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पाकिस्तानी संसद में इस बार गधे ने लगाई एंट्री, इससे पहले कुत्ता-बिल्ली भी पहुंच चुके हैं सदन तक

5 दिसंबर को पाकिस्तान की संसद में एक मजेदार लेकिन सुरक्षा की कमजोरी उजागर करने वाली घटना घटी. उच्च सदन यानी सीनेट में सत्र चल रहा था कि अचानक एक गधा संसद भवन में घुस आया. सांसदों ने देखते ही हंसी का ठहाका लगा दिया और सुरक्षाकर्मी उसे बाहर निकालने के लिए दौड़ पड़े. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर जमकर मीम्स बना रहे हैं.

जब संसद में निरीक्षण करने पहुंच गया गधा
पाकिस्तान सीनेट के लाइव सत्र के दौरान गधा सीधे कक्ष में दाखिल हुआ, तो पहले सांसद घबरा गए. गधा इधर से उधर भागने लगा. लेकिन थोड़ी देर में ही सदन में ठहाके लगने लगे. सदन में मौजूद सांसदों और चेयरमैन यूसुफ रजा गिलानी ने इस स्थिति को ह्यूमर में लेते हुए संभालने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.

यूसुफ रजा गिलानी ने मजे लेते हुए कहा, ‘जानवर भी चाहते हैं कि हमारे कानूनों पर उनकी राय सुनी जाए.’ इस पर सदन में मौजूद सांसद हंस पड़े और कुछ देर तक हल्की-फुल्की टिप्पणियां चलती रहीं.

पाकिस्तानी संसद सुरक्षा की बड़ी चूक
जांच में पता चला कि गधा शायद पास के अस्तबल या असुरक्षित गलियारे से घुसा था. सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह दोबारा अंदर आ गया और गलती से कुछ सांसदों से टकरा भी गया.
संसद में इस तरह किसी जानवर का घुसना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. संसद की इतनी सख्त पहरेदारी होने के बावजूद एक गधे को नहीं रोक पाए. यानी एक गधा संसद की सुरक्षा तोड़कर मजे से अंदर घूमता रहा.

कुत्ता और बिल्ली भी संसद में हिस्सा ले चुके
इस तरह की चूक पहली बार नहीं है. 2023 में एक आवारा कुत्ता भी संसद में घुस गया था. इससे पाकिस्तान की संसदीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे.

अप्रैल 2023 में एक जंगली सिवेट कैट (मूस) संसद के एक ऑफिस में टूटे कांच से घुस गई. वह छत से गिरकर स्टाफ को डराने लगी. इसका वीडियो जमकर वायरल हुआ. वीडियो में CDA स्टाफ उसे पकड़ने के लिए दौड़ते नजर आए. उन्होंने कपड़े फेंककर उसे कवर किया और पकड़ लिया.

Best Morning Habits For Easy Bowel Movement:जॉब पर निकलने से पहले पेट को पूरी तरह साफ कैसे रखें? ये आसान टिप्स आएंगे काम

अगर ऑफिस के कम्युनल बाथरूम में टॉयलेट जाने का ख्याल भी आपको असहज कर देता है, तो यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं. सर्वे बताते हैं कि करीब एक-तिहाई कर्मचारी ऑफिस में पॉटी करने से घबराते हैं और हर पांच में से एक इसे पूरी तरह अवॉइड करता है. वजह वही प्राइवेसी की कमी, बदबू, आवाज, और आसपास किसी के होने की शर्म. अच्छी खबर ये है कि एक्सपर्ट्स बताते हैं कुछ आसान आदतें आपकी मदद कर सकती हैं कि आप ऑफिस जाने से पहले ही आराम से पेट साफ कर लेंताकि बगल वाले स्टॉल में बैठे सहकर्मी की मौजूदगी आपका दिन खराब न करे

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. लेबेलिस पादिला कहती हैं कि हर किसी का सिस्टम घड़ी की तरह चल ही जाए ऐसा जरूरी नहीं, लेकिन कुछ आदतें जरूर हैं जो आपके शरीर को एक आसान, नियमित पैटर्न में ला सकती हैं. और यह सब लाइफस्टाइल  से शुरू होता है. डॉ. पादिला के अनुसार, नियमित और प्रिडिक्टेबल बाउल मूवमेंट मुख्य रूप से आपकी रोजमर्रा की आदतों का नतीजा होते हैं. जब ये आदतें एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करती हैं, तो शरीर भी एक तय रफ्तार पकड़ लेता है, यहां तक कि टॉयलेट जाने के समय पर भी.

