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अपने ही देश के राज्यों में सेना की तैनाती क्यों कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप? क्या है इसकी बड़ी वजह

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने अलास्का में तैनात करीब 1,500 सक्रिय ड्यूटी सैनिकों को मिनेसोटा में संभावित तैनाती के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है. दरअसल, मिनेसोटा में सरकार की डिपोर्टेशन ड्राइव के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अपने ही देश के राज्य में सेना को तैनात कर रहे है.

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रॉयटर्स ने रविवार (18 जनवरी, 2026) को बताया कि सेना ने इन यूनिटों को तैनात करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है, ताकि मिडवेस्टर्न राज्य में हालात के हिंसक होने की स्थिति में उन्हें तुरंत भेजा जा सके. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में किसी सैनिक को भेजा जाएगा या नहीं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने राज्य के अधिकारियों को दी थी धमकी

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को चेतावनी दी थी कि अगर राज्य के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को इमिग्रेशन अधिकारियों को निशाना बनाने से नहीं रोकते हैं, तो वह इंसरेक्शन एक्ट के तहत सैन्य बलों की तैनाती कर सकते हैं. यह धमकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंटों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद दी गई.

हालांकि, अगर सैनिकों को तैनात किया जाता है, तो यह साफ नहीं है कि ट्रंप प्रशासन इंसरेक्शन एक्ट को औपचारिक रूप से लागू करेगा या नहीं. इस कानून को लागू किए बिना भी राष्ट्रपति कुछ घरेलू उद्देश्यों के लिए सक्रिय ड्यूटी बलों को तैनात कर सकता है. ट्रंप ने पिछले साल लॉस एंजेलिस में मरीन सैनिकों को भेजने के लिए इसी तर्क का हवाला दिया था.

इमिग्रेशन एजेंटों की बढ़ोतरी के बाद सैनिकों की धमकी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘अगर मिनेसोटा के भ्रष्ट राजनेता कानून का पालन नहीं करते और प्रोफेशनल उपद्रवियों व विद्रोहियों को ICE के देशभक्त अधिकारियों पर हमला करने से नहीं रोकते, जो सिर्फ अपना काम कर रहे हैं, तो मैं इंसरेक्शन एक्ट लागू करूंगा.’

‘धुरंधर’ का जलवा कायम, सातवें वीकेंड भी फिल्म की जबरदस्त कमाई, ‘छावा’ का रिकॉर्ड ध्वस्त

निर्देशक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना सहित कई कलाकारों ने अहम रोल प्ले किया है. इस फिल्म  ने बॉक्स ऑफिस पर अपना सातवां वीकेंड भी शानदार तरीके से खत्म किया. हालांकि सातवें हफ्ते में एंट्री करने पर ये फिल्म लड़खड़ा गई थी लेकिन फिर सातवें  शनिवार और सातवें रविवार को ‘धुरंधर’ ने  बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली और करोड़ों  में ही कमाई की. चलिए यहां जानते हैं ‘धुरंधर’ ने रिलीज के 7वें संडे कितना कलेक्शन किया है?

धुरंधर’ ने सातवें संडे कितना किया कलेक्शन?
‘धुरंधर’ को रिलीज हुए डेढ़ महीना हो गया है इस बीच इसने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. वहीं रिलीज के 45 दिन बाद भी इस फिल्म का क्रेज दर्शकों के सिर से उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है. तमाम नई फिल्मों की भीड़ के बीच ‘धुरंधर’  45 दिन बाद भी धमाकेदार कमाई कर हैरान कर रही है. 7वें वीकेंड पर भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया.

सैकनिल्क के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, फिल्म ने शुक्रवार को लगभग 1.75 करोड़ रुपये कमाए थे. इसके बाद 7वें शनिवार को इस फिल्म ने 71.43 फीसदी की तेजी दिखाते हुए 3 करोड़ की कमाई की. वहीं 7वें रविवार को ‘धुरंधर’ ने एक बार फिर कमाई में तेजी दिखाई और सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने लगभग 3.75 करोड़ रुपये कमाए. इसी के साथ इसका भारत में कुल कलेक्शन अब 825.10 करोड़ रुपये हो गया है.

धुरंधर’ ने सातवें वीकेंड पर भी उड़ाया गर्दा
5 दिसंबर को रिलीज हुई ‘धुरंधर’ ने रिलीज के बाद से ही रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है और अब भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म सातवें सप्ताह में सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली फिल्मों में से एक बन गई है. बता दें कि इस फिल्म ने सातवें वीकेंड में कुल मिलाकर 8.5 करोड़ रुपये की कमाई की है. 8.5 करोड़ रुपये के मौजूदा कुल कलेक्शन के साथ, यह फिल्म अब सातवें हफ्ते में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. इससे पहले ‘स्त्री 2’ ने 9.35 करोड़ रुपये कमाए थे. रविवार को, इस फिल्म ने ‘छावा’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसने 6.53 करोड़ रुपये कमाए थे.

