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List Of Double Hundred In ODI Cricket: वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज़, इस खास सूची में 5 भारतीय खिलाड़ी शामिल

वनडे क्रिकेट में एक समय था जब एक पारी में दोहरा शतक बनाना सपने की तरह था. पाकिस्तान के सईद अनवर द्वारा वनडे में बनाया गया 194 रनों का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड लगातार 17 सालों तक बना रहा था. ये रिकॉर्ड किसी पुरुष खिलाड़ी की पहुंच से साल 2010 तक दूर रहा था. आखिरकार भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने इस रिकॉर्ड को साल 2010 में तोड़ दिया था. वहीं, अब तक 12 क्रिकेटरों ने वनडे में 12 दोहरे शतक बनाए हैं जिसमें 5 भारतीय बल्लेबाज शामिल हैं. इन 12 दोहरे शतकों में से 7 शतक तो केवल भारतीय बल्लेबाजों ने बनाए हैं.

दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट इस प्रकार है:-

1. रोहित शर्मा (IND)264 (सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर)श्रीलंका, 2014
2. मार्टिन गुप्टिल (NZ)237*वेस्ट इंडीज, मार्च 2015
3. अमेलिया केर (NZ)232*आयरलैंड, जून 2018
4. बेलिंडा क्लार्क (Aus)229*(पहली महिला)डेनमार्क, दिसंबर 1997
5. वीरेंद्र सहवाग (IND)219वेस्ट इंडीज, दिसंबर 2011
6. क्रिस गेल (WI)215  (सबसे तेज)जिम्बाब्वे, फरवरी 2015
7. फखर जमान (PAK)210*जिम्बाब्वे, जुलाई 2018
8. पथुम निसंका (SL)210*अफगानिस्तान, फरवरी 2024
9. ईशान किशन (IND)210बांग्लादेश, दिसंबर 2022
10. रोहित शर्मा (IND)209ऑस्ट्रेलिया, नवंबर 2013
11. रोहित शर्मा (IND)208*श्रीलंका, दिसंबर 2017
12. शुभमन गिल (IND)208न्यूजीलैंड, जनवरी  2023
13. ग्लेन मैक्सवेल (AUS)201*अफगानिस्तान, नवम्बर 2023
14. सचिन तेंदुलकर (IND)200* (पहला पुरुष)दक्षिण अफ्रीका, फरवरी 2010

वनडे क्रिकेट में शतकों और दोहरे शतकों के रिकॉर्ड

  • इंग्लैंड के बल्लेबाज जॉन एडरिक ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैचों का पहला अर्धशतक बनाया था. उन्होंने 5 जनवरी, 1971 को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 82 रन बनाए थे.
  • इंग्लैंड के ही बल्लेबाज डेनिस एमिस पहले क्रिकेटर थे जिन्होंने वनडे क्रिकेट में पहला शतक बनाया था. उन्होंने 24 अगस्त, 1972 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, वनडे क्रिकेट के इतिहास का पहला शतक (103) बनाया था. 
  • भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर पहले पुरुष क्रिकेटर थे जिन्होंने साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में पहला दोहरा शतक (200*) बनाया था.
  • वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रोहित शर्मा ने बनाया था. रोहित ने 13 नवंबर, 2014 को वनडे क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर (264 रन) श्रीलंका के खिलाफ बनाया था.
  • वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम दर्ज है. उन्होंने वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ा था. क्रिस गेल ने सिर्फ 138 गेंदों में 200 रन बनाए हैं, जबकि सहवाग ने 140 गेंदों में ये उपलब्धि हासिल की थी.
  • विवियन रिचर्ड्स पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने साल 1984 में वनडे में 180+ स्कोर बनाया था. लेकिन इस रिकॉर्ड को गैरी कर्स्टन ने तोड़ दिया जिन्होंने 16 फरवरी, 1996 को संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ 188* रन बनाए थे.
  • पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज सईद अनवर पहले खिलाड़ी थे, जिन्होंने वनडे में 190+ स्कोर बनाया था. अनवर ने 194 रनों का स्कोर 21 मई,1997 को भारत के खिलाफ बनाया था.
  • सईद अनवर के इस को ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर बेलिंडा क्लार्क ने तोड़ा था, उन्होंने दिसम्बर 1997 में मुंबई के मिग क्लब ग्राउंड (MIG Club Ground) में डेनमार्क के खिलाफ नाबाद 229 रन बनाए थे.