यह सिर्फ सुविधा का मामला नहीं है. रिसर्च कहती है कि आप कितनी बार टॉयलेट जाते हैं, यह आपके पूरे स्वास्थ्य का भी संकेत है. कुछ अध्ययनों में पाया गया कि दिन में एक से दो बार स्टूल पास करना शरीर के लिए सबसे बेहतर रेंज माना जाता है.

 फाइबर बढ़ाएं

नियमित मल त्याग के लिए सबसे पहली जरूरत है पर्याप्त फाइबर. फाइबर स्टूल को बल्की और सॉफ्ट बनाता है, जिससे निकालना आसान हो जाता है. साथ ही ये आपके कोलन की अच्छी सफाई करता है और जमा गंदगी व बैक्टीरिया हटाने में मदद करता है. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि 95 प्रतिशत  वयस्क रोजाना की फाइबर जरूरत पूरी नहीं करते. एक्सपर्ट कम से कम 25 ग्राम फाइबर रोज़ लेने की सलाह देती हैं.

 सुबह पानी पिएं

अगर आप चाहते हैं कि ऑफिस निकलने से पहले ही पॉटी हो जाए, तो सुबह उठते ही सबसे पहला काम पानी पीना होना चाहिए कॉफी नहीं. कॉफी कुछ लोगों में लैक्सेटिव की तरह काम कर सकती है, लेकिन पानी की असली भूमिका है कब्ज रोकना. पर्याप्त पानी स्टूल को नरम रखता है और पास करना आसान बनाता है.

शरीर को हल्का-सा हिलाएं

थोड़ी बहुत हलचल भी आपकी आंतों को एक्टिव कर देती है. जरूरी नहीं कि आप सुबह-सुबह दौड़ लगाने निकल जाएं. कुछ हल्के योगासन जैसे सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट, फॉरवर्ड फोल्ड, योगा स्क्वाट और घुटनों को छाती से लगाना ये सभी आंतों की मूवमेंट बढ़ाते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Physical Activity And Cancer Prevention:रोजाना सिर्फ 10 मिनट करें ये एक्सरसाइज, यह खतरनाक कैंसर आपको छू भी नहीं पाएगा

 रोजाना सिर्फ 10 मिनट की तेज और एनर्जेटिक एक्सरसाइज न सिर्फ आपकी फिटनेस बढ़ा सकती है, बल्कि आंतों के कैंसर यानी बॉवेल कैंसर से लड़ने में भी मदद कर सकती हैय यह दावा न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर के एक अध्ययन में किया गया है. चलिए आपको बताते हैं कि रिसर्च में क्या निकला और एक्सरसाइज कौन सा और कैसे करना है.

क्या निकला रिसर्च में?

रिसर्च  में सामने आया कि कम समय की लेकिन तेज एक्सरसाइज शरीर के भीतर खून में ऐसे ऑर्गेनिक बदलाव पैदा करती है, जो कैंसर सेल्स की बढ़त को रोकने और डीएनए को होने वाले नुकसान की मरम्मत को तेज करने में मदद करते हैं. रिसर्चर के मुताबिक, एक्सरसाइज के दौरान खून में कुछ खास छोटे मॉलिक्यूल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिनका संबंध सूजन कम करने, ब्लड वेसल्स की काम करने की क्षमता सुधारने और मेटाबॉलिज्म बेहतर करने से है. जब इन एक्सरसाइज-से पैदा हुए मॉलिक्यूल्स  को लैब में बॉवेल कैंसर की कोशिकाओं पर इस्तेमाल किया गया, तो 1,300 से ज्यादा जीन की गतिविधियों में बदलाव देखा गया. इनमें वे जीन भी शामिल थे जो डीएनए रिपेयर, एनर्जी प्रोडक्शन और कैंसर सेल्स की ग्रोथ को नियंत्रित करते हैं.