‘धुरंधर’ का कुल कलेक्शन
‘धुरंधर’ ने अब तक कुल 825.1 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है. यह फिल्म अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म है और 1,000 करोड़ रुपये के क्लब की ओर बढ़ रही है. वहीं इसका भारत में ग्रॉस कलेक्शन 989.9 करोड़ रुपये है जबकि  फिल्म का वर्ल्डवाइड कुल कलेक्शन अब लगभग 1283.5 करोड़ रुपये हो गया है.

Steamed Momos Or Fried Momos Which Is Better: स्टीम्ड मोमो बेहतर या फ्राइड मोमो, या फिर दोनों ही नहीं? जानिए किससे कितना हो सकता है नुकसान

मोमो अगर सही तरीके से बने हों तो ये स्ट्रीट फूड में सबसे बेहतर विकल्पों में गिने जा सकते हैं. बांस की टोकरियों में रखे गरमागरम मोमो, ढक्कन उठाते ही उठती मसालों की खुशबू. आजकल हर गली में लोगों का पसंदीदा कंफर्ट फूड बन चुके हैं. इसके बावजूद इन्हें सेहत के लिए खतरनाक मानते हैं. लेकिन सच यह है कि ठीक ढंग से तैयार किए गए मोमो न सिर्फ हल्के होते हैं, बल्कि पोषण के लिहाज़ से भी बेहतर साबित हो सकते हैं. चलिए आपको इनके बारे में बताते हैं कि मोमा आपके लिए कितना हेल्दी और खतरनाक हैं.

ज्यादातर क्लासिक मोमो भाप में पकते हैं, तेल में नहीं डूबते यही बात उन्हें समोसे, पकौड़े या रोल से हल्का बनाती है. स्टीमिंग से पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और ट्रांस फैट का सवाल ही नहीं उठता, कैलोरी गिनने वालों के लिए भी राहत एक प्लेट वेज मोमो आमतौर पर 250 कैलोरी के आसपास रहती है, जो बर्गर या काठी रोल से कम है. पेट भी भरता है और भारीपन भी नहीं आता. हर मोमो अपने आप में एक मिनी मील है. रैपर से कार्बोहाइड्रेट, फिलिंग से प्रोटीन और फाइबर, और तिल के तेल या पनीर से थोड़ी-सी अच्छी फैट सब कुछ संतुलित. यह ऐसा स्नैक नहीं जो ब्लड शुगर बढ़ाकर तुरंत गिरा देच ऊपर से अगर क्लियर सूप मिल जाए, जो नार्थ-ईस्ट में मिलता है, तो बिना डीप-फ्राइड साइड्स के ही पूरा, हल्का और पोषक भोजन बन जाता है.

हेल्दी विकल्प

स्ट्रीट मोमो सिर्फ आटे की पोटली नहीं होते. इनमें पत्ता गोभी, गाजर, प्याज, स्प्रिंग अनियन या सोया चंक्स जैसी चीजें होती हैं, जो फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं. चिकन या पनीर वेरिएंट बिना ज़्यादा फैट के प्रोटीन देते हैं. चाउमीन जैसे स्ट्रीट फूड के मुकाबले मोमो में खाली कैलोरी कम और पोषण ज्यादा मिलता है,खासतौर पर जब फिलिंग ताजा कटी हो और स्टीम्ड हो. भाप में पके होने की वजह से मोमो पेट पर भारी नहीं पड़ते. हल्का बाहरी आवरण और नमी वाली फिलिंग इन्हें तले-भुने, तीखे विकल्पों से ज्यादा पचने लायक बनाती है.

कौन कितना खतरनाक?

स्ट्रीट-स्टाइल मोमो आमतौर पर ब्लीच किए हुए रिफाइंड आटे से बनाए जाते हैं, जिसमें फाइबर लगभग नहीं होता और यह बहुत जल्दी पच जाता है. इसका नतीजा यह होता है कि मोमो खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक तेजी से बढ़ती है. बार-बार ऐसा होने पर शरीर के लिए फैट स्टोर करना आसान हो जाता है.वहीं, फ्राई मोमो बड़ी मात्रा में तेल सोख लेते हैं. इससे कैलोरी तो काफी बढ़ जाती है, लेकिन पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस नहीं होता. अगर मोमो हफ्ते में कई बार स्नैक के तौर पर खाने की आदत बन जाए, तो यह धीरे-धीरे आपकी कुल कैलोरी इनटेक बढ़ा देता है, जिससे वजन बढ़ने लगता है और शरीर की इंसुलिन को कंट्रोल करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है.