शक्सगाम घाटी में CPEC पर भारत ने जताई आपत्ति, चीन का जवाब आया, जानें ड्रैगन ने क्या कहा

चीन ने भारत की आपत्तियों के बीच सोमवार को शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को दोहराया और कहा कि इस इलाके में उसकी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बिल्कुल उचित हैं. दरअसल, भारत ने पिछले शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को शक्सगाम घाटी में चीन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आलोचना करते हुए कहा था कि यह भारतीय क्षेत्र है और उसके पास अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है.

पाकिस्तान ने साल 1963 में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र में से शक्सगाम घाटी के 5,180 वर्ग किलोमीटर हिस्से को चीन को सौंप दिया था.

भारत ने चीन-PAK के समझौते को कभी मान्यता नहीं दी- जायसवाल

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है. हमने 1963 में किए गए तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है. हम लगातार कहते आए हैं कि यह समझौता अवैध और अमान्य है.’ उन्होंने कहा, ‘हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को भी मान्यता नहीं देते, क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसपर पाकिस्तान का अवैध और जबरन कब्जा है.’

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा- जायसवाल

शक्सगाम घाटी में चीन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. यह बात पाकिस्तानी और चीनी अधिकारियों को कई बार स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है.’

भारत की टिप्पणी पर चीन ने दी प्रतिक्रिया

जायसवाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘सबसे पहले तो जिस क्षेत्र का आप उल्लेख कर रहे हैं, वह चीन का हिस्सा है.’ उन्होंने कहा, ‘अपने ही क्षेत्र में चीन की बुनियादी ढांचा गतिविधियां बिल्कुल उचित हैं. चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में सीमा समझौता किया था और दोनों देशों के बीच सीमा तय की गई थी. यह संप्रभु देशों के रूप में चीन और पाकिस्तान का अधिकार है.’

CPEC को लेकर क्या बोले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता?

वहीं, CPEC को लेकर भारत की ओर से आलोचना किए जाने पर माओ ने बीजिंग के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि यह एक आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक व सामाजिक विकास करना और लोगों की जीवन में सुधार लाना है. उन्होंने कहा, ‘इस तरह के समझौते और CPEC से कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इस मामले में चीन का रुख अपरिवर्तित है.’

कश्मीर मुद्दे पर क्या है चीन का रूख?

कश्मीर मुद्दे पर चीन का आधिकारिक रुख यह है कि जम्मू-कश्मीर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार उचित व शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए. चीन इस रुख को दोहराता रहा है.

Entertainment News:‘पारो’ ने हासिल किया बड़ा सम्मान, ऑस्कर 2026 की दौड़ में शामिल हुई हीरामंडी एक्टर की फिल्म

‘हीरामंडी’ सीरीज में मशहूर अभिनेता ताहा शाह अब नई अचीव्मेंट के साथ सुर्खियों में हैं. हाल ही में उनकी फिल्म ‘पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी’ को 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स (2026) की कंटेंशन लिस्ट में जगह मिल गई है. इसकी जानकारी खुद ताहा शाह ने इंस्टाग्राम के जरिए फैंस को दी. उन्होंने शूटिंग की कुछ तस्वीरें शेयर कीं.

संजय लीला भंसाली की सीरीज ‘हीरामंडी’ के बाद ताहा शाह की ये फिल्म सामाजिक मुद्दे पर ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर चर्चा बटोर रही है. ऑस्कर की ये कंटेंशन लिस्ट फिल्म के लिए पहला बड़ा कदम है. ताहा शाह ने बताया कि ये फिल्म दुल्हन खरीद-फरोख्त (ब्राइड स्लेवरी) जैसी सामाजिक बुराई पर आधारित है. साथ ही, उन महिलाओं की दर्दनाक कहानी को भी पेश करती है, जिन्हें अगवा कर बेचा जाता है और कई लोगों के साथ गुलामी की जिंदगी जीने को भी मजबूर होती हैं.

