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बदायूं: दो भाइयों के जघन्य हत्याकांड में बसपा सुप्रीमो ने व्यक्त किया दुःख, राजनीतिक दलों को दिया नसीहत

  • बदायूं की घटना को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती का TWEET
  • बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजनीतिक दलों से ऐसे मामलों में राजनीति न करने की नसीहत दी

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने बदायूं में हुई दो भाइयों की हत्या के सम्बन्ध में दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने Tweet में लिखा है कि “बदायूं में दो भाइयों की निर्मम की गई हत्या की घटना अति दुःखद व अति निंदनीय है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी ताकि खासकर चुनाव के समय में कानून व्यवस्था का माहौल न बिगड़े तथा ना ही इसकी आड़ में राजनीति हो”।

गौरतलब है कि बदायूं में हुए इस हत्याकांड में अब सपा व भाजपा एक दूसरे पर हमलावर हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी चुनावी समय में ऐसा मौका गंवाना नहीं चाहते हैं और इस दोहरे हत्याकांड को लेकर लगातार भाजपा को Tweet वा ल अपने बयानों के माध्यम से कटघरे में खड़ा कर रहे हैं तो वहीं भाजपा नेता भी इस समय तनिक भी लापरवाही नहीं बरतना चाह रहे हैं। वो भी इस प्रकरण में सपा के ऑफिशियल अकाउंट से की जा रही पोस्टों में नजर बनाए हुए हैं और भाजपा के पदाधकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा उसका पुरजोर विरोध भी किया जा रहा है।

ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती का यह tweet बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने न सिर्फ दुःख जताया है बल्कि राजनीतिक दलों को नसीहत भी देने का काम किया है।

ISIS का इंडिया चीफ हारिस फारूकी एक साथी समेत गिरफ्तार

  • असम एसटीएफ ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से ISIS के इंडिया चीफ हारिस फारूकी को एक साथी समेत दबोचा, दोनों को गुवाहाटी लाया गया

दिल्ली: असम से पकड़ा गया आईएसआईएस के एजेंट हासिम फ़ारूक़ी का राजधानी देहरादून से कनेक्शन निकल है. वो यहाँ के रहने वाले एक यूनानी हकीम का बेटा बताया जा रहा है. हालाँकि, स्थानीय इंटेलिजेंस और पुलिस के अनुसार वह बीते दस साल से देहरादून नहीं आया है. केंद्रीय एजेंसी कई बार उसके बारे में जानकारी करने देहरादून आ चुकी हैं. बताया जा रहा है कि उसका पिता भी कई दिनों से ग़ायब है. हालाँकि इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है।

बता दें कि केंद्रीय एजेंसी ने असम में हासिम फ़ारूक़ी नाम के एक युवक को उसके दोस्त के साथ गिरफ़्तार किया है. उसके दोस्त अनुराग ने कुछ दिन पहले इस्लाम क़बूल किया था.हासिम फ़ारूक़ी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का पढ़ा हुआ बताया जा रहा है. एसएसपी अजय सिंह ने बताया की हासिम के पिता यहाँ पर एक यूनानी दवाखाना चलते हैं. बीते बीस सालों से फ़ारूक़ी का परिवार देहरादून के डालनवाला में रहता है।

इस मामले में एसएसपी ने बताया कि स्थानीय पुलिस के पास काफ़ी समय से यह इनपुट था. लेकिन उसके बारे में पता चला कि हासिम बीते दस साल से देहरादून नहीं आया है. उसके पिता को भी देहरादून पुलिस ने संपर्क किया था.उधर, सूत्रों के मुताबिक़ एसटीएफ़ भी काफ़ी लंबे समय से हासिम के पिता के संपर्क में थी और उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था।

भूकंप: महाराष्ट्र में सुबह-सुबह आए दो झटके

  • महाराष्ट्र के हिंगोली में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए.
  • ⁠भूकंप का पहला झटका सुबह 6 बजकर 8 मिनट पर महसूस किया गया.
  • ⁠रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.5 रही.
  • ⁠वहीं, भूकंप का दूसरा झटका सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर दर्ज किया गया.
  • ⁠रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.6 दर्ज की गई.

यूपी लोकसभा चुनाव: अधिसूचना के प्रथम दिन किसी भी लोक सभा सीट में दाखिल नहीं हुआ नामांकन

  • लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश में लोकसभा के 08 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अधिसूचना जारी
  • प्रथम चरण में निर्वाचन हेतु 19 अप्रैल को होगा मतदान

