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फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ की नाकामी के बाद कार्तिक आर्यन का बड़ा कदम, मेकर्स को दिया साफ जवाब

कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे स्टारर फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ क्रिसमस 2025 को रिलीज हुई थी. फिल्म से यूं तो काफी उम्मीदें थी लेकिन ये  बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई और बुरी तरह पिट गई.  दरअसल ‘धुरंधर’ के धमाके में ये फिल्म दब गई और इसे दर्शक नहीं मिले.

जानकर हैरानी होगी कि कार्तिक आर्यन की इस फिल्म ने भारत में लाइफटाइम कलेक्शन के तौर पर सिर्फ 32.95 करोड़ रुपये कमाए. अब खबरें आ रही हैं कि फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन न करने के कारण कार्तिक ने अपनी फीस कम कर दी है.

कार्तिक आर्यन ने कम की अपनी फीस
अभिनेता और निर्माता करण जौहर के बीच अनबन की अटकलों के उल्ट, इंडस्ट्री में चर्चा है कि कार्तिक ने इसके बजाय सपोर्ट करने का भाव दिखाया है. बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने बताया है कि फिल्म की रिलीज के तुरंत बाद कार्तिक ने धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित इस फिल्म के लिए अपनी तय फीस में से 15 करोड़ रुपये अपनी इच्छा से कम कर दिए. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई हिंदी फिल्मों को दर्शकों को आकर्षित करने में मुश्किल हो रही है, ऐसे में कार्तिक के इस फैसले की हर कोई चर्चा कर रहा है.

कार्तिक ने मेकर्स को किया सपोर्ट
रिपोर्ट में आगे दावा किया गया है कि फिल्म के दर्शकों से न जुड़ पाने के बावजूद कार्तिक ने फिल्म और उसके निर्माताओं का पूरा सपोर्ट किया है. इससे पहले भी, जब कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘शहजादा’ उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाई थी, तब भी अभिनेता ने निर्माताओं पर फाइनेंशियल बोझ कम करने के लिए अपनी फीस का एक बड़ा हिस्सा माफ कर दिया था.

 कार्तिक आर्यन के वर्क फ्रंट की बात करें तो एक्टर फिलहाल ‘नागजिला’ की शूटिंग कर रहे हैं, जिसके को-प्रोड्यूसर करण जौहर हैं.

‘ट्रंप पर पूरा भरोसा…’ मचाडो ने सौंपा अपना नोबेल, बैठक में क्या रही अहम बातचीत ?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो से मुलाकात की. इस दौरान माचाडो ने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल भेंट किया. व्हाइट हाउस ने बैठक की पुष्टि की, लेकिन यह भी साफ किया कि इससे ट्रंप के रुख में कोई बड़ा बदलाव नहीं माना जाना चाहिए.

व्हाइट हाउस ने क्या कहा
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने माचाडो को वेनेजुएला के लोगों के लिए ‘बहादुर और मजबूत आवाज’ बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस बैठक को लेकर सकारात्मक थे. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रंप अब माचाडो को वेनेजुएला का नेता मानते हैं, तो लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति की राय अब भी वही है. उनके अनुसार, ट्रंप का मानना है कि मौजूदा हालात में माचाडो के पास देश के अंदर पर्याप्त समर्थन नहीं है.

चुनाव को लेकर ट्रंप का रुख
लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि भविष्य में वेनेजुएला में निष्पक्ष चुनाव हों. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि यह चुनाव कब हो सकते हैं. बैठक के बाद माचाडो ने मीडिया से कहा कि उन्होंने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल दिया है. उन्होंने इसे ‘हमारी आजादी के लिए उनके खास समर्थन की पहचान’ बताया.

समर्थकों से मुलाकात
व्हाइट हाउस से बाहर निकलने के बाद माचाडो ने बाहर खड़े अपने समर्थकों से मुलाकात की. उन्होंने कहा, ‘हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं.’ इस पर समर्थकों ने ‘थैंक यू ट्रंप’ के नारे लगाए.

