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ICC Gives Deadline to Bangladesh Cricket Board:टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की एंट्री? खबर पर क्रिकेट बोर्ड की आई प्रतिक्रिया

 आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में अपनी टीम नहीं भेजने के फैसले पर बांग्लादेश अड़ा हुआ है और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने एक बार फिर अपनी बात दोहराई है. हालांकि रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) बांग्लादेश के अड़े रहने पर उसे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर सकती है. ऐसे में मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग के लिहाज से स्कॉटलैंड को बांग्लादेश के रिप्लेसमेंट के तौर पर चुना जा सकता है. ये खबर सामने आने के बाद स्कॉटलैंड क्रिकेट का बड़ा रिएक्शन सामने आया है. स्कॉटलैंड ने कहा है कि उन्हें अब तक आईसीसी से ऐसा कोई न्योता नहीं मिला है. लेकिन स्कॉटलैंड ने ये भी संकेत दिए हैं कि यदि उन्हें ऑफर मिलता है तो वे उसे स्वीकार करने को तैयार हैं. 

आईसीसी से खुद बात नहीं करेगा स्कॉटलैंड

बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को आईसीसी के द्वारा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका देने की संभावना कई मीडिया रिपोर्ट में जताई जा चुकी है. यदि आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप से बांग्लादेश को बहिष्कृत करती है, तो सबसे ऊंची रैंकिंग वाले देश को ही मौका मिलेगा. ऐसे में इस समय स्कॉटलैंड वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें नंबर पर है. इसलिए बांग्लादेश के बाहर होने की स्थिति में स्कॉटलैंड ही दावेदार है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कॉटलैंड क्रिकेट के अधिकारियों ने रिप्लेसमेंट के तौर पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मौका मिलने की संभावना को लेकर कहा कि अभी तक आईसीसी ने उनसे इस पर संपर्क नहीं किया है. वे अपने समकक्ष बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का सम्मान करते हुए अपनी तरफ से आईसीसी से इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करेंगे.

बांग्लादेश को आईसीसी ने दी डेडलाइन

सोमवार यानी 19 जनवरी को कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच शनिवार यानी 10 जनवरी को इस मुद्दे पर बैठक हुई. ढाका में हुई इस बैठक में आईसीसी अधिकारियों ने बांग्लादेश को स्पष्ट बताया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन में महज 3 सप्ताह ही बचे हैं. ऐसे में ना तो उसके मैच श्रीलंका शिफ्ट हो सकते हैं और ना ही उसका ग्रुप बदला जा सकता है. रिपोर्ट में दावा था कि आईसीसी ने भारत में बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को खारिज कर दिया है. साथ ही उसे फैसला लेने के लिए 21 जनवरी की डेडलाइन भी दे दी है. हालांकि, सोमवार शाम को बांग्लादेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस दावे को खारिज कर दिया था. साथ ही फिर से दोहराया था कि वो भारत में खेलने के लिए नहीं जा रहा है.

“भारत और पाकिस्तान परमाणु संघर्ष के करीब हैं…” ट्रंप ने इस बार फिर दिया बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को उन्होंने रोका था. व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि दोनों देश गंभीर सैन्य टकराव की स्थिति में थे और हालात परमाणु युद्ध तक जा सकते थे. यह बयान ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ के मौके पर दिया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बीते 10 महीनों में उन्होंने ऐसे 8 युद्ध खत्म कराए जो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे. उन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान 8 विमान गिराए गए और उनके आकलन में दोनों देश परमाणु टकराव के करीब पहुंच चुके थे. ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे निजी तौर पर कहा था कि उनकी पहल से लाखों लोगों की जान बची.

नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद को हर एक युद्ध रोकने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बताया. उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब वे पहले भी सार्वजनिक मंचों से नोबेल पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी जताते रहे हैं. हालांकि अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला है.

भारत का स्पष्ट रुख

भारत सरकार ने ट्रंप के इन दावों को बार-बार खारिज किया है. भारत का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम किसी भी बाहरी मध्यस्थता का नतीजा नहीं था. भारत के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी. इसके बाद 10 मई 2025 को पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क कर संघर्ष विराम का अनुरोध किया, जिसे दोनों देशों ने आपसी सहमति से लागू किया.

द्विपक्षीय मामलों में बाहरी हस्तक्षेप से इनकार

भारत ने दोहराया है कि उसके आंतरिक और द्विपक्षीय मामलों में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की कोई भूमिका नहीं रही है. सरकार का रुख साफ है कि भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत और फैसले केवल दोनों देशों के बीच ही होते हैं.