कहां पब्लिश हुई रिसर्च? 

यह स्टडी इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित हुआ है. शोध के मुताबिक, एक्सरसाइज शरीर में ऐसे सिग्नल भेजती है जो जीन के स्तर पर ट्यूमर की ग्रोथ और जीनोम की अस्थिरता को प्रभावित करते हैं. स्टडी का नेतृत्व करने वाले डॉक्टर सैम ऑरेंज ने कहा कि यह बात खास है कि एक्सरसाइज सिर्फ हेल्दी टिशूज़ के लिए ही फायदेमंद नहीं होती, बल्कि यह ब्लडस्ट्रीम के ज़रिए ऐसे शक्तिशाली संकेत भेजती है, जो कैंसर सेल्स के हजारों जीन को प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि यह रिसर्च भविष्य में ऐसे इलाज के रास्ते खोल सकती है, जो एक्सरसाइज के जैविक प्रभावों की नकल कर सकें या उन्हें और मजबूत बना सकें. इससे कैंसर के इलाज और मरीजों के नतीजों में सुधार संभव हो सकता है.

एक्सरसाइज न करने के नुकसान

स्टडी में यह भी पाया गया कि एक्सरसाइज से उन जीन की सक्रियता बढ़ती है जो माइटोकॉन्ड्रियल एनर्जी मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं, जिससे सेल्स ऑक्सीजन का बेहतर इस्तेमाल कर पाती हैं. वहीं, तेजी से सेल्स की बढ़त से जुड़े जीन की गतिविधि कम हो जाती है, जिससे कैंसर सेल्स का अटैक घट सकता है. इसके साथ ही, एक्सरसाइज के बाद लिया गया खून डीएनए रिपेयर को बढ़ावा देता है और पीएनकेपी नाम के एक अहम जीन को सक्रिय करता है.

इस शोध में 50 से 78 साल की उम्र के 30 लोगों को शामिल किया गया था. सभी प्रतिभागी पुरुष और महिलाएं थे, जो ओवरवेट या मोटापे का शिकार थे, लेकिन अन्य गंभीर बीमारियों से मुक्त थे. उन्होंने लगभग 10 मिनट की हाई-इंटेंसिटी साइक्लिंग की, जिसके बाद उनके ब्लड सैंपल लेकर 249 प्रोटीन का विश्लेषण किया गया. इनमें से 13 प्रोटीन एक्सरसाइज के बाद बढ़े पाए गए, जिनमें इंटरल्यूकिन-6 भी शामिल था, जो डीएनए रिपेयर में मदद करता है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

लखनऊ के सरोजनीनगर में अनवरत चल रहा “आपका विधायक-आपके द्वार” कार्यक्रम: विधायक राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में आमजनमानस को मिल रहा स्वास्थ्य, सम्मान और योजनाओं का लाभ

  • 151वें शिविर में के.के. हॉस्पिटल के सहयोग से बंथरा में लगा आई कैंप
  • डॉ. राजेश्वर सिंह की समावेशी पहल के तहत लगातार हो रहा मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान और युवाओं का सशक्तिकरण
  • “आपका विधायक-आपके द्वार” शिविर लोकतंत्र के जमीनी स्तंभ का जीवंत उदाहरण

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में पिछले 150 सप्ताहों से अधिक समय से निरंतर जनसुनवाई शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि शासन-प्रशासन की योजनाओं और जनसुविधाओं का लाभ सीधे अंतिम नागरिक तक पहुँचे। इसी क्रम में रविवार को ग्रामसभा बंथरा में 151वाँ “आपका विधायक- आपके द्वार” जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया।

जनसमस्याओं का त्वरित समाधान

शिविर में क्षेत्रवासियों द्वारा वृद्धावस्था पेंशन, बाल सेवा योजना का लाभ, सड़क, नाली, साइकिल, पीएम आवास जैसी समस्याएँ एवं आवश्यकताएँ दर्ज की गईं, जिनके त्वरित समाधान का प्रयास किया गया। इस अवसर पर 10 जन समस्याओं का त्वरित समाधान भी किया गया।