कैसे बढ़ता है खतरा?

मोमो का ज्यादा सेवन पेट और इम्युनिटी दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है और इसकी एक बड़ी वजह है खाने की साफ-सफाई से जुड़ा खतरा, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. स्ट्रीट मोमो भले ही स्वादिष्ट हों, लेकिन उनकी तैयारी और हैंडलिंग कई बार सेहत के लिए जोखिम बन जाती है. दिल्ली के स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर किए गए एक माइक्रोबायोलॉजिकल सर्वे में वेज मोमो में चिंताजनक स्तर पर बैक्टीरिया पाए गए थे, जिनमें कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और ई. कोलाई शामिल थे. International Journal of Current Microbiology and Applied Sciences में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, कई विक्रेता बिना दस्ताने सीधे हाथों से खाना बनाते हैं, बर्तन साफ करने के लिए वही गंदे कपड़े बार-बार इस्तेमाल करते हैं और भोजन को सही स्वच्छ स्थितियों में स्टोर नहीं करते.

साफ-सफाई पर ध्यान 

इस तरह की गंदी आदतों के कारण स्टैफाइलोकोकस ऑरियस, साल्मोनेला और अन्य खतरनाक बैक्टीरिया से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जो फूड पॉयजनिंग और पेट से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं. खासतौर पर नमी और मानसून के मौसम में, जब बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, यह जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है. कई स्ट्रीट वेंडर बिना सही सफ़ाई के नंगे हाथों से खाना तैयार और परोसते हैं, गलत तरीके से स्टोर किया गया खाना और खुला रहने से बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है. इस तरह असुरक्षित हैंडलिंग और पर्यावरणीय हालात फूड-बोर्न बीमारियों की आशंका को कई गुना बढ़ा देते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

152वाँ ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जनसंवाद शिविर: समाधान, सम्मान और सेवा का अनुपम संगम, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल-एक संकल्प, एक परिवार, एक सरोजनीनगर

  • द्वार तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा: विधायक के शिविर में 75 नागरिकों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण
  • प्रतिभा का सम्मान : डॉ. राजेश्वर सिंह ने 4 मेधावियों को साइकिल देकर किया प्रोत्साहित

लखनऊ: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देवीखेड़ा, खरिका प्रथम में रविवार को 152वाँ ‘आपका विधायक–आपके द्वार’ साप्ताहिक जनसंवाद शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

यह अभियान सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा निरंतर चलाया जा रहा एक अनूठा जनसेवा संकल्प है, जिसमें जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, शिक्षा-खेल का प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सम्मान को एक साथ जोड़ा जाता है।

जन समस्याओं का त्वरित समाधान

शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी आवश्यकताएँ व सुझाव प्रस्तुत किए। वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आय प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन सहित कुल 16 महत्वपूर्ण प्रकरणों को सामने रखा गया, जिनमें से 10 प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया।

टेंडर पॉम हॉस्पिटल के सहयोग से आई कैंप

टेंडर पॉम हॉस्पिटल के सहयोग से निःशुल्क नेत्र चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में 75 वृद्धजनों का नेत्र परीक्षण किया गया, जिनमें से 38 लाभार्थियों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे।

गाँव की शान-मेधावियों का सम्मान

शिक्षा के प्रति प्रेरणा बनाए रखने के उद्देश्य से विधायक डॉ. सिंह द्वारा ‘गाँव की शान’ पहल के तहत हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार मेधावी छात्र-छात्राओं – आदर्श सिंह (89.6%), सौम्या भदौरिया (85.4%), अस्मिता वर्मा (77%), अवंतिका मैसी (68.56%) को सम्मानित किया गया। इन प्रतिभाशाली छात्रों को साइकिल, घड़ी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया, ताकि उनकी शिक्षा यात्रा और अधिक प्रेरित हो।

युवा शक्ति को खेलों से जोड़ना

युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने हेतु 166वें बॉयज यूथ क्लब एवं 101वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया गया। इन क्लबों को क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल, कैरम आदि खेलों की पूर्ण स्पोर्ट्स किट वितरित की गई।