‘मेरा दिल खुशी से भर गया है’
ताहा शाह ने ‘पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी’ की शूटिंग की तस्वीरों के साथ लिखा- ‘मेरा दिल खुशी से भर गया है, क्योंकि मेरी फिल्म पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स की कंटेंशन लिस्ट में शामिल हो गई है. ये फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि उन आवाजों का प्रतिनिधित्व है, जिन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता है. ये एक ऐसी कहानी है, जिसे सरहदों से परे देखा और सुना जाना चाहिए. मैं पूरी टीम और उन सभी लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने इस सफर पर भरोसा किया. उम्मीद है कि ये पहचान मीनिंगफुल सिनेमा के लिए नए दरवाजे खोलेगी, जो संवेदना, जागरूकता और बदलाव को इंस्पायर करे.

ताहा ने आगे लिखा- ‘दुल्हन प्रथा में होने वाले शोषण पर बनी यह फिल्म दुनियाभर में लोगों के दिलों को छू रही है. अलग-अलग देशों में हुई स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों की नम आंखें और प्यार भरे मैसेज इस सफर को मेरे दिल के बहुत करीब बना देते हैं.’

‘द राजा साब’ की चार दिनों की कमाई से खुला बॉक्स ऑफिस का हाल: हिट या फ्लॉप?

सफल शुरुआत के बाद, प्रभास स्टारर और मारुति निर्देशित हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ को ज्यादातर निगेटिव रिव्यू मिले हैं, जिसका असर घरेलू बॉक्स ऑफिस पर दिखना शुरू हो गया है. भले ही फिल्म ने रिलीज के पहले वीकेंड में भारत में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की हो, लेकिन भारतीय सिनेमा को घरेलू और इंटरनेशनल लेवल पर कुछ सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले प्रभास ‘द राजा साब’ से कुछ खास कमाल नहीं कर पाए हैं. चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के चौथे दिन यानी मंडे को कितना कलेक्शन किया है?

द राजा साब’ ने चौथे दिन कितनी की कमाई?
प्रभास की ‘द राजा साब’ से उम्मीद थी कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी. इसकी ओपनिंग भी अच्छी हुई थी लेकिन क्रिटिक्स और दर्शकों ने इस फिल्म की कमजोर कहानी और खराब डायलॉग्स की वजह से इसकी जमकर आलोचना की  इसकी वजह से फिल्म की कमाई में दूसरे ही दिन से भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. यहां तक कि ये फिल्म ओपनिंग वीकेंड पर भी कमाई में तेजी नहीं दिखा पाई. अब ये फिल्म मंडे टेस्ट में भी फेल हो गई है.

फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘द राजा साहब’ ने पीव्यू शो में 9.15 करोड़ कमाए थे.इसके बाद इसके इसने पहले दिन 53.75 करोड़ से दमदार ओपनिंग की लेकिन हॉरर-कॉमेडी फिल्म की कमाई में दूसरे दिन 51.63 प्रतिशत क गिरावट देखी गई और इसने 26 करोड़ कमाए. वहीं रविवार को छुट्टी का फायदा मिलने के बावजूद इसकी कमाई 26.54 फीसदी और गिर गई और इसने 19.1 करोड़ का कलेक्शन किया.

  • अब सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘द राजा साहब’ ने रिलीज के चौथे दिन यानी मंडे को 5.4 करोड़ की कमाई की है.
  • इसी के साथ ‘द राजा साहब’ की चार दिनों की कुल कमाई अब 113.04करोड़ रुपये हो गई है.