के के हॉस्पिटल के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर

आमजन के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए के. के. हॉस्पिटल के सहयोग से चिकित्सा शिविर भी आयोजित हुआ, जिसमें 41 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया और 32 वृद्धजनों को चश्में प्रदान किए जायेंगे।

युवाओं को सम्मान और संसाधन

गाँव की शान पहल के अंतर्गत हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 4 मेधावियों 1. जैस जायसवाल (97%), 2. सौम्या गुप्ता (92%), 3. श्रद्धा गुप्ता (92%), 3. अनिकेत वर्मा(74%), 4. विश्व प्रताप सिंह (82%) को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं, युवाओं को खेल संसाधन उपलब्ध कराने के संकल्प के क्रम में 165वाँ बॉयज़ यूथ क्लब एवं 100वाँ गर्ल्स यूथ क्लब गठित किया गया और खेल किट वितरित की गई।

शिविर में उपस्थित बूथ अध्यक्ष विवेक राजपूत, सेक्टर संयोजक पवन मिश्रा, बूथ अध्यक्ष प्रखर गुप्ता, विनोद मिश्रा, रोहित मौर्या, पुरुषोत्तम मिश्रा, दिनेंद्र सिंह, शिव कुमार सिंह, बैद्यनाथ (Retd. DySP), शेरा गुप्ता, सुरेश सिंह चौहान, अरुण कुमार गुप्ता, पिंटू तिवारी, आयुष वर्मा एवं अन्य गणमान्यों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, सभी उपस्थित जनसमुदाय को तारा शक्ति नि:शुल्क रसोई के माध्यम से ताज़ा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।

जालौन: क्रय–विक्रय सहकारी समिति कालपी के सचिव प्रदीप दुबे के सेवा-निवृत्ति पर विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित

कालपी (जालौन): जनपद के कालपी नगर में क्रय–विक्रय सहकारी समिति,कालपी के सचिव प्रदीप दुबे के सेवा-निवृत्ति अवसर पर एक गरिमामय विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह कालपी के आलमपुर स्थित नवीन सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में सम्पन्न हुआ, जिसमें सहकारिता, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।

समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. जादौन ने श्री प्रदीप दुबे को शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुबे ने अपने सेवाकाल में ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करते हुए सहकारिता विभाग को मजबूत आधार प्रदान किया। ऐसे कर्मठ और समर्पित अधिकारी विभाग की वास्तविक पूंजी होते हैं।

डॉ. जादौन ने कहा कि सहकारिता व्यवस्था किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम जनमानस से सीधे जुड़ी हुई है और श्री प्रदीप दुबे जैसे अधिकारी इस व्यवस्था की रीढ़ रहे हैं। उन्होंने उनके स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार जालौन के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत उपस्थित रहे। उन्होंने दुबे के साथ अपने कार्यानुभव साझा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सहकारिता से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और अनुशासन बना रहा। उन्होंने कहा कि श्री दुबे का सरल स्वभाव और समस्याओं के समाधान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण हमेशा स्मरणीय रहेगा।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी कालपी के अध्यक्ष सुबोध द्विवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदीप दुबे ने अपने कार्यकाल में न केवल विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया, बल्कि सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी दुबे के सेवाकाल की सराहना करते हुए उन्हें एक कर्मठ, अनुशासित एवं जनहित के प्रति संवेदनशील अधिकारी बताया। समारोह में सहकारिता विभाग के कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों द्वारा प्रदीप दुबे के उज्ज्वल भविष्य की कामना एवं सामूहिक स्मृति-चिह्न प्रदान किए जाने के साथ हुआ। समारोह सौहार्दपूर्ण एवं भावनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर प्रदेशीय कोऑपरेटिव यूनियन के प्रतिनिधि राहुल समाधिया, क्रय-विक्रय कलपी के उपसभापति उदय प्रताप सिंह, ओंकार सिंह सेंगर तथा मिनोरा सहकारी संघ के अध्यक्ष श्याम करण प्रजापति मुख्य रूप से उपस्थित रहे।