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदला माहौल
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दो हफ्ते पहले अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को कराकास से पकड़कर न्यूयॉर्क भेजा था. दोनों पर ड्रग तस्करी के आरोप हैं. माचाडो के गठबंधन का दावा है कि उन्होंने 2024 का राष्ट्रपति चुनाव जीता था, लेकिन मादुरो ने नतीजों को मानने से इनकार कर दिया था.

ट्रंप का विरोधाभासी रुख
हालांकि ट्रंप ने माचाडो से मुलाकात की, लेकिन पहले वे उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा चुके हैं. ट्रंप ने यह भी संकेत दिए हैं कि वह मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज के साथ काम करने को तैयार हैं. रोड्रीगेज पूर्व उपराष्ट्रपति रह चुकी हैं और अभी सरकार के रोजमर्रा के काम देख रही हैं.

अमेरिका-वेनजुएला संबंध
अमेरिका इस समय वेनेजुएला के तेल सेक्टर पर दबाव बढ़ा रहा है. हाल ही में एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को जब्त किया गया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रोड्रीगेज की अंतरिम सरकार अमेरिका के साथ सहयोग कर रही है. इसी के तहत इस हफ्ते पांच अमेरिकी नागरिकों को रिहा किया गया.

ट्रंप और रोड्रीगेज की बातचीत
ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उनकी रोड्रीगेज से लंबी बातचीत हुई है. उन्होंने कहा, ‘हमने कई मुद्दों पर बात की और मुझे लगता है कि अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते ठीक दिशा में जा रहे हैं.’

Sports News:सूर्यकुमार यादव विवाद में नया ट्विस्ट, खुशी मुखर्जी पर 100 करोड़ का मानहानि केस दर्ज

भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को लेकर दिया गया एक बयान अब अभिनेत्री खुशी मुखर्जी के लिए बड़ी मुसीबत बनता नजर आ रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके इंटरव्यू के बाद यह मामला अब कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया है. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने खुशी मुखर्जी के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा ठोक दिया है.

यह पूरा मामला तब सामने आया, जब खुशी मुखर्जी ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि सूर्यकुमार यादव उन्हें बार-बार मैसेज किया करते थे. यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और क्रिकेट फैंस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी.

शिकायत दर्ज, पुलिस तक पहुंचा मामला

फैजान अंसारी, जो मुंबई के रहने वाले हैं, ने इस मामले में गाजीपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी है. अंसारी का कहना है कि खुशी मुखर्जी के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इससे एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर की छवि को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने दावा किया कि ऐसे बयान सिर्फ सुर्खियों में आने और पब्लिसिटी पाने के मकसद से दिए गए.

अंसारी ने बताया कि वह इस शिकायत को दर्ज कराने के लिए खुद मुंबई से गाजीपुर पहुंचे. उनका कहना है कि इस तरह के आरोप किसी खिलाड़ी की निजी और पेशेवर छवि दोनों को प्रभावित करते हैं, जो किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

कड़ी कार्रवाई की मांग

मीडिया से बातचीत में फैजान अंसारी ने कहा कि वह इस मामले में सख्त कानूनी कदम उठाना चाहते हैं. उनके मुताबिक, खुशी मुखर्जी के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरोप साबित नहीं होते हैं, तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. अंसारी ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी पहुंच है और वह इस मुद्दे को हर प्लेटफॉर्म तक ले जाएंगे. उनका कहना है कि यह सिर्फ सूर्यकुमार यादव की नहीं, बल्कि पूरे देश के एक सम्मानित खिलाड़ी की प्रतिष्ठा का सवाल है.

100 करोड़ का मानहानि केस

फैजान अंसारी ने साफ किया कि वह अभिनेत्री के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर करा चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर खुशी मुखर्जी अपने दावों को सबूतों के साथ साबित कर देती हैं, तो वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को तैयार हैं. हालांकि जब तक ऐसा नहीं होता, वह पीछे हटने वाले नहीं हैं.

खुशी मुखर्जी का बयान

खुशी मुखर्जी ने अपने इंटरव्यू में यह जरूर कहा था कि उनके और सूर्यकुमार यादव के बीच कभी कोई निजी या रोमांटिक रिश्ता नहीं रहा. हालांकि, उनके मैसेज वाले बयान ने ही पूरे विवाद को जन्म दिया.