प्रबुद्धजनों एवं गणमान्य नागरिकों का सम्मान

शिविर में क्षेत्र के प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिकों-राम प्रवेश, रविंदर चौहान, राम सुमन, देवी दयाल, कृष्णलाल, अर्चना बोहर, माधुरी देवी, मंजू पाण्डेय, माया देवी, सुरेश कुमार, जय सिंह, मीना देवी, सीमा देवी, किरण, रेनू सहित अन्य को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सभी उपस्थित ग्रामीणों को ताराशक्ति निःशुल्क रसोई के माध्यम से ताज़ा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया। डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित यह साप्ताहिक अभियान निरंतर जारी रहेगा। यह श्रृंखला सरोजनीनगर के प्रत्येक गाँव-मोहल्ले तक पहुँचकर विकास और कल्याण की नई ऊँचाइयाँ छूती रहेगी।”

वरिष्ठ पत्रकार के बख्श सिंह बने एनयूजे के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष : ट्रस्ट के पदाधिकारी अब एनयूजे, उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह के सदस्य नहीं रहे

  • लखनऊ में हुई प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में पारित किए गए तीन प्रमुख प्रस्ताव
  • ट्रस्ट डीड रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और उसमें शामिल लोगों के विरुद्ध सभा ने की निंदा

लखनऊ : नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, उत्तर प्रदेश (एनयूजे) की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक रविवार को राजधानी लखनऊ के होटल द कॉन्टिनेंटल में सम्पन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के साथ ही अधिकांश जनपद इकाइयों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं कोषाध्यक्ष शामिल हुए। एनयूजे, उत्तर प्रदेश के कार्य संचालन के लिए वरिष्ठ पत्रकार के बख्श सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष नामित करने, ट्रस्ट डीड रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और उसमें शामिल लोगों के विरुद्ध सभा द्वारा निंदा एवं ट्रस्ट के पदाधिकारी अब एनयूजे, उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह के सदस्य नहीं होंगे जैसे तीन प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए। संरक्षक अजय कुमार, अशोक अग्निहोत्री ताऊ एवं के बक्श सिंह के संरक्षत्व में हुई बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री संतोष भगवन ने किया। साथ ही, मंच पर के साथ मंच पर प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुपान चौहान भी मौजूद रहे। प्रयागराज के सदस्य मनोज कुमार का जन्मदिन मंच पर केक काटकर मनाया गया।

बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक कुमार जैन ने के. बख्श सिंह को कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में नामित किए जाने का प्रस्ताव रखा। संरक्षक अजय कुमार ने इसका समर्थन किया। सभाकक्ष में उपस्थिति समस्त सदस्यों ने खड़े होकर तालियों की करतल ध्वनि से स्वागत किया। प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना ने कहा कि कार्यवाहक अध्यक्ष की अगुवाई में आगे की कार्यवाही की जाए। संगठन की शक्ति सदन में होती है। प्रदेश उपाध्यक्ष हिमांशु सिंह ने ट्रेन यूनियन का समर्थन करते हुए कहा कि किसी जेबी ट्रस्ट को पत्रकार साथी मान्यता नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि हमारा नेतृत्व ऐसा हो जो हमारे जायज काम तो करवा सके। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या पर हो रही प्रदेश कार्यकारिणी बैठक से निश्चित ही अमृत निकलेगा। यह तय है कि इस अमृत से पत्रकारों को संजीवनी मिलेगी। प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि संगठन को संगठन की तरह ही चलाया जाए। प्रदेश प्रवक्ता डॉ.अतुल मोहन सिंह ने कहा कि संगठन में प्रत्येक पदाधिकारी के साथ समान व्यवहार हो, ऐसा वातावरण निर्मित हो। सामान्य सदस्य भी उतनी ही अहमियत रखता है, जितनी शीर्ष नेतृत्व की होती है। संगठन में परस्पर समान सम्मान हो, ऐसी नेतृत्व से अपेक्षा है।

वहीं, प्रदेश सचिव राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि ओपन सदन में लिए गए निर्णय ही सर्वोपरि हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश सैनी ने कहा कि जनपदों के साथियों को नेतृत्व से उम्मीद होती है। कुंठित मानसिकता के लिए संगठन को नुकसान पहुंचाने वालों से समझौता नहीं होगा। ट्रस्ट बनाना सरल है पर उसका कैंसिलेशन आसान नहीं है। जिलाध्यक्ष प्रयागराज कुंदन श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा नेतृत्व ऐसा हो जो न सिर्फ हमारी बात सुने बल्कि हरसंभव मदद भी करवाए। आम सभा ने जो निर्णय लिए हम सब उस निर्णय के साथ हैं। चंदौली के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि सुखद क्षण है कि कार्यकारी अध्यक्ष चुना। पदलिप्सा को त्यागते हुए हम सबको विचार के साथ काम करना होगा। हम ऐसा संगठन खड़ा करें जो एक-दूसरे के लिए समर्पित रहें। संगठन के हित में जो भी संभव होगा, हम सब करेंगे।