U19 World Cup Highlights: कौन हैं विल मलाजुक? जिन्होंने सिर्फ 51 गेंदों में ठोक दिया शतक, U19 वर्ल्ड कप की सबसे तेज सेंचुरी का रिकॉर्ड

नामीबिया के क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप के ग्रुप ए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने जापान को बेहद आसानी से 8 विकेट से करारी शिकस्त दी. इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रहे युवा बल्लेबाज विल मलाजुक, जिन्होंने इतिहास रचते हुए टूर्नामेंट का सबसे तेज शतक जड़ दिया. मलाजुक की इस विस्फोटक पारी ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया.

विल मलाजुक का रिकॉर्डतोड़ शतक

ऑस्ट्रेलिया के लिए ओपनिंग करने उतरे विल मलाजुक ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए. उन्होंने सिर्फ 51 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे तेज शतक है. इससे पहले यह रिकॉर्ड 2022 में पाकिस्तान के कासिम अकरम ने 63 गेंदों में शतक जड़कर बनाया था. मलाजुक ने अपनी पारी में शानदार टाइमिंग और ताकत का बेहतरीन मिश्रण दिखाया.

जापान की संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जापान की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी. हालांकि हुगो तावी केली ने एक छोर संभाले रखा और 135 गेंदों पर नाबाद 79 रनों की पारी खेली. उनके अलावा निहार परमान ने 33, मोंटोगोमेरी हारा हिंजे ने 29 और चार्ली हारा-हिंजे ने 24 रन जोड़े. अतिरिक्त 30 रनों की मदद से जापान की टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 201 रन बोर्ड पर लगा दिए. ऑस्ट्रेलिया की ओर से नादेन कोरे सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट चटकाए.

ऑस्ट्रेलिया की आसान जीत

202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को विल मलाजुक और नितेश सैमूएल ने शानदार शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए 15.3 ओवर में 135 रनों की मजबूत साझेदारी की, जिससे मैच लगभग ऑस्ट्रेलिया की मुट्ठी में आ गया. मलाजुक ने 55 गेंदों में 102 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 5 छक्के शामिल थे. उनके आउट होने के बाद भी नितेश सैमूएल ने संयम नहीं छोड़ा और 60 रन बनाकर नाबाद रहे. ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 29.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और 125 गेंद पहले मैच जीत लिया.

अन्य मुकाबले का हाल

वहीं ग्रुप के एक अन्य मैच में न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के बीच खेला गया मुकाबला बारिश की भेंट चढ गया. न्यूजीलैंड 10 ओवर में 51 रन पर खेल रही थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण खेल आगे नहीं हो सका

‘द राजा साब’ का गेम हुआ फीका! रिलीज के 12वें दिन कमाई लाखों तक सिमटी

प्रभास स्टारर ‘द राजा साब’ को सिनेमाघरों में आए अभी दो हफ्ते भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन इस फिल्म का सफर अब बॉक्स ऑफिस पर खत्म होता हुआ नजर आ रहा है. संक्रांति पर रिलीज होने के बावजूद, इस तेलुगु हॉरर कॉमेडी फिल्म की कमाई दिन-ब-दिन गिरती जा रही है. यहां तक कि अब एक करोड़ कमाना भी इसके लिए मुश्किल हो गया है. चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को कितना कलेक्शन किया है?

द राजा साब’ ने 12वें दिन कितन की कमाई?
‘द राजा साब’ यूं तो साल की मच अवेटेड फिल्म थी लेकिन रिलीज के पहले दिन के बाद ही इसकी किस्मत तय हो गई थी कि ये बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटने वाली है. दरअसल इसने ओपनिंग तो ठीक कर ली थी लेकिन फिर क्रिटिक्स के निगेटिव रिव्यू ने इसकी छिछालेदार कर दी और फिर क्या था दर्शकों ने भी इसे भाव नहीं दिया. फिल्म की कमजोर कहानी और खराब डायरेक्शन को इस फिल्म के पीटने की वजह बताया जा रहा है. शॉकिंग बात ये है कि रिलीज के 12 दिन बाद भी ये भारी भरकम बजट में बनी फिल्म 150 करोड़ भी नही कमा पाई है. अब रिलीज के 12वें दिन ही ये फिल्म लाखों में सिमट गई है.

