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Travel News:Chenab Bridge के पास घूमने लायक 5 खास जगहें, लिस्ट में शामिल है ‘मिनी कश्मीर’

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल चेनाब ब्रिज चेनाब नदी पर बना है। यह जम्मू-कश्मीर हैं और इस पुल को देखने के लिए लगभर हर कोई बेताब है। हर कोई इस खूबसूरत ब्रिज को देखना चाहता है। अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं, जो चेनाब ब्रिज का दीदार करना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि अगर आप भी चेनाब ब्रिज देखने के लिए जा रहे हैं, तो यहां आसपास घूमने के लिए कई जगहें हैं।

बता दें कि यहां का नजारा एकदम स्वर्ग जैसा होता है। यहां पर बर्फ से ढके पहाड़ और हरियाली देखने लायक होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो चेनाब ब्रिज के पास हैं। ऐसे में आप कुछ घंटों की यात्रा करके यहां पहुंच सकते हैं।

डोडा

चेनाब नदी के किनारे बसा एक छोटा सा लेकिन बेहद सुंदर गांव डोडा है। डोडा की पहाड़ियां और साफ हवा आपके मन को शांति देने का काम करती है। एडवेंचर पसंद करने वाले लोग यहां पर ट्रेकिंग और रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।

भद्रवाह

भद्रवाह को ‘मिनी कश्मीर’ भी कहा जाता है। भद्रवाह चेनाब नदी के पास है और चारों ओर हरियाली, पहाड़ और सुंदर फूलों से घिरी है। आप यहां पर जई घाटी, सीरी नदी और चेराला आदि एक्सप्लोर कर सकते हैं। भद्रवाह ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए फेमस है। अगर आपको ट्रेक करना पसंद है, तो आपको एक बार भद्रवाह जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए।

कटरा और वैष्णो देवी

चेनाब ब्रिज से करीब 60 किमी दूरी पर कटरा है। जोकि वैष्णों देवी मंदिर के लिए जाना जाता है। धार्मिक आस्था से जुड़ी यह जगह पहाड़ों की गोद में बसी है। ऐसे में आप चेनाब ब्रिज को एक्सप्लोर करने के बाद वैष्णों देवी के दर्शन के लिए जा सकते हैं।

शिवखोरी गुफा

वैष्णों देवी जाने वाले लोग शिवखोरी जरूर जाते हैं। शिवखोरी गुफा भगवान शिव को समर्पित है और तमाम फेमस तीर्थ स्थलों में से एक है। शिवखोरी चेनाब ब्रिज से करीब 70 किमी दूर है।

पटनीटॉप

बता दें कि पटनीटॉप एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां की दूरी चेनाब नदी से ज्यादा नहीं है। यहां आकर आप पैराग्लाइडिंग, बर्फबारी और ट्रेकिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। देवदार के पेड़, ठंडी हवा और खुला आसमान इस जगह को बेहद खास बनाते हैं।

‘अब पाकिस्तान को IMF लोन की जरूरत नहीं?’ JF-17 फाइटर जेट पर ख्वाजा आसिफ के दावे की सच्चाई

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चीन में बने JF-17 थंडर फाइटर जेट को लेकर दावा किया कि बीते कुछ महीनों में उसके ऑर्डर में बढ़ोतरी देखने को मिली है. उन्होंने दावा किया कि अगले छह महीने के बाद पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से वित्तीय सहायता लेने की जरूरत नहीं पड़ सकती है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के दावे में कितनी सच्चाई है.

ख्वाजा आसिफ ने क्या दावा किया? 

पाकिस्तान के जियो न्यूज को दिए इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने दावा किया, ‘हमारे फाइटर जेट का परीक्षण हो चुका है और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि अगले 6 महीने में IMF की जरूरत नहीं पड़ेगी.’ ख्वाजा आसिफ का बयान ऐसे समय में आया है जब IMF की शर्त के कारण पाकिस्तान पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा.

