़क 2- 24.24 करोड़
    • मेरे हसबैंड की बीवी- 12.25 करोड़

100 करोड़ी बनने से इंचभर है दूर 
‘तेरे इश्क में’ को सिनेमाघरों में एक हफ्ता पूरा हो चुका है और इसकी कमाई भी 83 करोड़ के पार हो गई है. इसी के साथ ये फिल्म अब 100 करोड़ बनने से इंचभर दूर है. इस आंकड़े को छूने के लिए इस फिल्म को 17 करोड़ और कमाने की जरूरत है. अब देखने वाली बात होगी की ‘धुरंधर’ के आने के बाद ये फिल्म दूसरे वीकेंड पर कैसा परफॉर्म कर पाती है.

Sports News:मोहम्मद शमी की गेंदबाज़ी का फिर चला जलवा—सिर्फ 13 रन खर्च कर चटकाए 4 विकेट, बंगाल को मिली शानदार जीत.

भारतीय टीम से बाहर चल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के 13 रन पर चार विकेट से बंगाल ने बृहस्पतिवार को यहां सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप सी मैच में सेना को सात विकेट से हरा दिया.

यह बंगाल की पांच मैच में चौथी जीत है और अभिमन्यु ईश्वरन की अगुआई वाली टीम 16 अंक के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर है. टीम ने इसके साथ ही नॉकआउट में जगह बनाने का अपना दावा मजबूत कर दिया है.

आईपीएल नीलामी में उतर रहे ईश्वरन ने 37 गेंद में 58 रन की पारी खेलने के अलावा अभिषेक पोरेल (29 गेंद में 56 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 93 रन जोड़े जिससे बंगाल ने 166 रन के लक्ष्य को 15.1 ओवर में ही हासिल कर लिया.

इससे पहले मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए शमी ने 13 रन देकर चार जबकि आकाशदीप ने 27 रन देकर तीन विकेट चटकाए जिससे सेना की टीम 18.2 ओवर में 165 रन पर सिमट गई. ऋतिक चटर्जी ने भी 32 रन देकर दो विकेट चटकाए.

चोट के बाद वापसी करते हुए पंजाब के खिलाफ तेजतर्रार पारी खेलने वाले हार्दिक पंड्या ने इस बार गेंद से प्रभावित करते हुए चार ओवर में 16 रन देकर एक विकेट हासिल किया जबकि उनकी टीम बड़ौदा ने गुजरात को कम स्कोर वाले मैच में आठ विकेट से हराया.

गुजरात की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 14.1 ओवर में सिर्फ 73 रन पर ढेर हो गई. गुजरात के सिर्फ दो खिलाड़ी दोहरे अंक में पहुंच पाए. बड़ौदा की ओर से भारत के पूर्व अंडर-19 तेज गेंदबाज राज लिम्बानी ने पांच रन देकर तीन विकेट चटकाए.

बड़ौदा ने इसके जवाब में सिर्फ 6.4 ओवर में दो विकेट पर 74 रन बनाकर जीत दर्ज की. हार्दिक ने छह गेंद में 10 रन बनाए. यह भारतीय ऑलराउंडर अब छह दिसंबर को कटक के लिए रवाना होगा जहां वह नौ दिसंबर से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हो रही पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम के साथ जुड़ेगा.

ग्रुप के एक अन्य मैच में तेज गेंदबाजों अंशुल कंबोज (44 रन पर तीन विकेट) और अनुज ठकराल (31 रन पर तीन विकेट) की धारदार के गेंदबाजी के बाद यशवर्धन दलाल (नाबाद 76) के अर्धशतक से हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश को सात विकेट से हरा दिया.

हिमाचल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 176 रन बनाए थे जिसके जवाब में हरियाणा ने 18 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। दलाल ने अपनी पारी में सात चौके और चार छक्के लगाए.

पंजाब ने एकतरफा मुकाबले में पुडुचेरी को आसानी से 54 रन से हरा दिया. पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सलील अरोड़ा के 44 रन और अभिषेक शर्मा के 34 रन की मदद से पांच विकेट पर 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.

पुडुचेरी की टीम इसके जवाब में 18.4 ओवर में 138 रन पर ढेर हो गई. सिदाक सिंह ने पुडुचेरी की ओर से सर्वाधिक 61 रन बनाए लेकिन उन्हें अन्य बल्लेबाजों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. पंजाब की तरफ से अभिषेक ने 23 रन देकर तीन विकेट चटकाए.