  • इन सबके बीच फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो इस फिल्म ने रिलीज के पहले हफ्ते में 130.25 करोड़ कमाए थे. वहीं 8वें दिन इसने 3.5 करोड़, 9वें दिन 3 करोड़, 10वें दिन 2.6 करोड़ और 11वें दिन 1.35 करड़ कमाए थे.
  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘द राजा साब’ ने रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को मबद 73 लाख का कलेक्शन किया है.
  • इसी के साथ ‘द राजा साब’ की 12 दिनों की कुल कमाई अब 141.43 करोड़ रुपये हो गई है.

12 दिन में कितना फीसदी वसूला बजट
मारुती निर्देशित ‘द राजा साब’ का बजट 400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. वहीं रिलीज के 12 दिनों में निर्माताओं ने अब तक एस्टीमेटेड इनवेस्टमेंट का 35% ही वसूल किया है. ऐसे में ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई है जिसने मेकर्स को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है.

‘द राजा साब’ का गेम हुआ ओवर?
तेलुगु हॉरर कॉमेडी फिल्म प्रभास के लिए सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों में से एक साबित हुई है. ‘द राजा साहब’ प्रभास की दूसरी सबसे कम कमाई करने वाली फिल्म है. हैरानी की बात ये है कि मंगलवार को छूट के बाद भी ये कमाई नहीं कर पाई और लाखों में सिमट गई. बॉक्स ऑफिस पर इसकी निराशाजनक रफ्तार को देखते हुए लग रहा है कि मारुति की यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों से हट जाएगी.

Battle Beyond Cancer: इस शख्स ने एक-दो नहीं, पूरे 5 बार कैंसर को हराया… ब्रेस्ट कैंसर से भी की जंग, जानिए कैसे पाया हौसला और जीत

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना राज्य में रहने वाले एक शख्स ने जानलेवा बीमारी कैंसर का 5 बार सामना किया है और अब अपने अनुभव के जरिए लोगों को समय रहते जांच कराने के लिए जागरूक कर रहे हैं. जॉनस्टन काउंटी के डेविड और पैट पेनी की शादी को 51 साल से ज्यादा हो चुके हैं.

डेविड पहले सेना में थे और फिर बाद में फायरफाइटर के रूप में कार्यरत थे. वह अब तक पांच बार कैंसर से जूझ चुके हैं. इनमें नॉन-हॉजकिन्स लिंफोमा, सारकोमा और हाल ही में पुरुषों में होने वाला ब्रेस्ट कैंसर शामिल है. जो पुरूषों में बहुत ही ज्यादा गंभीर होते हैं और इसके मामले लगभग 1% ही होते हैं, जैसा कि People.com की रिपोर्ट में बताया गया है.

30 साल की उम्र में बचा पाना था मुश्किल

पैट का कहना है कि उनके पति को 30 साल की उम्र में ही बचा पाना मुश्किल था, लेकिन वह अविश्वसनीय साहस और दृढ़ता का एक प्रतीक हैं. पैट हमेशा उन्हें “एवर-रेडी बनी” कहती हैं, क्योंकि वह हमेशा सक्रिय और ऊर्जा से भरे रहते हैं.

डेविड को अपने कैंसर का पता 2025 की वसंत ऋतु में चला, जब वह खुद की जांच कर रहे थे, तब उन्होंने अपने सीने में एक छोटी-सी गांठ महसूस की. उन्हें यह असामान्य लगा. अगले ही हफ्ते उनकी लम्पेक्टॉमी (गांठ निकालने की सर्जरी) हुई और अब उनकी सभी जांच रिपोर्ट साफ हैं.

जागरूकता से कैंसर पर मिली समय रहते जीत

पैट को 2009 में 56 वर्ष की आयु में एक नियमित मैमोग्राम के दौरान ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था. उन्होंने बताया कि समय पर अपॉइंटमेंट मिलने से उनकी जान बच गई, क्योंकि कैंसर शरीर के गहरे हिस्सों में फैल चुका था और अगर उन्होंने खुद इसे देखा होता, तो शायद बहुत देर हो चुकी होती.

आज डेविड और पैट दोनों अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के लिए वॉलंटियर के रूप में काम कर रहे हैं. वे अपनी कहानी सोशल मीडिया पर साझा करते हैं ताकि दूसरों को अपने शरीर के प्रति जागरूक होने और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने के लिए उजागर कर सकें. डेविड का कहना है कि आपके शरीर को आपसे बेहतर कोई नहीं जानता. अगर आपको कुछ गड़बड़ लगे, तो उसे एक-दो हफ्ते के लिए टालें नहीं.