आईएमएफ के भरोसे चल रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान वर्तमान में 7 अरब डॉलर के आईएमएफ कार्यक्रम के तहत खुद को किसी तरह बचाए हुए है. यह 3 अरब डॉलर के शॉर्ड टर्म एग्रीमेंट के बाद शुरू हुआ, जिसने 2023 में पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाया था. सऊदी अरब और अन्य खाड़ी सहयोगियों की ओर से वित्तीय और जमा राशि को बरकरार रखने के बाद पाकिस्तान को आईएमएफ का समर्थन प्राप्त हुआ. IMF ने कई सख्त शर्तों के साथ पाकिस्तान को यह लोन दिया है. इसमें राजकोषीय सुधार, सब्सिडी में कटौती और राजस्व सृजन संबंधी पहल शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान को कर्ज लेने के लिए लागू करना होगा.

कई देशों के साथ JF-17 को लेकर चल रही बात

हाल के महीनों में पाकिस्तान ने अपने रक्षा क्षेत्र में विस्तार किया है ताकि हथियारों का निर्यात बढ़ाया जा सके और घरेलू रक्षा उद्योग से कमाई की जा सके.  जेएफ-17 पाकिस्तानी सेना के वेपन डेवलपमेंट प्रोग्राम का आधार बना है. इसके तहत अजरबैजान और लीबियाई राष्ट्रीय सेना के साथ 4 अरब डॉलर की डिफेंस डील होने की खबर सामने आई, जो पाकिस्तान के अब तक के सबसे बड़े डिफेंस डील में से एक है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ जेएफ-17 फाइटर जेट की संभावित बिक्री पर भी बातचीत की है.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद सऊदी अरब से लिए 2 अरब डॉलर के कर्ज के बदले उसे जेएफ-17 फाइटर जेट देने की बातचीत में लगा हुआ है. एयर मार्शल और विश्लेषक आमिर मसूद ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान छह देशों के साथ जेएफ-17 सहित उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और जेट के लिए वेपन सिस्टम की आपूर्ति के लिए बातचीत कर रहा है या डील को अंतिम रूप दे चुका है.

ख्वाजा आसिफ के दावों में कितना दम?

रिपोर्ट के मुताबिक ख्वाजा आसिफ के दावे पर पाकिस्तानी राजनीतिक लेखिका आयशा सिद्दीका ने कहा कि कहा कि PAK मंत्री उन कई पत्रकारों की तरह बात कर रहे हैं, जो रक्षा मामलों को कवर करना दावा करते हैं और विमान के पिछले हिस्से और पनडुब्बी के अगले हिस्से में अंतर नहीं बता सकते.

उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के पास JF-17 थंडर फाइटर जेट स्ट्रक्चर का लगभग 35 फीसदी हिस्सा है. इससे पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त धन नहीं बचता. उन्होंने दावा किया कि उत्पादन के बाद पाकिस्तान के पास इतना पैसा नहीं बचता जिससे वह आईएमएफ के कर्ज से उबर सके.’

List Of Double Hundred In ODI Cricket: वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज़, इस खास सूची में 5 भारतीय खिलाड़ी शामिल

वनडे क्रिकेट में एक समय था जब एक पारी में दोहरा शतक बनाना सपने की तरह था. पाकिस्तान के सईद अनवर द्वारा वनडे में बनाया गया 194 रनों का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड लगातार 17 सालों तक बना रहा था. ये रिकॉर्ड किसी पुरुष खिलाड़ी की पहुंच से साल 2010 तक दूर रहा था. आखिरकार भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने इस रिकॉर्ड को साल 2010 में तोड़ दिया था. वहीं, अब तक 12 क्रिकेटरों ने वनडे में 12 दोहरे शतक बनाए हैं जिसमें 5 भारतीय बल्लेबाज शामिल हैं. इन 12 दोहरे शतकों में से 7 शतक तो केवल भारतीय बल्लेबाजों ने बनाए हैं.

दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट इस प्रकार है:-

1. रोहित शर्मा (IND)264 (सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर)श्रीलंका, 2014
2. मार्टिन गुप्टिल (NZ)237*वेस्ट इंडीज, मार्च 2015
3. अमेलिया केर (NZ)232*आयरलैंड, जून 2018
4. बेलिंडा क्लार्क (Aus)229*(पहली महिला)डेनमार्क, दिसंबर 1997
5. वीरेंद्र सहवाग (IND)219वेस्ट इंडीज, दिसंबर 2011
6. क्रिस गेल (WI)215  (सबसे तेज)जिम्बाब्वे, फरवरी 2015
7. फखर जमान (PAK)210*जिम्बाब्वे, जुलाई 2018
8. पथुम निसंका (SL)210*अफगानिस्तान, फरवरी 2024
9. ईशान किशन (IND)210बांग्लादेश, दिसंबर 2022
10. रोहित शर्मा (IND)209ऑस्ट्रेलिया, नवंबर 2013
11. रोहित शर्मा (IND)208*श्रीलंका, दिसंबर 2017
12. शुभमन गिल (IND)208न्यूजीलैंड, जनवरी  2023
13. ग्लेन मैक्सवेल (AUS)201*अफगानिस्तान, नवम्बर 2023
14. सचिन तेंदुलकर (IND)200* (पहला पुरुष)दक्षिण अफ्रीका, फरवरी 2010

वनडे क्रिकेट में शतकों और दोहरे शतकों के रिकॉर्ड

  • इंग्लैंड के बल्लेबाज जॉन एडरिक ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैचों का पहला अर्धशतक बनाया था. उन्होंने 5 जनवरी, 1971 को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 82 रन बनाए थे.
  • इंग्लैंड के ही बल्लेबाज डेनिस एमिस पहले क्रिकेटर थे जिन्होंने वनडे क्रिकेट में पहला शतक बनाया था. उन्होंने 24 अगस्त, 1972 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, वनडे क्रिकेट के इतिहास का पहला शतक (103) बनाया था. 
  • भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर पहले पुरुष क्रिकेटर थे जिन्होंने साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में पहला दोहरा शतक (200*) बनाया था.
  • वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रोहित शर्मा ने बनाया था. रोहित ने 13 नवंबर, 2014 को वनडे क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर (264 रन) श्रीलंका के खिलाफ बनाया था.
  • वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम दर्ज है. उन्होंने वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ा था. क्रिस गेल ने सिर्फ 138 गेंदों में 200 रन बनाए हैं, जबकि सहवाग ने 140 गेंदों में ये उपलब्धि हासिल की थी.
  • विवियन रिचर्ड्स पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने साल 1984 में वनडे में 180+ स्कोर बनाया था. लेकिन इस रिकॉर्ड को गैरी कर्स्टन ने तोड़ दिया जिन्होंने 16 फरवरी, 1996 को संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ 188* रन बनाए थे.
  • पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज सईद अनवर पहले खिलाड़ी थे, जिन्होंने वनडे में 190+ स्कोर बनाया था. अनवर ने 194 रनों का स्कोर 21 मई,1997 को भारत के खिलाफ बनाया था.
  • सईद अनवर के इस को ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर बेलिंडा क्लार्क ने तोड़ा था, उन्होंने दिसम्बर 1997 में मुंबई के मिग क्लब ग्राउंड (MIG Club Ground) में डेनमार्क के खिलाफ नाबाद 229 रन बनाए थे.

शक्सगाम घाटी में CPEC पर भारत ने जताई आपत्ति, चीन का जवाब आया, जानें ड्रैगन ने क्या कहा

चीन ने भारत की आपत्तियों के बीच सोमवार को शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को दोहराया और कहा कि इस इलाके में उसकी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बिल्कुल उचित हैं. दरअसल, भारत ने पिछले शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को शक्सगाम घाटी में चीन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आलोचना करते हुए कहा था कि यह भारतीय क्षेत्र है और उसके पास अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है.

पाकिस्तान ने साल 1963 में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र में से शक्सगाम घाटी के 5,180 वर्ग किलोमीटर हिस्से को चीन को सौंप दिया था.

भारत ने चीन-PAK के समझौते को कभी मान्यता नहीं दी- जायसवाल

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है. हमने 1963 में किए गए तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है. हम लगातार कहते आए हैं कि यह समझौता अवैध और अमान्य है.’ उन्होंने कहा, ‘हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को भी मान्यता नहीं देते, क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसपर पाकिस्तान का अवैध और जबरन कब्जा है.’