 द राजा साब’ चार दिन बाद भी नहीं वसूल पाई आधा बजट
‘द राजा साहब’ की कमाई में मंडे को भारी गिरावट दर्ज की गई और ये सिंगल डिजिट में ही सिमट गई. वहीं खबरों के मुताबिक, ‘द राजा साब’ फिल्म 300-400 करोड़ रुपये के बजट में बनी है और ब्लॉकबस्टर बनने की तो बात ही छोड़िए, इसकी निराशाजनक बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस देखते हुए तो इसके लिए अब लागत निकालना के लिए भी बहुत ज्यादा कमाई करनी होगी. वहीं अब देखने वाली बात होगी कि ये फिल्म कितने करोड़ कमा पाती है. फिलहाल तो इस फिल्म पर फ्लॉप होने का खतरा मंडरा रहा है.

परिवार से मिली संगीत की धरोहर, और मधुर सुरों की कला ने राहत फतेह अली खान को बनाया खास।

राहत फतेह अली खान की आवाज में एक जादू है, जो सुनने वालों के दिलों को छू लेता है. उनकी संगीत यात्रा केवल पारंपरिक सूफी कव्वाली तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने बॉलीवुड, पॉप और फिल्मी साउंडट्रैक के जरिए भी लोगों को अपना दीवाना बनाए रखा. राहत के गानों में हर उम्र और हर देश के लोग खो जाते हैं.उनकी आवाज में क्लासिकल की गहराई और पॉप की मिठास दोनों झलकती हैं, जो उन्हें अन्य गायकों से अलग बनाती है.

परिवार से मिली संगीत की विरासत 
राहत फतेह अली खान का जन्म 9 दिसंबर 1974 को पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ. उनका परिवार कव्वाली और सूफी संगीत के लिए प्रसिद्ध है. उनके पिता फर्रुख फतेह अली खान और दादा फतेह अली खान भी बड़े कव्वाल थे, लेकिन सबसे ज्यादा नाम उनके चाचा नुसरत फतेह अली खान ने कमाया. बचपन से ही राहत का संगीत के प्रति खास झुकाव था. महज तीन साल की उम्र में वह अपने पिता और चाचा के साथ मंच पर प्रदर्शन करने लगे. सात साल की उम्र में उन्होंने अपने चाचा नुसरत फतेह अली खान से नियमित संगीत की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी.

हॉलीवुड में भी बना चुके हैं पहचान
नौ साल की उम्र में राहत ने अपने दादा की पुण्यतिथि पर पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया. पंद्रह साल की उम्र तक वह अपने चाचा के प्रसिद्ध कव्वाली समूह का हिस्सा बन गए. 1995 में उन्होंने अपने चाचा और पिता के साथ हॉलीवुड फिल्म ‘डेड मैन वॉकिंग’ के साउंडट्रैक में काम किया. यह उनकी अंतर्राष्ट्रीय संगीत यात्रा की शुरुआत थी. राहत का संगीत केवल पारंपरिक कव्वाली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने धीरे-धीरे बॉलीवुड की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई.

राहत फतेह अली खान के हिट गाने 
राहत फतेह अली खान ने 2003 में फिल्म ‘पाप’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. इस फिल्म में उन्होंने ‘लागी तुझसे मन की लगन’ गाया, जो हिट हुआ. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी, जिनमें ‘तेरे मस्त मस्त दो नैन’, ‘सजदा’, ‘आज दिन चढ़ेया’, ‘ओ रे पिया’, और ‘आफरीन-आफरीन’ शामिल हैं. इन गानों में राहत की आवाज की गहराई और भावनात्मक मिठास दोनों महसूस हुई. यही वजह है कि क्लासिकल संगीत की पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने पॉप और फिल्मी साउंडट्रैक में भी अपनी अलग पहचान बनाई.

कई प्रेस्टीजियस अवार्ड्स से हुए सम्मानित
राहत ने अपनी संगीत यात्रा में कई पुरस्कार भी जीते हैं. उन्होंने लक्स स्टाइल अवार्ड्स, यूके एशियन म्यूजिक अवार्ड्स, फिल्मफेयर और आईफा पुरस्कारों में नामांकन और जीत हासिल की. 2019 में उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट ऑफ म्यूजिक की मानद उपाधि भी मिली.उनकी अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वेम्बली और मैनचेस्टर एरिना जैसे बड़े स्टेडियमों में परफॉर्म किया.