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UP: गाजियाबाद से हैवानियत की बड़ी घटना सामने आई

  • युवक 13 साल की बच्ची के साथ करता था दुष्कर्म, पेटदर्द होने के बाद जांच रिपोर्ट आने पर हुआ खुलासा
  • ⁠डॉक्टरों ने की जांच तो सच जानकर परिजनों के उड़े होश
  • ⁠कक्षा 6 की छात्रा के साथ रेप का मामला आया सामने
  • ⁠लड़की घर पर अकेली होती थी, तो आरोपी आकर करता था दुष्कर्म
  • ⁠13 वर्षीय छात्रा के गर्भवती होने के हुआ खुलासा, आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल
  • ⁠पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र का है पूरा मामला

UP: लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण की 8 सीटों के लिए आज से नामांकन

  • यूपी के 8 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आज से होगा नामांकन
  • प्रथम चरण में निर्वाचन के लिए 19 अप्रैल को मतदान
  • नामांकन प्रक्रिया सुबह 11 बजे से 3 बजे के मध्य होगी
  • सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर में होगा नामांकन
  • नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत में कल से नामांकन
  • 8 लोकसभा सीटों में 7 सामान्य,1 सीट SC आरक्षित है
  • पहले चरण के नामांकन करने की अंतिम तिथि 27 मार्च
  • नामांकन पत्रों की जांच 28 मार्च, 30 मार्च को नाम वापसी
  • प्रथम चरण के 8 लोकसभा क्षेत्रों में 1.43 करोड़ मतदाता
  • 76.23 लाख पुरूष, 67.14 लाख महिला,824 थर्ड जेन्डर
  • कुल 7693 मतदान केन्द्र तथा 14842 मतदेय स्थल बने
  • चुनाव में व्यय की अधिकतम सीमा 95 लाख निर्धारित
  • RO-ARO कार्यालय में 5 लोगों को ही प्रवेश को अनुमति
  • RO कार्यालय के 100 मीटर की परिधि में 3 वाहनों को अनुमति

UP: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों को फेक न्यूज के बारे में किया सचेत

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आदर्श आचार संहिता के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से किया संवाद
  • मीडिया प्रतिनिधि मतदान संबंधी गोपनीयता बनाये रखेंगे
  • समाचार पत्रों द्वारा किसी उम्मीदवार की प्रशंसा में चुनाव जीतने का दावा संबंधी प्रकाशित खबर पेड न्यूज की श्रेणी में आयेगी

लखनऊ: प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को लोकभवन स्थित मीडिया सेन्टर में लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने संवाद के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लागू की गई आदर्श आचार संहिता के बारे में विस्तृृत रूप से बताया। आदर्श आचार संहिता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का संग्रहण है, जिसके द्वारा राजनैतिक दलों, शासकीय सेवकों एवं निर्वाचन प्रक्रिया में अन्य सहभागियों को निर्वाचन के दौरान अपेक्षित आचरण करने के लिए बाध्य करती है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को फेक न्यूज के बारे में सचेत करते हुए उससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में बताया कि किसी भी समाचार या गलत सूचना और मीडिया स्टोरी की पहचान व त्वरित प्रतिक्रिया के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक एसओपी तैयार की गई है। एमसीएमसी द्वारा राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन, पेड न्यूज निगरानी और रिपोर्टिंग तथा मीडिया उल्लंघनों की मॉनीटरिंग की जाती है। समस्त विज्ञापन एमसीएमसी द्वारा प्रमाणित किये जाने के बाद ही इलेक्ट्रानिक मीडिया पर प्रसारित किये जा सकते हैं। नामांकन दाखिल करने की तारीख से पेड न्यूज मामलों को ध्यान में रखा जाता है।