Putin India Visit:पुतिन के दमदार 28 घंटे—PM मोदी के साथ निजी डिनर से लेकर कूटनीति और रक्षा सौदों तक का पूरा सिलसिला

 रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचेंगे. शाम करीब साढ़े चार बजे उनके दिल्ली पहुंचने की संभावना है. आगमन के कुछ घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके लिए निजी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे.

पिछले वर्ष जुलाई में जब पीएम मोदी मॉस्को गए थे, तब पुतिन ने भी उनका इसी तरह निजी आतिथ्य किया था. पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अमेरिका संबंध दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं. अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50% तक शुल्क बढ़ा दिया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के कारण 25% अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है.

नई दिल्ली में 28 घंटे का व्यस्त कार्यक्रम

पुतिन की यात्रा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद भारत रूस की 23वीं वार्षिक शिखर बैठक आयोजित होगी. हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए दोपहर भोज की मेजबानी करेंगे. पुतिन शुक्रवार सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी देंगे.

शिखर वार्ता के बाद पुतिन रूस के सरकारी प्रसारक के भारत चैनल की शुरुआत करेंगे. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके सम्मान में राजकीय भोज देंगी. कुल लगभग 28 घंटे की यात्रा के बाद पुतिन शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे भारत से प्रस्थान करेंगे. शिखर बैठक में भारत रूस से कच्चे तेल की बड़े पैमाने पर खरीद से बढ़ते व्यापार घाटे पर चर्चा कर सकता है. साथ ही, अमेरिकी प्रतिबंधों का भारत रूस व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी बात होने की संभावना है.

कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर की तैयारी

जानकारी के अनुसार, पुतिन प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका की ओर से किए जा रहे प्रयासों से अवगत करा सकते हैं. भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्ध का समाधान संवाद और कूटनीति के रास्ते से ही संभव है. दोनों नेताओं की वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर की उम्मीद है. इनमें भारतीय श्रमिकों के रूस में आवागमन को आसान बनाने वाला समझौता और रक्षा सहयोग के ढांचे के तहत साजो सामान संबंधी सहयोग शामिल है. फार्मा, कृषि, खाद्य उत्पाद और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में रूस को भारतीय निर्यात बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

भारत उर्वरक क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहा है. रूस हर साल 30–40 लाख टन उर्वरक भारत को उपलब्ध कराता है. दोनों पक्ष व्यापार, शिक्षा, कृषि और संस्कृति से जुड़े कई समझौतों को अंतिम रूप दे सकते हैं. साथ ही, भारत द्वारा प्रस्तावित यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी चर्चा हो सकती है. भारत का रूस से प्रतिवर्ष आयात लगभग 65 अरब डॉलर है, जबकि रूस भारत से सिर्फ पांच अरब डॉलर का आयात करता है. यह व्यापार असंतुलन भारत के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.

शिखर बैठक से पहले रक्षा मंत्रियों की अहम वार्ता

शिखर बैठक से पहले गुरुवार को दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच व्यापक वार्ता होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव एस 400 मिसाइल प्रणाली, सुखोई 30 लड़ाकू विमानों के उन्नयन और अन्य सैन्य साजो सामान की खरीद पर चर्चा करेंगे. दोनों पक्षों का मुख्य ध्यान रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा रूस से सैन्य उपकरणों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर रहेगा.

सूत्रों का कहना है कि भारत रूस से एस 400 मिसाइल प्रणाली की अतिरिक्त खेप खरीदने पर विचार कर रहा है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह प्रणाली बेहद प्रभावी साबित हुई. अक्टूबर 2018 में भारत ने एस 400 की पांच इकाइयां खरीदने के लिए पांच अरब डॉलर के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, हालांकि अमेरिका ने इस सौदे पर सीएएटीएसए कानून के तहत प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी.

2021 के बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा

भारत और रूस के बीच हर वर्ष शिखर बैठक आयोजित होती है. अब तक दोनों देशों के बीच 22 वार्षिक शिखर बैठकें हो चुकी हैं. पुतिन आखिरी बार 2021 में भारत आए थे. पिछले वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने मॉस्को गए थे.