42वें दिन भी ‘धुरंधर’ की पकड़ बरकरार, छठे गुरुवार ‘छावा’ और ‘स्त्री 2’ से आगे

लगभग छह सप्ताह सिनेमाघरों में रहने के बाद भी, रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर’ लगातार बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा बनाए हुए है. आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह फिल्म 5 दिसंबर को रिलीज हुई थी और इसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर माधवन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और अन्य कलाकार शामिल हैं. चलिए यहां जानते हैं ‘धुरंधर’ ने रिलीज के छठे गुरुवार यानी 42वें दिन कितना कलेक्शन किया है?

‘धुरंधर’ ने 42वें दिन कितनी की कमाई?
आदित्य धर की दमदार पीरियड स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है. रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म को उनके करियर की बेस्ट परफॉर्मेंस माना जा रहा है और इसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की है. जहां ज्यादातर ब्लॉकबस्टर फिल्में छठे हफ्ते में पहुंच भी नहीं पाती हैं.

वहीं ‘धुरंधर’ ने असंभव को संभव कर दिखाया है और किसी भी भारतीय फिल्म के लिए 42वें दिन सबसे ज्यादा कमाई का रिकॉर्ड बनाया है, जो चौंका देने वाला है. मकर संक्रांति की छुट्टी के कारण ‘धुरंधर’ के कलेक्शन में 41वें दिन शानदार तेजी आई थी. फिल्म ने बुधवार को 3 करोड़ रुपये कमाए थे. जिससे इसका वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1300 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया था.

  •  वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘धुरंधर’ ने  42वें दिन, छठे गुरुवार को फिर 3 करोड़ रुपये कमाए.
  • इसी के साथ इस फिल्म का भारत में कुल कलेक्शन अब 816.60 करोड़ रुपये हो गया है.

42वें दिन बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
42वें दिन 3 करोड़ की कमाई कर  ‘धुरंधर’ ने वो कर दिखाया है जो अभी तक कोई भी फिल्म नहीं कर पाई. इसी के साथ इसने ‘छावा’ (1.35 करोड़ रुपये), स्त्री 2 (1.25 करोड़) और पठान (1.25) जैसी बड़ी हिट फिल्मों की 42वें दिन की कमाई को आसानी से पीछे छोड़ दिया है. दरअसल, इस समय ‘धुरंधर’ का कलेक्शन इन फिल्मों के मुकाबले लगभग दोगुने से भी ज्यादा है.

वर्ल्डवाइड बनी चौथी सबसे बड़ी भारतीय फिल्म
आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह फिल्म भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन चुकी है और वर्तमान में वर्ल्डवाइड चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म है. इस फिल्म ने ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ (1215 करोड़ रुपये) और ‘आरआरआर’ (1230 करोड़ रुपये) के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, यह अभी तक ‘पुष्पा 2: द रूल’ (1742.10 करोड़ रुपये) और ‘बाहुबली 2: द कंक्लूजन’ (1788.06 करोड़ रुपये) के ग्लोबल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को पार नहीं कर पाई है.

नई रिलीज फिल्में भी ‘धुरंधर’ का खेल नहीं कर पाईं खत्म
प्रभास की ‘द राजा साहब’, चिरंजीवी स्टारर ‘मना शंकरा  वर प्रसाद गारु’ और वीर दास की ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ जैसी नई फिल्मों से प्रतिस्पर्धा के बावजूद, ‘धुरंधर’ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है. फिल्म हर हफ्ते सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली नई फिल्मों को कड़ी टक्कर दे रही है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सनी देओल और वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म ‘बॉर्डर 2’, जो 23 जनवरी को रिलीज हो रही है, क्या बॉक्स ऑफिस पर इसकी शानदार सफलता को चुनौती दे पाएगी.

Health News:हेल्दी समझी जाने वाली 5 आदतें दांतों के इनेमल को कर रही हैं नुकसान, जानें वजह और बचाव

How To Protect Tooth Enamel: आज किसी भी डेंटल क्लिनिक में कदम रखें, तो बड़ी संख्या में ऐसे मरीज मिल जाएंगे जो दांतों में झनझनाहट, इनेमल के पतले होने या दांतों के किनारे टूटने की शिकायत करते हैं. पहले ऐसी समस्याएं उम्र बढ़ने या लापरवाही से जोड़ी जाती थीं, लेकिन अब डेंटिस्ट एक अलग ही पैटर्न देख रहे हैं. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारत में करीब 27 फीसदी डेंटल मरीजों में इनेमल इरोजन के लक्षण पहले से मौजूद हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर नुकसान किसी लापरवाही से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की उन आदतों से हो रहा है जो देखने में बिल्कुल सही लगती हैं.