उन्होंने बताया कि विशिष्ट समाचार पत्रों के एक ही पृष्ठ पर, प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों की प्रशंसा करते हुए एक के ही चुनाव जीतने की संभावना का दावा संबंधी लेख, ऐसा समाचार जिसमें एक उम्मीदवार को समाज के प्रत्येक वर्ग का समर्थन मिला होना और वह उस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतेगा संबंधी प्रकाशित खबर पेड न्यूज की श्रेणी में आयेंगे। पेड न्यूज का प्रकरण सत्यापित होने पर डीआईपीआर/डीएवीपी दरों के आधार पर इसका वास्तविक या अनुमानित व्यय उम्मीदवार के चुनाव व्यय खातों में जोड़ा जायेगा। प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया का नाम, पेड न्यूज आइटम के सभी विवरणों के साथ आयोग द्वारा अग्रिम कार्यवाही हेतु भारतीय प्रेस परिषद और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन को भेजा जायेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन के दौरान प्राधिकार पत्र धारित मीडिया प्रतिनिधियों को मतदान एवं मतगणना केन्द्रों में प्रवेश दिया जायेगा। उन्होंने मतदान से संबंधित गोपनीयता बनाये रखने हेतु मीडिया प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है। मीडिया प्रतिनिधियों के लिए प्रत्येक मतगणना केन्द्र पर मीडिया केन्द्र स्थापित किये जायेंगे। आयोग के निर्देशों के क्रम में निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान समाप्ति के 48 घण्टें पूर्व की अवधि में निर्वाचन संबंधी कोई भी प्रचार सामग्री सिनेमा हाॅल, टेलीविजन या किसी अन्य विधि से प्रसारित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। प्रथम चरण के मतदान से लेकर अंतिम चरण के मतदान की समाप्ति के आधे घण्टे बाद तक एक्जिट पोल भी प्रतिबंधित रहेगा। एमसीएमसी से प्रमाणन के बाद ही राजनैतिक दलों एवं प्रत्याशियों के राजनैतिक विज्ञापन प्रिन्ट मीडिया में प्रकाशित हो सकेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में केवल एक ही प्रत्याशी को प्रोजेक्ट नहीं करना है बल्कि सभी को समान कवरेज देना है।

राज्य जीएसटी ने की बड़ी कार्रवाई, पान मसाला लदे ट्रक पर 90 लाख का जुर्माना

  • पान मसाला जाना था गुवाहाटी, दिल्ली जाने के लिए रूट बदल पहुँचा मथुरा, धरा गया
  • फ़र्म ने जमा कराया लगभग 90 लाख जुर्माना

मथुरा: मथुरा जीएसटी की सचल दल इकाई ने पान मसाला लदे ट्रक को पकड़ा और 90 लाख का जुर्माना लगाया। ट्रक को कानपुर से गुवाहाटी जाना था लेकिन वह अपने रूट से 350 किमी दूर दिल्ली रोड पर मथुरा में पकड़ लिया गया। फ़र्म द्वारा पूरा जुर्माना जमा कराया गया।

कार्रवाई करने वाली सचल दल टीम के सहायक आयुक्त जीएसटी हरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आसूचना आधारित प्रवर्तन एवं टोल डाटा विश्लेषण के आधार पर वाहन संख्या NL 01 Q1097 को यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली की ओर जाते हुए बाजना कट के पास जाँच के लिए रोका गया। सचल दल प्रथम इकाई मथुरा के साथ डॉयल 112 के गश्ती वाहन की सहायता से संदिग्ध वाहन को रोका गया।

वाहन चालक द्वारा प्रस्तुत प्रपत्रों के अनुसार वाहन में लोड पान मसाला का परिवहन कानपुर से गुवाहाटी (असम) के लिए किया जाना घोषित था। जबकि मॉल का परिवहन घोषित व्यापारिक मार्ग से भिन्न एवं 350 KM विपरीत दिशा में पाए जाने पर जीएसटी की सुसंगत धाराओं में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 500 km विपरीत दिशा में परिवहन का कोई औचित्य एवं तर्कसंगत उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर वाहन को मॉल सहित सीज किया गया। विनिर्माता फर्म की ओर से आज दिनांक 19/03/2024 को IGST अर्थदंड ₹ 89,61,384/ (Rupees eighty nine lakh sixty one thousand three hundred eighty four) जमा करने के पश्चात वाहन अवमुक्त किया गया।यह प्रदेश में किसी एक वाहन से वसूला गया सबसे बड़ा जुर्माना है ।