लखनऊ: प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 16 मार्च, 2024 को लोकसभा निर्वाचन की तिथियों की घोषणा के साथ ही लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के प्रथम चरण में 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 20 मार्च, 2024 (बुधवार) को निर्वाचन की अधिसूचना जारी हो गई। इसके साथ ही इन निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। अधिसूचना के प्रथम दिन प्रथम चरण के निर्वाचन क्षेत्रों में कहीं से भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया। नामांकन का समय पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 03 बजे के मध्य निर्धारित है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहले चरण के अंतर्गत जिन 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव सम्पन्न किया जाना है। वे इस प्रकार हैं-सहारनपुर-01, कैराना-02, मुजफ्फरनगर-03, बिजनौर-04, नगीना-05 (अनु0जाति), मुरादाबाद-06, रामपुर-07 व पीलीभीत-26 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पहले चरण की 08 लोकसभा सीटों में 07 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं और 01 सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के प्रथम चरण की 08 लोकसभा सीटों के लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि 27 मार्च, 2024 (बुधवार) निर्धारित है। नामांकन पत्रों की जांच 28 मार्च (बृहस्पतिवार) को की जायेगी। 30 मार्च, 2024 (शनिवार) को नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित है। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल, 2024 (शुक्रवार) को सम्पन्न होगा। उत्तर प्रदेश की सभी निवार्चन क्षेत्रों की 04 जून, 2024 (मंगलवार) को मतगणना की जायेगी। 06 जून, 2024 से पूर्व निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण करा ली जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 76.23 लाख पुरूष, 67.14 लाख महिला तथा 824 थर्ड जेन्डर हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 7693 मतदान केन्द्र तथा 14844 मतदेय स्थल हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 हेतु प्रत्येक सामान्य श्रेणी के प्रत्याशी को 25000 रुपये तथा अनु0जाति/अनु0जनजाति के प्रत्याशी को 12,500 रुपये जमानत धनराशि जमा करनी होगी। राष्ट्रीय/राज्यीय दलों के प्रत्याशियों को निर्वाचन क्षेत्र का एक निर्वाचक प्रस्तावक के रूप में तथा रजिस्ट्रीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दल एवं निर्दलीय प्रत्याशियों को 10 प्रस्तावक की आवश्यकता होगी। लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में व्यय की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये निर्धारित है। नामांकन के समय रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के 100 मीटर की परिधि के भीतर अधिकतम 03 वाहन तथा प्रत्याशी सहित अधिकतम 05 व्यक्तियों के प्रवेश की अनुमति होगी। राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किये गये उम्मीदवारों को फार्म-ए तथा फार्म-बी दाखिल करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के 08 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग आफिसर, सहायक रिटर्निंग आफिसर तथा उक्त चरण में सम्मिलित सभी 09 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नामांकन के दौरान सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गयी है। सम्पूर्ण नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करायी जा रही है। सभी निर्वाचन अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

लोकसभा-2024: राजनैतिक दल और अभ्यर्थी आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करें

लखनऊ: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 16 मार्च 2024 से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 हेतु आदर्श आचार संहिता लागू की गयी है। जिसके अन्तर्गत राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को लागू हुयी आचार संहिता का पालन करने की अपेक्षा की गयी है। आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में कोई दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा, जो भिन्न-भिन्न जातियों और समुदायों, चाहे वे धार्मिक या भाषायी हों, के बीच विद्यमान मतभेद को और अधिक बिगाड़े या परस्पर घृणा उत्पन्न करे या उनके बीच तनाव उत्पन्न करे। कोई भी प्रत्याशी दूसरे दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी संबंधी आलोचना करने से बचेंगे।

निर्वाचन के दौरान वोट हासिल करने के लिए किसी जाति या संप्रदाय की भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों और पूजा के अन्य स्थानों का चुनाव प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सभी राजनैतिक दल और अभ्यर्थी ऐसी किसी भी गतिविधि जो भ्रष्ट आचरण एवं अपराध की श्रेणी में आते हैं, जैसे कि मतदाताओं को घूस देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरूपण करना, मतदान केंद्रों से 100 मीटर की दूरी के भीतर प्रचार करना, मतदान समाप्ति के पहले 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक बैठकें आयोजित करना, और मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन आदि की व्यवस्था करना, जैसे कार्य नहीं करेंगे।

आदर्श आचार संहिता के दौरान शांतिपूर्ण स्थित बनाये रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, फिर चाहे राजनीतिक दल और अभ्यर्थी उसके विचारों या गतिविधियों से सहमत हों या न हों। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी अपने अनुयायियों को किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी निजी भूमि, भवन, परिसर की दीवारों आदि पर झंडा लगाने, बैनर लटकाने, सूचना चिपकाने, नारा लिखने की अनुमति नहीं होगी।

इस दौरान राजनैतिक दल और अभ्यर्थी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक दूसरे दलों द्वारा आयोजित बैठकों और जुलूसों में न तो बाधा खड़ी करें और न ही उन्हें भंग करेंगे। किसी भी राजनैतिक दल के कार्यकर्ता द्वारा अन्य दल द्वारा आयोजित सार्वजनिक बैठकों में मौखिक या लिखित रूप में प्रश्न पूछकर या अपनी स्वयं की पार्टी के पर्चे बांटकर अव्यवस्था उत्पन्न नहीं करेंगे। किसी भी दल द्वारा उन स्थानों के आसपास जुलूस न निकाला जाएगा, जहां दूसरे दल द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही हो। किसी भी दल के द्वारा लगाए गए पोस्टर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाए जाएंगे।