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सुल्तानपुर जिलाध्यक्ष अरुण जायसवाल ने कहा कि संगठन में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। नेतृत्व का मार्गदर्शन ऐसा मिले कि जिलों की इकाइयां भी उर्जित होती रहें। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एसवी सिंह उजागर ने कहा कि जो हमारी समस्या सुनना नहीं चाहते हैं उन्हें हम अभिभावक नहीं मानते हैं। कार्यवाहक अध्यक्ष जल्द ही अपनी नई कार्यकारिणी बनाएं, ऐसी हमारी इच्छा है। आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष डॉ.संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि नेतृत्व हमारी समस्या के निवारण के लिए तत्पर रहे। राष्ट्रीय नेतृत्व को आमसभा और उसके निर्णयों का सम्मान करना चाहिए। जिले का मनोबल प्रदेश नेतृत्व से मजबूत होता है। मेरी इच्छा है कि प्रदेश नेतृत्व का आशीर्वाद सभी जिलों पर बराबर बनी रहे। लखनऊ की कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा ने कहा कि लखनपुर इकाई सभी जिलों के साथियों को पूरा सहयोग मिलेगा। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अरुण शर्मा ‘टीटू’ ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज करायी।

हम रेखा मिटाने में नहीं, बल्कि नई रेखा बनाने में भरोसा करते हैं
संरक्षक अजय कुमार ने कहा कि हम रेखा मिटाने में नहीं, बल्कि नई रेखा बनाने में भरोसा करते हैं। संघ में शक्ति होती है, यह बनी रहनी चाहिए। कार्यवाहक अध्यक्ष बने के बख्श सिंह संगठन के हनुमान हैं, उनको स्मरण करवाने की जरूरत है, आपकी समस्या हल समझिए।—————————————————–
सदस्यों की उम्मीदों, आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने प्रतिबद्धता

कार्यवाहक अध्यक्ष के. बख्श सिंह ने कहा कि मैं कोई वादा तो नहीं करता हूं हां, इतना अवश्य कहता हूं कि आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। सभी सदस्यों की उम्मीदों, आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता रहेगी।

केंद्रीय नेतृत्व ने कहा-विवाद की जड़ बने नवगठित ट्रस्ट तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाएगा
संरक्षक एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ.अरविंद सिंह ने कहा कि विवाद की जड़ बने नवगठित ट्रस्ट तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाएगा। संगठन को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व कतई बख्शे नहीं जाएंगे। संगठन में शक्ति है और यह शक्ति बढ़ती रहे, ऐसे हर प्रयास को बल दिया जाएगा। जल्द ही उत्तर प्रदेश इकाई के चुनाव की घोषणा होगी। केंद्रीय पर्यवेक्षक और चुनाव अधिकारी की देख-रेख में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे। संगठन की ताकत बिखरने नहीं देना है। राष्ट्रीय चुनाव संयोजक किंकर ने कहा कि हम लोग एक रहें, ऐसे सारे प्रयास किए जाएं।

लखनऊ इकाई ने किया पदाधिकारियों का भव्य स्वागत

कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा, कार्यवाहक महामंत्री श्यामल त्रिपाठी, कार्यवाहक कोषाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव एवं संगठन मंत्री अनिल सिंह की अगुवाई में एनयूजे, लखनऊ इकाई ने प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया। लखनऊ इकाई ने रोनाल्ड डिसूजा, सचिन भार्गव, नागेंद्र सिंह, धीरेन्द्र मिश्र, किरण सिंह, आलोक श्रीवास्तव, शिव सागर सिंह चौहान, अभिनव श्रीवास्तव, मार्कण्डेय सिंह, कृष्ण कुमार सिंह ‘कृष्णा’, ज्योति चौहान, गरिमा सिंह, संतोष पटवा, आदि सदस्य मौजूद रहे।

कार्यकारिणी में निम्न प्रस्ताव पास हुए

  • एनयूजे, उत्तर प्रदेश के कार्य संचालन के लिए के. बख्श सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष बने
  • ट्रस्ट डीड रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और उसमें शामिल लोगों के विरुद्ध सभा द्वारा निंदा

– ट्रस्ट के पदाधिकारी अब एनयूजे, उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह के सदस्य नहीं रहे

सादर
डॉ.अतुल मोहन सिंह
प्रदेश प्रवक्ता/मीडिया प्रभारी
एन.यू.जे. (आई), उत्तर प्रदेश
संपर्क : 9807766888