भारतीय न्याय संहिता एक नए दौर की शुरूआत है – डॉ०राजेश्वर सिंह

  • डॉ.राजेश्वर सिंह ने बताईं बीएनएस की​ विशेषताएं, कहा- महिला सुरक्षा कानून एक मील का पत्थर है
  • बीएनएस में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, पीएम मोदी की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है– डॉ राजेश्वर सिंह

लखनऊ : सरोजनीनगर के बीजेपी विधायक डॉ राजेश्वर सिंह महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर हमेशा ही मुखर रहे हैं। उन्होने अनेक मंचों से इन अपराधों के रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान बनाने की बात कही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाई गई भारतीय न्याय संहिता की सराहना करते हुए उन्होने एक्स पर अपने विचार रखे।

डॉ०सिंह ने सरकार द्वारा लाई गई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की एक महत्वपूर्ण अधिनियम के रूप में सराहना करते हुए इसे महिला सुरक्षा कानून में मील का पत्थर बताया। जिसका उद्देश्य महिला सुरक्षा और कानूनी संरक्षण को बढ़ावा देना है। 1 जुलाई 2024 से लागू होने के लिए अधिसूचित इस कानून में देश भर में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की सुरक्षा के उद्देश्य से महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल है। उन्होंने बीएनएस के चैप्टर V को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में यह अध्याय अपराधों को संबोधित करने के सर्वोपरि महत्व पर जोर देता है। बीएनएस में शामिल सेक्शन 69 यानी “धोखे से यौन संबंध बनाना” का उल्लेख करते हुए डॉ सिंह ने कहा कि ये धारा लव जिहाद जैसी प्रथाओं को रोकने के उद्देश्य से धोखा देकर या शादी के झूठे वादों के माध्यम से किसी महिला के साथ यौन संबंध बनाने वाले व्यक्तियों के लिए 10 साल तक की कैद की सजा का प्रावधान करता है।

सेक्शन 70 यानी “नाबालिग के साथ गैंगरेप” के बारे में डॉ सिंह ने बताया कि बीएनएस 18 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के खिलाफ सामूहिक बलात्कार के अपराधियों के लिए आजीवन कारावास या मौत की कड़ी सजा सुनिश्चित करता है, जिससे पीड़ित की उम्र के आधार पर सजा में पिछली असमानता समाप्त हो जाती है। इसी तरह सेक्शन 95 यानी “ अपराधों में बाल संलिप्तता की रोकथाम” की इस धारा का उद्देश्य यौन शोषण या अश्लील साहित्य सहित किसी भी आपराधिक गतिविधि में बच्चों की भागीदारी को रोकना है।

डॉ सिंह ने यह भी बताया कि बीएनएस महिलाओं और बच्चों के सुरक्षा के दायरे को विस्तार देता है। महिला पर हमला करने या उसे निर्वस्त्र करने के इरादे से आपराधिक बल के प्रयोग और ताक-झांक के अपराधों में “एक आदमी” के स्थान पर “जो भी” शब्द का प्रतिस्थापन, अपराधी के लिंग की परवाह किए बिना ऐसे अपराधों से सुरक्षा के दायरे का विस्तार करता है। डॉ०राजेश्वर सिंह ने बीएनएस की एक प्रगतिशील कानून के रूप में सराहना की। राजेश्वर सिंह ने कहा कि बीएनएस पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारतीय न्याय संहिता 2023, को न्याय बनाए रखने और अपने नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए देश में चल रहे प्रयासों के प्रमाण के रूप में देखना चाहिए।