हमारी आदतें करती हैं दांतों को कमजोर

हमारी छोटी-छोटी आदतें हैं जो हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी हैं और धीरे-धीरे दांतों की सुरक्षा परत यानी इनेमल को कमजोर करती जाती हैं. हम कैसे ब्रश करते हैं, क्या खाते-पीते हैं और हमारी लाइफस्टाइल कैसी है, ये सभी चीजें लंबे समय में दांतों पर असर डालती हैं. बहुत से लोग दिन की शुरुआत जोरदार ब्रशिंग से करते हैं और मानते हैं कि जितना ज्यादा जोर, उतनी बेहतर सफाई. लेकिन यह सोच पूरी तरह गलत है. हार्ड ब्रश या ज्यादा दबाव से किया गया ब्रश इनेमल को घिस देता है. शुरुआत में कोई साफ नुकसान नजर नहीं आता, लेकिन समय के साथ इनेमल चुपचाप पतला होता जाता है और दांत संवेदनशील होने लगते हैं.

हमारी लाइफस्टाइल की चीजें देती हैं दिक्कत

आज के समय में खानपान भी इनेमल के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, खट्टे जूस, चाय, कॉफी और मीठी चीजें, ये सभी दांतों को बार-बार एसिड के संपर्क में लाती हैं. हर घूंट और हर निवाला इनेमल को थोड़ा-थोड़ा कमजोर करता है. रेगुलर ब्रश करने के बावजूद इस लगातार एसिड एक्सपोजर का असर पूरी तरह खत्म नहीं होता. ऐसे में एसिडिक ड्रिंक के बाद पानी से कुल्ला करना या स्ट्रॉ का इस्तेमाल करना दांतों को कुछ हद तक बचा सकता है.

कम पानी पीना भी जिम्मेदार

पानी की कमी भी एक अहम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली वजह है. लार दांतों की प्राकृतिक सुरक्षा होती है, जो एसिड को न्यूट्रल करती है और इनेमल को मजबूत रखने में मदद करती है. लेकिन कम पानी पीना, ज्यादा कॉफी या शराब का सेवन लार की मात्रा को कम कर देता है, जिससे इनेमल ज्यादा खुलेपन में आ जाता है. दिनभर खुद को हाइड्रेट रखना दांतों की सुरक्षा का सबसे आसान और असरदार तरीका है. परफेक्ट स्माइल की चाह में लोग सोशल मीडिया पर बताए गए घरेलू व्हाइटनिंग नुस्खे अपनाने लगते हैं, जैसे नींबू, बेकिंग सोडा या एक्टिवेटेड चारकोल. ये तरीके थोड़ी देर के लिए दांत चमका सकते हैं, लेकिन इनकी खुरदरी या एसिडिक प्रकृति इनेमल को तेजी से नुकसान पहुंचाती है. नतीजा यह होता है कि दांत पहले से ज्यादा पीले और संवेदनशील हो जाते हैं. सुरक्षित विकल्प वही हैं जो डेंटिस्ट सुझाते हैं या फिर हल्के, फ्लोराइड-आधारित टूथपेस्ट.

इनेमल प्रोटेक्शन वाले खास टूथपेस्ट

अक्सर लोग मान लेते हैं कि कोई भी टूथपेस्ट जो कैविटी से बचाने का दावा करता है, काफी होता है. लेकिन ज्यादातर सामान्य टूथपेस्ट सफाई या व्हाइटनिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं, इनेमल की सुरक्षा पर नहीं. समय के साथ एसिडिक चीजें इनेमल को नरम कर देती हैं, जिससे दांत जल्दी घिसने लगते हैं. ऐसे में इनेमल प्रोटेक्शन वाले खास टूथपेस्ट दांतों की मजबूती लौटाने और उन्हें रोजमर्रा के एसिड अटैक से बचाने में मदद करते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.