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा- जायसवाल

शक्सगाम घाटी में चीन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. यह बात पाकिस्तानी और चीनी अधिकारियों को कई बार स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है.’

भारत की टिप्पणी पर चीन ने दी प्रतिक्रिया

जायसवाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘सबसे पहले तो जिस क्षेत्र का आप उल्लेख कर रहे हैं, वह चीन का हिस्सा है.’ उन्होंने कहा, ‘अपने ही क्षेत्र में चीन की बुनियादी ढांचा गतिविधियां बिल्कुल उचित हैं. चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में सीमा समझौता किया था और दोनों देशों के बीच सीमा तय की गई थी. यह संप्रभु देशों के रूप में चीन और पाकिस्तान का अधिकार है.’

CPEC को लेकर क्या बोले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता?

वहीं, CPEC को लेकर भारत की ओर से आलोचना किए जाने पर माओ ने बीजिंग के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि यह एक आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक व सामाजिक विकास करना और लोगों की जीवन में सुधार लाना है. उन्होंने कहा, ‘इस तरह के समझौते और CPEC से कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इस मामले में चीन का रुख अपरिवर्तित है.’

कश्मीर मुद्दे पर क्या है चीन का रूख?

कश्मीर मुद्दे पर चीन का आधिकारिक रुख यह है कि जम्मू-कश्मीर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार उचित व शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए. चीन इस रुख को दोहराता रहा है.

Entertainment News:‘पारो’ ने हासिल किया बड़ा सम्मान, ऑस्कर 2026 की दौड़ में शामिल हुई हीरामंडी एक्टर की फिल्म

‘हीरामंडी’ सीरीज में मशहूर अभिनेता ताहा शाह अब नई अचीव्मेंट के साथ सुर्खियों में हैं. हाल ही में उनकी फिल्म ‘पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी’ को 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स (2026) की कंटेंशन लिस्ट में जगह मिल गई है. इसकी जानकारी खुद ताहा शाह ने इंस्टाग्राम के जरिए फैंस को दी. उन्होंने शूटिंग की कुछ तस्वीरें शेयर कीं.

संजय लीला भंसाली की सीरीज ‘हीरामंडी’ के बाद ताहा शाह की ये फिल्म सामाजिक मुद्दे पर ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर चर्चा बटोर रही है. ऑस्कर की ये कंटेंशन लिस्ट फिल्म के लिए पहला बड़ा कदम है. ताहा शाह ने बताया कि ये फिल्म दुल्हन खरीद-फरोख्त (ब्राइड स्लेवरी) जैसी सामाजिक बुराई पर आधारित है. साथ ही, उन महिलाओं की दर्दनाक कहानी को भी पेश करती है, जिन्हें अगवा कर बेचा जाता है और कई लोगों के साथ गुलामी की जिंदगी जीने को भी मजबूर होती हैं.

‘मेरा दिल खुशी से भर गया है’
ताहा शाह ने ‘पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी’ की शूटिंग की तस्वीरों के साथ लिखा- ‘मेरा दिल खुशी से भर गया है, क्योंकि मेरी फिल्म पारो: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स की कंटेंशन लिस्ट में शामिल हो गई है. ये फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि उन आवाजों का प्रतिनिधित्व है, जिन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता है. ये एक ऐसी कहानी है, जिसे सरहदों से परे देखा और सुना जाना चाहिए. मैं पूरी टीम और उन सभी लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने इस सफर पर भरोसा किया. उम्मीद है कि ये पहचान मीनिंगफुल सिनेमा के लिए नए दरवाजे खोलेगी, जो संवेदना, जागरूकता और बदलाव को इंस्पायर करे.

ताहा ने आगे लिखा- ‘दुल्हन प्रथा में होने वाले शोषण पर बनी यह फिल्म दुनियाभर में लोगों के दिलों को छू रही है. अलग-अलग देशों में हुई स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों की नम आंखें और प्यार भरे मैसेज इस सफर को मेरे दिल के बहुत करीब बना देते हैं.’